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ओडिशा में चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद भीषण बाढ़, 1,000 से अधिक गांव प्रभावित; हजारों लोग संकट में

भुवनेश्वर: चक्रवात ‘अर्नब’ के गुजरने के बाद ओडिशा के दक्षिणी जिलों में मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। सबसे ज्यादा असर गंजाम और गजपति जिलों में हुआ है, जहां सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1,000 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। गंजाम जिले में करीब 2,000 लोगों के फंसे होने की सूचना है और बचाव अभियान लगातार जारी है।

गंजाम और गजपति सबसे ज्यादा प्रभावित

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गंजाम जिले के 22 विकासखंडों में 299 गांव, जबकि गजपति जिले के सात विकासखंडों में 711 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस तरह दोनों जिलों में कुल प्रभावित गांवों की संख्या 1,000 से अधिक हो गई है।

करीब 2,000 लोग फंसे

गंजाम के धराकोट, सनाखेमुंडी, सोराडा और पात्रपुर जैसे इलाकों में पानी भरने के कारण बड़ी संख्या में लोग फंस गए। अधिकारियों के अनुसार करीब 2,000 लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया और कुछ स्थानों पर भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर की मदद भी ली गई।

59 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

राज्य प्रशासन के मुताबिक पिछले 72 घंटों में 59,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पात्रपुर में 546 मिलीमीटर बारिश

गंजाम जिले के पात्रपुर में 24 घंटे के दौरान 546 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं कंधमाल के जी. उदयगिरि में 462.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इतनी भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और कई निचले इलाकों में पानी घुस गया।

रुशिकुल्या और वंशधारा नदियां उफान पर

अत्यधिक बारिश के चलते रुशिकुल्या और वंशधारा नदियां उफान पर आ गईं। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया, जिससे गांवों और कस्बों में पानी भर गया और सड़क संपर्क बाधित हुआ।

सड़क और रेल यातायात प्रभावित

बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है। दक्षिण ओडिशा में रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा और कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। कुछ इलाकों में रेल पटरियों के आसपास पानी भरने से यातायात बाधित हुआ।

भूस्खलन से भी बढ़ी मुश्किल

गजपति और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कलिंगा घाट क्षेत्र में बड़े पत्थर और मलबा सड़कों पर गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन सड़कें साफ करने और संपर्क बहाल करने में जुटा है।

69 बचाव दल किए गए तैनात

राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में 69 आपदा प्रतिक्रिया दल तैनात किए हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की नौ टीमें और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 60 टीमें शामिल हैं। दमकल विभाग की टीमें भी राहत कार्यों में लगी हैं।

मुख्यमंत्री करेंगे हवाई सर्वेक्षण

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने वाले हैं। सरकार गंजाम और गजपति में हुए नुकसान का आकलन कर राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने की तैयारी कर रही है।

केंद्र ने दिया मदद का भरोसा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया। केंद्र सरकार की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी कर सकती हैं।

चक्रवात कमजोर, लेकिन बारिश का खतरा बरकरार

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार चक्रवात अर्नब का अवशेष कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल चुका है। हालांकि ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। समुद्री तट पर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

स्रोत – भारत मौसम विज्ञान विभाग, ओडिशा सरकार, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, इंडियन एक्सप्रेस

जय राष्ट्र न्यूज़

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