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मनीषा भानवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रचा इतिहास, 59 किग्रा वर्ग में जीता स्वर्ण

अस्ताना/नई दिल्ली: भारतीय पहलवान मनीषा भानवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए महिलाओं के 59 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही वह सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।

फाइनल में 0-6 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी

फाइनल मुकाबले में मनीषा का सामना अमेरिका की अबीगैल नेटे से हुआ। शुरुआत भारतीय पहलवान के लिए बेहद कठिन रही और वह एक समय 0-6 से पीछे चल रही थीं।

इसके बाद मनीषा ने जबरदस्त वापसी की और लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबला 8-6 से जीत लिया। उनकी यह वापसी मैच का सबसे यादगार हिस्सा रही।

पहली भारतीय महिला विश्व चैंपियन

मनीषा की इस जीत से भारतीय महिला कुश्ती ने नया इतिहास लिखा। इससे पहले कोई भी भारतीय महिला पहलवान सीनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक नहीं जीत सकी थी।

कुल मिलाकर मनीषा, सुशील कुमार के बाद विश्व चैंपियन बनने वाली दूसरी भारतीय पहलवान भी बन गई हैं।

29 साल की उम्र में हासिल किया सबसे बड़ा मुकाम

हरियाणा के जींद की रहने वाली 29 वर्षीय मनीषा लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने एशियाई स्तर पर कई पदक जीते हैं, लेकिन विश्व चैंपियन बनने का सपना अब जाकर पूरा हुआ।

पिता को समर्पित किया स्वर्ण पदक

स्वर्ण पदक जीतने के बाद मनीषा ने अपने दिवंगत पिता सुरेश भानवाला की तस्वीर वाली टी-शर्ट हाथ में लेकर जीत का जश्न मनाया।

उनके पिता ने ही उन्हें कुश्ती अपनाने के लिए प्रेरित किया था और उनका सपना था कि बेटी एक दिन विश्व चैंपियन बने। 2022 में उनके पिता का निधन हो गया था।

13 साल पुराना सपना हुआ पूरा

मनीषा के परिवार के मुताबिक उनके पिता ने करीब 13 साल पहले उन्हें कुश्ती में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया था। उनका लक्ष्य था कि मनीषा भारत के लिए विश्व स्तर पर स्वर्ण जीते।

फाइनल जीतने के बाद मनीषा ने कहा कि वह 2022 से खुद को विश्व चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ तैयार कर रही थीं।

सेमीफाइनल में भी दिखाया दबदबा

फाइनल से पहले मनीषा ने सेमीफाइनल में कजाखस्तान की अल्टिन शगायेवा को हराया। इस मुकाबले में उन्होंने केवल दो अंक गंवाए और तकनीकी रूप से मजबूत प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई।

भारत का सर्वश्रेष्ठ महिला प्रदर्शन

इस विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने कुल चार पदक जीते। मनीषा के स्वर्ण के अलावा काजल ढोचक ने 76 किग्रा में रजत, नीलम सिरोही ने 50 किग्रा में रजत और तनु शर्मा ने 72 किग्रा में कांस्य पदक जीता।

यह विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला कुश्ती का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पदक प्रदर्शन है।

एशियाई खेलों की निराशा के बाद जोरदार वापसी

2026 एशियाई खेलों में मनीषा पदक जीतने से चूक गई थीं। इसके बाद उन्होंने अपनी सहनशक्ति और आखिरी मिनट तक आक्रामक बने रहने पर विशेष काम किया।

उनके कोच के मुताबिक यही तैयारी विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में निर्णायक साबित हुई, जहां उन्होंने 6 अंकों से पिछड़ने के बावजूद वापसी की।

देशभर से मिल रही बधाइयां

मनीषा की जीत के बाद खेल जगत और राजनीतिक नेतृत्व की ओर से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। उनकी जीत को भारतीय महिला कुश्ती के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

अब नजर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर

विश्व चैंपियन बनने के बाद मनीषा ने अब अपना अगला बड़ा लक्ष्य 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक बताया है। उनका मकसद ओलंपिक पदक जीतकर भारत के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करना है।

स्रोत – यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग, इंडियन एक्सप्रेस, रॉयटर्स, इंडिया टुडे

जय राष्ट्र न्यूज़

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