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जलगांव में RSS के पथ संचलन पर पथराव, किरीट सोमैया ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

जलगांव: महाराष्ट्र के जलगांव जिले के यावल तालुका के किनगांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विजयादशमी पथ संचलन के दौरान हुए पथराव का मामला अब राजनीतिक रूप से गरमा गया है। BJP नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने घटना के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और दोषियों को क्षेत्र से तड़ीपार करने की मांग की है।

25 अक्टूबर को हुआ था विवाद

घटना 25 अक्टूबर 2026 की है। किनगांव में RSS का पारंपरिक विजयादशमी पथ संचलन निकाला जा रहा था। निर्धारित मार्ग पर स्थित एक धार्मिक स्थल के सामने से पथ संचलन निकालने को लेकर कुछ लोगों ने विरोध किया और महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। इसके बाद विवाद बढ़ गया और पथराव की घटना सामने आई।

पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव पैदा हो गया। हालात नियंत्रित करने और भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया और बाद में स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

पुलिसकर्मी और RSS कार्यकर्ता के घायल होने की खबर

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक पथराव में एक पुलिसकर्मी और RSS से जुड़े एक कार्यकर्ता के घायल होने की भी सूचना सामने आई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया।

किरीट सोमैया ने क्या कहा?

किरीट सोमैया ने 27 अक्टूबर को जलगांव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना को गंभीर बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य सड़क से किसी शांतिपूर्ण जुलूस को गुजरने से कैसे रोका जा सकता है। सोमैया ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ उन्हें तड़ीपार करने की मांग की।

गिरीश महाजन ने भी दी सख्त चेतावनी

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या सामाजिक जुलूस पर हमला करना या कानून हाथ में लेना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस को मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

गिरफ्तारियों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट

मामले में पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं। शुरुआती खबरों में करीब 15 से 20 संदिग्धों को हिरासत में लेने की बात कही गई थी, जबकि बाद की कुछ रिपोर्टों में गिरफ्तार लोगों की संख्या इससे अधिक बताई गई है। पुलिस की आधिकारिक अंतिम संख्या स्पष्ट होने तक इन आंकड़ों को सावधानी से देखना जरूरी है।

इलाके में पुलिस की निगरानी जारी

घटना के बाद किनगांव और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं या अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।

स्रोत – Loksatta, Sakal, Aaj Tak, Amar Ujala, ABP News

जय राष्ट्र न्यूज़

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