रामपुर/नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान 31 अक्टूबर 2026 को करीब 11 महीने 14 दिन बाद रामपुर जेल से बाहर आए, लेकिन उनकी रिहाई कुछ ही मिनटों की रही। जेल के बाहर पहले से मौजूद प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम ने उन्हें जौहर विश्वविद्यालय और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित धनशोधन मामले में गिरफ्तार कर लिया। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को रिहा कर दिया गया।
दो पैन कार्ड मामले में मिली थी जमानत
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी। दोनों को 17 नवंबर 2025 को जेल भेजा गया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर 2026 को दोनों को जमानत दे दी थी, जिसके बाद 31 अक्टूबर को उनकी रिहाई हुई।
जेल से निकलते ही पहुंची ED की टीम
रामपुर जेल का गेट खुलते ही आजम खान ने बाहर मौजूद समर्थकों का अभिवादन किया। लेकिन कुछ ही देर में ईडी अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
ईडी उन्हें पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गाजियाबाद ले गई।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है मामला
ईडी की गिरफ्तारी मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित धनशोधन मामले में हुई है।
एजेंसी का आरोप है कि सरकारी कामों के लिए निर्धारित धन और जमीन से जुड़े कुछ लेनदेन में कथित अनियमितताएं हुईं। ये आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अभी अंतिम रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
58 प्राथमिकी के आधार पर ED की जांच
ईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दर्ज 58 प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन जांच शुरू की है।
एजेंसी का आरोप है कि सरकारी धन का इस्तेमाल कथित रूप से जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण और अन्य निजी उद्देश्यों के लिए किया गया। आजम खान की ओर से इन आरोपों का विरोध किया जा रहा है।
₹1,170 करोड़ की संपत्ति भी अटैच
ईडी ने 28 अक्टूबर को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़ी जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया था। एजेंसी ने इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹1,170 करोड़ बताई है।
14 दिन की न्यायिक हिरासत
गिरफ्तारी के बाद आजम खान को गाजियाबाद की विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम अदालत में पेश किया गया।
अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जिला जेल भेजा गया।
आजम खान ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
गिरफ्तारी के समय आजम खान ने खुद को राजनीतिक और धार्मिक आधार पर निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय बनाना उनका अपराध बना दिया गया है।
यह उनका आरोप है; ईडी की ओर से गिरफ्तारी को धनशोधन जांच का हिस्सा बताया गया है।
आज सुप्रीम कोर्ट पहुंचे आजम खान
2 नवंबर 2026 को आजम खान ने अपनी गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
उनके वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की, जिसके बाद प्रधान न्यायाधीश की पीठ ने याचिका को इसी सप्ताह सूचीबद्ध करने पर सहमति दी।
गिरफ्तारी को अवैध बताने की दलील
आजम खान की याचिका में ईडी की गिरफ्तारी को धनशोधन निवारण कानून के प्रावधानों के खिलाफ बताया गया है।
याचिका में गिरफ्तारी और बाद में दिए गए न्यायिक हिरासत आदेश को रद्द करने तथा अंतरिम रूप से रिहाई देने की मांग की गई है।
बेटे अब्दुल्ला आजम हुए रिहा
आजम खान के साथ जेल में बंद उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को जमानत के बाद रिहा कर दिया गया और ईडी ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया।
इस तरह पिता की रिहाई के कुछ ही मिनट बाद हुई नई गिरफ्तारी ने पूरे मामले को एक नया कानूनी और राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
सपा की राजनीति पर भी असर
आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ मुस्लिम चेहरों में गिने जाते हैं। उनकी नई गिरफ्तारी के बाद सपा नेताओं और समर्थकों ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और ईडी की आगे की जांच पर रहेगी।
स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस, अमर उजाला, इकोनॉमिक टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया, पीटीआई
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