नई दिल्ली, 26 जून। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच लंबे समय से चर्चा में रहा मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) 15 जुलाई से लागू होने जा रहा है। दोनों देशों की सरकारों ने आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली हैं। इस समझौते के लागू होने के बाद व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दोनों देशों के व्यापारिक संबंध होंगे मजबूत
भारत और यूके के बीच यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इसके लागू होने से द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और दोनों देशों के कारोबारियों को नए अवसर प्राप्त होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।
भारतीय निर्यातकों को मिलेगा फायदा
व्यापार समझौते के लागू होने के बाद भारतीय वस्त्र, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि उत्पाद, रत्न एवं आभूषण और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। शुल्क में कमी आने से भारतीय उत्पाद ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
निवेश के नए अवसर खुलेंगे
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को भी बढ़ावा मिलेगा। ब्रिटेन की कंपनियों के लिए भारत में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे, वहीं भारतीय कंपनियों को भी यूके के बाजार में विस्तार का बेहतर मौका मिलेगा।
रोजगार और उद्योगों पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार मुक्त व्यापार समझौते से विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और निर्यात आधारित उद्योगों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने बताया ऐतिहासिक कदम
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का मानना है कि यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार का कहना है कि इससे भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और देश की आर्थिक वृद्धि को भी मजबूती मिलेगी।
उद्योग जगत ने किया स्वागत
देश के प्रमुख उद्योग संगठनों और निर्यातकों ने इस समझौते का स्वागत किया है। उनका कहना है कि व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरल होने से कारोबार में तेजी आएगी और भारत की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भूमिका और मजबूत होगी।
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि 15 जुलाई से समझौते के लागू होने के बाद आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। इससे भारत और यूके के आर्थिक संबंध एक नए दौर में प्रवेश करेंगे।
स्रोत:
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार तथा सार्वजनिक व्यापारिक जानकारी
मूल रिपोर्ट:
भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से संबंधित आधिकारिक जानकारी एवं विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर
जय राष्ट्र न्यूज़






