Pradhan Mantri Mudra Yojana

सरकारी स्कीम से पाएं 20 लाख तक का लोन, कारोबार को दें नई दिशा

आजकल हर व्यक्ति की इच्छा होती है कि वह जीवन में कुछ अच्छा करे। जिससे न केवल उसे व्यक्तिगत संतुष्टि मिले, बल्कि फाइनेंशियल स्टेबिलिटी भी प्राप्त हो। यही कारण है कि आजकल लोग नौकरी की जगह अपने बिजनेस (Business) को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके कारण यह भी हैं कि अपने बिजनेस (Business) में आपको असीमित आय, पूर्ण स्वंत्रता के साथ-साथ संतुष्टि भी मिलती है। अपना कारोबार शुरू करने में सबसे बड़ी समस्या होती है पर्याप्त धन न होना। अगर आप भी अपना बिजनेस (Business) शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए यह जानकारी होना जरूरी है कि सरकार इसके लिए आपको 10 लाख तक का लोन दे सकती है। सरकार की इस योजना का नाम है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana)। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) भारत सरकार की एक मुख्य योजना है, जिसमें छोटे और मध्यम व्यवसायियों को 10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। यह योजना नॉन-एग्रीकल्चर क्षेत्र में उत्पादन, व्यापर और अन्य सर्विसेज के सेक्टर में आय उत्पन्न करने वाले छोटे और मध्यम इंटरप्राइजेज के लिए है जैसे मुर्गीपालन, डेयरी, मधुमक्खी पालन, आदि। इन माइक्रो एवं लघु संस्थाओं में लाखों प्रोप्रिएटरशिप / पार्टनरशिप फर्मेंस शामिल हैं, जो स्माल मैनुफैचरिंग यूनिट्स, सर्विस सेक्टर यूनिट, दुकानदार, फल/सब्जी विक्रेता, ट्रक ऑपरेटर, फ़ूड सर्विस यूनिट्स, मरम्मत की दुकानें, मशीन ऑपरेटर, लघु उद्योग, कारीगर आदि के रूप में काम कर रही हैं। कब शुरू हुई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana)?  प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) को शुरू हुए पूरे दस साल हो चुके हैं। इस योजना को 8 अप्रैल, 2015 लांच किया गया था। इस सरकारी योजना (Government scheme) के तहत दस सालों में 32.61 लाख करोड़ रुपए वैल्यू के 52 करोड़ से अधिक लोन दिए गए हैं। इस सरकारी योजना (Government scheme) को निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए लांच किया गया था:  इस योजना को तीन भागों में बांटा गया है और यह तीन भाग हैं:  इसे भी पढ़ें: सक्सेसफुल बिजनेसमैन एंड साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट Arif R.B. Khan ने डिजिटल सेक्टर में “VAATU Enterprises LLP” की शुरुआत की कौन कर सकता है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लिए अप्लाई? प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के तहत, निम्नलिखित लोग अप्लाए कर सकते हैं: इस बात का ध्यान रखें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (Pradhan Mantri Mudra Yojana) के लिए अप्लाई करने के लिए एप्लिकेंट किसी भी बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीटूशन का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए और उसका क्रेडिट ट्रैक रिकॉर्ड भी सही होना चाहिए। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि इसके लिए अप्लाई करने वाला एप्लिकेंट सभी जरूरी क्राइटेरियाज को पूरा करता हो। इस सरकारी योजना (Government scheme) के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pradhan Mantri Mudra Yojana #Governmentschemebenefits  #Governmentscheme #PradhanMantriMudraYojana

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Arif R.B. Khan

सक्सेसफुल बिजनेसमैन एंड साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट Arif R.B. Khan ने डिजिटल सेक्टर में “VAATU Enterprises LLP” की शुरुआत की

जब बात होती है मल्टी टैलेंटेड, लीडरशिप एब्लिटी और नेशन बिल्डिंग की भावना की, तब अरिफ आर. बी. खान (Arif R.B. Khan) का नाम सम्मान से लिया जाता है। दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले अरिफ ने न सिर्फ साइबर सिक्योरिटी में बल्कि कंस्ट्रक्शन, ट्रेडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और फिल्म निर्माण जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई है। डिजिटल युग के लीडर: VAATU की शुरुआत बदलते डिजिटल दौर में जब हर बिजनेस ऑनलाइन पहचान चाहता है, तब आरिफ VAATU डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी (VAATU Enterprises LLP) की नींव रखी। इसके अंतर्गत ही जयराष्ट्र न्यूज़ (Jai Rashtra News), सुप्रीम न्यूज़ नेटवर्क (Supreme News Network) और बॉलीवुड न्यूज़ रिपोर्टर (Bollywood News Reporter) डिजिटल मिडिया प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत की है। इस एजेंसी का मकसद है – हर बिजनेस को डिजिटल दुनिया में नई ऊंचाइयों तक पहुँचाना। SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, कंटेंट मार्केटिंग, PPC और ईमेल मार्केटिंग जैसे आधुनिक टूल्स के ज़रिए VAATU, ब्रांड्स को उनके संभावित क्लाइंट्स तक पहुंचने में मदद करती है। अरिफ का मानना है कि हर छोटे-बड़े बिजनेस को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना ही आगे का रास्ता है।  साइबर सुरक्षा में भारत का नाम रोशन – Shadow Ops Bharat अरिफ ने Shadow Ops Bharat की शुरुआत कर देश को एक मजबूत साइबर सिक्योरिटी प्रदान करने की राह में अग्रसर हैं। यह संस्था थ्रेट डिटेक्शन, वल्नेरेबिलिटी एनालिसिस, पेनिट्रेशन टेस्टिंग और इंसिडेंट रिस्पॉन्स जैसे तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाएं देती है। आज Shadow Ops Bharat भारत ही नहीं, दुनिया भर में साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। साइबर शिक्षा में भी अग्रणी Shadow Ops Bharat के ज़रिए अरिफ सिर्फ सुरक्षा सेवाएं ही नहीं दे रहे, बल्कि समाज में साइबर जागरूकता भी फैला रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार, वर्कशॉप और छात्रवृत्ति प्रोग्राम के ज़रिए वे आने वाली पीढ़ी को साइबर खतरों से बचाव के तरीके सिखा रहे हैं। बिजनेस लीडरशिप क्वालिटी अरिफ सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेसमैन भी हैं। वह A.S. Trademart Pvt. Ltd. और Vaartul Films Pvt. Ltd. के निदेशक भी हैं। उनका काम सिर्फ सफल बिजनेस तक ही सिमित नहीं है, बल्कि समाज, संस्कृति और युवाओं के भविष्य को लेकर भी गंभीर हैं। अरिफ आर. बी. खान (Arif R.B. Khan) का सपना सिर्फ एक सफल व्यवसायी बनना नहीं है – उनका उद्देश्य है भारत को साइबर-सुरक्षित, डिजिटल रूप से सक्षम और जागरूक राष्ट्र बनाना। उनका जोश, जुनून और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण उन्हें एक सही विज़नरी बनाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ArifRBKhan #VAATU #DigitalMedia #Jairashtranews #Supremenewsnetwork #Bollywoodnewsreporte #Mumbai #Dubai #Delhi  #TheVaatuEnterprisesLLP

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Fuel Price Hike Excise Duty Up ₹2 on Petrol, Diesel

Fuel cost rise India: केंद्रीय उत्पाद शुल्क बढ़ा 2 रुपये प्रति लीटर, क्या सच में महंगा होगा पेट्रोल और डीजल?

एक बार फिर मिडल क्लास पर महंगाई की मार पड़ने वाली है। एक तो ऐसे ही लोग बढ़ती महंगाई से त्रस्त हैं, ऊपर से सरकार की नीतियों और फैसलों ने लोगों की कमर तोड़कर रख दी है। एक बार फिर मोदी सरकार झटका देने के मूड में है। जानकारी के मुताबिक़ केंद्र सरकार ने सोमवार यानी आज पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का ऐलान कर दिया है। यह आदेश कल यानी 8 अप्रैल से लागू होगा। इसका अर्थ अब आपको प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल खरीदने हेतु अधिक पैसे (Fuel cost rise India) चुकाने होंगे। दरअसल, सरकार ने यह फैसला वैश्विक तेल कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और ट्रम्प के टैरिफ के बीच लिया है। जानकारी के लिए बता दें कि इस बाबत सेंट्रल एक्साइज़ के अंडर सेक्रेटरी धीरज शर्मा ने नोटिस भी जारी कर दिया है। खबर के मुताबिक, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालाँकि इस खबर से खुदरा ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह बताया है कि आज उत्पाद शुल्क दरों में की गई वृद्धि के बाद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होगी। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया (Fuel cost rise India) गया है प्राप्त जानकारी के मुताबिक आधिकारिक आदेश के अनुसार, सरकार ने सोमवार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2-2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। आदेश में कहा गया है कि पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया (Fuel cost rise India) गया है। हालांकि आदेश में यह नहीं बताया गया है कि इसका खुदरा कीमतों पर क्या असर होगा। लेकिन उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि खुदरा कीमतों में बदलाव की संभावना नहीं है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के साथ बढ़े हुए उत्पाद शुल्क को समायोजित किए जाने की संभावना है।  इसे भी पढ़ें: WhatsApp का नया अपडेट: वॉयस और वीडियो कॉलिंग का एक्सप्रियंस अब पहले से होगा और बेहतर आज ही शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली और बढे दाम (Fuel cost rise India) आपको बता दें कि आज ही शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। सुबह से ही शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया था। गौर करने वाली बात यह कि यह जून की शुरुआत के बाद से  शेयर बाजार में आई अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 3, 939.68 अंक की भारी गिरावट के साथ 71,425.01 अंक पर, निफ्टी 1,160.8 अंक फिसलकर 21,743.65 अंक पर आ गया था। इसे संजोग कहें  या कुछ और आज ही सरकार ने सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2-2 रुपये प्रति लीटर की (Fuel cost rise India) बढ़ोतरी कर दी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Fuel cost rise India #FuelPriceHikeIndia #PetrolPriceToday #DieselPriceUpdate #ExciseDutyHike #FuelCost2025 #IndiaFuelRates #PetrolDieselPrice #CentralTaxRise #FuelNewsIndia #OilPriceUpdate

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Budget Air Coolers

भारत के 5 बेस्ट किफायती एयर कूलर्स, जो गर्मियों में दे ठंडक का एहसास

गर्मियों में आराम के लिए सबसे अच्छा एयर कूलर (Air Cooler) ढूंढना बहुत ज़रूरी है। एयर कूलर एक लोकप्रिय और किफायती विकल्प है, जो गर्मियों में ठंडक प्रदान करने में मदद करता है। कूलर गर्म हवा को ठंडा करता है और इसके कई फायदे भी हैं जैसे कम एनर्जी की खपत, कम लागत, आसान इंस्टॉलेशन और रखरखाव आदि। कूलर (Cooler) कई आकारों और डिजाइनों में उपलब्ध हैं। आजकल ऐसे कूलर बाजार में मौजूद हैं जो आपको 6000 रुपए से भी कम में भी आपको मिल जाएंगे। आप अपने बजट, पसंद और इच्छानुसार इसमें से चुन सकते हैं। आइए जानें बेस्ट किफायती एयर कूलर्स (Best Affordable Air Coolers) के बारे में विस्तार से। 6000 रुपए से कम में बेस्ट किफायती एयर कूलर्स (Best Affordable Air Coolers) जैसा की आपको पता ही होगा कि एयर कूलर (Air Cooler) गर्मियों में ठंडक प्रदान करने का बेहतरीन विकल्प है। ऐसा माना गया है कि इससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता है। यह कई प्रकारों और आकारों में उपलब्ध है। 6000 रुपए से कम में बेस्ट किफायती एयर कूलर्स (Best Affordable Air Coolers) इस प्रकार हैं:  क्रॉम्पटन जिनी नेयो पर्सनल एयर कूलर (Crompton Ginie Neo Personal Air Cooler) Crompton Ginie Neo Personal Air Cooler हनी कोंब पैड्स के साथ आता है। इसमें स्पीड को कंट्रोल करने का फीचर भी है ,जिससे इसे आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। यह एयर कूलर (Air Cooler) 130W की पावर कंजम्पशन के साथ आता है और यह 80 sq. ft.के एरिया को कूल करने में सक्षम है। इसमें एक बड़ा आइस चैम्बर है और वाटर लेवल इंडिकेटर भी है, जिससे इसके इस्तेमाल से यूजर को अधिकतम आराम और लाभ मिलेगा। इसमें मौजूद मॉस्क्वीटो नेट साफ और फ्रेश हवा देता है और मच्छरों से पानी को बचाता है। इस कूलर (Cooler) कीमत की कीमत लगभग 3,920 रुपए है। भाबरली इजीकूल 35 लीटर (BHABURLY Eazycool 35 LTR) BHABURLY Eazycool 35 LTR एयरकूलर बिना आपके इलेक्ट्रिसिटी बिल्स को बढ़ाए आपको ठंडी हवा प्रदान करेगा। यह पॉवरफुल हवा देता है जिससे यह चिलचलाती गर्मी में बचाव के लिए यह बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल हनीकोंब पैड्स न केवल कूलिंग बढ़ाते हैं, बल्कि हवा को फ्रेश और साफ भी बनाते हैं। इसे कम पावर कंजम्प्शन के लिए बनाया गया है जो एनर्जी को सेव करता है। बेस्ट किफायती एयर कूलर्स (Best Affordable Air Coolers) में यह आपके लिए परफेक्ट हो सकता है। इसकी कीमत केवल 4500 रुपए है। उषा 20 लीटर पर्सनल Air कूलर (Usha 20 L Personal Air Cooler) उषा सालों से घरों में इस्तेमाल होने वाला एक विश्वसनीय ब्रांड है। Usha 20 L Personal Air Cooler एयर कूलर (Air Cooler) 20 लीटर की कपैसिटी का है, जो 140 Sq.Ft.के एरिया को कूलिंग प्रदान करता है। इसको चलाने के लिए 135 W पावर की जरूरत होती है। अमेज़न पर इस एयर कूलर की कीमत केवल 5,800 रुपए है। इस कूलर (Cooler) के साथ आपको एक साल की वारंटी भी मिलती है।  हॉवेल्स कल्ट प्रो 17 L पर्सनल एयर कूलर (Havells Kalt Pro 17 L Personal Air Cooler) बेस्ट किफायती एयर कूलर्स (Best Affordable Air Coolers) में Havells Kalt Pro 17 L Personal Air Cooler का डिजाइन बहुत बेहतरीन है। इसमें 3 साइड बैक्टीरिया शील्ड हनीकोंब पैड्स और ऐरोडायनेमिकली डिजाइन्ड ब्लेड्स हैं। यह एयर कूलर (Air Cooler) ठंडी हवा प्रदान करता है जो छोटे कमरे या पर्सनल स्पेसेस के लिए अच्छा है। यह कूलर (Cooler) आपको लगभग 4100 रुपए में ऑनलाइन मिल जाएगा। इसे भी पढ़ें: WhatsApp का नया अपडेट: वॉयस और वीडियो कॉलिंग का एक्सप्रियंस अब पहले से होगा और बेहतर बजाज फरियो न्यू पर्सनल एयर कूलर 23L (Bajaj Frio New Personal Air Cooler 23L) Bajaj Frio New Personal Air Cooler 23L एयर कूलर पावर कट्स के दौरान भी एरिया को ठंडा रखता है। इसके लिए अधिक बिजली की जरूरत नहीं पड़ती है। इसमें आइस चैम्बर भी है, जो अधिक गर्मी के दिनों में फायदेमंद है। सुविधा के लिए इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह हनीकॉम्ब कूलिंग पैड के साथ ऑपरेट होता है जो पानी को बेहतरीन तरीके से होल्ड करता है, जिससे लंबे समय तक कूलिंग रहती है। इस एयर कूलर (Air Cooler) की कीमत लगभग 5000 रुपए है। Latest News in Hindi Today Hindi News Air Cooler #BestAffordableAirCoolers #AirCooler #AffordableAirCoolers #Coolers

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BSNL financial loss

BSNL financial loss: बीएसएनएल की अपनी इस लापरवाही के चलते मोदी सरकार को लगा 1758 करोड़ रुपये का चूना

कहा जाता है कि सरकारी काम में बड़ी हीलाहवाली और लापरवाही होती है। सरकारी महकमा अक्सर अपने लेटलतीफी के लिए जाना भी जाता है। कभी-कभी यह लेटलतीफी और लापरवाही सरकार को करोड़ों-अरबों का नुकसान करा देती है। ऐसा ही एक मामला एक जमाने में देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रही भारतीय संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल से जुड़ा है, जिसकी घोर लापरवाही की वजह से भारत सरकार को करोड़ों (BSNL financial loss) का चूना लगा। आप सोचेंगे कि हाशिये पर पड़ी बीएसएनएल ने भला ऐसा क्या कर दिया, जिससे गवर्नमेंट को करोड़ों का नुकसान हो गया? तो आपको बता दें अपने ढिलाई के लिए मशहूर बीएसएनएल ने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को दस साल तक बिल ही भेजना भूल गई। आपको यह जानकर हैरत होगी कि साल 2014 से 2024 तक का समय बीत गया, लेकिन बीएसएनएल ने जियो को अपने बुनियादी ढांचे मसलन, जैसे टावर, फाइबर नेटवर्क और अन्य संसाधनों – के इस्तेमाल के लिए एक भी बिल नहीं भेजा। नतीजतन सरकार को 1758 करोड़ रुपये का चूना लग गया।  10 साल तक वसूली नहीं करने की वजह से सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का हुआ (BSNL financial loss) नुकसान  दरअसल, हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। बीते मंगलवार को सीएजी ने कहा कि “दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने टावर जैसे बुनियादी ढांचे को साझा करने पर अपने समझौते के अनुसार रिलायंस जियो से 10 साल कोई वसूली नहीं की। इससे सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कैग ने यह भी कहा कि बीएसएनएल दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं को दिए जाने वाले राजस्व हिस्से से लाइसेंस शुल्क का हिस्सा काटने में विफल रही। इससे सरकारी कंपनी को 38.36 करोड़ रुपये का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। यही नहीं बयान में यह भी कहा गया है कि “बीएसएनएल मेसर्स रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि.के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट को लागू करने में विफल रही।   मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था (BSNL financial loss) बीएसएनएल के साझा टावर जैसे बुनियादी ढांचे पर इस्तेमाल की गई अतिरिक्त प्रौद्योगिकी के लिए बिल नहीं दिया। इससे मई, 2014 से मार्च, 2024 के बीच सरकारी खजाने को 1,757.76 करोड़ का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। और उस पर दंडात्मक ब्याज भी देना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि बीएसएनएल ने बुनियादी ढांचा साझाकरण शुल्क का कम बिल बनाया था।” जानकारी के मुताबिक मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था। करार के मुताबिक बीएसएनएल के निष्क्रिय पड़े टावर और फाइबर नेटवर्क जैसे संसाधनों को जियो के साथ साझा करना तय हुआ। और बदले में जियो को बीएसएनएल को भुगतान करना था। यह तो ठीक, लेकिन विगत दशकों से नुकसान झेल रही बीएसएनएल ने तय समय पर बिल भेजना जरूरी ही नहीं समझा। इस तरह दस साल बीत गए। और 10 साल बाद यह लापरवाही जाकर सामने आई।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है हैरत की बात यह है कि बीएसएनएल की लापरवाही सिर्फ जियो तक ही सीमित नहीं रही। कंपनी ने जियो के अलावा कई अन्य टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के साथ भी रेवन्यू शेयरिंग के करार किए थे। इन करारों के तहत बीएसएनएल को लाइसेंस फीस वसूलनी थी, जो सरकार के खजाने में जमा होती। मगर बीएसएनएल इस कदर लापरवाह रही कि ये फीस वसूलना ही भूल गई। इस गलती की कीमत सरकार को 38 करोड़ 36 लाख रुपये के अतिरिक्त नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी। बड़ी बात यह कि दोनों नुकसानों को जोड़ दिया जाये तो तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है। यानी टैक्स पेयर के पैसों को स्वाहा कर दिया। गौरतलब हो कि बीएसएनएल का इतिहास नुकसानों से भरा रहा है। साल 2013-14 में कंपनी को 14,979 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उसके बाद से यह सरकारी दया और अभयदान पर ही निर्भर रही है। भारत सरकार द्वारा हजारों करोड़ निवेश करने के बाद कंपनी की हालत खस्ता बनी हुई है। कहने की जरूरत नहीं इससे बीएसएनएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Latest News in Hindi Today Hindi BSNL financial loss #BSNL #BSNLLoss #ModiGovernment #IndianTelecom #TelecomCrisis #BSNLFinancialLoss #GovernmentLoss #BSNLNews #EconomicImpact #BSNLUpdate

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MP Launch Pad Yojana 2025 Youth Employment Scheme

MP Launch Pad Yojana 2025: युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर

मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) प्रदेश में बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए समय-समय पर नई योजनाएं लागू करती रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, राज्य सरकार ने 5 जनवरी 2021 को एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को अपने व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य चाइल्ड केयर संस्थानों (Child Care Organisation) से बाहर आने वाले युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत ₹60,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके अलावा, सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी, ताकि वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें। इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर को कम करना है। युवाओं को रोजगार के लिए एक मंच प्रदान करने से वे अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण जारी रख सकेंगे, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा। योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता और जिलों का चयन एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) के लाभ और विशेषताएं एमपी लॉन्च पैड योजना के लिए पात्रता आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सरकार ने इस योजना के लिए एक आधिकारिक पोर्टल (www.mpwcdmis.gov.in) तैयार किया है, जहां इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक आवेदन की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। जैसे ही सरकार आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी, संबंधित जानकारी अपडेट कर दी जाएगी। एमपी लॉन्च पैड योजना 2025 (MP Launch Pad Yojana 2025) राज्य सरकार की एक प्रभावी पहल है, जो युवाओं को स्व-रोजगार के लिए आर्थिक सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगी। इस योजना से न केवल प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं को अपने व्यवसाय के माध्यम से एक उज्जवल भविष्य बनाने का अवसर भी मिलेगा। यदि आप इस योजना के पात्र हैं, तो आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदन अवश्य करें और सरकार की इस पहल का लाभ उठाएं। Latest News in Hindi Today Hindi MP Launch Pad Yojana #MPLaunchPadYojana #YouthEmployment #MPScheme2025 #StartupIndia #SkillDevelopment

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Kia EV6 Facelift Launched – Features, Specs & Range

दमदार फीचर्स और शानदार रेंज के साथ लॉन्च हुई Kia EV6 Facelift 

भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग बढ़ती जा रही है और इसी बढ़ती डिमांड्स को देखते हुए Kia India ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कार Kia EV6 Facelift को लॉन्च किया है। Kia EV6 Facelift अपने शानदार डिजाइन, एडवांस टेक्निक और दमदार बैटरी क्षमता के साथ लॉन्च की गई है। कंपनी ने अपनी इस इलेक्ट्रिक कार की कीमत ₹65.9 लाख (एक्स-शोरूम) रुपय रखी है, जो इस गाड़ी की शुरुआती कीमत है। इस बार यह कार सिर्फ GT Line AWD वेरिएंट में उपलब्ध होगी। Kia ने इस मॉडल में कई नई एडवांस टेक्नोलॉजी और सेफ्टी फीचर्स जोड़े हैं, जिससे  Kia EV6 Facelift और भी आकर्षक हो चुकी है।   Kia EV6 Facelift: डिजाइन और लुक  Kia ने इस नई इलेक्ट्रिक कार में 15 बदलाव किए हैं, जिससे इसका लुक पहले से ज्यादा स्पोर्टी और प्रीमियम नजर आता है। यह किआ के ‘Opposites United’ डिजाइन से प्रेरित है, जो इसे एक अलग पहचान देता है। लक्जरी इंटीरियर और हाई-टेक फीचर्स EV6 Facelift के इंटीरियर को बेहद प्रीमियम और स्पेसियस बनाया गया है, ताकि यात्रियों को एक शानदार ड्राइविंग एक्सपीरियंस मिल सके। सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS और 27 एडवांस फीचर्स Kia EV6 Facelift को सेफ्टी के लिहाज से भी काफी अपडेट किया गया है। इसमें ADAS 2.0 पैकेज दिया गया है, जिसमें 27 एडवांस सेफ्टी और ड्राइवर असिस्टेंस फीचर्स शामिल हैं-  शक्तिशाली बैटरी और दमदार परफॉर्मेंस Kia EV6 Facelift को कंपनी के E-GMP (Electric Global Modular Platform) पर तैयार किया गया है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस में बड़ा सुधार हुआ है-  कलर ऑप्शन और उपलब्धता Kia EV6 Facelift को कंपनी ने 5 आकर्षक रंगों में पेश किया है: इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? क्या Kia EV6 Facelift खरीदना फायदेमंद रहेगा? अगर आप एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार की तलाश में हैं, जो शानदार रेंज, बेहतरीन फीचर्स और अत्याधुनिक सेफ्टी टेक्नोलॉजी से लैस हो, तो Kia EV6 Facelift एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन यह कार लग्जरी, परफॉर्मेंस और टेक्नोलॉजी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन प्रदान करती है। Kia ने EV6 Facelift को भारत में लॉन्च कर इलेक्ट्रिक कार बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इसकी लंबी रेंज, स्पोर्टी लुक, एडवांस सेफ्टी फीचर्स और फास्ट चार्जिंग तकनीक इसे एक शानदार विकल्प बनाते हैं। अगर आप फ्यूचरिस्टिक और हाई-परफॉर्मेंस EV की तलाश में हैं, तो यह कार निश्चित रूप से आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी। अगर आप एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं तो बेहतर रेंज, एडवांस फीचर्स और टेक्नोलॉजी से लैस Kia EV6 Facelift बेहतर ऑप्शन हो सकता है। हालांकि कीमत के मामले में KIA की EV6 Facelift महंगी है। ऐसे में आप अपने बजट को ध्यान में रखकर कार ले सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Kia EV6 Facelift #KiaEV6Facelift #KiaEV6 #ElectricCar #EVRevolution #KiaMotors #EV6Facelift #ElectricSUV #CarLaunch #EVFuture #KiaCars

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ATM Withdrawal Fees to Increase from May 1, 2025​

1 मई 2025 से ATM से पैसे निकालना हो सकता है महंगा, लेकिन क्यों? 

आज के डिजिटल वर्ल्ड में एटीएम (ATM) का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लोग जब भी पैसों की जरूरत महसूस करते हैं, तो सबसे पहले एटीएम का रुख करते हैं। बैंक में लंबी लाइन लगने के बजाय 24×7 उपलब्ध एटीएम से आसानी से पैसे निकाल लेते हैं। लेकिन अब यह सुविधा भी थोड़ी महंगी होने वाली है। दरअसल 1 मई 2025 से एटीएम से कैश निकालने पर ज्यादा फी देना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि नए नियमों के तहत ATM से बार-बार पैसे निकालना कितना कॉस्टली होगा। कैश निकालने पर बढ़ेगी फी  अब तक बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन (Free Transaction) की सुविधा देते थे। यदि कोई ग्राहक इस निर्धारित सीमा से अधिक पैसे निकालता है, तो उसे अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। अब नई रिपोर्ट के अनुसार एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज (ATM Transaction Charge) बढ़ाने का फैसला भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा लिया गया है। अभी तक एक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर बैंक 17 रुपये शुल्क लेता था, लेकिन अब यह बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा। कब से लागू होंगे नए नियम? नए एटीएम शुल्क 1 मई 2025 से लागू होने की संभावना है। सिर्फ कैश निकालने पर ही नहीं, बल्कि बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट निकालने पर भी चार्ज बढ़ सकता है। वर्तमान में, इन सेवाओं पर 6 रुपये शुल्क लिया जाता है, जिसे बढ़ाकर 7 रुपये किया जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि बैलेंस चेक करने पर भी कटते हैं पैसे? कई लोग एटीएम (ATM) में जाकर बार-बार अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं या मिनी स्टेटमेंट (Mini Statement) निकालते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसके लिए भी शुल्क लिया जाता है। ऐसे में बिना सोचे-समझे बार-बार एटीएम का उपयोग करना अब जेब पर भारी पड़ सकता है। एक महीने में कितनी ट्रांजेक्शन फ्री? बैंकों ने ग्राहकों को कुछ निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा दी हुई है। स्वयं के बैंक के एटीएम से: ग्राहक प्रत्येक महीने तीन बार तक बिना किसी शुल्क के पैसे निकाल सकते हैं। अन्य बैंकों के एटीएम से: यदि आप अपने बैंक के एटीएम (ATM) के अलावा किसी अन्य बैंक के एटीएम का उपयोग करते हैं, तो केवल तीन बार तक मुफ्त निकासी की अनुमति होती है। इसके बाद इंटरचेंज फीस (Interchange Fees) देनी होती है। इसे भी पढ़ें:- क्या है अटल कैंटीन योजना? बढ़ते शुल्क का असर आम जनता पर बढ़ते एटीएम चार्ज (ATM Charge) का असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ेगा, जो बार-बार नकद पैसे निकालते हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि लोग ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई (UPI) का अधिक इस्तेमाल करें। अगर आप एटीएम चार्ज (ATM Charge) से बचना चाहते हैं, तो डिजिटल पेमेंट सिस्टम जैसे यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट का अधिक उपयोग करें। यह न सिर्फ आपके समय की बचत करेगा, बल्कि आपको अतिरिक्त चार्ज से भी बचाएगा।  1 मई 2025 से एटीएम से पैसे निकालने और अन्य सेवाओं पर बढ़े हुए शुल्क लागू हो सकते हैं। अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 19 रुपये और बैलेंस चेक करने या मिनी स्टेटमेंट निकालने पर 7 रुपये का शुल्क देना होगा। ऐसे में बेवजह एटीएम का उपयोग करने से बचें और डिजिटल ट्रांजेक्शन की ओर रुख करें, ताकि आपका पैसा बच सके। Latest News in Hindi Today Hindi News   #ATMWithdrawalCharges #RBIInterchangeFee #ATMFees2025 #BankingUpdates #CashWithdrawalCost #ATMTransactionFees #ReserveBankOfIndia #FinancialNews #BankCharges #DigitalBanking

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Atal Canteen Yojana Affordable Meals for Everyone

क्या है अटल कैंटीन योजना?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर दिया है। यह बजट खासतौर पर दिल्ली के बुनियादी ढांचे, प्रदूषण नियंत्रण, महिला सशक्तीकरण और गरीब वर्ग के कल्याण पर केंद्रित है। यह बजट खास इसलिए भी है क्योंकि बीजेपी के 27 साल बाद सत्ता में लौटने के बाद यह पहला बजट है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने इसमें कई बड़े ऐलान किए, जिनमें सबसे चर्चित योजना अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को कम कीमत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) क्या है? दिल्ली सरकार द्वारा प्रस्तावित अटल कैंटीन योजना  (Atal Canteen Scheme), तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन (Amma Canteen Scheme) और कर्नाटक की इंदिरा कैंटीन  (Indira Canteen) की तर्ज पर बनाई गई है। इस योजना के तहत दिल्ली के झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में 100 अटल कैंटीन खोली जाएंगी। हर कैंटीन में 5 रुपये में गरम, ताजा और पौष्टिक भोजन (Healthy Food) उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गरीब और श्रमिक वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। यह कैंटीन खासकर रिक्शा चालक, मजदूर, फुटपाथ पर काम करने वाले लोग और अन्य दिहाड़ी मजदूरों के लिए मददगार साबित होगी। किन लोगों को मिलेगा अटल कैंटीन योजना का लाभ? झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले गरीब परिवार रिक्शा चालक, मजदूर और फुटपाथ पर काम करने वाले लोग दिहाड़ी मजदूर, सफाई कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग ऐसे लोग जो अत्यधिक महंगाई के कारण पौष्टिक भोजन नहीं ले पाते हैं योजना का उद्देश्य और सरकार की मंशा अटल कैंटीन योजना (Atal Canteen Scheme) का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। सरकार इस योजना के तहत स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर कुपोषण की समस्या को दूर करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, इससे दिल्ली में भोजन की बर्बादी को भी कम करने में मदद मिलेगी। बजट में अन्य प्रमुख घोषणाएं 1. यमुना की सफाई और पुनरुद्धार दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई और पुनरुद्धार को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। इस परियोजना को अहमदाबाद के साबरमती रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट से प्रेरित बताया जा रहा है। इसके तहत यमुना नदी के किनारे सौंदर्यीकरण, प्रदूषण नियंत्रण और जल की शुद्धता बनाए रखने पर जोर दिया जाएगा। 2. दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण दिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। इस बजट में सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं: इसे भी पढ़ें:-आगरा और पानीपत में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य ‘शिव स्मारक, CM फडणवीस ने बताया इस फैसले का कारण? 3. महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए सरकार ने नई योजनाओं की घोषणा की: 4. बुनियादी ढांचा विकास और परिवहन सुधार सरकार ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 28,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का ऐलान किया है। 5. व्यापार और उद्योग को बढ़ावा नई औद्योगिक नीति लागू होगी। दिल्ली सरकार (Delhi Government) का यह बजट समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। गरीबों के लिए अटल कैंटीन (Atal Canteen), महिलाओं के लिए आर्थिक योजनाएं, पर्यावरण सुधार के लिए यमुना पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण तथा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीति जैसे कई अहम फैसले इस बजट का हिस्सा हैं। बीजेपी सरकार (BJP Government) ने इस बजट के जरिए दिल्ली की जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका ध्यान सिर्फ बुनियादी विकास ही नहीं बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग की समस्याओं के समाधान पर भी है। अब देखना यह होगा कि ये योजनाएं जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव डालती हैं और दिल्ली के विकास में कितना योगदान देती हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News  Atal Canteen Scheme #AtalCanteenYojana #AffordableMeals #SubsidizedFood #GovtScheme #BudgetMeals #PublicWelfare #FoodForAll #IndiaGovt #CanteenScheme #CheapMeals

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Government Scheme Review Meeting

नय वित्त वर्ष में सरकार की योजनाओं की होगी समीक्षा, हो सकते हैं बड़े बदलाव!

1 अप्रैल से नय फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत होने जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें कई बड़े बदलावकिये जा सकते हैं। केंद्र सरकार (Central Government) इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के खर्च की गुणवत्ता, फंड्स के सही उपयोग और उनकी प्रभावशीलता पर विचार विमर्श करेगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अनावश्यक योजनाओं को खत्म करना और सरकारी फंड्स (Government Funds) के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना होगा। हर पांच साल में होती है समीक्षा यह समीक्षा हर पांच साल में एक बार की जाती है, जिससे योजनाओं को उनकी उपयोगिता और आवश्यकता के आधार पर जारी रखने, संशोधित करने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सके। सरकार इस रिव्यू प्रक्रिया को नए वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आगे बढ़ाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं में अनावश्यक खर्च को रोका जाए और अधिक प्रभावी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। किन बिंदुओं पर की जा सकती है समीक्षा? सरकार इस समीक्षा में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने जा रही है। इनमें निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा— समीक्षा प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग प्रमुख भूमिका निभाएगा और विभिन्न मंत्रालयों से फीडबैक लेकर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार की 10 प्रमुख योजनाएं और उनका बजट अप्रैल में आ सकती है समीक्षा रिपोर्ट सरकार ने नीति आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां राज्य सरकारों की योजनाएं केंद्र की योजनाओं के समान हैं। अप्रैल 2025 तक नीति आयोग की रिपोर्ट आने की संभावना है, जिसमें यह सिफारिशें शामिल होंगी कि- नीति आयोग की रिपोर्ट को वित्त आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) का बजट और महत्व केंद्र सरकार (Central Government) विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) को भी लागू कर रही है, जिनमें शामिल हैं— CSS बजट 2025-26 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने CSS के तहत 5.41 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया है।2024-25 में यह बजट 5.05 लाख करोड़ रुपये था, जिसे संशोधित कर 4.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने मार्च 2015 में मुख्यमंत्रियों के एक उप-समूह का गठन कर CSS योजनाओं की संख्या 130 से घटाकर 75 कर दी थी। यह फैसला योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया था। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल क्या होगा बदलाव? इस समीक्षा से सरकार बिना उपयोग वाली योजनाओं को बंद करेगी।कम प्रभावी योजनाओं को मिलाकर एक नई, प्रभावी योजना बनाई जा सकती है।सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजनाओं का क्रियान्वयन राज्यों में बेहतर तरीके से हो।फंड्स का सही उपयोग हो, जिससे लाभार्थियों को अधिक फायदा मिले। केंद्र सरकार (Central Government) का यह कदम सरकारी योजनाओं को बेहतर, प्रभावी और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस समीक्षा से बेहतर योजना प्रबंधन और फंड के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि अप्रैल में आने वाली नीति आयोग की रिपोर्ट में कौन-कौन सी योजनाओं पर बदलाव की सिफारिश की जाती है और वित्त आयोग इस पर क्या निर्णय लेता है! Latest News in Hindi Today Hindi news Government Scheme Review Meeting #GovernmentScheme #RivewMeeting #CentralGovernment #GovernmentScheme

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