आगरा / नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक नगरी आगरा 19 जून को एक और वैश्विक इतिहास रचने के लिए तैयार है। भारत की रणनीतिक पहल और मेजबानी के तहत ताजनगरी में पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम (First BRICS MSME Forum) का आयोजन होने जा रहा है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम पर पूरे भारतीय उद्योग जगत (Indian Industry) की नजरें टिकी हुई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के साथ-साथ हाल ही में जुड़े नए सदस्य देशों के छोटे उद्योगों के लिए यह मंच एक गेम-चेंजर साबित होगा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य: वैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस एक-दिवसीय फोरम का मुख्य फोकस ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करना और छोटे व्यवसायों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। भारतीय उद्योग जगत इस आयोजन को निम्नलिखित 3 बड़े फायदों के रूप में देख रहा है:
- ग्लोबल मार्केट तक पहुंच: भारतीय हस्तशिल्प, चमड़ा उद्योग (जो आगरा की पहचान है), और तकनीकी स्टार्टअप्स को ब्रिक्स देशों के विशाल बाजार में सीधे कदम रखने का मौका मिलेगा।
- तकनीक का आदान-प्रदान: उत्पादन क्षमता बढ़ाने और लागत कम करने के लिए उन्नत तकनीकों (जैसे AI और ऑटोमेशन) के साझा इस्तेमाल पर सहमति बनने की उम्मीद है।
- आसान व्यापार नीतियां: सीमा पार व्यापार (Cross-border Trade) को सुगम बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स और कस्टम नियमों को सरल करने पर चर्चा होगी।
आगरा का चयन क्यों है बेहद खास?
आगरा न केवल पर्यटन का केंद्र है, बल्कि यह देश के सबसे बड़े एमएसएमई क्लस्टर्स (MSME Clusters) में से एक है। यहाँ का जूता उद्योग (Leather Goods), पेठा उद्योग और हस्तशिल्प (Handicraft) हजारों छोटे व्यवसायों को जीवन देता है।
उद्योगपतियों का नजरिया: आगरा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस वैश्विक मंच के आगरा में सजने से स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (Global Buyers) से सीधे जुड़ने की अनूठी अपॉर्चुनिटी मिलेगी।
‘ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी’ में MSME की भूमिका
वर्तमान आर्थिक परिदृश्य और वैश्विक सप्लाई चेन में आ रहे बदलावों के बीच, ब्रिक्स देश दुनिया की कुल आबादी का 40% से अधिक और वैश्विक जीडीपी का करीब एक-तिहाई हिस्सा संभालते हैं। भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस फोरम के जरिए भारत यह संदेश देना चाहता है कि आर्थिक मंदी से निपटने के लिए बड़े कॉर्पोरेट्स के साथ-साथ जमीनी स्तर के लघु उद्योगों (MSMEs) को वित्तीय और ढांचागत सहायता देना सबसे जरूरी है।
कार्यक्रम में ब्रिक्स देशों के सरकारी प्रतिनिधियों के अलावा, फिक्की (FICCI), सीआईआई (CII) और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के शीर्ष पदाधिकारी हिस्सा लेंगे।
Source: The Economic Times
Original report: The Economic Times – India to host first BRICS MSME Forum in Agra to boost small businesses
Publication: jairashtranews






