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रिलायंस जियो की अमेरिकी कंपनियों से बातचीत, वायरलेस ब्रॉडबैंड तकनीक के बदले हिस्सेदारी लेने की तैयारी

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026: मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार जियो ने अमेरिकी कंपनियों Comcast और Charter Communications के साथ अपनी वायरलेस ब्रॉडबैंड तकनीक उपलब्ध कराने के बदले संभावित इक्विटी हिस्सेदारी लेने पर बातचीत की है।

क्या है जियो की नई योजना?

रिपोर्ट के मुताबिक जियो अपनी विकसित की गई ब्रॉडबैंड तकनीक को विदेशी कंपनियों को लाइसेंस पर देना चाहती है।

इसके बदले कंपनी संबंधित कारोबार में हिस्सेदारी हासिल करने की संभावनाएं तलाश रही है। हालांकि अभी बातचीत शुरुआती चरण में है और किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं हुई है।

बिना केबल कैसे मिलेगा इंटरनेट?

जियो की इस तकनीक को अनलाइसेंस्ड बैंड रेडियो (यूबीआर) कहा जाता है।

इसके जरिए मोबाइल टावरों या इमारतों की छतों पर लगे उपकरणों से वाई-फाई आवृत्तियों का उपयोग कर घरों तक तेज इंटरनेट पहुंचाया जा सकता है।

कंपनी का दावा है कि इस तकनीक से पारंपरिक केबल नेटवर्क की तुलना में कम लागत पर ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

10 से 15 वैश्विक साझेदार बनाने का लक्ष्य

जियो ने अपनी तकनीक को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने के लिए 10 से 15 वैश्विक साझेदार बनाने का लक्ष्य रखा है।

अमेरिका में Comcast और Charter जैसी बड़ी कंपनियों के साथ संभावित साझेदारी जियो को नए बाजार में प्रवेश करने का अवसर दे सकती है।

दक्षिण अफ्रीका की कंपनी से बातचीत विफल

रिपोर्ट के अनुसार जियो ने दक्षिण अफ्रीका की MTN Group के साथ भी बातचीत की थी।

लेकिन कंपनी के मूल्यांकन और तकनीक लाइसेंस की शर्तों पर सहमति नहीं बनने के कारण यह बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।

क्या समझौता तय हो गया है?

अभी तक जियो, Comcast या Charter ने किसी समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

रॉयटर्स के सवालों पर जियो ने प्रतिक्रिया नहीं दी, जबकि दोनों अमेरिकी कंपनियों के प्रवक्ताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

फिलहाल समझौते की रकम, संभावित हिस्सेदारी और समयसीमा स्पष्ट नहीं हैं।

स्रोत: रॉयटर्स, इकोनॉमिक टाइम्स, बिजनेस टुडे।

जय राष्ट्र न्यूज़

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