अहमदाबाद: गुजरात से संचालित डिजिटल वॉलेट ऐप SD Pay और उससे जुड़े कथित बहुस्तरीय विपणन नेटवर्क की जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पुलिस जांच के मुताबिक इस नेटवर्क के जरिए ₹1,200 करोड़ से ज्यादा की रकम निवेश के रूप में जुटाई गई और ऐप से करीब 15 लाख उपयोगकर्ता जुड़े।
6.52 लाख बैंक खातों से ₹1,211 करोड़ का निवेश
अमरेली पुलिस की विशेष जांच टीम के मुताबिक SD Pay से जुड़े 6,52,831 बैंक खातों से करीब ₹1,211 करोड़ का निवेश बैंकिंग चैनल के जरिए किया गया।
पुलिस का कहना है कि यह आंकड़ा केवल दर्ज बैंक लेनदेन का है। आरोप है कि नेटवर्क में नकद लेनदेन भी हुआ, जिसकी पूरी मात्रा का अभी आकलन किया जा रहा है।
15 लाख लोगों तक पहुंचा नेटवर्क
SD Pay या Apna Pay नाम से चलने वाला ऐप 2024 में शुरू हुआ था। शुरुआती चरण में इसे मोबाइल रिचार्ज और बिल भुगतान के डिजिटल मंच के रूप में पेश किया गया।
पुलिस जांच में दावा किया गया है कि आकर्षक रिटर्न और रेफरल योजनाओं के जरिए ऐप तेजी से फैला और करीब 15 लाख लोगों ने इसे डाउनलोड या इस्तेमाल किया।
रोज 0.15% से 0.30% तक रिटर्न का आरोप
जांच एजेंसियों का आरोप है कि निवेशकों को निवेश राशि के आधार पर रोजाना 0.15% से 0.30% तक रिटर्न देने का वादा किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक कंपनियों के पास ऐसा कोई पर्याप्त उत्पादन, सेवा कारोबार या अन्य वैध आय स्रोत नहीं मिला जिससे इतने बड़े रिटर्न लंबे समय तक दिए जा सकें। आरोप है कि नए निवेशकों से आने वाली रकम से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जा रहा था।
रेफरल कैशबैक से बढ़ा नेटवर्क
आरोप है कि SD Pay में लोगों को जोड़ने के लिए बहुस्तरीय रेफरल प्रणाली चलाई गई।
पुलिस के अनुसार पहले स्तर पर रेफरल से 30% तक भुगतान और नीचे के कुछ स्तरों पर करीब 3% तक भुगतान की व्यवस्था बताई जाती थी। इससे निवेशक खुद भी नए लोगों को ऐप से जोड़ने लगे।
₹1,000 से ₹1 करोड़ कमाने का मामला भी जांच में
पुलिस जांच में एक ऐसा मामला भी सामने आया है जिसमें सूरत के एक व्यक्ति ने कथित तौर पर ₹1,000 से शुरुआत की और रेफरल नेटवर्क के जरिए करीब ₹1 करोड़ तक कमाया।
जांचकर्ताओं के अनुसार उसके नीचे करीब 1.6 लाख निवेशकों की श्रृंखला बनी। पुलिस अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क में कौन केवल निवेशक था और कौन सक्रिय एजेंट या प्रचारक की भूमिका में था।
मार्च 2026 से भुगतान रुकने लगा
रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 के आसपास निवेशकों को मिलने वाला दैनिक रिटर्न रुकने लगा।
इसके बाद कुछ निवेशकों को नकद वापसी के बजाय कंपनी के कथित शेयर देने की बात कही गई और भविष्य में आईपीओ आने का दावा किया गया। पुलिस अब इन दावों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
18 FIR दर्ज, एक दर्जन आरोपी गिरफ्तार
अब तक SD Pay नेटवर्क से जुड़े मामलों में 18 FIR दर्ज होने की जानकारी है।
इनमें से 13 गुजरात, दो राजस्थान और अन्य मामले महाराष्ट्र, तमिलनाडु तथा दादरा और नगर हवेली में दर्ज बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक करीब एक दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
95 प्रमुख एजेंटों की पहचान
जांच एजेंसियों ने करीब 95 प्रमुख एजेंट या मार्केटिंग लीडर चिह्नित किए हैं।
इनका नेटवर्क गुजरात के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश और चंडीगढ़ तक फैला होने का दावा किया गया है।
876 लोगों ने ₹37.42 करोड़ के नुकसान की शिकायत की
अक्टूबर की शुरुआत तक 573 लोगों ने करीब ₹24.42 करोड़ के नुकसान की शिकायत की थी।
31 अक्टूबर तक यह संख्या बढ़कर 876 शिकायतकर्ताओं तक पहुंच गई और उनके द्वारा बताए गए कुल नुकसान की रकम ₹37.42 करोड़ हो गई।
राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर भी सैकड़ों शिकायतें
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी SD Pay से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हुई हैं।
पुलिस के मुताबिक छह कंपनियों के बैंक खातों से संबंधित 831 शिकायतें और आरोपियों द्वारा संचालित खातों से जुड़ी 15 अन्य शिकायतें दर्ज हैं।
38 कंपनी खाते और 72 निदेशकों के खाते जांच के दायरे में
पुलिस ने SD Pay से जुड़ी छह कंपनियों के 38 बैंक खातों और 16 निदेशकों द्वारा संचालित 72 खातों की पहचान की है।
जांच एजेंसियां इन खातों में हुए लेनदेन और धन के अंतिम इस्तेमाल का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
अब तक केवल ₹1.86 करोड़ की जब्ती
इतने बड़े कथित घोटाले के मुकाबले अब तक जब्त रकम काफी कम है।
रिपोर्ट के मुताबिक जांच एजेंसियों ने फिलहाल करीब ₹1.86 करोड़ की संपत्ति या रकम जब्त की है। अब आरोपियों की अचल संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत संलग्न करने की तैयारी की जा रही है।
शिक्षक, किसान, बैंककर्मी भी बताए गए पीड़ित
पीड़ितों में शिक्षकों, किसानों, बैंककर्मियों और अन्य पेशों से जुड़े लोगों के होने की जानकारी सामने आई है।
एक मामले में वडोदरा की एक शिक्षिका ने कथित तौर पर अपना फ्लैट बेचकर ₹9.5 लाख निवेश किए थे। ऐप में उनकी राशि बढ़कर बड़ी दिखाई देने लगी, लेकिन बाद में निकासी बंद हो गई।
पुलिस जांच अभी जारी
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹1,200 करोड़ से अधिक की रकम, बहुस्तरीय विपणन मॉडल और अन्य अनियमितताओं से जुड़े दावे फिलहाल पुलिस जांच का हिस्सा हैं।
आरोपियों की अंतिम आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।
स्रोत – अमरेली पुलिस विशेष जांच टीम, द इंडियन एक्सप्रेस
जय राष्ट्र न्यूज़

