मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर 2026, को जोरदार तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 1,233.25 अंक यानी 1.66% बढ़कर 75,692.78 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 387.70 अंक यानी 1.68% चढ़कर 23,440.80 पर पहुंच गया। बाजार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
Reliance के शेयरों में करीब 12% की छलांग
आज के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 11.6% चढ़ा। यह अप्रैल 2020 के बाद कंपनी के शेयर में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी रही। मजबूत तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने शेयर में भारी खरीदारी की।
Sensex की तेजी में Reliance का बड़ा योगदान
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अकेले सेंसेक्स की तेजी में करीब 762 अंकों का योगदान दिया, जबकि निफ्टी में इसका योगदान लगभग 198 अंक रहा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण भी बढ़कर रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया।
क्यों चढ़ा शेयर बाजार?
बाजार की तेजी के पीछे कई कारण रहे। सबसे बड़ा कारण रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजे रहे। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
ब्रेंट कच्चा तेल छह महीने के उच्च स्तर करीब 118 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर लगभग 109 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया। इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगाई और व्यापार घाटे से जुड़ी चिंताएं कुछ कम हुईं।
तीन दिन में बाजार में 3% से ज्यादा तेजी
सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार तीसरे सत्र तेजी रही। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 3.3% चढ़ चुके हैं। इससे बाजार में सकारात्मक धारणा मजबूत हुई है।
निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹8 लाख करोड़ का इजाफा
सोमवार की तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब ₹8 लाख करोड़ की बढ़ोतरी हुई। मजबूत खरीदारी ऊर्जा, वाहन, धातु, बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शेयरों में देखने को मिली।
किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा तेजी?
क्षेत्रीय सूचकांकों में ऊर्जा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, बुनियादी ढांचा, वाहन और तेल एवं गैस सूचकांक 1% से 4.6% तक चढ़े।
दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी, मीडिया और दवा कंपनियों के सूचकांकों में करीब आधा प्रतिशत गिरावट रही।
ये रहे आज के प्रमुख बढ़त वाले शेयर
निफ्टी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा टाटा स्टील, श्रीराम फाइनेंस, कोल इंडिया और जेएसडब्ल्यू स्टील प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे।
वहीं इन्फोसिस, अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी लाइफ कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में रहे।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी मिला सहारा
पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹3,598 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की थी। इससे सोमवार को बाजार धारणा को अतिरिक्त समर्थन मिला।
पूंजीगत लाभ कर में राहत की उम्मीद भी बनी वजह
बाजार में यह उम्मीद भी मजबूत हुई कि विदेशी निवेशकों से जुड़े दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर में राहत मिल सकती है। ऐसी रिपोर्टों ने विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार के आकर्षण को लेकर सकारात्मक माहौल बनाया। हालांकि इस पर कोई अंतिम सरकारी फैसला अभी नहीं हुआ है।
छोटे और मझोले शेयरों में भी खरीदारी
केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मझोली और छोटी कंपनियों के सूचकांकों में भी तेजी रही। निफ्टी मिडकैप करीब 1% और स्मॉलकैप सूचकांक लगभग 0.7% चढ़ा।
रुपया भी हुआ थोड़ा मजबूत
भारतीय रुपया सोमवार को मामूली मजबूती के साथ 94.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछले सत्र में यह 94.95 प्रति डॉलर पर था।
बाजार के लिए आगे क्या अहम?
आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश प्रवाह, कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी।
आज की तेजी ने बाजार में उत्साह जरूर बढ़ाया है, लेकिन विशेषज्ञ आम तौर पर निवेशकों को केवल एक दिन की तेज बढ़त के आधार पर निर्णय लेने से बचने की सलाह देते हैं।
स्रोत – रॉयटर्स, मनीकंट्रोल, इकोनॉमिक टाइम्स
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