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भोपाल में शिक्षक अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, नियुक्ति की मांग को लेकर सड़क पर उतरे मेरिट होल्डर

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सड़क जाम कर दी, थालियां बजाईं और नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए, जिसके बाद पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच खींचतान की स्थिति भी बनी।

बोर्ड ऑफिस चौराहे पर किया चक्काजाम

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी गुरुवार दोपहर भोपाल के व्यस्त बोर्ड ऑफिस चौराहे पर पहुंचे और सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण करीब आधे घंटे तक यातायात गंभीर रूप से प्रभावित रहा।

थालियां बजाकर जताया विरोध

महिला और पुरुष अभ्यर्थियों ने हाथों में स्टील की थालियां लेकर उन्हें बजाया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। अभ्यर्थियों का कहना था कि मेरिट सूची में चयन होने के बावजूद लंबे समय से उन्हें नियुक्ति पत्र और पदस्थापना नहीं दी जा रही है।

सड़क पर लेट गए प्रदर्शनकारी

पुलिस ने जब अभ्यर्थियों को सड़क से हटाने की कोशिश की तो कई प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर वहीं डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने रास्ता खाली कराने के लिए कई लोगों को हटाया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

हिरासत के दौरान गाया राष्ट्रगान

पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया। इस घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं।

क्या है भर्ती विवाद?

अभ्यर्थियों के अनुसार उनकी नियुक्ति नियम 49 और डीएलएड योग्यता से जुड़ी शर्तों के कारण अटकी हुई है। उनका दावा है कि चयन और मेरिट सूची में नाम होने के बावजूद दस्तावेज सत्यापन और पात्रता संबंधी विवाद के कारण उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया।

5 अक्टूबर से चल रहा था धरना

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अभ्यर्थी 5 अक्टूबर से बोर्ड ऑफिस क्षेत्र में धरने पर बैठे थे। लंबे इंतजार के बाद 29 अक्टूबर को उन्होंने सड़क जाम कर प्रदर्शन तेज कर दिया।

पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन

शिक्षक अभ्यर्थी इससे पहले 7 अक्टूबर को भी चक्काजाम कर चुके हैं। उस समय करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित हुआ था। अधिकारियों से बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया था, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ।

पुलिस पर अभ्यर्थियों ने लगाए आरोप

कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों, विशेषकर महिलाओं के साथ सख्ती की और उन्हें घसीटकर वाहनों में बैठाया। पुलिस ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को सार्वजनिक सड़क अवरुद्ध करने की अनुमति नहीं थी और यातायात बहाल करने के लिए कार्रवाई की गई।

नियुक्ति तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियुक्ति पत्र और जॉइनिंग की स्पष्ट तारीख चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक भर्ती प्रक्रिया पर ठोस फैसला नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, नईदुनिया, अमर उजाला, हरिभूमि, पीपुल्स अपडेट

जय राष्ट्र न्यूज़

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