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छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: चार्जशीट में कुमार विश्वास को ₹25 लाख भुगतान का उल्लेख, WhatsApp चैट का हवाला

रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित coal levy scam में Economic Offences Wing (EOW) की पूरक चार्जशीट से एक नया खुलासा सामने आया है। चार्जशीट में कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास के एक कार्यक्रम के लिए ₹25 लाख के भुगतान का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार इस भुगतान से जुड़ी बातचीत कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के बीच हुई WhatsApp chats में सामने आई। 9,500 पन्नों की पूरक चार्जशीट EOW ने coal levy case में करीब 9,500 पन्नों की supplementary chargesheet अदालत में पेश की है। इसमें कथित तौर पर ₹500 करोड़ से ज्यादा की अवैध वसूली, financial transactions और कई लोगों के बीच हुई communications का विवरण शामिल है। पेज 66 पर ₹25 लाख का जिक्र रिपोर्टों के मुताबिक चार्जशीट के page 66 पर कुमार विश्वास के एक कार्यक्रम के लिए ₹25 लाख दिए जाने का उल्लेख है। हालांकि इससे यह साबित नहीं होता कि कुमार विश्वास को रकम के source की जानकारी थी या उनकी किसी कथित घोटाले में भूमिका थी। Khairagarh में आयोजित हुआ था कार्यक्रम चार्जशीट से जुड़ी reports के अनुसार यह मामला 5 अप्रैल 2022 की WhatsApp conversation से जुड़ा है। उस समय Khairagarh में Ram Navami के अवसर पर कुमार विश्वास का एक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात सामने आई थी। देवेंद्र यादव-सूर्यकांत तिवारी की चैट का हवाला जांच एजेंसी ने कथित तौर पर Devendra Yadav और Suryakant Tiwari के बीच हुई chats को evidence के रूप में शामिल किया है। इन्हीं conversations में कार्यक्रम और payment की चर्चा होने का दावा किया गया है। घोटाले की रकम से भुगतान का आरोप EOW का आरोप है कि कार्यक्रम के लिए दी गई रकम कथित coal levy collection से जुड़े funds से आई थी। यह जांच एजेंसी का आरोप है और इसकी अंतिम कानूनी पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में होगी। कुमार विश्वास आरोपी नहीं यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उपलब्ध reports में कुमार विश्वास को chargesheeted accused के रूप में नहीं बताया गया है। उनका नाम कथित payment recipient के संदर्भ में सामने आया है, न कि घोटाले की साजिश या illegal collection में आरोपी के तौर पर। 540 करोड़ के आसपास का बताया जा रहा घोटाला EOW की जांच में coal levy scam की रकम करीब ₹540 करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि coal transportation और related businesses से संगठित तरीके से illegal levy वसूली गई। कई नेताओं और अधिकारियों के नाम चार्जशीट में कई राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों से जुड़े कथित transactions का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी का दावा है कि एक organised network के जरिए रकम collect और distribute की गई। WhatsApp और Digital Evidence अहम EOW ने इस मामले में WhatsApp chats, digital records और financial documents को investigation का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। इन digital records के आधार पर अलग-अलग payments और events के बीच alleged links तलाशे जा रहे हैं। न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी वास्तविकता Chargesheet में किसी व्यक्ति को payment का उल्लेख होना अपने आप में उस व्यक्ति की criminal involvement साबित नहीं करता। कुमार विश्वास को भुगतान, रकम के source और payment के उद्देश्य को लेकर EOW के दावों की अंतिम जांच और कानूनी स्थिति अदालत में तय होगी। Source – EOW Chhattisgarh, Navbharat Times, Times of India, Local Chhattisgarh Media जय राष्ट्र न्यूज़

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फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले में नया दावा, ‘गाजा का बदला’ लेने की बात; जांच में सामने आया कथित मकसद

दुबई/तेल अवीव: Flydubai की Dubai-Tel Aviv flight में भारतीय Captain Smit Machchhar पर हुए हमले की जांच में नया दावा सामने आया है। Israeli media reports के मुताबिक आरोपी Omani co-pilot Hamam al-Hammami ने UAE investigators से कथित तौर पर कहा कि उसने हमला “गाजा का बदला” लेने के लिए किया और उसकी इच्छा “martyr” के रूप में मरने की थी। हालांकि यह कथित confession investigative reports पर आधारित है और UAE authorities की अंतिम जांच अभी पूरी नहीं हुई है। 30 सितंबर की flight में हुआ था हमला घटना 30 सितंबर को Flydubai flight FZ1073 में हुई थी। यह विमान Dubai से Tel Aviv जा रहा था और इसमें 170 से ज्यादा यात्री और crew members सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या Israeli passengers की थी। Indian Captain Smit Machchhar पर हमला जांच के अनुसार co-pilot Hamam al-Hammami ने cockpit में Captain Smit Machchhar पर emergency crash axe से कथित हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद Machchhar cockpit door खोलने में सफल रहे, जिससे cabin में मौजूद लोगों और off-duty pilots को हस्तक्षेप करने का मौका मिला। ‘गाजा का बदला’ लेने की कथित बात Israeli media ने UAE investigation से जुड़े अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि पूछताछ में al-Hammami ने Gaza को अपने कथित मकसद से जोड़ा। रिपोर्टों के अनुसार उसने कथित तौर पर कहा कि वह Gaza की घटनाओं का बदला लेना चाहता था और इस दौरान खुद भी मरने के लिए तैयार था। Ben Gurion Airport पर plane crash करने का दावा जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर aircraft को Israel के Ben Gurion Airport पर crash कराने की योजना बनाई थी। कुछ reports में दावा है कि उसने Flydubai में नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले ऐसी airlines की तलाश की थी जो Tel Aviv के लिए flights operate करती हों। पहले भी हमले पर विचार करने का दावा जांच में यह भी दावा सामने आया है कि आरोपी ने इससे पहले एक Tel Aviv-bound flight पर हमला करने के बारे में सोचा था। हालांकि उसने उस समय योजना को अंजाम नहीं दिया। Investigators अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसकी planning कितने समय से चल रही थी। विमान तेजी से नीचे गिरा हमले के दौरान aircraft अचानक तेजी से नीचे आया। Flight-tracking data और यात्रियों के बयानों के मुताबिक विमान हजारों feet नीचे गिर गया था, जिससे onboard passengers में दहशत फैल गई। यात्रियों और off-duty pilots ने संभाली स्थिति Captain Machchhar के cockpit का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और crew members ने आरोपी को काबू किया। विमान में मौजूद off-duty pilots ने controls संभाले और aircraft को Saudi Arabia के Tabuk Airport की ओर divert किया गया। UAE ने घटना को ‘terrorist attack’ बताया UAE authorities ने इस incident को suspected terrorist attack के रूप में investigate करना शुरू किया है। जांच में आरोपी के phone, travel history, social media activity और उसके संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। Israeli agencies भी जांच में शामिल Israeli security agency Shin Bet ने भी UAE के साथ investigation में सहयोग शुरू किया है। Israeli officials यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी ने अकेले योजना बनाई थी या उसके किसी extremist network अथवा दूसरे व्यक्ति से संबंध थे। Iran या किसी संगठन से संबंध का प्रमाण नहीं अब तक उपलब्ध reports के मुताबिक investigators को आरोपी के Iran या किसी ज्ञात terrorist organisation से सीधे संबंध का स्पष्ट evidence नहीं मिला है। इसी वजह से lone-actor theory सहित कई संभावनाओं पर जांच जारी है। Captain Smit Machchhar की हालत में सुधार हमले में गंभीर रूप से घायल हुए Captain Smit Machchhar की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। UAE में Indian Embassy ने भी बताया है कि वह recovery कर रहे हैं और उनकी health में steady progress है। मकसद पर अंतिम निष्कर्ष अभी बाकी “गाजा का बदला” और “martyr” बनने की बात UAE interrogation से जुड़े सूत्रों पर आधारित media reports में सामने आई है। जब तक UAE investigation आधिकारिक रूप से पूरी नहीं होती, इसे आरोपी का स्थापित motive नहीं बल्कि कथित confession और जांच में सामने आया दावा माना जाना चाहिए। source – India Today / The Times of India / Reuters / Associated Press / Israeli Media Reports जय राष्ट्र न्यूज़

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Umesh Pal murder case में 3 साल से फरार आरोपी Mohammad Arman बिहार की Gaya jail में मिला, UP Police warrant की तैयारी में

प्रयागराज/गया: चर्चित Umesh Pal murder case में करीब तीन साल से फरार चल रहा आरोपी Mohammad Arman बिहार की गया जेल में मिला है। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक वह एक अलग मामले में बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और अब उसकी पहचान Umesh Pal हत्याकांड के वांछित आरोपी के रूप में की गई है। प्रयागराज पुलिस अब उसे उत्तर प्रदेश लाने के लिए warrant और आगे की कानूनी प्रक्रिया की तैयारी कर रही है। तीन साल से फरार था Mohammad Arman Umesh Pal हत्याकांड के बाद से Mohammad Arman की तलाश की जा रही थी। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ lookout तथा अन्य कानूनी कार्रवाई भी की गई थी। अब बिहार की Gaya jail में उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद UP Police ने प्रक्रिया तेज कर दी है। बिहार के एक अलग मामले में हुआ था गिरफ्तार रिपोर्टों के अनुसार Arman को बिहार पुलिस ने एक अन्य आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उसकी पहचान और criminal background की पड़ताल की गई, जिसके बाद यह सामने आया कि वह Umesh Pal murder case में भी वांछित है। प्रयागराज पुलिस ने की पहचान की पुष्टि UP Police ने बिहार पुलिस से मिले records और अन्य दस्तावेजों के आधार पर Arman की पहचान की पुष्टि की। इसके बाद Prayagraj Police ने उसे Umesh Pal मामले में पेश कराने के लिए संबंधित court से warrant लेने की प्रक्रिया शुरू की। अब production warrant की तैयारी पुलिस अब court से production warrant हासिल कर सकती है, ताकि Arman को गया जेल से Prayagraj court में पेश कराया जा सके। इसके बाद जांच एजेंसी उससे पूछताछ और मामले में उसकी कथित भूमिका की पड़ताल करेगी। Umesh Pal की 2023 में हुई थी हत्या Umesh Pal की 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह 2005 के BSP विधायक Raju Pal murder case के प्रमुख गवाह थे। इस घटना के बाद मामला पूरे देश में चर्चा में आया था। Atiq Ahmed गिरोह से जुड़े आरोप जांच एजेंसियों ने Umesh Pal हत्याकांड को Atiq Ahmed और उसके नेटवर्क से जोड़ा था। कई आरोपियों को अलग-अलग कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ आरोपी लंबे समय तक फरार रहे। Mohammad Arman भी इन्हीं वांछित आरोपियों में शामिल बताया जाता रहा है। Arman की कथित भूमिका की होगी जांच पुलिस अब यह पता लगाएगी कि हत्या की planning, logistics या execution में Arman की क्या भूमिका थी। फिलहाल उसके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और अंतिम जिम्मेदारी अदालत तय करेगी। Bihar Police से coordination बढ़ा UP Police ने इस मामले में Bihar Police से coordination शुरू कर दिया है। दोनों राज्यों की पुलिस legal formalities, custody transfer और case records को लेकर संपर्क में हैं। लंबे समय बाद मिली बड़ी सफलता तीन साल से फरार आरोपी का पता लगना Prayagraj Police के लिए अहम development माना जा रहा है। अगर court से warrant मिल जाता है, तो Arman को Uttar Pradesh लाकर मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी। source – The Indian Express / Uttar Pradesh Police / Bihar Police / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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CBI ने पोर्ट ब्लेयर नगर निकाय के 3 पूर्व अधिकारियों पर ₹2.08 करोड़ property-tax नुकसान के मामले में केस दर्ज किया

पोर्ट ब्लेयर: केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने Port Blair Municipal Council के तीन पूर्व अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में FIR दर्ज की है। एजेंसी का आरोप है कि करीब 252 hotels और bars को बकाया property tax पर interest वसूले बिना no-dues certificates जारी किए गए, जिससे सरकारी खजाने को लगभग ₹2.08 करोड़ का नुकसान हुआ। तीन पूर्व अधिकारियों पर मामला CBI की Anti-Corruption Branch, Port Blair ने एक पूर्व Revenue Officer, Assistant Revenue Officer और Tax Inspector को मामले में आरोपी बनाया है। एजेंसी के अनुसार इन अधिकारियों की भूमिका 2020 से 2023 के बीच हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ी है। 252 No-Dues Certificates पर सवाल जांच में सामने आया कि नगर निकाय के revenue section ने करीब 252 no-dues certificates जारी किए। CBI का आरोप है कि इन certificates को जारी करते समय overdue property tax पर देय interest की सही तरीके से वसूली नहीं की गई। ₹2.08 करोड़ का कथित नुकसान एजेंसी के शुरुआती आकलन के अनुसार इन कथित अनियमितताओं की वजह से सार्वजनिक खजाने को करीब ₹2.08 करोड़ का नुकसान हुआ। यह रकम उन ब्याज भुगतानों से जुड़ी बताई गई है जिन्हें समय पर वसूल किया जाना चाहिए था। Preliminary Inquiry के बाद FIR CBI ने सीधे FIR दर्ज नहीं की, बल्कि पहले मामले में preliminary inquiry की। प्रारंभिक जांच में वित्तीय रिकॉर्ड, tax calculations और no-dues certificates से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई। इसके बाद एजेंसी ने नियमित मामला दर्ज किया। पुराने property-tax रिकॉर्ड में भी गड़बड़ी का आरोप CBI की जांच में यह भी सामने आया कि municipal records में 2011 से लंबित principal और interest की स्पष्ट गणना उपलब्ध नहीं थी। एजेंसी के अनुसार इससे यह तय करना मुश्किल हो रहा था कि अलग-अलग properties पर वास्तविक बकाया राशि कितनी थी। High Court के पुराने निर्देश का भी जिक्र मामला 2015 के Calcutta High Court के एक निर्देश से भी जुड़ा है, जिसके बाद property tax calculation की नई methodology अपनाने की अनुमति मिली थी। इसके बाद 2016 में municipal council ने resolution पास किया और 2017 में public notice भी जारी किया, लेकिन CBI का आरोप है कि इसे प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया गया। होटल और बार मालिकों को मिला कथित फायदा एजेंसी का आरोप है कि interest की पूरी वसूली के बिना no-dues certificates जारी होने से संबंधित hotels और bars को आर्थिक लाभ मिला। फिलहाल यह CBI का आरोप है और मामले की जांच जारी है। आरोपियों की जिम्मेदारी अंतिम रूप से न्यायिक प्रक्रिया में तय होगी। भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता की जांच जारी CBI अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित irregularities व्यक्तिगत स्तर की थीं या इसमें किसी व्यापक मिलीभगत की भूमिका थी। जांच के दौरान municipal records, tax files और संबंधित approvals की भी जांच की जा सकती है। source – CBI / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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Meerut Blue Drum Murder Case: मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला दोषी करार, सौरभ राजपूत हत्याकांड में 14 अक्टूबर को सजा

मेरठ: चर्चित Blue Drum Murder Case में मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी ठहराया है। अदालत ने दोनों को हत्या और सबूत मिटाने से जुड़े आरोपों में दोषी माना। सजा का ऐलान 14 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। मामले की सुनवाई 100 से ज्यादा तारीखों तक चली और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पत्नी और प्रेमी को कोर्ट ने ठहराया दोषी मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी करार दिया। दोनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में हिस्सा लिया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने गवाहों के बयान, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य सबूत पेश किए। 14 अक्टूबर को होगा सजा का ऐलान दोषसिद्धि के बाद अब अदालत दोनों की सजा तय करेगी। अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 की तारीख सजा सुनाने के लिए तय की है। अभियोजन पक्ष ने संकेत दिया है कि वह कठोरतम सजा की मांग करेगा। मार्च 2025 में हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या मामला मार्च 2025 का है। सौरभ राजपूत अपनी पत्नी और बेटी के साथ समय बिताने के लिए विदेश से मेरठ लौटे थे। अभियोजन के अनुसार मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर सौरभ की हत्या की योजना बनाई। कोर्ट ने ट्रायल के बाद दोनों को अपराध में दोषी पाया। ब्लू ड्रम में मिला था शव हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले प्लास्टिक ड्रम में रखा गया था। ड्रम को सीमेंट और रेत से भरकर शव छिपाने की कोशिश की गई थी। इसी वजह से यह मामला देशभर में Blue Drum Murder Case के नाम से चर्चित हुआ। हत्या के बाद हिमाचल चले गए थे दोनों जांच के दौरान सामने आया था कि वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए थे। बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और मामले में विस्तृत जांच शुरू हुई। पुलिस ने हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने से जुड़े पहलुओं को चार्जशीट में शामिल किया। 126 सुनवाई और 22 गवाह इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई करीब 13 महीने चली। रिपोर्टों के अनुसार कोर्ट में कुल 126 सुनवाई हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। करीब 1000 पन्नों की चार्जशीट पुलिस ने इस मामले में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। रिपोर्टों के मुताबिक चार्जशीट करीब 1000 पन्नों की थी, जिसमें हत्या की योजना, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी शामिल थी। परिवार ने फैसले पर जताया संतोष दोषसिद्धि के बाद सौरभ राजपूत के परिवार ने फैसले पर प्रतिक्रिया दी। परिवार ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद न्याय की दिशा में बड़ा कदम सामने आया है। अब परिवार की नजर 14 अक्टूबर को होने वाली सजा की घोषणा पर है। अब सजा पर टिकी निगाहें अदालत ने फिलहाल केवल दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है। दोनों दोषियों को कितनी सजा मिलेगी, इसका फैसला 14 अक्टूबर को होगा। मामले की गंभीरता और अपराध के तरीके को देखते हुए अभियोजन पक्ष कठोर सजा की मांग कर रहा है, जबकि अंतिम निर्णय अदालत करेगी। source – The Indian Express / The Times of India / Hindustan Times / India Today / NDTV जय राष्ट्र न्यूज़

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अरब सागर में बड़ी कार्रवाई! 526 किलो ड्रग्स बरामद, 5 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार

नई दिल्ली: भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात ATS ने अरब सागर में बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ईरानी नाव से करीब 526 किलो हेरोइन और मेथामफेटामाइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत ₹3,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। लक्षद्वीप के पश्चिम में पकड़ी गई संदिग्ध नाव यह कार्रवाई अरब सागर में लक्षद्वीप के पश्चिमी क्षेत्र में की गई। खुफिया सूचना के आधार पर भारतीय तटरक्षक बल ने समुद्र और हवा से निगरानी शुरू की। संदिग्ध नाव की पहचान होने के बाद उसका पीछा किया गया और 25 सितंबर को उसे रोककर तलाशी ली गई। 526 किलो हेरोइन और Methamphetamine बरामद तलाशी के दौरान नाव से करीब 526 किलो हाई-ग्रेड नारकोटिक्स बरामद किए गए। जब्त खेप में हेरोइन और Methamphetamine शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत ₹3,000 करोड़ से अधिक हो सकती है। नाव पर सवार थे पांच पाकिस्तानी नागरिक जिस नाव से नशीले पदार्थ बरामद किए गए, वह Iranian dhow बताई गई है। उस पर सवार पांच लोगों की पहचान पाकिस्तानी नागरिकों के रूप में की गई है। सभी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। Sea-Air Surveillance के बाद हुआ ऑपरेशन संदिग्ध नाव तक पहुंचने के लिए Coast Guard ने coordinated sea-air surveillance अभियान चलाया। लंबे समय तक निगरानी के बाद नाव का पीछा किया गया और सुरक्षाबलों की टीम ने उसे घेरकर boarding operation को अंजाम दिया। मुंबई लाई गई नाव और जब्त खेप ऑपरेशन पूरा होने के बाद नाव, पांचों हिरासत में लिए गए लोगों और बरामद ड्रग्स को सशस्त्र सुरक्षा के बीच मुंबई लाया गया। अब अलग-अलग जांच एजेंसियां उनसे संयुक्त पूछताछ कर रही हैं और पूरे नेटवर्क के स्रोत तथा संभावित destination का पता लगाया जा रहा है। 10 सितंबर को मिला था Intelligence Input जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार गुजरात ATS को 10 सितंबर के आसपास एक संभावित अंतरराष्ट्रीय ड्रग डील के बारे में खुफिया इनपुट मिला था। इसके बाद जानकारी भारतीय तटरक्षक बल के साथ साझा की गई और समुद्री मार्ग पर निगरानी तेज कर दी गई। भारत में खेप पहुंचाने की थी कथित योजना प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि ड्रग्स की यह खेप भारतीय जलक्षेत्र में दूसरी नाव को सौंपे जाने वाली थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप का अंतिम destination क्या था, इसे किस नेटवर्क ने भेजा और भारत में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इन बिंदुओं की जांच अभी जारी है। International Drug Network की जांच तेज इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स मिलने के बाद जांच का दायरा अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक बढ़ाया गया है। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि इस खेप के पीछे कौन-से लोग और संगठन सक्रिय थे तथा समुद्री रास्ते से ड्रग्स भारत पहुंचाने की योजना कैसे बनाई गई। समुद्री तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता भारतीय एजेंसियां पिछले कुछ वर्षों से अरब सागर में ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए कई संयुक्त अभियान चला चुकी हैं। 526 किलो की यह ताजा बरामदगी हाल के बड़े maritime narcotics seizures में शामिल है। मामले में आगे की जांच और पूछताछ के बाद नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं। source – Indian Coast Guard / Gujarat ATS / The Indian Express / Hindustan Times / Times of India The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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FBI की 10 Most Wanted List में गैंगस्टर Goldy Brar, गिरफ्तारी पर $1 Million का इनाम

नई दिल्ली: अमेरिका की Federal Bureau of Investigation (FBI) ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ उर्फ सतिंदरजीत सिंह को अपनी Ten Most Wanted Fugitives सूची में शामिल कर लिया है। FBI ने उसकी गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए 10 लाख डॉलर यानी $1 Million तक के इनाम की घोषणा की है। अमेरिकी अधिकारियों ने गोल्डी बराड़ पर संगठित अपराध, रंगदारी, ड्रग तस्करी और हिंसक गतिविधियों से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए हैं। FBI की Most Wanted List में 543वां नाम गोल्डी बराड़ FBI की Ten Most Wanted Fugitives List में शामिल किया गया 543वां व्यक्ति है। 28 सितंबर 2026 को FBI के Los Angeles Field Office ने इसकी औपचारिक घोषणा की। एजेंसी ने गोल्डी बराड़ को हथियारबंद और खतरनाक बताते हुए लोगों को उससे सीधे संपर्क न करने की सलाह दी है। गिरफ्तारी पर मिलेगा $1 Million तक इनाम FBI ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी तक पहुंचाने वाली सूचना के लिए $1 Million तक का reward रखा है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब ₹9 करोड़ के आसपास बैठती है, हालांकि वास्तविक राशि डॉलर-रुपया विनिमय दर के अनुसार बदल सकती है। Lawrence Bishnoi Gang से जुड़े होने का आरोप अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि गोल्डी बराड़ Lawrence Bishnoi Organized Crime Group का अहम सदस्य और उत्तरी अमेरिका में उसके संचालन से जुड़ा प्रमुख व्यक्ति है। जांचकर्ताओं का दावा है कि यह नेटवर्क अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों में targeted killings, shootings, extortion, kidnapping, narcotics और weapons trafficking जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। ये आरोप अमेरिकी अधिकारियों और अभियोजन पक्ष के हैं और अंतिम दोषसिद्धि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। अमेरिका में किन आरोपों का सामना कर रहा Goldy Brar? गोल्डी बराड़ के खिलाफ Los Angeles की Federal Court में कई आरोप लगाए गए हैं। इनमें RICO conspiracy, कारोबार को प्रभावित करने के लिए रंगदारी की साजिश, attempted extortion और controlled substances की distribution से जुड़ी साजिश के आरोप शामिल हैं। उसके खिलाफ 1 जुलाई 2026 को federal arrest warrant जारी किया गया था। California और Canada में रहने की आशंका FBI के मुताबिक गोल्डी बराड़ के California और Canada के अलग-अलग इलाकों में रहने की जानकारी रही है। एजेंसी ने दुनिया भर में उसकी तस्वीर और विवरण प्रसारित करने की बात कही है, ताकि उसकी पहचान और गिरफ्तारी में आम लोगों तथा अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद ली जा सके। Operation Hardball से जुड़ा मामला गोल्डी बराड़ के खिलाफ कार्रवाई Operation Hardball नाम के बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान से जुड़ी है। इस अभियान के तहत अमेरिका ने जुलाई 2026 में तीन India-linked transnational organised crime groups से जुड़े 37 आरोपियों के खिलाफ मामलों की घोषणा की थी। इन मामलों में हत्या, रंगदारी, shootings, drug trafficking और दूसरे संगठित अपराधों से जुड़े आरोप शामिल हैं। अमेरिका-कनाडा की एजेंसियां कर रहीं तलाश गोल्डी बराड़ को पकड़ने के लिए अमेरिकी एजेंसियां कनाडा समेत दूसरे देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। FBI ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास गोल्डी बराड़ के ठिकाने या गतिविधियों से जुड़ी कोई जानकारी हो तो उसे सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाया जाए। भारत में भी लंबे समय से चर्चा में Goldy Brar पंजाब से ताल्लुक रखने वाला गोल्डी बराड़ भारत में भी कई आपराधिक मामलों को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी उसके नेटवर्क और भारत में सक्रिय उसके सहयोगियों से जुड़े मामलों की जांच करती रही हैं। अब FBI की Top 10 Most Wanted List में शामिल होने के बाद उसकी तलाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और तेज हो गई है। FBI की लिस्ट में आने से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव FBI की Ten Most Wanted List दुनिया की सबसे चर्चित fugitive lists में से एक है। इस सूची में शामिल लोगों की जानकारी FBI के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर बड़े स्तर पर साझा की जाती है। गोल्डी बराड़ पर $1 Million का इनाम घोषित किए जाने के बाद अब अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों की जांच एजेंसियों के बीच उसकी तलाश और तेज होने की संभावना है। source – FBI / Hindustan Times / Moneycontrol FBI जय राष्ट्र न्यूज़

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लक्जरी कार से ₹4 करोड़ से ज्यादा की नकदी बरामद! सीट के नीचे बने सीक्रेट चेंबर से मिले नोटों के बंडल

खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो से ₹4 करोड़ 4 लाख 50 हजार नकद बरामद किए गए थे। रकम कार की सीटों के नीचे बने एक गुप्त चेंबर में छिपाई गई थी। कार में सवार गुजरात के दो लोग नकदी से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, जिसके बाद पुलिस ने रकम और वाहन जब्त कर आयकर विभाग को सूचना दी। यह घटना 14 अगस्त 2025 की है, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हुआ। चेकिंग के दौरान पुलिस को हुआ शक स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था के तहत खैरागढ़ पुलिस इतवारी बाजार MCP प्वाइंट पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान महाराष्ट्र नंबर की एक स्कॉर्पियो को रोका गया। पुलिस के मुताबिक कार में बैठे लोगों के जवाब और व्यवहार संदिग्ध लगे, जिसके बाद वाहन की गहन तलाशी ली गई। सीट के नीचे बना था सीक्रेट चेंबर तलाशी के दौरान पुलिस को स्कॉर्पियो की सीटों के नीचे एक विशेष रूप से बनाया गया गुप्त खांचा मिला। जब चेंबर को खोला गया तो उसमें ₹500 के नोटों के बंडल रखे हुए थे। गिनती के बाद कुल रकम ₹4,04,50,000 निकली। पुलिस ने स्कॉर्पियो की कीमत लगभग ₹18 लाख आंकी थी। गुजरात के दो लोग थे कार में सवार पुलिस के मुताबिक कार में 36 वर्षीय पारस पटेल, निवासी वडोदरा और 30 वर्षीय अक्षय पटेल, निवासी पाटन, गुजरात सवार थे। दोनों से बरामद नकदी के स्रोत और इसे ले जाने से संबंधित कागजात मांगे गए, लेकिन वे पुलिस के सामने वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। पुलिस ने नकदी और कार की जब्त दस्तावेज नहीं मिलने पर खैरागढ़ पुलिस ने नकदी और वाहन को जब्त कर लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक BNSS की धारा 106 के तहत कार्रवाई की गई। मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी गई ताकि रकम के वास्तविक स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच की जा सके। क्या हवाला से जुड़ी थी रकम? मामले के सामने आने के बाद इतनी बड़ी नकदी को लेकर कई तरह के सवाल उठे। कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में इसके हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि पुलिस या आयकर विभाग की ओर से उपलब्ध शुरुआती जानकारी में यह पुष्टि नहीं की गई थी कि रकम हवाला कारोबार से ही जुड़ी थी। इसलिए इसे फिलहाल जांच का विषय ही माना जाना चाहिए। पुरानी घटना का वीडियो फिर हुआ वायरल इस मामले का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर फिर वायरल हुआ, जिसके चलते कई यूजर्स ने इसे हाल की घटना समझा। हालांकि विश्वसनीय रिपोर्ट्स के अनुसार मूल कार्रवाई 14 अगस्त 2025 को हुई थी। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी वाहन के गुप्त चेंबर से नोटों के बंडल निकालते दिखाई देते हैं। रकम के स्रोत की जांच बनी अहम सवाल ₹4 करोड़ से ज्यादा की नकदी एक गुप्त चेंबर में रखकर ले जाने और उससे जुड़े दस्तावेज न मिलने के कारण मामले ने पुलिस और आयकर विभाग दोनों का ध्यान खींचा। फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध शुरुआती रिपोर्ट्स में इस नकदी के अंतिम मालिक या स्रोत को लेकर कोई निर्णायक आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया था। source – NDTV Madhya Pradesh-Chhattisgarh / Dainik Jagran / CG Now जय राष्ट्र न्यूज़

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अमृतसर में पुलिस और गैंगस्टर के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले के मत्तेवाल इलाके में पुलिस और एक वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी हरमन सिंह उर्फ हरमन गोपा राय ने नाके पर रुकने का इशारा किए जाने के बाद पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया। गुप्त सूचना के बाद लगाया गया था नाका अमृतसर ग्रामीण के SSP कंवलप्रीत सिंह चहल के मुताबिक पुलिस को हरमन की मत्तेवाल क्षेत्र में मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद मत्तेवाल थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर दलजीत सिंह की टीम ने इलाके में नाकाबंदी की। पुलिस का दावा है कि आरोपी को रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिसकर्मियों की ओर गोलियां चला दीं। SHO के बेहद करीब से गुजरी गोली पुलिस के अनुसार हरमन ने करीब तीन से पांच राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली थाना प्रभारी दलजीत सिंह के बेहद करीब से गुजरी और वह बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई के दौरान हरमन के पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे काबू कर लिया। अस्पताल में कराया गया भर्ती घायल आरोपी को पुलिस हिरासत में लेने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत को लेकर तत्काल किसी गंभीर खतरे की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद अमृतसर ग्रामीण SSP समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए। कई मामलों में वांछित होने का दावा पुलिस के मुताबिक हरमन कई आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ बोपाराय इलाके में फायरिंग से जुड़ा एक मामला भी बताया गया है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और कथित गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है। कुछ रिपोर्ट्स में उसका नाम हरमनजीत सिंह और उपनाम हरमन गोपा राय या हरमन बोपाराय भी बताया गया है। ग्रेनेड हमले से कनेक्शन की भी जांच पुलिस हरमन की गुरदासपुर क्षेत्र में हुए हालिया हैंड ग्रेनेड हमले से कथित भूमिका की भी जांच कर रही है। Tribune के मुताबिक अमृतसर पुलिस इस संबंध में गुरदासपुर पुलिस से जानकारी जुटा रही है। इस मामले में आरोपी की भूमिका जांच का विषय है, इसलिए जांच पूरी होने से पहले उसके खिलाफ लगे आरोपों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। पिस्टल बरामद होने की खबर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब हथियार की फॉरेंसिक जांच और अन्य मामलों से संभावित लिंक की पड़ताल कर रही है। आगे की जांच जारी पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन मामलों में शामिल रहा, उसके अन्य सहयोगी कौन हैं और किसी संगठित गैंग से उसका संबंध है या नहीं। मुठभेड़ 23 सितंबर 2026 को हुई और आरोपी फिलहाल पुलिस की निगरानी में इलाज करा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। source – Hindustan Times / The Tribune / Amar Ujala / UNI जय राष्ट्र न्यूज़

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7 महीने में 3 घटनाएं, IIT Bombay में छात्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल

मुंबई: देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान IIT Bombay में सात महीनों के भीतर तीन छात्रों की मौत ने छात्र सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सितंबर में दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद सैकड़ों छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया और प्रशासन से पारदर्शी जांच तथा बेहतर छात्र सहायता व्यवस्था की मांग की। सितंबर की घटना के बाद कैंपस में प्रदर्शन 18 सितंबर 2026 को Energy Science and Engineering विभाग के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की मौत हुई। इससे पहले उसी दिन परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर उनसे पूछताछ हुई थी। IIT Bombay ने शुरुआती बयान में कहा था कि छात्र को समझाया गया था और उस समय कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी। घटना के बाद 400 से अधिक छात्र कैंपस में जुटे और संस्थान की प्रक्रिया, मानसिक स्वास्थ्य सहायता तथा जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। मध्य-सेमेस्टर परीक्षाएं भी स्थगित की गईं। फरवरी में भी हुई थी छात्र की मौत इससे पहले 4 फरवरी 2026 को IIT Bombay के दूसरे वर्ष के Civil Engineering छात्र नमन अग्रवाल की हॉस्टल परिसर में गिरने के बाद मौत हुई थी। पुलिस ने उस समय Accidental Death Report दर्ज की थी और कमरे से एक हस्तलिखित नोट मिलने के बाद परिस्थितियों की जांच शुरू की थी। जुलाई में दूसरे वर्ष के छात्र की मौत इसके करीब पांच महीने बाद जुलाई 2026 में 20 वर्षीय दूसरे वर्ष के छात्र सोहिल राजकुमार सांगवान अपने हॉस्टल कमरे में मृत पाए गए। पुलिस ने मामले में ADR दर्ज कर छात्र के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों समेत कई पहलुओं को देखा जा रहा था। सात महीने में तीन मामले सितंबर में हुई घटना के साथ IIT Bombay में सात महीनों के भीतर तीन छात्र मौतें दर्ज की गईं। इसी कारण कैंपस में छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य समर्थन को लेकर बहस तेज हो गई है। छात्रों ने मांग की कि ऐसी घटनाओं की स्वतंत्र जांच हो, counselling व्यवस्था मजबूत की जाए और अकादमिक या अनुशासनात्मक मामलों में छात्रों के साथ अधिक संवेदनशील प्रक्रिया अपनाई जाए। छात्रों की 18 मांगों पर बनी सहमति साहिल वाकोडे की मौत के बाद तीन दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कई मांगें रखीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक संस्थान ने 18 मांगों पर सहमति जताई, जिनमें स्वतंत्र जांच, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, छात्र प्रतिनिधित्व और प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने जैसी बातें शामिल थीं। परिवार ने लगाए गंभीर आरोप साहिल वाकोडे के परिवार ने मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। IIT Bombay से जुड़े शिक्षकों के एक समूह ने संबंधित प्रोफेसर का बचाव भी किया है। ऐसे में मामले में अलग-अलग दावे सामने आए हैं और जांच जारी है। Crime Branch कर रही जांच मुंबई क्राइम ब्रांच CCTV फुटेज, छात्रों और शिक्षकों के बयान तथा डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी छात्र के परीक्षा कक्ष से निकलने के बाद के घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन तैयार करने की कोशिश कर रही है। छात्र सुरक्षा पर बढ़े सवाल लगातार हुई इन घटनाओं ने IIT Bombay जैसे बड़े शिक्षण संस्थानों में academic pressure, counselling support, grievance redressal और student welfare mechanisms को लेकर व्यापक बहस को जन्म दिया है। फिलहाल सितंबर की घटना की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन सात महीनों में तीन छात्रों की मौत ने कैंपस में छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है। source – The Indian Express / NDTV / India Today / Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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