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Jammu and Kashmir issue

Jammu and Kashmir issue: UN में दहाड़ा भारत, कहा जम्मू और कश्मीर ‘भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा’

पाकिस्तान दशकों से यूएन में कश्मीर (Jammu and Kashmir issue) का राग अलाप रहा है। कश्मीर को अपना बताने का कोई मौका नहीं छोड़ता। इस बार संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत पी हरीश ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। दरअसल, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में शांति स्थापना सुधारों पर बहस के दौरान जम्मू और कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के बार-बार दिए गए बयानों को सख्ती से खारिज किया। न सिर्फ ख़ारिज किया बल्कि उन्हें अनुचित बताते हुए स्पष्ट किया कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा रखा है, जिसे उसे खाली करना ही होगा।” बता दें कि पाकिस्तानी टिप्पणी को खारिज करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने कहा कि “पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने एक बार फिर भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर पर अनुचित टिप्पणी की है। इस तरह बार-बार संदर्भ देने से उनके अवैध दावे मान्य नहीं हो सकते। न ही पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को उचित ठहराया जा सकता है।” पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने फिर की भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir issue) पर अनुचित टिप्पणी   यही नहीं, भारतीय राजदूत पार्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि “वह शांति स्थापना पर मुख्य चर्चाओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “भारत यह स्पष्ट करना आवश्यक समझता है कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने एक बार फिर भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir issue) पर अनुचित टिप्पणी की है। ऐसे बार-बार किए गए दावे न तो उनके अवैध दावों को मान्यता देते हैं और न ही उनके राज्य-प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को सही ठहराते हैं।” यही नहीं, पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए हरीश ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि “पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा किए हुए है और उसे तुरंत खाली करना चाहिए। इस पर अधिक जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान अवैध रूप से जम्मू-कश्मीर के क्षेत्र पर कब्जा बनाए हुए है, जिसे उसे छोड़ देना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “भारत वैश्विक मंचों पर अपनी संप्रभुता पर सवाल नहीं उठने देगा।” इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन म पाकिस्तान को सलाह (Jammu and Kashmir issue) देंगे कि वह इस मंच का ध्यान भटकाने की कोशिश न करे इस दरम्यान हरीश ने पाकिस्तान के अपने संकीर्ण और विभाजनकारी एजेंडे के लिए संयुक्त राष्ट्र मंच के दुरुपयोग के प्रयासों को खारिज करते हुए कहा कि “हम पाकिस्तान को सलाह (Jammu and Kashmir issue) देंगे कि वह इस मंच का ध्यान भटकाने की कोशिश न करे। इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि “भारत विस्तृत प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं समझता, क्योंकि उसकी स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है। भारत अधिक विस्तृत उत्तर देने के अधिकार का प्रयोग करने से परहेज करेगा।” दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सत्र शांति स्थापना में सुधारों पर केंद्रित था। इस दौरान भारत ने इस अवसर का उपयोग सशस्त्र समूहों और आधुनिक हथियारों से उत्पन्न खतरों जैसी चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता पर जोर देने के लिए किया। बता दें कि इस दौरान हरीश ने शांति अभियानों के जनादेश को निर्धारित करने में सेना और पुलिस योगदान देने वाले देशों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बात की और आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Jammu and Kashmir issue IndiaAtUN #JammuAndKashmir #UnitedNations #IndiaStrong #KashmirIsIndia #IndianDiplomacy #UNSpeech #IndiaOnKashmir #GlobalPolitics

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Ashutosh Sharma IPL 2025

Ashutosh Sharma IPL 2025: दिल्ली कैपिटल्स के इस बल्लेबाज के सामने चारों खाने चित्त हुए लखनऊ सुपर जायंट्स के गेंदबाज

24 मार्च को आईपीएल 2025 का (IPL 2025) चौथा मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया। इस मैच में लखनऊ की टीम पहले बैटिंग करने उतरी थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ ने 8 विकेट खोकर दिल्ली कैपिटल्स को 209 रनों का लक्ष्य दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरूआती पारी लड़खड़ा गई। एक समय दिल्ली कैपिटल्स के 65 रन पर पांच विकेट गिर गए थे। गिरते विकटों के साथ जीत असंभव सी लग रही थी। तभी बैटिंग करने क्रीज पर आये आशुतोष शर्मा (Ashutosh Sharma IPL 2025)। शर्मा ने विपराज निगम के साथ मिलकर दिल्ली की टीम के लिए जीत की उम्मीद जगी दी। एक तरफ विपराज निगम ने 15 गेंद पर 39 रनों की पारी खेली तो वहीं दूसरी तरफ आशुतोष ने 31 गेंदों पर नाबाद 66 रनों की विस्फोटक पारी खेलते हुए दिल्ली को जीत दिलाई। इस पारी में उन्होंने 5 चौके और 5 छक्के जड़े। यह शर्मा की तूफानी पारी का ही कमाल था जो दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने 20वें ओवर की तीसरी गेंद पर मैच को जीत लिया। आशुतोष ने आखिरी ओवर की तीसरी गेंद पर छक्का लगाकर दिल्ली को शानदार जीत दिलाई। उन्हें उनकी इस शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया। आशुतोष ने पंजाब की ओर से खेलते हुए पिछले सीजन ही साबित कर दिया था कि उन्हें अभी लंबी दूरी तय करनी है। आईपीएल के 18वें सीजन में दिल्ली के लिए पहले ही मैच में मैच विनिंग पारी खेल सनसनी मचा दी है। कहने की जरूरत नहीं आशुतोष शर्मा की तूफानी पारी की ही वजह से दिल्ली की टीम रोमांचक मुकाबले में लखनऊ को 1 विकेट से हराने में कामयाब रही। इस तरह आशुतोष बतौर इम्पैक्ट प्लेयर महफिल लूट ली। उन्होंने अपने बल्ले से इस कदर कहर बरपाया कि लखनऊ की टीम के गेंदबाज चारो खाने चित्त हो गए।  आशुतोष शर्मा (Ashutosh Sharma IPL 2025) को बचपन में करना पड़ा था आर्थिक तंगी का सामना  15 सितंबर 1998 मध्य प्रदेश के एक छोटे से शहर रतलाम में जन्में आशुतोष शर्मा (Ashutosh Sharma IPL 2025) को बचपन में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था। पैसों की किल्लत ऐसी कि क्रिकेट किट तक खरीदने के लिए उन्हें काफी मशक्क्त करनी पड़ी थी। लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून ही उन्हें मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की एकेडमी तक ले गया। वहां उन्होंने क्रिकेट के गुर साथ-साथ क्रिकेट की बारीकियां भी सीखी। अपने कथिक परिश्रम, त्याग और लगन के कारण वह साल 2018 में मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने में सफल रहे। कुछ साल मध्यप्रदेश के लिए खेलने के बाद उन्होंने रेलवे की टीम का दामन थाम लिया। इस बीच घरेलू क्रिकेट में रेलवे की ओर से खेलते हुए आशुतोष ने अपने बल्ले का जौहर दिखाना जारी रखा। लेकिन पहली बात वो सुर्ख़ियों में तब आये जब उन्होंने साल 2023 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ा। बड़ी बात यह कि यह भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक था। यह वह शतक था, जिसने युवराज सिंह के 12 गेंदों के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया। उनकी इसी पारी ने आईपीएल स्काउट्स का ध्यान खींचा। इस बीच साल 2024 के ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने उन्हें 20 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। डेब्यू मैच में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 31 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर यह जता दिया उनके भीतर बड़ी पारी खेलने का जज्बा है।  30 लाख के बेस प्राइस के साथ जब आईपीएल 2025 (Ashutosh Sharma IPL 2025) के मेगा ऑक्शन में उतरे थे आशुतोष  गौर करने वाली बात यह कि आईपीएल 2024 में शानदार प्रदर्शन करने के बाद आशुतोष 30 लाख के बेस प्राइस के साथ जब आईपीएल 2025 (Ashutosh Sharma IPL 2025) के मेगा ऑक्शन में उतरे। उन्हें खरीदने के लिए दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच जबरदस्त होड़ थी। आखिरकार अंत में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 3.80 करोड़ रुपये में खरीदकर अपने पाले में शामिल कर लिया। बता दें कि आशुतोष आईपीएल के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं, जो किसी भी परिस्थिति में अपनी टीम को जिताने की कूवत रखते हैं। बेशक आईपीए में अपनी धाक जमा चुके आशुतोष की कोशिश अब भारतीय टीम में जगह बनाने की होगी। यदि वो अपने इस शानदार प्रदर्शन को बरकरार रहते हैं, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि आगामी वर्षों में भारतीय टीम को एक नया फिनिशर मिल सकता है। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के तीसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की आंधी के सामने पस्त हुए मुंबई इंडियंस के धुरंधर बात करें दोनों टीमों के प्लेइंग इलेवन की तो दिल्ली कैपिटल्स की प्लेइंग इलेवन: जेक फ्रेजर-मैकगर्क, फाफ डु प्लेसिस, अभिषेक पोरेल (विकेट कीपर), समीर रिजवी, अक्षर पटेल (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, विप्रज निगम, मिचेल स्टार्क, कुलदीप यादव, मोहित शर्मा, मुकेश कुमार। लखनऊ सुपर जायंट्स की प्लेइंग इलेवन: एडेन मार्कराम, मिशेल मार्श, निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), डेविड मिलर, प्रिंस यादव, दिग्वेश राठी, शाहबाज अहमद, शार्दुल ठाकुर, रवि बिश्नोई। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 Ashutosh Sharma IPL 2025 IPL2025 #AshutoshSharma #DelhiCapitals #DCvsLSG #CricketBuzz #T20Blast #IndianPremierLeague #DCWins

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Mystery Behind Saurabh’s Sacrifice Truth or Myth

Mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice: क्या सच में दी गई थी सौरभ की बलि, जानिए क्या कहते हैं देश के ज्योतिषी?

उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए सौरभ राजपूत के निर्मम हत्याकांड ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया है। जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहा है वैसे-वैसे रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। दरअसल 3 मार्च को सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर बेदर्दी से हत्या कर दी थी। और हत्या करने के बाद शव के तीन टुकड़े करने के बाद एक नीले रंग के ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट का घोल मिला दिया था। ताकि शव को ठिकाने लगाया जा सके। गौरतलब हो कि मेरठ के सौरभ सिंह राजपूत ने मुस्कान के साथ प्रेम विवाह किया था और वो वह लंदन की एक बेकरी में नौकरी किया करता था। अधिकतर बाहर रहने की वजह से मुस्कान अपने बचपन के मित्र साहिल के करीब आ गई थी और दोनों के बीच संबंध स्थापित हो गए थे। सौरभ की गैरमौजूदगी में अक्सर वो साहिल के साथ अपने घर में पार्टियां करती और शराब पीती थी। इस दौरान मकान मालिक ने जब सौरभ को मुस्कान की करतूतों के बारे में अवगत कराया तो सौरभ ने अपना रिश्ता बचाने के लिए पहले टी मुस्कान को समझाने की कोशिश की। लेकिन बात नहीं बनने पर उसने तलाक देने की भी सोची लेकिन फिर चार साल की बेटी का चेहरा देख उसने तलाक देने का विचार मन से त्याग दिया। और फिर 2 साल के लिए लंदन चला गया। सौरभ के लंदन जाते ही मुस्कान के पर निकल आये। और वो बड़े आराम से अपने प्रेमी के मजे करने लगी। खैर, इस बीच लंदन से वो अपनी बेटी पीहू का बर्थडे मनाने मेरठ आया था। इस दौरान मौका पाकर तीन मार्च को मुस्कान और साहिल ने सौरभ की बेरहमी से हत्या (mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice) कर दी और गुलछर्रे उड़ाने प्रेमी संग मनाली चल दी।  पेंटिंग कोई साधारण कलाकृति नहीं, बल्कि तंत्र क्रिया (mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice) का हिस्सा है खैर, इस बीच हत्या का मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की जांच में आरोपी साहिल के कमरे में एक रहस्यमयी पेंटिंग मिली। हैरत यह कि पेंटिंग को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब इस पेंटिंग को लेकर प्रसिद्ध ज्योतिषी अंकित चौधरी ने बड़ा दावा किया है। ज्योतिषी अंकित चौधरी के मुताबिक यह पेंटिंग कोई साधारण कलाकृति नहीं, बल्कि तंत्र क्रिया (mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice) का हिस्सा है। यह तांत्रिक प्रक्रिया विशेष रूप से नाम, शोहरत और पैसा कमाने के लिए की जाती है। कहते हैं इस तरह की तांत्रिक क्रिया नेपाल या बंगाल में की जाती है। इस तंत्र क्रिया में पांच मुंड यानी सिरों की बलि दी जाती है। इसे पंचमुंड तंत्र साधना भी कहा जाता है। अंकित चौधरी के मुताबिक पंचमुंड तंत्र साधना अधिकतर उन लोगों की ओर से की जाती है, जो तेजी से नाम और धन पाने की इच्छा रखते हैं। न सिर्फ धन कमाने बल्कि शॉर्ट कट के जरिए कामयाबी हासिल करना चाहते हैं। बड़ी बात यह कि इस तरह की साधना में विशेष मंत्रों का जाप करते हुए बलि दी जाती है  और उससे भी बड़ी बात यह कि यह पूरा अनुष्ठान गहरे नशे की अवस्था में ही किया जाता है। इस तंत्र क्रिया के दौरान साधक को शराब या किसी नशीले पदार्थ का सेवन कराया जाता है, ताकि उसका मन नियंत्रित किया जा सके और उसे भय का अनुभव न हो। गौर करने वाली बात यह कि सौरभ की हत्या भी ठीक इसी तरह हुई। हत्या से पहले सौरभ को शराब पिलाई गई थी।  इसे भी पढ़ें:- Wife Slept with Lover After Beheading Husband: पति सौरभ का कटा सिर बैग में रखकर प्रेमी संग सोई पत्नी मुस्कान  पुलिस तंत्र-मंत्र के एंगल से भी कर रही है जांच  बता दें कि हत्या के बाद जब पुलिस साहिल के कमरे में पहुंची तब उसे वहां एक पेंटिंग भी मिली, जिसमें सिर और आंखें प्रतीकात्मक रूप से दर्शाए गई थी। ज्योतिषी अंकित चौधरी की माने तो, पांच मुंडों की उपस्थिति इस साधना में बेहद आवश्यक मानी जाती है। इन मुंडों को विशेष रूप से मंत्रों से अभिमंत्रित किया जाता है और फिर पेंटिंग, चित्र या विशेष प्रतीकों के रूप में कमरे या पूजा स्थलों में स्थापित किया जाता है। हालांकि ज्योतिषी अंकित चौधरी के इस दावे से ऐसे भी कयास लगाए जा रहे है कि क्या सौरभ की बलि (mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice) दी गई? हालांकि पुलिस भी इस एंगल पर जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या सच में साहिल के कमरे में तांत्रिक क्रियाओं को अंजाम दिया गया था भी या नहीं? क्या सच में सौरभ का मर्डर किसी तंत्र क्रिया का हिस्सा था? या किसी साधना को सिद्ध करने हेतु सौरभ की बलि दी गई? Latest News in Hindi Today Hindi news mystery behind Saurabh’s alleged sacrifice #SaurabhSacrifice #MysteryUnveiled #AstrologersSpeak #TruthOrMyth #HinduRituals #AstrologyInsights #ShockingRevelation #IndianMyths #SacrificialRitual #SpiritualDebate

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Man Marries Twice in a Day Love & Family Drama Unfold

Man Marries Twice in One Day: सुबह प्रेमिका से कोर्ट मैरिज करने के बाद शाम को रचाई घर वालों की मर्जी से शादी

हिंदू धर्म में शादी को सात जन्मों का बंधन माना जाता है। दुनिया में ऐसी भी लोग हैं जिनकी एक भी शादी नहीं हो पाती और कई लोग ऐसे भी हैं जो एक से अधिक  शादियां कर लेते हैं। कई लोग तो इतने शातिर होते हैं जो एक शादी होने के बाद भी उनका मन नहीं भरता और वो दूसरी शादी के ताक में रहते हैं। तो वहीं ेज शादी में इस कदर परेशान हैं कि क्या कहने। खैर, कुछ इसी तरह का एक मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से प्रकाश में आया है, जहाँ एक शख्स ने एक ही दिन में एक नहीं बल्कि दो-दो शादियां (Man Marries Twice in One Day) रचा डाली। हैरत की बात यह कि दिन के उजाले में उसने प्रेमिका से कोर्ट मैरिज की और रात के अँधेरे में घरवालों द्वारा तय किये रिश्ते से बाकायदा धूमधाम से बारात ले जाकर सात फेरे लेकर शादी रचाई। दरअसल, मामला गोरखपुर के हरपुर बुदहट इलाके का है। यहां की निवासी युवती का गांव के पास के ही बिरादरी के एक युवक से प्रेम-प्रसंग था। जानकारी के मुताबिक दोनों पिछले तकरीबन 4-5 वर्षों से एक दूसरे के साथ थे। प्रेमिका की माने तो वे मंदिर में सात फेरे भी ले चुके थे। यही यही नहीं, उसका यह भी आरोप है कि रिश्ते में रहने के दौरान 2 बार गर्भपात भी कराया।  कोर्ट मैरेज करने के बाद बाकायदा बरात ले जाकर धूमधाम से की किसी और से शादी (Man Marries Twice in One Day)  इसी बीच लड़के के घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। शादी की बात जब प्रेमिका को पता चली तो वो मामले को टालने लगा। न सिर्फ टालने लगा बल्कि लड़की जो झूठा आश्वासन भी देने लगा। अपने प्रेमिका को मनाने के लिए उसने घरवालों का दबाव होने की बात कही। देखते ही देखते शादी की तारीख भी तय हो गई। इस बीच युवक झांसा देता रहा। उसने कोर्ट मैरिज का दांव खेलते हुए कहा कि “परिजन जानकारी होने पर रिश्ते को मंजूर कर लेंगे।” उसने यह भी कहा कि “शादी से पहले ही कोर्ट मैरेज कर लेते हैं और इसकी जानकारी घरवालों को देने पर वे हम लोगों के रिश्ते को मानने पर मजबूर हो जाएंगे।” कमाल की बात यह कि कोर्ट मैरेज की तारीख भी वही तय हुई, जिस दिन घरवालों ने उसकी शादी निश्चित की थी। युवक ने अपनी शादी वाले दिन सुबह कोर्ट खुलते ही सबसे पहले प्रेमिका के संग जाकर कोर्ट मैरेज की। और कोर्ट मैरेज करने के बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए। इस दरम्यान युवक ने लड़की से कहा कि “वो घरवालों को समझा लेगा।” लड़की को विश्वास में लेने के बाद वो शाम को बारात लेकर चला गया दूसरी शादी रचाने निकल पड़ा। कमाल देखिये बरात ले जाकर उसने धूमधाम से शादी भी (Man Marries Twice in One Day) कर ली। फिर क्या था, शादी करने के बाद उसने उसी दिन से प्रेमिका से बात ही करना बंद कर दी। इसे भी पढ़ें:- Wife Slept with Lover After Beheading Husband: पति सौरभ का कटा सिर बैग में रखकर प्रेमी संग सोई पत्नी मुस्कान बेटे से पूछताछ करने के बजाय उल्टा घरवाले लड़की के ही चरित्र पर लांछन लगाते हुए उसे घर से भगा (Man Marries Twice in One Day) दिया प्रेमी द्वारा इस तरह नजरअंदाज करने से प्रेमिका को शक हुआ और उसने इसके पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की। इस बीच जब उसे यह पता चला कि युवक ने दूसरी शादी कर ली है, तो वह उसके घर जा धमकी। और घर जाकर उसने उनके बेटे की करतूतों को उजागर किया। लड़की की बात सुनने के बाद बेटे से पूछताछ करने के बजाय उल्टा घरवाले लड़की के ही चरित्र पर लांछन लगाते हुए उसे घर से भगा (Man Marries Twice in One Day) दिया। अब यह मामला पुलिस में चला गया है। लड़की की शिकायत पर एसपी नार्थ ने इलाका पुलिस से जांच करने के निर्देश दिया। मामला लाइमलाइट में आने के बाद अब पुलिस ने सच्चाई पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। Latest News in Hindi Today Hindi news Man Marries Twice in One Day #ManMarriesTwice #CourtMarriage #LoveVsFamily #DoubleWedding #ViralNews #BizarreMarriage #IndianWedding #MarriageDrama #WeddingTwist #UnusualLoveStory

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Bihar Liquor Ban Exposed Former Minister Raises Questions

Political expose Bihar: पूर्व मंत्री ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, कहा शराबबंदी के बावजूद बिहार पुलिस बिकवा रही है शराब

पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने एनडीए की बिहार सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए (political expose Bihar) हैं। दरअसल, भाजपा के वरिष्ठ नेता आरके सिंह ने रविवार को एक बार फिर चौंकाने वाला बयान दिया है। कहने की जरूरत नहीं पूर्व मंत्री के बयान के सामने आने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर शराब बेचवाने का आरोप लगाते हुए बड़ा बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबीक आरके सिंह ने बिहार सरकार और पुलिस पर शराब बेचवाने का आरोप लगाया है। यही नहीं, उन्होंने शराबबंदी कानून हटाने की मांग की और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बड़हरा के सरैया बाजार स्थित भीखम दास मठिया के प्रांगण में आयोजित एक सभा में उन्होंने कहा कि “शराबबंदी कानून को हटा देना चाहिए। इससे नौजवान बर्बाद हो रहे हैं।” इस बीच उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि “थानाध्यक्ष समेत पुलिस ही शराब बेचवा रही है।”  आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर (political expose Bihar) लगाए थे गंभीर आरोप गौरतलब हो कि बीते दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप (political expose Bihar) लगाए थे। बता दें कि आरके सिंह चार दिनों के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे हैं। जहां कि उनके इस बयान के सामने आने के बाद बवाल मच गया है, तो वहीं चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है। यह कोई पहली बात नहीं है जब आरके सिंह ने अपनी ही सरकार पर अंगुली उठाई हो। इससे पहले भी उन्होंने अपनी पार्टी बीजेपी के कुछ नेताओं पर साजिश के तहत उनको हराने का आरोप लगाया था। ऐसे में अब फिर से सरकार और सिस्टम पर सवाल खड़ा कर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है।  इसे भी पढ़ें:- क्या सच में ब्रिटिश नागरिक हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी? आज इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा सुनवाई जितना काम संसदीय क्षेत्र में किया है, उतना किसी सांसद ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं कर (political expose Bihar) पाएगा बता दें कि इस दौरान आरके सिंह जनसभा के दौरान पूरे फॉर्म में दिखे। इस बीच उन्होंने कहा कि “उन्होंने जितना काम संसदीय क्षेत्र में किया है, उतना किसी सांसद ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं कर (political expose Bihar) पाएगा।” आरके सिंह ने आगे कहा कि “उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार को कभी पनपने नहीं दिया। कारण यही जो इतना काम हो पाया। इस दरम्यान लोगों की समस्या सुनने के क्रम में सभा मंच से ही आरके सिंह ने मोबाइल पर एक अभियंता को हड़काते हुए कहा कि “सुनने में आ रहा है कि आप कुछ विधायकों के कहने पर टेंडर मैनेज कर रहे हैं। तो सुन लीजिए, हम जेल भेज देंगे।” यही नहीं, इस दौरान पूर्व मंत्री ने सरैया में महिला कॉलेज खोलने के लिए शिक्षा मंत्री से बात कर पहल करने को कहा।” इसके अलावा वर्तमान सांसद की कार्यशैली की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि “विकास कार्यों से अलग हो उन्हें जिताने में शामिल जनप्रतिनिधियों को पानी में डूब मरना चाहिए।”  Latest News in Hindi Today Hindi news  political expose Bihar #BiharPolitics #LiquorBan #BiharPolice #PoliticalExposé #BiharNews #Corruption #IllegalLiquor #FormerMinister #StateScandal #IndianPolitics

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Rahul Gandhi court case

Rahul Gandhi Citizenship Case: क्या सच में ब्रिटिश नागरिक हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी? आज इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा सुनवाई

24 मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता (Rahul Gandhi Citizenship Case) के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने वाली है। दायर याचिका में राहुल गांधी के पास दोहरी नागरिकता होने का आरोप लगाया गया है। जिस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख पेश करने की अपेक्षा की है। गौरतलब हो कि इस मामले में कोर्ट ने केंद्र को 19 दिसंबर को निर्देश दिया था कि वह अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा 24 मार्च तक पेश करें। दरअसल, मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने यह आदेश कर्नाटक के सामाजिक कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर की याचिका पर दिया था। बता दें कि आज क्रेंद इस मामले पर जवाब दाखिल करने वाला है। ऐसे में यदि राहुल गांधी दो पासपोर्ट मामले में दोषी पाए जाते, हैं तो उनके खिलाफ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 9 (2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिर उनके खिलाफ नागरिकता छिपाने और गलत जानकारी देने का केस दर्ज किया जाएगा। गौर करने वाली बात यह कि नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने पर किसी व्यक्ति को 5 साल की सजा हो सकती है। 50,000 रुपये का जुर्माना या सजा दोनों लगाया जा सकता है। इसके साथ ही भारतीय नागरिकता भी खारिज की जा सकती है। वकील एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर (Rahul Gandhi Citizenship Case की थी याचिका  बता दें कि 1 जुलाई 2024 को कर्नाटक के बीजेपी के सदस्य और वकील एस विग्नेश शिशिर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर (Rahul Gandhi Citizenship Case) की थी। दायर इस याचिका में राहुल गांधी पर ब्रिटिश नागरिकता के आरोप लगाए गए थे। यही नहीं, याचिकाकर्ता ने ब्रिटिश सरकार के 2022 के गोपनीय मेल का भी हवाला भी दिया था। इसके अलावा विग्नेश ने भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 9 (2) के तहत राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की थी। शिशिर ने दलील देते हुए कहा था कि राहुल गांधी की संसद की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। उनकी इस दलील के पीछे की वजह यह ये कि भारतीय नागरिकता रखने वाला व्यक्ति ही लोकसभा चुनाव लड़ सकता है। इसे भी पढ़ें:- कठुआ में 5 आतंकियों को सुरक्षा बलों ने घेरा, एनकाउंटर जारी, गोली लगने से एक बच्ची घायल  कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले (Rahul Gandhi Citizenship Case) में की गई थी सीबीआई जांच की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता मामले (Rahul Gandhi Citizenship Case) की भी सीबीआई जांच की मांग की थी। दरअसल, याचिका इस दावे के आधार पर दायर की गई थी कि राहुल गांधी भारत के नागरिक हैं या ब्रिटेन के नागरिक हैं? यदि वो ब्रिटिश नागरिक हैं तो वह संविधान के अनुच्छेद 84 (ए) के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य हैं। 2023 जुलाई में कोर्ट ने राहुल गांधी के सांसद के रूप में चुनाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को याचिकाकर्ता द्वारा वापस लेने के बाद खारिज कर दिया था। यही नहीं, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में इसी तरह की याचिका दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि “वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच में दायर याचिकाओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही मामले की सुनवाई करेगी।” Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Citizenship Case #RahulGandhi #RahulGandhiCitizenship #Congress #BritishCitizenship #IndianPolitics #AllahabadHighCourt #RahulCase #PoliticalNews #IndiaNews #BreakingNews

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CSK Crushes MI in IPL 2025

IPL 2025 CSK victory: आईपीएल के तीसरे मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की आंधी के सामने पस्त हुए मुंबई इंडियंस के धुरंधर

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आईपीएल के 18वें सीजन का तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस की टीम के बीच में खेला गया। सीएसके की टीम ने अपने पहले ही मुकाबले में मुंबई इंडियंस की टीम को 4 विकेट से मात देकर (IPL 2025 CSK victory) सीजन का आगाज किया। इस मैच में मुंबई इंडियंस की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर्स में 9 विकेट के नुकसान पर 155 रन ही बना सकी। इस चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को इस मुकाबले में 156 रनों का टारगेट मिला। जवाब में सीएसके की टीम ने 19.1 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। सीएसके की तरफ से रचिन रवींद्र ने न सिर्फ नाबाद 65 रनों की पारी खेली बल्कि इस मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका भी निभाई। इसी के साथ मुंबई की टीम को एक और बार सीजन के अपने पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि अब 28 मार्च को सीएसके को अपना अगला मुकाबला आरसीबी की टीम के खिलाफ खेलना है। मुंबई इंडियंस की टीम को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शर्मनाक हार का (IPL 2025 CSK victory) करना पड़ा सामना  गौर करने वाली बात यह कि मुंबई इंडियंस की टीम को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शर्मनाक हार का सामना (IPL 2025 CSK victory) करना पड़ा। बड़ी बात यह कि इस मैच में मुंबई की टीम के बड़े-बड़े सितारे पूरी तरह फ्लॉप रहे। फ्लॉप होने वाले खिलाड़ियों में रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों के नाम भी शामिल हैं। बता दें कि रोहित इस मुकाबले में खाता तक नहीं खोल पाए और उन्हें चौथी ही गेंद पर खलील अहमद ने बिना खाता खोले आउट कर दिया। रोहित के कारण मुंबई को अच्छी शुरुआत नहीं मिल पाई। रोहित ने जो किया वो किया रही सही कसर सूर्यकुमार यादव ने पूरी कर दी। अपनी विस्फोटक बल्लेजबाजी के लिए जाने जाने वाले सूर्यकुमार ने 26 गेंदों पर सिर्फ 29 रन ही बना सके। सूर्या के बल्ले से सिर्फ 2 चौके और 1 छक्का ही लग सका। इस बीच मुंबई इंडियंस को रयान रिकेल्टन से भी काफी उम्मीदें थी। लेकिन रिकेल्टन मुंबई के लिए अपने पहले ही मुकाबले में फेल रहे। रिकेल्टन ने अपनी पारी में सिर्फ 7 गेंदों पर 13 रन बनाए।  इसे भी पढ़ें:- BCCI ने कप्तानों को दी बड़ी राहत इस तरह के खराब प्रदर्शन की नहीं थी उम्मीद (IPL 2025 CSK victory)  मुंबई इंडियंस की हार में एक बड़ा रोल तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट का भी रहा। इस मैच में बोल्ट को विकेट तो मिला ही नहीं बल्कि उन्हें 3 ओवर में 9 की रन रेट से 27 रन भी पड़ गए। बोल्ट जसप्रीत बुमराह के बिना एकदम कारगर साबित नहीं हो पाए। मुंबई इंडियंस के स्टार ऑलराउंडर मिचेल सैंटनर का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ना तो इस मैच में सैंटनर की बॉलिंग चली और ना ही उनकी बैटिंग। इस मैच में उनके बल्ले से 13 गेंद पर सिर्फ 11 रन ही बन सके। बेशक चेन्नई की टर्निंग विकेट पर सैंटनर से इतने खराब प्रदर्शन की उम्मीद (IPL 2025 CSK victory) नहीं थी। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 CSK victory #IPL2025 #CSKvsMI #ChennaiSuperKings #MSDhoni #IPL2025Final #CSKWin #MIvsCSK #CSKChampions #YellowArmy #CSKVictory

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Trump's 2025 Ukraine Strategy Impact on Zelensky's Leadership​

Trump Ukraine plan 2025: क्या जेलेंस्की को सत्ता से बेदखल कर देंगे अमेरकी राष्टपति ट्रंप? ये है पूरा प्लान

पीछले तीन वर्षों से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल के चलते थमने जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि यदि दोनों देशों के बीच युद्ध विराम होता है तो यूक्रेन का क्या होगा? और इससे भी बड़ा सवाल यह कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का क्या होगा (Trump Ukraine plan 2025) ? ये वो सवाल हैं जो हर किसी के मन में कौंध रहे हैं। इस बीच ट्रंप ने न सिर्फ युद्धविराम का रोडमैप तैयार कर लिया है, बल्कि जेलेंस्की और यूक्रेन के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला कर लिया है। ट्रंप के यूक्रेन प्लान को लेकर नया और बड़ा खुलासा हुआ है। ट्रंप और उनकी टीम ने जेलेंस्की का तख्तापलट करने की तैयारी कर ली है। जेलेंस्की के बाद यूक्रेन की कमान कौन संभालेगा, ये भी तय हो गया है। जानकारी के मुताबिक यूक्रेन को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और जेलेंस्की ने एक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। लेकिन उससे भी बड़ी बात यह कि उनका ये ब्लूप्रिंट लीक हो गया है। लीक हुए ब्लूप्रिंट से पता चला है कि ट्रंप किसी यूक्रेनी महिला को यूक्रेन का राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। दरअसल, ट्रंप का यह कदम युद्धविराम के बाद होने वाले चुनावों के साथ जुड़ा हुआ है।  यूक्रेन की पूर्व प्रधानमंत्री को ट्रंप सौंपना चाहते हैं यूक्रेन की कमान (Trump Ukraine plan 2025) सोचने वाली गंभीर बात यह कि आखिर वो महिला कौन है जिसे ट्रंप यूक्रेन की कमान सौंपना चाहते हैं (Trump Ukraine plan 2025)? तो वो कोई और नहीं, बल्कि यूक्रेन की पूर्व प्रधानमंत्री यूलिया तिमोशेंको हैं जिन्हें जेलेंस्की की जगह ट्रंप यूक्रेन का राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। ये वही यूलिया हैं, जो रूस के आक्रमण के बाद से ही राजनीति से नदारद थीं, लेकिन अब तीन साल बाद अचानक बेहद सक्रिय हो गई हैं। खासकर तब, जब युद्ध खत्म होने के करीब है। न सिर्फ वो राजनीति में सक्रिय हुई हैं बल्कि ट्रंप के साथ मिलकर काम भी कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक जेलेंस्की को हटाकर ट्रंप यूलिया तिमोशेंको को यूक्रेन का अगला राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं। मजे की बात यह कि जब ट्रंप ने युद्धविराम के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। गौर करने वाली बात यह कि इन दिनों यूलिया कीव की राजनीति में अचानक काफी सक्रिय हो गई हैं। वो एक तरफ शांति समझौता करवाने में जुटे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफों के पुल बाँध रही हैं हैं तो दूसरी तरफ जेलेंस्की की नीतियों का खुलकर विरोध भी कर रही हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि ट्रंप युद्धविराम के तुरंत बाद यूक्रेन में चुनाव करवाएंगे। दरअसल, ट्रंप यूलिया को ही यूक्रेन का अगला राष्ट्रपति बनाना चाहते हैं।  इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर जेलेंस्की का तख्तापलट करने के लिए आधार तैयार कर रही (Trump Ukraine plan 2025) हैं यूलिया  इस बीच यूलिया बैकडोर चैनल से लगातार ट्रंप के संपर्क में हैं। वो जेलेंस्की का तख्तापलट करने के लिए आधार तैयार कर रही (Trump Ukraine plan 2025) हैं। इस हेतु वो यूक्रेन में अधिक से अधिक लोगों का समर्थन जुटा रही हैं। तो वहीं ट्रंप जेलेंस्की पर चुनाव के लिए लगातार दबाव डाल रहे हैं। इस बीच अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बड़ा दावा किया है। विटकॉफ के मुताबिक “जेलेंस्की ट्रंप के सामने झुक गए हैं।” खबर के मुताबिक कीव राष्ट्रपति चुनाव करवाने के लिए तैयार हो गया है। इधर युद्ध खत्म होगा और उधर यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव का बिगुल बज जाएगा। इसके बाद जेलेंस्की की विदाई हो सकती है। बेशक यूक्रेन में चुनाव का सीधा सा मतलब है कि जेलेंस्की और उनकी सरकार का पतन। कहने की जरूरत नहीं, यूलिया एक तरह से यूक्रेन में ट्रंप की कठपुतली राष्ट्रपति होंगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Ukraine plan 2025 #TrumpUkrainePlan​ #ZelenskyRemoval​ #USUkrainePolicy​ #TrumpPeaceStrategy​ #UkraineCeasefire2025​ #TrumpPutinTalks​ #ZelenskyOuster​

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Pakistan occupied Balochistan

पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन

बलूचिस्तान (Balochistan) क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा राज्य है और यह आकार के मामले में जर्मनी के बराबर है, लेकिन आबादी के मामले में यह राज्य विरान है। यहां की आबादी मात्र डेढ़ करोड़ है, जो जर्मनी से सात करोड़ कम है। लेकिन इस राज्य की जो सबसे बड़ी खूबी है, वह है कि यह राज्य प्राकृतिक संसाधनों से भरा पूरा है। यहां की खदानों में सोना, तांबा और तेल जैसे कई चीजें मौजूद हैं। पाकिस्तान (Pakistan) इन्हीं संसाधनों का इस्तेमाल कर देश की जरूरतों को पूरा कर रहा है। लेकिन इतना सबकुछ होते हुए बलूचिस्तान (Balochistan) सबसे पिछड़ा राज्य है। यहां के 70 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मामलों में यह राज्य न केवल पाकिस्तान (Pakistan) बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में सबसे पीछे हैं। इसी गरीबी और पिछड़ेपन के कारण ही बलूचिस्तान में पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ नफरत बढ़ती जा रही है। बलूच लोग अपने हक की मांग को लेकर विद्रोह कर रहे और आए दिन पाकिस्तानी सेना पर हमले कर रहे हैं।  कैसे और शुरू हुआ बलूचिस्तान में विद्रोह भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद से ही बलूचिस्तान (Balochistan) का इतिहास विद्रोह भरा रहा है। बंटवारे के समय चार अगस्त 1947 को दिल्ली में एक बैठक हुई थी। इसमें कलात के शासक मीर अहमद खान, जवाहर लाल नेहरू और जिन्ना के साथ ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन भी शामिल हुए थे। इस बैठक में फैसला लिया गया था कि कलात, लास बेला, खरान और मकरान को मिलाकर एक आजाद बलूचिस्तान बनाया जाएगा और 11 अगस्त को बलूचिस्तान को अलग देश घोषित कर दिया गया। बलूचिस्तान को आजाद घोषित करने के करीब एक माह बाद 12 सितंबर को इंग्लैंड ने एक प्रस्ताव पारित किया। जिसमें कहा गया कि बलूचिस्तान आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से अलग देश बनने की हालत में नहीं है।  पाकिस्तान ने 1948 में बलूचिस्तान पर हमला कर जबरदस्ती कब्जा कर लिया जिसके बाद जिन्ना ने अहमद खान से बलूचिस्तान का पाकिस्तान में विलय करने को कहा। लेकिन कलात के शासक ने यह बात नहीं मानी। जिसके बाद पाकिस्तान ने 1948 में बलूचिस्तान पर हमला कर जबरदस्ती कब्जा कर लिया। लेकिन बलूचों ने हार नहीं मानी और पाकिस्तान के खिलाफ बगावत शुरू हो गई। यह संघर्ष तभी से जारी है। बलूचों का कहना है कि यहां के प्राकृतिक संसाधनों पर उनका हक है, लेकिन पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर अवैध कब्जा कर रखा है और वो इस कब्जे को हटाने के लिए लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में अब तक हजारों बलूच मारे जा चुके हैं और हजारों गायब हो चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी बलूच हार मानने को तैयार नहीं और पाकिस्तानी सेना पर लगातार जवाबी हमले कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने बनाया छठी पीढ़ी का सबसे एडवांस फाइटर जेट, खूबियां सुन कांप जाएगा चीन! ट्रंप ने उठाया राज से पर्दा  औरंगजेब को भी बलूचों के सामने होना पड़ा था नतमस्तक  भारतीय राजा शेरशाह सूरी ने मुगल शासक हुमायूं को युद्ध में हरा दिया था, जिसके बाद उसने भागकर ईरान में शरण ली थी। साल 1545 में जब शेरशाह सूरी की मौत हुई तो हुमायूं फिर भारत लौट आया और बलूचों की मदद से ही साल 1555 में उसने दिल्ली पर कब्जा किया था। साल 1659 में जब औरंगजेब मुगल बादशाह बना तो बलूच सरदारों ने उसके खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया और साल 1666 में बलूचों ने औरंगजेब की सेना को हराकर कलात और क्वेटा पर कब्जा कर दिया। इन इलाकों को औरंगजेब दोबारा कभी नहीं जीत पाया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Balochistan #BalochFreedom #PakistanOccupiedBalochistan #Balochistan #BalochRights #FreeBalochistan #BalochHistory #AurangzebRule #PakistanCrackdown #BalochStruggle #HumanRights

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Pakistan Army Chief's Alleged Coup Plot with Baloch Insurgents​

पाकिस्तान में बलूचों को मोहरा बनाकर तख्तापलट (Military takeover Pakistan) करने की फिराक में हैं आर्मी चीफ? 

ऐसे में बड़ा सवाल यह की आखिर पाकिस्तान की आवाम को मुनीर क्या संदेश देना चाहते हैं? कुल-मिलाकर उनके कहने का मतलब यही न कि शहबाज से न सिर्फ देश संभल रहा है बल्कि उग्रवाद और आतंरिक आतंकवाद से लड़ने में उनकी सरकार सक्षम नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उनके मुताबिक सेना ही जो पाकिस्तान ताकतवर बना सकती है। जानकारों की माने तो बलूचों को मोहरा बनाकर आर्मी चीफ पाकिस्तान में तख्तापलट (Military takeover Pakistan) करने की फिराक में हैं। बता दें कि भारत की ही तरह पाकिस्तान में भी लोकतंत्र का शासन है। बेशक लोकतंत्र में सरकार अपना काम करती है। देश में आर्मी का काम है देश की सुरक्षा करना। लेकिन मजे की बात यह कि अपने काम को बेहतर तरीके से करने के बजाय मुनीर उल्टा सरकार को ही नसीहत देने लगे हैं। जाहिर  तौरपर ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वह मुनीर वही चाल चलने की साजिश कर रहे हैं जो कभी दशकों पहले परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ के साथ चली थी। ऐसे में पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी सत्ता जाने का डर सता रहा है। दरअसल, जिस तरह मुनीर बलोचों से जंग और पाक में हो रहे हमलों का ठीकरा शहबाज शरीफ पर फोड़ रहे हैं, ठीक उसी तरह आज से तकरीबन 25 साल पहले जनरल परवेज मुशर्रफ ने भी कारगिल की हार का ठीकरा नवाज शरीफ फर फोड़ा था।  इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग जनरल परवेज मुशर्रफ ने सैन्य तख्तापलट के जरिए नवाज शरीफ को कर दिया था सत्ता से बेदखल  बता दें कि पकिस्तान के जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ को 12 अक्टूबर 1999 को एक सैन्य तख्तापलट के जरिए सत्ता से बेदखल कर दिया था। उस समय मुशर्रफ पाकिस्तान के सेना प्रमुख थे। गौर करने वाली बात यह कि यह तख्तापलट (Military takeover Pakistan) कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की हार के बाद यह हुआ था। जबकि कारगिल युद्ध के मास्टरमाइंड और रणनीतिकार खुद परवेज मुशर्रफ थे। उन्होंने ही कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। और उन्हीं के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना और एलओसी पार कर कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ की थी। खैर, बता दें कि पाकिस्तान वर्तमान समय में बड़े संकट से गुजर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में बम धमाके हो रहे हैं, तो कहीं अज्ञात हमलावर खौफ फैला रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तानी सेना हालात पर काबू पाने में नाकाम नजर आ रही है। आम जनता भुखमरी की मार झेल रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Military takeover Pakistan #PakistanArmyChief​ #BalochistanConflict​ #MilitaryCoupPakistan​ #AsimMunir​ #BalochLiberationArmy​ #PakistanPoliticalCrisis​

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