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Modi meets Muhammad Yunus

Modi meets Muhammad Yunus: 9 महीने बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहम्मद यूनुस ने थाईलैंड राजधानी बैंकॉक में की मुलाकात  

शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश-भारत के रिश्ते लगातार तल्ख बने हुए हैं। भले बांग्लादेश के अंतरिम लीडर लगातार भारत विरोधी स्टैंड दिखाते रहे लेकिन पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर बेकरार भी दिखे। बांग्लादेश को उम्मीद थी कि भारत की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद यह द्विपक्षीय वार्तो हो जाएगी। ऐसा ही हुआ भी। हालांकि जब दोनों नेताओं की मुलाकात हुई (Modi meets Muhammad Yunus) तो, पीएम मोदी गंभीर और शांत दिखे जबकि यूनुस के चेहरे पर मुस्कान दिखी। इस बैठक में भारत की ओर से एस जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल और अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद थे। दरअसल, 4 अप्रैल को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों नेता बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड की यात्रा पर हैं।  40 मिनट तक चली पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus)  बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह पहली मुलाकात थी। बैंकॉक में दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। इससे पहले गुरुवार की रात बिम्सटेक नेताओं के डीनर प्रोग्राम में भी दोनों एक-दूसरे के बगल में ही बैठे थे। सूत्रों की माने तो भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत हुई है। पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus) 40 मिनट तक चली है। बड़ी बात यह कि ढाका ने ही बिम्सटेक बैठक से इतर नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय वार्ता का आग्रह किया था। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी और यूनुस बैंकॉक में बिम्सटेक रात्रिभोज में एक साथ बैठे नजर आए थे।  इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी नहीं दिखे खुश  गौरतलब हो कि मोहम्मद यूनुस ने भारत संग दुश्मनी निभाने का कोई कसर नहीं छोड़ी है। जब से शेख हसीना की सरकार गई है, तब से बांग्लादेश ने चीन का दामन थाम रखा है। हाल ही में मोहम्मद यूनुस ने चीन का दौरा किया था और बीजिंग में उन्होंने  बांग्लादेश को समंदर का गार्जियन बताया था और पूर्वोत्तर पर बयान देकर भारत को नाराज किया था। हालांकि, जयशंकर ने बिम्सटेक के मंच से ही बांग्लादेश को अच्छे से सुनाया था। पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात वाली इन तस्वीरों पर हैरानी इसलिए है, क्योंकि पीएम मोदी जब भी किसी राष्ट्राध्यक्ष से मिलते हैं तो उमसें गर्मजोशी दिखती है। वह खुले दिल से गले मिलते हैं। लेकिन तस्वीर देख लग नहीं रहा कि मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी खुश दिखे हों। संभवतः इसकी वजह भारत और बांग्लादेश की बीच तल्खी ही हो सकती है। हालांकि यूनुस और मोदी के इस मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिक भी मौजूद थे। बता दें कि मोदी से मुलाकात के लिए यूनुस लगातार कोशिश कर रहे थे। आखिरकार अब जाकर उनकी मुलाकात संभव हो सकी।   Latest News in Hindi Today Hindi news Modi meets Muhammad Yunus NarendraModi #PMModi #MuhammadYunus #ModiInBangkok #IndiaThailandRelations #ModiMeetsYunus #InternationalDiplomacy

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BSNL financial loss

BSNL financial loss: बीएसएनएल की अपनी इस लापरवाही के चलते मोदी सरकार को लगा 1758 करोड़ रुपये का चूना

कहा जाता है कि सरकारी काम में बड़ी हीलाहवाली और लापरवाही होती है। सरकारी महकमा अक्सर अपने लेटलतीफी के लिए जाना भी जाता है। कभी-कभी यह लेटलतीफी और लापरवाही सरकार को करोड़ों-अरबों का नुकसान करा देती है। ऐसा ही एक मामला एक जमाने में देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रही भारतीय संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल से जुड़ा है, जिसकी घोर लापरवाही की वजह से भारत सरकार को करोड़ों (BSNL financial loss) का चूना लगा। आप सोचेंगे कि हाशिये पर पड़ी बीएसएनएल ने भला ऐसा क्या कर दिया, जिससे गवर्नमेंट को करोड़ों का नुकसान हो गया? तो आपको बता दें अपने ढिलाई के लिए मशहूर बीएसएनएल ने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को दस साल तक बिल ही भेजना भूल गई। आपको यह जानकर हैरत होगी कि साल 2014 से 2024 तक का समय बीत गया, लेकिन बीएसएनएल ने जियो को अपने बुनियादी ढांचे मसलन, जैसे टावर, फाइबर नेटवर्क और अन्य संसाधनों – के इस्तेमाल के लिए एक भी बिल नहीं भेजा। नतीजतन सरकार को 1758 करोड़ रुपये का चूना लग गया।  10 साल तक वसूली नहीं करने की वजह से सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का हुआ (BSNL financial loss) नुकसान  दरअसल, हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। बीते मंगलवार को सीएजी ने कहा कि “दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने टावर जैसे बुनियादी ढांचे को साझा करने पर अपने समझौते के अनुसार रिलायंस जियो से 10 साल कोई वसूली नहीं की। इससे सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कैग ने यह भी कहा कि बीएसएनएल दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं को दिए जाने वाले राजस्व हिस्से से लाइसेंस शुल्क का हिस्सा काटने में विफल रही। इससे सरकारी कंपनी को 38.36 करोड़ रुपये का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। यही नहीं बयान में यह भी कहा गया है कि “बीएसएनएल मेसर्स रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि.के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट को लागू करने में विफल रही।   मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था (BSNL financial loss) बीएसएनएल के साझा टावर जैसे बुनियादी ढांचे पर इस्तेमाल की गई अतिरिक्त प्रौद्योगिकी के लिए बिल नहीं दिया। इससे मई, 2014 से मार्च, 2024 के बीच सरकारी खजाने को 1,757.76 करोड़ का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। और उस पर दंडात्मक ब्याज भी देना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि बीएसएनएल ने बुनियादी ढांचा साझाकरण शुल्क का कम बिल बनाया था।” जानकारी के मुताबिक मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था। करार के मुताबिक बीएसएनएल के निष्क्रिय पड़े टावर और फाइबर नेटवर्क जैसे संसाधनों को जियो के साथ साझा करना तय हुआ। और बदले में जियो को बीएसएनएल को भुगतान करना था। यह तो ठीक, लेकिन विगत दशकों से नुकसान झेल रही बीएसएनएल ने तय समय पर बिल भेजना जरूरी ही नहीं समझा। इस तरह दस साल बीत गए। और 10 साल बाद यह लापरवाही जाकर सामने आई।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है हैरत की बात यह है कि बीएसएनएल की लापरवाही सिर्फ जियो तक ही सीमित नहीं रही। कंपनी ने जियो के अलावा कई अन्य टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के साथ भी रेवन्यू शेयरिंग के करार किए थे। इन करारों के तहत बीएसएनएल को लाइसेंस फीस वसूलनी थी, जो सरकार के खजाने में जमा होती। मगर बीएसएनएल इस कदर लापरवाह रही कि ये फीस वसूलना ही भूल गई। इस गलती की कीमत सरकार को 38 करोड़ 36 लाख रुपये के अतिरिक्त नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी। बड़ी बात यह कि दोनों नुकसानों को जोड़ दिया जाये तो तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है। यानी टैक्स पेयर के पैसों को स्वाहा कर दिया। गौरतलब हो कि बीएसएनएल का इतिहास नुकसानों से भरा रहा है। साल 2013-14 में कंपनी को 14,979 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उसके बाद से यह सरकारी दया और अभयदान पर ही निर्भर रही है। भारत सरकार द्वारा हजारों करोड़ निवेश करने के बाद कंपनी की हालत खस्ता बनी हुई है। कहने की जरूरत नहीं इससे बीएसएनएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Latest News in Hindi Today Hindi BSNL financial loss #BSNL #BSNLLoss #ModiGovernment #IndianTelecom #TelecomCrisis #BSNLFinancialLoss #GovernmentLoss #BSNLNews #EconomicImpact #BSNLUpdate

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Devrani kill jethani

Devrani kills Jethani: राजस्थान के कोटा में घर की कलह के चलते देवरानी ने अपनी ही जेठानी को उतारा मौत के घाट 

घर में कलह होना आम बात है। लेकिन कभी-कभी कलह इतनी बढ़ जाती है कि सगे रिश्ते एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला आया राजस्थान के कोटा जिले से, जहाँ एक महिला ने अपनी ही जेठानी की (Devrani kills Jethani) हत्या कर दी। दरअसल, जमीनी विवाद को लेकर खार खायी देवरानी ने मामूली कहासुनी में जेठानी पर पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में जेठानी बुरी तरह चोटिल हो गयी। इस बीच घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे दूसरी जगह रेफेर कर दिया। महिला की हालत बड़ी गंभीर थी। लाख कोशिशों के बीच डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज करके महिला की हत्या करने वाली देवरानी की तलाश में पुलिस जुट गई है।   जमीनी विवाद के चलते उतारा मौत के घाट (Devrani kills Jethani) जानकारी मुताबिक मामला कोटा के चेचट थाने का है। चेचट थाने के अंतर्गत आनेवाले अलोद गांव में रहने वाली मोड़ी बाई का अपनी 65 वर्षीय जेठानी शांति बाई से जमीनी विवाद चल रहा था। मृतक महिला के बेटे दिनेश का कहना है कि “हमारा खेतीबाड़ी का काम है। इन दिनों खेतों में काम चल रहा है। रोज की तरह मेरी मां तड़के सुबह काम करने गई थी। सुबह करीब 9 बजे हमारे खेत में काम करने वाले कैलाश का फोन आया और उसने बताया कि तुम्हारी मां खेत में कुएं के पास लहूलुहान हालत में पड़ी हैं। इस बीच खेत में जाकर देखा तो मां अचेत पड़ी थी और सिर से खून निकल रहा था।” माँ के सिर पर तीन से चार जगह घाव के निशान थे। इसके अलावा उनके हाथ और पैर भी गहरे चोट के निशान मिले, जिससे लगातार खून बह रहा था। माँ इस तरह लहूलुहान देख आनन-फानन में उन्हें लेकर चेचट के अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने तुरंत झालावाड़ रेफर कर दिया। झालावाड़ अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक महिला के भतीजे रमेश चंद्र ने बताया कि “शांतिबाई की एक दिन पहले उसकी देवरानी से कहासुनी हुई थी। उसकी देवरानी गुस्सैल स्वभाव की है और मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताई जाती है। मृतक महिला के बेटे ने बताया कि सुबह खेत पर मां और चाची का झगड़ा हुआ था। जमीन बंटवारे को लेकर चाची मोड़ी बाई ने गाली-गलौज की। इसके बाद मां के सिर पर पत्थर मारकर भाग (Devrani kills Jethani) गई।” इसे भी पढ़ें:-अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश   परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की कर रही है छानबीन   पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश ने अपनी चाची यानी शांति बाई की देवरानी मोड़ी बाई पर अपनी मां की हत्या करने का आरोप लगाया। दिनेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि “जमीन बंटवारे को लेकर चाची और मां का झगड़ा हुआ था। चाची ने मां के साथ गाली-गलौज की थी। इस झगड़े में उन्होंने मां के सिर पर पत्थर से हमला कर (Devrani kills Jethani) दिया और फिर खेत से फरार हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पूरे मामले पर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि “पोस्टमार्टम के बाद शांति बाई के शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।” बता दें कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Devrani kills Jethani KotaMurderCase #RajasthanCrime #FamilyDispute #ShockingCrime #DomesticViolence #CrimeNewsIndia #MurderOverDispute

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Bhajanlal Sharma mining control

Bhajanlal Sharma mining control: अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश 

सूबे में हो रहे अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान सरकार ने कमर (Bhajanlal Sharma mining control) कस ली है। जानकारी के मुताबिक सरकार अब अवैध खदान वाले इलाकों की ड्रोन से निगरानी कराएगी। जानकारी के मुताबिक यह निर्णय सीएमआर में हुई हाई लेवल की बैठक में किया गया। अवैध खनन पर रोक के लिए राजस्थान सरकार आकस्मिक संयुक्त अभियान चलाएगी। यही नहीं, अवैध खनन से संबंधित मामलों का तत्परता से निपटारा करवाया जाएगा। इसके अलावा सीएम भजनलाल शर्मा ने खनन विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय एसआईटी की बैठक की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रतिदिन बैठक की रिपोर्ट लें। कहने की जरूरत नहीं, सरकार के तेवर देखकर तो यही लग रहा है कि अब खनन माफियाओं की खैर नहीं है।  अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए (Bhajanlal Sharma mining control) ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए- सीएम भजननलाल शर्मा  सीएम भजनलाल ने कहा कि “अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए (Bhajanlal Sharma mining control) ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए। ड्रोन से पूरे क्षेत्र की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई जाए ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। यही नहीं, इसके साथ ही अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि “अवैध खनन के औचक निरीक्षण के लिए मुख्यालय स्तर पर संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाए।” अवैध खनन के खिलाफ सख्ती बरतने के आदेश  देते हुए सीएम ने कहा कि “इस संबंध में लंबित प्रकरणों को भी जल्द निपटाया जाए ताकि अवैध खनन के रोकथाम की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।” इसे भी पढ़ें:-हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान  कलेक्टरों से जिले में चल रही अवैध खनन (Bhajanlal Sharma mining control) की कार्रवाई के बारे में ली जानकारी  इस बीच मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “एम-सेंड नीति के तहत बजरी के विकल्प के रूप में एम-सेंड को प्रोत्साहन दिया जाए। प्रदेश में एम-सेंड इकाइयों की स्थापना और बजरी के सस्ते विकल्प के रूप में एम-सेंड के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए जिससे बजरी के दोहन में कमी आए।” इसके अलावा उन्होंने खनन विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की कराने की भी बात कही। जानकारी के मुताबिक सीएम ने भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, टोंक, नागौर, डीग, कोटपूतली, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ कलक्टर से इन जिलों में चल रही अवैध खनन (Bhajanlal Sharma mining control) की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली तथा आवश्यक कड़े निर्देश प्रदान दिए। इस मामले पर बात रखते हुए मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि “राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वैध खनन को बढ़ावा दिया जाए। अवैध खनन पर अंकुश लगे ताकि राजस्व में बढ़ोतरी हो और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकें।” Latest News in Hindi Today Hindi News Bhajanlal Sharma mining control IllegalMining #RajasthanNews #DroneSurveillance #BhajanlalSharma #MiningControl #DronesInAction #MiningBan

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Mohan Bhagwat

हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान 

हनुमान जी हमारे पौराणिक युग के आदर्श हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नागपुर में ‘युगांधर शिवराय’ नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहीं। मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित कर करते हुए कहा कि राजा अलेक्जेंडर के समय से भारत वर्ष पर शुरू हुए विदेशियों का आक्रमण लंबे समय तक चला और इस्लाम के नाम पर हुए आक्रमण के दौरान सब कुछ नष्ट हो गया। अनेकों लड़ाईयों के बाद भी जब इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तब छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) ने इसका समाधान दिया और एक के बाद युद्ध जीत कई वीर गाथाएं लिख दी।  भारत के लिए शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) हमेशा से प्रेरणा रहे हैं- मोहन भागवत मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि आरएसएस (RSS) का काम भी व्यक्ति-आधारित नहीं बल्कि देश आधारित रहा है। भारत के लिए शिवाजी महाराज हमेशा से प्रेरणा रहे हैं। शिवाजी महाराज ने दक्षिण भारत में अपनी वीरता से विजय प्राप्त की, लेकिन उनके पास समय कम था, इसलिए उत्तर की तरफ नहीं बढ़ पाए। उन्होंने अपने युद्ध कौशल से भारतीय राजाओं को लगातार मिल रही पराजय के युग को बदल दिया और विजय का रास्ता दिखाया। भागवत ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय राजाओं के हार का सिलसिला सिंकदर के आक्रमण से शुरू हुआ था और देश में इस्लामीकरण तक यह हमला जारी रहा। इस दौरान ही 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य की स्थापना हुई और महाराज शिवाजी अपने युद्ध कौशल से इस समस्या का समाधान लेकर आए। उस समय विजयनगर साम्राज्य और राजस्थान के राजाओं के पास भी यह युद्ध कौशल नहीं था।  इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? छात्रपति शिवाजी महाराज आधुनिक युग के हमारे आदर्श मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस (RSS) संस्थापक केबी हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक एमबी गोलवलकर (गुरुजी) और तृतीय सरसंघचालक एमडी देवरस (देवरस) ने कई बार यह बात कही थी कि हनुमान जी हमारे लिए पौराणिक युग के आदर्श और योद्धा थे और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। ये 250 वर्ष पहले भी हमारे आदर्श थे, आज भी हैं और आगे भी आदर्श रहेंगे। हम सभी व्यक्तियों और भारत वर्ष के लिए उनकी शौर्य गाथा को सुनना सौभाग्य की बात है। मोहन भागवत ने इस दौरान यह भी कहा कि दक्षिण भारत के एक अभिनेता ने एक फिल्म में शिवाजी का रोल अदा किया था। इस फिल्म के आने के बाद उनका नाम गणेशन से बदलकर शिवाजी गणेशन हो गया। जो बताता है कि देशवासी शिवाजी को कितना सम्मान देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News Chhatrapati Shivaji Maharaj MohanBhagwat #RSSChief #ChhatrapatiShivaji #LordHanuman #IndianIdeals #NagpurNews #HinduIcons

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new CCTV installation

new CCTV installation: हाईकोर्ट के सख्त रुख के अब मध्य प्रदेश के थानों में लगेंगे नए हाईटेक कैमरे, ऑडियो भी हो सकेगा रिकॉर्ड

साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य-प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे (new CCTV installation) लगाए गए थे। जिसके बाद साल 2021 में कोर्ट ने इनकी स्थिति सुधारने के विस्तृत निर्देश भी दिए थे। जानकारी के मुताबिक इनमे से अधिकतर कैमरे खराब हो चुके हैं। इस बीच हाईकोर्ट के सख्त रुख के अब मध्य प्रदेश के पुलिस थानों में खराब क्वाॅलिटी के लगे सीसीटीवी कैमरों को हटाकर उनकी जगह नए 3429 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। बता दें कि इनको लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। गृह विभाग ने टेंडर जारी कर दिए हैं। योजना के तहत 1160 थानों में अतिरिक्त मॉनिटर और 3429 नए कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। खास बात यह कि इनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस पर कुल ₹28.41 करोड़ खर्च होंगे। पुलिस विभाग को यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के कड़े रुख के कारण करना पड़ी।  ग्वालियर के मुरार की दो महिलाओं ने पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में रखने का लगाया था आरोप (new CCTV installation) दरअसल, ग्वालियर के मुरार की दो महिलाओं ने पुलिस पर अवैध तरीके से हिरासत में रखने का आरोप लगाया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने थाने के सीसीटीवी फुटेज पेश करने को कहा। आदतन पुलिस ने बहाना बनाते हुए एक कैमरे के खराब होने की जानकारी कोर्ट को दी। इस दरम्यान पुलिस ने बताया कि कैमरा खराब हो चुका है और उसे बदलना होगा। फिर क्या था, कोर्ट का पारा चढ़ गया। पुलिस के इस रवैये के बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब दो तरह के कैमरे लगाए जाएंगे। जानकारी के मुताबिक इसमें 2573 डोम कैमरा थानों के अंदर और 856 बुलेट कैमरा बाहर और खुले स्थानों पर इंस्टॉल (new CCTV installation) होंगे।  इसे भी पढ़ें:- MP के 19 स्थानों पर शराब बिक्री बंद, खुलेंगे लो अल्कोहलिक बेवरेज बार प्रदेशभर के थानों में 128 जीबी के 3429 एसडी कार्ड और 1539 एलईडी मॉनिटर (new CCTV installation) भी जाएंगे खरीदे  जानकारी के लिए बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद अब पूरे प्रदेश के कैमरे अपडेट करने का प्लान सरकार की तरफ से पेश किया गया। इसके मुताबिक प्रदेशभर के थानों में 128 जीबी के 3429 एसडी कार्ड और 1539 एलईडी मॉनिटर (new CCTV installation) भी खरीदे जाएंगे। इसके अलावा वर्तमान में कैमरों का रखरखाव एजेंसी पर 1.97 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि शिकायतों के बावजूद इसके द्वारा सुधार का कार्य नहीं हुआ। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट मुरार पुलिस को 2021 के आदेश बाद लगाए गए 9 सीसीटीवी कैमरों ने के फुटेज की जानकारी देने के लिए कहा है। कोर्ट को यह भी बताया गया है कि फुटेज की स्टोरेज क्षमता 18 माह है। कोर्ट की पहल के बाद ही सही मध्य प्रदेश की सरकार जागी सही। इससे मध्य प्रदेश में पुलिसिया अत्याचार पर लगाम जरूर लगेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi News new CCTV installation MPPoliceReform #CCTVCameras #HighCourtOrders #PoliceStationSurveillance #LawAndOrder #AudioRecordingCCTV #HighTechSecurity

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Donald Trump Imposes 26% Tariff on Indian Goods

26% tariff on Indian goods: डोनाल्ड ट्रम्प ने लागू किया पारस्परिक टैरिफ, भारत पर लगाया 26% लगाया तो चीन और पाक को दिया तगड़ा झटका

आखिरकार 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया के तमाम देशों पर पारस्परिक टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लागू कर दिया। ट्रम्प ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) लगाया है, जबकि अचीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भाषण के दौरान पारस्परिक टैरिफ की योजना की घोषणा की। देशों के एक समूह पर संयुक्त राज्य अमेरिका से वसूले जाने वाले टैरिफ की लगभग आधी दर से टैरिफ लागू किया गया है। इस दौरान ट्रम्प ने कहा कि “यह अमेरिकी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह हमारी आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा है। सालों तक, कड़ी मेहनत करने वाले अमेरिकी नागरिकों को किनारे पर बैठने के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन अब हमारे समृद्ध होने का समय है।” इस बीच भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि “भारत, बहुत, बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा कि आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। आपको समझना होगा, हमने उनसे सालों-साल और दशकों तक कुछ भी शुल्क नहीं लिया। यह केवल सात साल पहले की बात है। जब मैं सत्ता में आया, तब हमने चीन के साथ इसकी शुरुआत की।” अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है वाणिज्य मंत्रालय  गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है।” एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक “अमेरिका में सभी आयात पर एक समान 10 प्रतिशत का शुल्क 5 अप्रैल से और बाकी 16 प्रतिशत शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा।” उन्होंने कहा कि “एक प्रावधान है कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता है, तो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन उस देश के खिलाफ शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है।” बता दें कि भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। बता दें कि मेक्सिको के बाद अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े आयातक चीन को अब इस नई नीति के तहत 34% टैरिफ का देना पड़ेगा। बीजिंग ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने बार-बार अमेरिका द्वारा चीन से आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के प्रति अपनी कड़ी असहमति और मजबूत विरोध जताया है। यही नहीं,  चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “देश अपने अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए जवाबी कदम उठाएगा।” इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ फिर भी भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है (26% tariff on Indian goods) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के टॉप निर्यातक संगठन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने गुरुवार को कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) आयात शुल्क से निस्संदेह घरेलू प्लेयर प्रभावित होंगे।” इसके अलावा अजय सहाय ने यह भी कहा कि “भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता, जिस पर वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जल्द संपन्न हो जाएगा, क्योंकि इससे इन पारस्परिक टैरिफ से राहत मिलेगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने बाकी देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्क की आधी दर पर ही पारस्परिक शुल्क लगाया है। आने वाले समय में अमेरिका सहित कई देशों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 26% tariff on Indian goods #DonaldTrump #IndiaUSTrade #TariffWar #IndianExports #USIndiaRelations #GlobalTrade #TradePolicy #EconomicImpact #TrumpTariff #IndiaChina

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RCB home ground loss

RCB home ground loss: गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उन्हीं के घर में दी 8 विकेट से करारी शिकस्त

आईपीएल सीजन-2025 का 14वां मुकाबला बैंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया। इस मैच में  गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 8 विकेट से करारी शिकस्त (RCB home ground loss) दी। गौरतलब हो कि शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस की इस आईपीएल में तीन मैचों में यह दूसरी जीत है। टॉस जीतकर गुजरात टाइटंस ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। गुजरात का यह फैसला सही साबित हुआ और गुजरात के गेंदबाज बैंगलुरु के बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े। पहले बल्लेबाजी करने उत्तरी आरसीबी की पारी की शुरुआत खराब बेहद रही। गुजरात ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को पावरप्ले के दौरान ही 3 झटके दे दिए। उसके बाद आरसीबी की टीम 20 ओवर में किसी तरह 8 विकेट खोकर 169 ही रन बना पाई। आरसीबी के लिए लियम लिविंगस्टन ने 54, जितेश शर्मा ने 33 और टिम डेविड ने 32 रनों की पारी खेली। गुजरात के लिए मोहम्मद सिराज ने 3, साई किशोर ने 2, अरशद खान, इंशात शर्मा ने और प्रसिद्ध कृष्णा ने 1-1 विकेट चटकाए।  इस जीत के साथ (RCB home ground loss)  गुजरात टाइटंस के भी 4 अंक हो गए हैं जवाब में गुजरात की टीम ने 170 रनों के लक्ष्य को आसानी से पूरा कर (RCB home ground loss) लिया। गुजरात के लिए साई सुदर्शन ने 49, शुभमन गिल ने 14, जोस बटलर ने 73, शरफेन रदरफोर्ड ने 30 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिला दी। जोश हेजलवुड ने 1 और भुवनेश्वर कुमार ने 1 विकेट चटकाए। इस तरह गुजरात ने 13 गेंद शेष रहते जीत हासिल की है। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस के भी 4 अंक हो गए हैं। इस जीत के साथ चौथे स्थान पर बरकरार है।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स गुजरात टाइटंस ने आरसीबी के लगातार तीसरी बार जीतने का सपने को तोड़ा (RCB home ground loss)  गुजरात टाइटंस ने आरसीबी के लगातार तीसरी बार जीतने का सपना तोड़ दिया। दरअसल, आरसीबी लगातार दो मैच जीतकर इस मुकाबले में उतरी थी। लेकिन उनके बल्लेबाज पूरी तरह से फ्लॉफ़ रहे। ध्यान देने वाली बात यह कि लियाम लिविंगस्टोन को छोड़कर आरसीबी का एक भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका। विराट कोहली को अरशद खान ने सस्ते में पवेलियन भेज दिया जबकि कप्तान रजत पाटीदार का बल्ला भी खामोश ही रहा। महत्वपूर्ण बात यह कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को गुजरात के खिलाफ मिली हार के बाद बड़ा नुकसान हुआ है। पॉइंट्स टेबल में बेंगलुरु की टीम पहले पायदान से तीसरे पायदान पर पहुंच गई है। रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु के इस हार से पंजाब किंग्स को फायदा हुआ है। पंजाब किंग्स अब पहले पायदान पर पहुंच गई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025  RCB home ground loss #RCBvsGT #IPL2025 #RCB #GujaratTitans #CricketFever #IPLMatch #ViratKohli #TATAIPL #GTvsRCB #IPLHighlights

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Waqf Amendment Bill 2025

12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद देर रात लोकसभा में पास हुआ Waqf Amendment Bill 2025, अब राज्यसभा में होगी अग्निपरीक्षा

बुधवार को 12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद आखिरकार वक्फ संशोधन विधेयक-2025 (Waqf Amendment Bill 2025) लोकसभा में पास हो गया। रात दो बजे के करीब हुए मत विभाजन में इस विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े। दरअसल, बुधवार को यह बिल लोकसभा में पेश हुआ था और इस विधयेक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने 12 घंटे लंबी चर्चा की। आधी रात तक चर्चा होने के बाद इसके बाद हुए मतविभाजन में सरकार की जीत हुई और विधेयक लोकसभा में पास हो गया। बता दें कि अब यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार के पास जरूरी बहुमत नहीं है। इसे पारित कराने के लिए उच्च सदन में सरकार को कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यहां भी भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ मजबूत स्थिति में है। अन्य दलों के समर्थन से वह इस विधेयक को आसानी से पारित करा सकती है।  अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025)  नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं बता दें कि चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसदों ने बिल के खिलाफ 100 से अधिक संशोधन प्रस्ताव दिए, लेकिन वोटिंग के दौरान विपक्ष के सभी संशोधन गिर गए। चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि “अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं और कांग्रेस के शासनकाल में वक्फ संपत्तियों का सही से प्रबंधन होता तो केवल मुसलमानों की ही नहीं, बल्कि देश की तकदीर भी बदल जाती।” इस बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सरकार के इस कदम को मुस्लिम विरोधी बताने के कई विपक्षी सदस्यों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “इस विधेयक को मुसलमानों को बांटने वाला बताया जा रहा है।” जबकि उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार तो देश में सबसे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय पारसी को भी बचाने के लिए प्रयास कर रही है।” रिजिजू ने आगे कहा कि “विपक्ष सरकार की आलोचना कर सकता है, लेकिन यह कहना कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है, सही नहीं है।” उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि “मैं खुद अल्पसंख्यक हूं और कह सकता हूं कि भारत से ज्यादा अल्पसंख्यक कहीं सुरक्षित नहीं हैं। हर अल्पसंख्यक समुदाय शान से इस देश में जीवन जीता है।” कांग्रेस ने साल 2013 में तुष्टिकरण के नाम पर जो गलती की उसे हमने सुधार दिया है- (Waqf Amendment Bill 2025) यही नहीं वक्फ संशोधन विधेयक-2025 (Waqf Amendment Bill 2025) के पारित होने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि “कांग्रेस ने साल 2013 में तुष्टिकरण के नाम पर जो गलती की उसे हमने सुधार दिया है। इस विधेयक के जरिए हमने मुस्लिम महिलाओं और गरीबों को तोहफा दिया है।” गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि “हमें उम्मीद है कि भविष्य में गरीब लोगों को उनकी जमीन का अधिकार मिलेगा।” तो वहीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि “मतविभाजन का अंतर केवल 50 वोटों का था। आप समझ सकते हैं कि यह विधेयक लोगों के जनादेश के कितना खिलाफ है। सरकार बहुत मुश्किल से इस विधेयक को पारित करा पाई है। भारत के धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के लिए यह एक काला दिन है। यह विधयेक लोगों के मूलभूत अधिकारों के खिलाफ और अन्यायपूर्ण है। इस संशोधन विधेयक का मुस्लिम समाज पर बहुत गहरा असर पड़ने जा रहा है।” इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? इस विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) से वक्फ बोर्ड के कामकाज में जब पारदर्शिता आएगी तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्या है? खैर बिल (Waqf Amendment Bill 2025) के पारित होने के बाद संसद परिसर में लोजपा रामविलास के अध्यक्ष और संसद चिराग पासवान ने कहा कि “मुस्लिम समाज की भलाई के लिए अगर कुछ संशोधन इसमें शामिल किए जाते हैं तो विपक्ष को इसमें भी सहयोग करना चाहिए। इस विधेयक से वक्फ बोर्ड के कामकाज में जब पारदर्शिता आएगी तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्या है? यह विधेयक पीएम मोदी और एनडीए द्वारा लाया गया है, केवल इसलिए विरोध हो रहा है। विपक्ष के सभी सांसदों ने एक तरह के बयान दिए हैं। उन्होंने तथ्यों पर बात नहीं की है। ये नेता मेरे धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।” चिराग पासवान ने आगे कहा कि “वे उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो सच्चर कमेटी के मुताबिक मुस्लिमों की बदहाल हालत के लिए जिम्मेदार हैं। बिहार चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा।” यह भारत का कानून है, सभी को स्‍वीकारना होगा:- अमित शाह गौरतलब हो कि “इससे पहले, चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि “वह समाज में भ्रम फैला रहे हैं और मुसलमानों को डराकर उनका वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” इस दौरान शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर भी विपक्ष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि “सीएए लागू होने के बाद किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं गई है और अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला जैसे नेता चुनाव जीतकर लौटे हैं, जो बताता है कि स्थिति में सुधार हुआ है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद कम हुआ है और विकास और पर्यटन बढ़े हैं।” तो वहीं एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध किया और अपनी बात रखने के बाद अंत में विधेयक की प्रति फाड़ दी।  Latest News in Hindi Today Hindi News Waqf Amendment Bill 2025 #WaqfAmendmentBill2025 #LokSabhaPassesBill #WaqfLawChanges #IndianParliament #RajyaSabhaDebate #LegalReforms #GovtBill2025 #WaqfActAmendment #IndiaPolitics #ParliamentSession

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Does Face Slapping Really Enhance Skin?

50 slaps for glow: क्या सच में 50 थप्पड़ खाने से आता है चेहरे पर निखार?

लोगबाग खूबसूरत और दमकती त्वचा पाने के लिए क्या नहीं करते। कुछ ज़माने भर की क्रीम लगाते हैं, तो कुछ हेल्दी डाइट को फॉलो करते हैं, तो वहीं कुछ कई तरह के घरेलु नुस्खों का पालन करते हैं। जिसके नुकसान और फायदे दोनों संभावित होते हैं। ऐसे में यदि आपसे कहा जाये कि एक फार्मूला ऐसा भी है जिससे आप बिना एक भी पैसा खर्च किये अपने चेहरे पर निखार ला सकते हैं? तो निश्चित ही आप उस फॉर्मूले को जानना चाहेंगे। यह तो ठीक, लेकिन यदि आपसे यह कहा जाये कि उस फॉर्मूले के तहत आपको अपना गाल लाल करना होगा। यानि कि आपको रोज एक-दो नहीं बल्कि 50 थप्पड़ खाने (50 slaps for glow) होंगे। हां, सही समझें। थप्पड़। आप कहेंगे कि क्या मजाक है? दरअसल यह मजाक नहीं बल्कि ये सच है। रोजाना थप्पड़ खाने से चेहरे पर निखार आ जाता है। अमूमन लोग थप्पड़ खाने से डरते हैं, परंतु यही थप्पड़ आप को सुंदर और निखरी हुई त्वचा दे सकता है।  थप्पड़ मारने से (50 slaps for glow) बढ़ जाता है ब्लड सरकुलेशन ये बात खासतौर पर उन लोगों को जान लेनी चाहिए जो खूबसूरत और चमकदार त्वचा के लिए तमाम तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट का यूज करते हैं। बड़ी बात यह कि जवां दिखने के लिए फेशियल ब्लीच से लेकर कई तरह के ट्रीटमेंट करवाने वाले लोग थप्पड़ वाली थेरेपी से अपने चेहरे को बिना पैसे खर्च किए ही सुंदर बना सकते हैं। इसे थप्पड़ थेरेपी कहते हैं। निश्चित ही आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये थप्पड़ थेरेपी है क्या? तो आपको बता दें कि इस थेरेपी में चेहरे की त्वचा पर हल्के हाथों से थप्पड़ मारना (50 slaps for glow) होता है। ऐसा करने से ब्लड सरकुलेशन बढ़ जाता है और त्वचा जवां और स्वस्थ होती है। अच्छी बात यह कि ये थेरेपी महिलाएं और पुरुष दोनों ही कर सकते हैं। इस थेरेपी से त्वचा में छिद्रों को सिकुड़ने में मदद मिलती है। बता दें की इस थेरेपी में आपको अपने दोनों हाथों से गालों को तेज-तेज थपथपाना होता है। इसके अलावा फाइन लाइंस से छुटकारा पाने के लिए चेहरे को थप्पड़ मारना पिंच और स्ट्रोक करना शामिल होता है।  इसे भी पढ़ें: पानी पीना ही काफी नहीं, हीटवेव्स में हाइड्रेशन से बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स कोरियन महिलाएं प्रतिदिन खुद को 50 थप्पड़ (50 slaps for glow) मारकर अपनी सुंदरता को रखती हैं बरकरार  दरअसल, साउथ कोरियन लोगों का मानना है कि थप्पड़ मारने से चेहरे के हर हिस्से में ब्लड का सरकुलेशन तेज हो जाता है। जिससे स्किन साफ होती है और चेहरा ग्लो करने लगता है। कारण यही जो वहां की महिलाएं प्रतिदिन खुद को 50 थप्पड़ (50 slaps for glow) मारकर अपनी सुंदरता को बरकरार रखती हैं। इसके अलावा अमेरिकन का मानना है कि थप्पड़ मारने से त्वचा के खुले छिद्रों को सिकुड़ने में मदद मिलती है। यही नहीं, इससे त्वचा को क्रीम तेल को बेहतर तरीके से ऑबजर्ब करने में मदद मिलती है। ख़ास बात यह कि यह त्वचा को चिकना बनाता है, झुर्रियों को कम करता है। Latest News in Hindi Today Hindi 50 slaps for glow #50SlapsForGlow #FaceGlowHack #BeautyMyths #SkincareRoutine #FacialMassage #NaturalGlow #GlowUp #SkinCareTips #BeautyTrends #HealthySkin

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