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उज्जैन के श्मशान घाट में चिता से छेड़छाड़ का मामला; काली उर्फ नंद गिरी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने काली उर्फ नंद गिरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताती है। पुलिस का आरोप है कि वीडियो में वह तलवार लेकर जलती चिता के पास जाती और वहां से निकाली गई वस्तु को खाते हुए दिखाई देती है। Viral Video के बाद दर्ज हुई शिकायत यह वीडियो कुछ दिनों से social media पर circulate हो रहा था। मामला सामने आने के बाद स्थानीय सेनापति काल भैरव समिति की ओर से जीवाजीगंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस के मुताबिक वीडियो चक्रतीर्थ श्मशान घाट में बनाया गया था और बाद में आरोपी के Instagram account से upload किया गया। चिता से कथित मानव अवशेष निकालने का आरोप Viral footage में आरोपी हाथ में तलवार लिए जलती चिता के करीब दिखाई देती है। आरोप है कि उसने चिता से कथित तौर पर मानव अवशेष निकाला और उसे खाया। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तु वास्तव में मानव मांस ही थी, इसकी independent forensic confirmation सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे पुलिस शिकायत और आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। BNS और Arms Act के तहत कार्रवाई Ujjain की CSP Pushpa Prajapati के मुताबिक काली उर्फ नंद गिरी को Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 301 और Arms Act की धारा 25 के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को Judicial Magistrate First Class की अदालत में पेश किया गया। Court ने भेजा Judicial Custody में स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने आरोपी को 15 दिनों की judicial custody में भेज दिया है। उसे Ujjain की Bhairavgarh Central Jail भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब viral video और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। संत समाज ने जताई नाराजगी वीडियो सामने आने के बाद Ujjain के कई संतों ने घटना की आलोचना की। Juna Akhara के Mahamandaleshwar Shaileshanand Giri ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को अघोर साधना के नाम पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना स्वीकार्य नहीं है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि आरोपी का विभिन्न धार्मिक संस्थाओं या अखाड़ों से संबंध होने का दावा किस हद तक आधिकारिक है। फिलहाल आरोपी पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में है और मामला अदालत तथा जांच प्रक्रिया के अधीन है। स्रोत – Ujjain Police, PTI, ThePrint, Dainik Awantika जय राष्ट्र न्यूज़

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पटना में 6 साल के आदित्य का धरना खत्म; माता-पिता के लिए मांग रहे थे न्याय, Pappu Yadav ने दिया कानूनी लड़ाई का भरोसा

पटना: अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बैठे छह वर्षीय आदित्य राज ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। आदित्य 30 अगस्त से हाथ में संविधान लेकर धरने पर बैठे थे और मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सोमवार देर रात पूर्णिया सांसद Pappu Yadav उनसे मिलने पहुंचे और परिवार को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का भरोसा दिया। इसके बाद धरना खत्म कर दिया गया। माता-पिता के लिए न्याय की मांग आदित्य का मामला 25 अगस्त को पटना में हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है। परिवार का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आदित्य के माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की। इसी घटना के विरोध में आदित्य गर्दनीबाग में धरने पर बैठे और लगातार अपने माता-पिता के लिए न्याय तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे। हालांकि पटना पुलिस ने हिरासत और मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ को देखते हुए बच्चे और उसकी मां को सुरक्षा के लिए वहां से हटाया गया था। हाथ में संविधान लेकर बैठे थे आदित्य छह वर्षीय आदित्य की हाथ में संविधान लिए तस्वीरें और videos सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। आदित्य ने कहा था कि जब तक उनके माता-पिता को न्याय नहीं मिलता, वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मिलने की इच्छा भी जाहिर की थी। दो दिन तक चला धरना आदित्य ने 30 अगस्त को Gardanibagh में धरना शुरू किया था। 31 अगस्त को दूसरे दिन भी वह अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि वह अपने माता-पिता के साथ हुए कथित व्यवहार के खिलाफ न्याय चाहते हैं और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। देर रात पहुंचे Pappu Yadav 31 अगस्त की देर रात सांसद Pappu Yadav धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उनकी मां से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिया कि मामले को उचित कानूनी मंच पर उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर लड़ाई उच्च अदालतों तक ले जाई जाएगी। इसके बाद करीब दो दिनों से चल रहा आदित्य का धरना समाप्त हो गया। Pappu Yadav ने कहा कि न्याय और सम्मान की लड़ाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी। अब कानूनी लड़ाई पर जोर धरना खत्म होने का मतलब परिवार की मांग समाप्त होना नहीं है। परिवार कथित पुलिस कार्रवाई की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग पर कायम है। Pappu Yadav ने भी परिवार को legal assistance देने और मामले को अदालत में उठाने का भरोसा दिया है। दूसरी तरफ पुलिस अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज कर रही है। फिलहाल मामला परिवार के आरोप और पुलिस के अलग version के बीच है। कथित मारपीट के आरोप किसी judicial finding में अभी साबित नहीं हुए हैं। 1 September की स्थिति आज 1 सितंबर 2026 तक आदित्य का Gardanibagh धरना समाप्त हो चुका है। ताजा खबर उनके अनशन की बिगड़ती हालत नहीं, बल्कि Pappu Yadav के आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म होने और न्याय के लिए कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने की है। इसलिए आज के लिए सबसे accurate headline होगी: पटना में 6 साल के आदित्य का धरना खत्म; माता-पिता के लिए मांग रहे थे न्याय, Pappu Yadav ने दिया कानूनी लड़ाई का भरोसा स्रोत – NDTV India, ABP News, Navbharat Times, The Mooknayak जय राष्ट्र न्यूज़

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अंकित बालियान हत्याकांड की पूरी कहानी: जिम से निकलते ही 18 राउंड फायरिंग; Police ने बताया Pre-Planned Contract Killing, Gogi Gang Link की जांच तेज

शामली: हरियाणवी singer और YouTuber Ankit Baliyan की हत्या की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। 26 अगस्त की शाम Shamli में जिम से निकलने के कुछ ही सेकंड बाद चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ firing कर दी। Police के मुताबिक हमलावर दो motorcycles पर आए थे और करीब 18 rounds fire किए गए। एक गोली Ankit के सिर में लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अब Uttar Pradesh Police का कहना है कि यह अचानक हुआ हमला नहीं बल्कि पहले से planned contract killing थी। DGP Rajeev Krishna के मुताबिक हत्या से पहले Ankit की movements track की गईं, weapons arrange किए गए और पूरे operation के पीछे organised criminal network की भूमिका की जांच की जा रही है। 26 अगस्त की शाम क्या हुआ? 26 अगस्त को करीब 6:45 से 7 बजे के बीच Ankit Baliyan Shamli Kotwali क्षेत्र में स्थित gym से बाहर निकले। CCTV footage में वह kit bag लेकर अपनी Scorpio की तरफ जाते दिखाई देते हैं। कुछ दूरी पर चार संदिग्ध उनका पीछा करते नजर आते हैं। जैसे ही Ankit vehicle के पास पहुंचे, attackers ने उन पर firing शुरू कर दी। करीब 25 seconds तक रुक-रुककर firing होती रही। Police ने मौके और CCTV analysis के आधार पर करीब 18 rounds fire किए जाने की जानकारी दी। दो Bikes पर आए थे चार Shooters UP Police की शुरुआती investigation में सामने आया कि killing में चार shooters शामिल थे और वे दो motorcycles पर पहुंचे थे। हमले के बाद सभी मौके से भाग निकले। इसके बाद Shamli Police और UP STF ने CCTV footage, mobile data और दूसरे digital evidence की मदद से उनकी तलाश शुरू की। जांच में दो अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई, जिन पर कथित तौर पर attack से पहले recce करने और Ankit की location identify करने में मदद करने का शक है। हत्या से पहले की गई थी Recce? DGP Rajeev Krishna के मुताबिक जांच में संकेत मिले हैं कि murder पूरी planning के साथ किया गया था। Police यह पता लगा रही है कि: Police के मुताबिक इन सभी links को जोड़कर पूरी conspiracy की chain बनाई जा रही है। Crime Scene के पास Hotel में रुके थे Suspects Investigation में एक और महत्वपूर्ण lead सामने आई। Police को पता चला कि murder के suspects में शामिल दो लोग 20 अगस्त को crime scene से करीब 1.5 km दूर एक hotel में रुके थे और करीब दो दिन वहां ठहरे। एक GPS device के इस्तेमाल की जानकारी भी जांच में सामने आई है। Police इसे possible surveillance और attack planning से जोड़कर देख रही है। Gogi Gang का नाम कैसे आया? Murder के बाद social media पर एक post सामने आया, जिसमें Gogi gang के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। Post कथित तौर पर Haryana-based gangster Rahul alias Bholu Shahpuria से जुड़े account से किया गया था। इसमें Ankit पर rival group का साथ देने का आरोप लगाया गया था। हालांकि police social-media claim की authenticity की भी जांच कर रही है। इसलिए इसे अभी independently established confession के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। एक गाने से भी जोड़कर देख रही Police DGP के मुताबिक investigation में gang rivalry से जुड़ा एक और angle सामने आया है। Ankit ने एक YouTube song में काम किया था जिसे police gangster Jitender Mann alias Gogi की killing से जुड़े संदर्भ से जोड़कर देख रही है। Gogi की 2021 में Delhi के Rohini Court में गोलीबारी के दौरान मौत हुई थी। Police इस बात की जांच कर रही है कि क्या Ankit का यह creative association किसी gang को नागवार गुजरा और क्या वही हत्या की वजहों में शामिल था। अभी motive की पूरी judicial confirmation नहीं हुई है, इसलिए gang rivalry को investigation angle के रूप में ही देखना उचित होगा। दो Suspected Shooters Encounter में मारे गए Case में सबसे बड़ी development 31 अगस्त की सुबह हुई। Shamli Police और SWAT team के साथ encounter में दो suspected shooters Mohit, 22, और Sumit, 24 गोली लगने से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। दोनों Sonipat, Haryana के रहने वाले थे और उन पर ₹50,000-₹50,000 का reward घोषित था। Police का दावा है कि दोनों Ankit की हत्या करने वाले चार shooters में शामिल थे। Police के मुताबिक suspects ने Kairana Road के पास police team पर firing की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। इस exchange में दो police personnel भी घायल हुए। बाकी आरोपियों की तलाश जारी दो suspected shooters की मौत के बावजूद investigation खत्म नहीं हुई है। Police अभी बाकी shooters, recce करने वालों, alleged mastermind और criminal network के दूसरे सदस्यों की तलाश कर रही है। DGP ने कहा है कि conspiracy चाहे jail से operate हुई हो या विदेश से, इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी उद्देश्य से मामले की investigation के लिए एक specialised police team भी गठित की गई है। परिवार ने मांगा पूरा न्याय Encounter के बाद Ankit के पिता Satbir Baliyan ने UP government और police की कार्रवाई के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साथ ही कहा कि बाकी आरोपियों को भी पकड़ा जाना चाहिए। परिवार का कहना है कि जब तक हत्या की पूरी conspiracy सामने नहीं आती और बाकी responsible लोगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा। 1 September की Latest Situation आज 1 सितंबर 2026 तक verified स्थिति: इसलिए आज के लिए सबसे accurate headline होगी: अंकित बालियान हत्याकांड की पूरी कहानी: जिम से निकलते ही 18 राउंड फायरिंग; Police ने बताया Pre-Planned Contract Killing, Gogi Gang Link की जांच तेज नोट: Murder 26 अगस्त का है। 1 सितंबर की fresh development investigation में pre-planned conspiracy और organised gang network की भूमिका पर police का बढ़ता focus है। Gogi gang से जुड़े social-media responsibility claim और motive के कुछ हिस्सों की जांच अभी जारी है। स्रोत – Uttar Pradesh Police, Shamli Police, The Indian Express, Hindustan Times, NDTV, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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Greater Noida-Delhi Sleeper Bus में नाबालिग छात्रा से कथित Gangrape; Driver-Conductor गिरफ्तार, Police Jurisdiction पर भी विवाद

नई दिल्ली: Delhi-NCR में एक नाबालिग Class 11 छात्रा से चलती sleeper bus में कथित gangrape के मामले ने public transport की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Police के मुताबिक घटना 4 अगस्त 2026 की रात हुई थी। मामले में bus driver और conductor को गिरफ्तार किया गया है, जबकि vehicle को जब्त कर forensic examination के लिए भेजा गया है। मामले की जानकारी 31 अगस्त को प्रमुखता से सामने आई, जबकि आज 1 सितंबर को Delhi Police और Gautam Buddh Nagar Police के बीच jurisdiction को लेकर विवाद सामने आया है। National Human Rights Commission यानी NHRC ने भी मामले का संज्ञान लिया है। Pari Chowk से Bus में सवार हुई थी छात्रा Police के मुताबिक नाबालिग छात्रा भारी बारिश के दौरान Greater Noida के Pari Chowk पर फंस गई थी और Noida Sector 63 पहुंचने के लिए transport तलाश रही थी। इसी दौरान एक खाली sleeper bus वहां पहुंची। Driver और conductor ने कथित तौर पर छात्रा को बताया कि वे Sector 63 की तरफ जा रहे हैं और उसे bus में बैठा लिया। इसके बाद छात्रा ने police complaint में दोनों पर चलती bus में sexual assault करने और विरोध करने पर धमकी देने का आरोप लगाया। नाबालिग की privacy को देखते हुए उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। Kashmere Gate के पास छोड़ा गया Delhi Police की DCP North Niharika Bhatt के मुताबिक alleged crime का location Pari Chowk से Sector 63, Noida के बीच का route था। इसके बाद आरोपियों ने छात्रा को Delhi में Kashmere Gate के पास Ring Road पर छोड़ दिया। वह वहां से Kashmere Gate Police Station पहुंची और घटना की शिकायत दर्ज कराई। इसलिए घटना को केवल “Kashmere Gate में gangrape” कहना misleading हो सकता है। Driver और Conductor गिरफ्तार Police ने CCTV footage और technical तथा local intelligence की मदद से sleeper bus को trace किया। दोनों आरोपियों—bus driver और conductor—को Timarpur के bus parking area से गिरफ्तार किया गया। Delhi Police के मुताबिक दोनों arrests complaint मिलने के कुछ घंटों के भीतर की गईं। Bus को भी seize कर forensic investigation के लिए भेजा गया है। BNS और POCSO Act के तहत Case मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) और Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act की relevant provisions के तहत मामला दर्ज किया गया है। Reports के मुताबिक FIR में gangrape, kidnapping और assault से संबंधित allegations भी शामिल हैं। Police investigation अभी जारी है और आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं। 47 Km तक नहीं हुई Bus की Checking इस मामले में सबसे बड़ा सवाल passenger-vehicle monitoring पर उठ रहा है। Reports के मुताबिक sleeper bus ने Greater Noida से Delhi तक करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय की और रास्ते में किसी police checkpoint पर उसे रोका नहीं गया। Bus के CCTV system को लेकर भी सवाल उठे हैं। Reports में कहा गया है कि vehicle repair process में थी और onboard CCTV पूरी तरह operational नहीं था। Delhi और UP Police में Jurisdiction को लेकर विवाद आज, 1 सितंबर, मामले में नया विवाद सामने आया। Gautam Buddh Nagar Police ने कहा कि alleged crime उसके jurisdiction में हुआ था, लेकिन Delhi Police ने arrests की जानकारी public होने से पहले उसे मामले की सूचना नहीं दी थी। Delhi Police ने जवाब दिया कि sensitive nature और नए criminal laws को देखते हुए jurisdiction dispute में समय गंवाने के बजाय Kashmere Gate Police ने तुरंत medical examination कराया, FIR दर्ज की और investigation शुरू कर दी। NHRC ने लिया Cognisance 1 सितंबर को सामने आई latest reporting के मुताबिक National Human Rights Commission ने मामले का cognisance लिया है और संबंधित authorities को notices जारी किए हैं। इसके साथ passenger buses में CCTV, police checking और safety regulations के implementation को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। Rahul Gandhi ने सरकार पर साधा निशाना Leader of Opposition Rahul Gandhi ने भी आज मामले को लेकर Centre और Uttar Pradesh सरकार पर हमला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि Greater Noida से Delhi तक करीब 47 km चलने वाली bus किसी checkpoint पर क्यों नहीं रोकी गई और public transport safety rules का पालन क्यों नहीं किया गया। यह राजनीतिक प्रतिक्रिया है; मामले की criminal investigation Delhi Police कर रही है। 1 September की Latest Situation आज 1 सितंबर 2026 तक verified स्थिति यह है: इसलिए सबसे accurate headline होगी: Greater Noida-Delhi Sleeper Bus में नाबालिग छात्रा से कथित Gangrape; Driver-Conductor गिरफ्तार, NHRC ने लिया संज्ञान नोट: कई reports छात्रा की उम्र 16 वर्ष बताती हैं, जबकि Delhi Police के एक quoted video statement में उम्र 17 बताई गई है। इसलिए publication में “नाबालिग Class 11 छात्रा” लिखना सबसे सुरक्षित और accurate wording है। स्रोत – Delhi Police, PTI, The Indian Express, The Tribune, Moneycontrol जय राष्ट्र न्यूज़

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भागलपुर में गंगा की तेज धारा में पलटी मजदूरों की नाव; 19 सुरक्षित, 2 अब भी लापता, SDRF का Search Operation जारी

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के तेज बहाव के बीच बड़ा नाव हादसा सामने आया है। नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर क्षेत्र में बाढ़ और कटाव रोकने के काम में लगे मजदूरों को लेकर जा रही नाव बुधवार, 26 अगस्त 2026 की दोपहर अचानक पलट गई। प्रशासन के latest official figures के मुताबिक नाव पर 21 लोग सवार थे, जिनमें 19 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की पहचान सिकंदर मंडल और बादल मंडल के रूप में बताई गई है। SDRF की टीम मोटरबोट और अन्य rescue equipment के साथ गंगा में लगातार उनकी तलाश कर रही है। शुरुआती Reports में 18 लोग और 6 Missing बताए गए थे हादसे के तुरंत बाद सामने आई शुरुआती मीडिया reports में नाव पर 18 मजदूर सवार होने, 12 के तैरकर बच निकलने और 6 के लापता होने की जानकारी दी गई थी। लेकिन बाद में जिला प्रशासन और पुलिस से मिली updated information में तस्वीर साफ हुई। Bhagalpur District Magistrate Alankrita Pandey के हवाले से बाद की reports में बताया गया कि नाव पर कुल 21 लोग—19 मजदूर और दो नाविक—सवार थे। SDRF ने 19 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि दो लोग लापता रहे। इसलिए खबर publish करते समय 18 सवार, 12 सुरक्षित और 6 लापता वाली शुरुआती संख्या के बजाय latest official count का इस्तेमाल करना ज्यादा सही होगा। कहां हुआ हादसा? घटना भागलपुर जिले के नवगछिया क्षेत्र में राघोपुर तटबंध के पास हुई। यहां पिछले दिनों गंगा के बढ़ते जलस्तर और तटबंध में breach के बाद बाढ़ तथा कटाव रोकने का काम चल रहा था। मजदूर नदी में sandbags डालकर तटबंध को मजबूत करने और कटाव रोकने की कोशिश कर रहे थे। इसी flood-fighting operation के दौरान मजदूरों को लेकर जा रही नाव तेज धारा की चपेट में आ गई। दोपहर करीब 2:30 बजे पलटी नाव अधिकारियों के मुताबिक हादसा 26 अगस्त को करीब दोपहर 2:30 बजे हुआ। Water Resources Department से जुड़े flood-control और embankment repair operations के दौरान नाव गंगा में आगे बढ़ रही थी, तभी वह अचानक असंतुलित होकर पलट गई। नाव के पलटते ही उसमें सवार लोग तेज बहाव में गिर गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। भंवर बनने की आशंका District Magistrate Alankrita Pandey के मुताबिक preliminary information में आशंका जताई गई कि नदी में अचानक बने whirlpool यानी भंवर के कारण नाव का संतुलन बिगड़ा और वह पलट गई। हालांकि हादसे का exact technical cause जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा। गंगा में इस समय तेज बहाव और बाढ़ की स्थिति के कारण rescue operations भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। SDRF ने बचाए 19 लोग हादसे की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर तैनात State Disaster Response Force यानी SDRF की टीम ने rescue operation शुरू किया। Latest official reports के अनुसार कुल 19 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने भी rescue operation में प्रशासन की मदद की। बचाए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और लापता मजदूरों की तलाश नदी के downstream क्षेत्रों में भी की जा रही है। दो मजदूर अब भी लापता Latest reports के मुताबिक दो लोग अब भी नहीं मिले हैं। उनकी पहचान: के रूप में की गई है। 27 अगस्त की fresh स्थिति में दोनों की तलाश जारी बताई गई है। प्रशासन ने अभी दोनों को मृत घोषित नहीं किया है, इसलिए उन्हें “लापता” ही लिखा जाना चाहिए। मजदूर सामान्य यात्रा पर नहीं, Flood-Fighting Work में थे शुरुआती reports में यह भी कहा गया था कि मजदूर रोजमर्रा की मजदूरी के लिए नदी पार कर रहे थे। लेकिन बाद में प्रशासन और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक वे बाढ़ और तटबंध कटाव रोकने के काम में लगे हुए थे। Workers sandbags लेकर गंगा में erosion-control operation कर रहे थे। इसलिए इसे केवल “मजदूरी करने जा रहे मजदूरों की नाव” बताने के बजाय “कटाव-रोधी काम में लगे मजदूरों की नाव” कहना ज्यादा accurate है। दो दिन पहले टूट गया था तटबंध का हिस्सा राघोपुर इलाके में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद तटबंध का एक हिस्सा टूट गया था, जिसके चलते आसपास के गांवों में पानी घुसने और बड़े पैमाने पर erosion का खतरा पैदा हो गया। इसी के बाद Water Resources Department की तरफ से emergency flood-fighting और sandbagging operation तेज किया गया था। हादसे के वक्त मजदूर इसी emergency work का हिस्सा थे। बचाए गए मजदूर ने लगाए गंभीर आरोप हादसे में सुरक्षित निकले मजदूर Abhinandan Kumar ने ANI से बातचीत में दावा किया कि नाव डूबने के दौरान तत्काल मदद नहीं पहुंची और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। यह rescued worker का बयान है। Rescue response की पूरी sequence और किसी agency या contractor की जिम्मेदारी जांच के बाद ही तय की जा सकती है। Contractor के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हादसे के बाद प्रशासन ने safety arrangements को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। कुछ reports के मुताबिक district administration ने संबंधित contractor/vendor के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं। यह सवाल भी उठ रहा है कि तेज बहाव और flood conditions में मजदूरों को ले जाते समय पर्याप्त: उपलब्ध थे या नहीं। इन पहलुओं की जांच के बाद ही किसी specific व्यक्ति या contractor की negligence स्थापित की जा सकती है। नाव से Sandbags ले जाने पर रोक हादसे के बाद administration ने safety को देखते हुए sandbags ले जाने के लिए नावों के इस्तेमाल पर रोक लगाने और वैकल्पिक माध्यम अपनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। Reports के मुताबिक जहां संभव है वहां tractors के जरिए flood-control material पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य तेज धारा के दौरान दूसरे workers को ऐसे जोखिम से बचाना है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से Bhagalpur में चिंता भागलपुर में पिछले कुछ दिनों से गंगा का बढ़ता जलस्तर कई इलाकों के लिए चिंता बना हुआ है। तटबंध और erosion-control structures पर बढ़ते दबाव के कारण administration को लगातार flood-fighting operations करने पड़ रहे हैं। ऐसे में नदी में काम करने वाले labourers और rescue personnel की सुरक्षा एक…

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जलगांव में कांवड़ यात्रा के दौरान दर्दनाक हादसा; ट्रक की चपेट में आए बच्चे की मौत, गुस्साई भीड़ ने वाहन फूंका

जलगांव: महाराष्ट्र के जलगांव में कांवड़ यात्रा के दौरान एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। घटना 24 अगस्त 2026 की शाम ममुराबाद रोड इलाके में हुई। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक बच्चा मंदिर से दर्शन कर लौट रहा था, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और गुस्साई भीड़ ने ट्रक में आग लगा दी। घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। भीड़ ने सड़क पर प्रदर्शन किया, जिससे ममुराबाद रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। मंदिर से लौट रहा था बच्चा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बच्चा कांवड़ यात्रा के दौरान ममुराबाद रोड स्थित एक मंदिर में पूजा-अर्चना करने गया था। मंदिर से बाहर निकलने के बाद वह सड़क की ओर आया, तभी कथित तौर पर तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बच्चे की उम्र को लेकर अलग-अलग जानकारी हादसे की शुरुआती रिपोर्टों में बच्चे की उम्र को लेकर अंतर सामने आया है। NDTV और कुछ अन्य रिपोर्ट्स में बच्चे की उम्र 8 वर्ष बताई गई है, जबकि एक स्थानीय रिपोर्ट में उसे 10 वर्षीय प्रबल राजू गवली बताया गया है। इसलिए आधिकारिक पुलिस पुष्टि आने तक बच्चे की उम्र को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। गुस्साई भीड़ ने ट्रक में लगाई आग बच्चे की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। गुस्साई भीड़ ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को रोक लिया और बाद में उसमें आग लगा दी। कुछ रिपोर्ट्स में चालक के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। ट्रक देखते ही देखते आग की लपटों में घिर गया। दमकल विभाग को बुलाया गया, लेकिन तनावपूर्ण माहौल के कारण राहत और नियंत्रण की कार्रवाई में भी मुश्किलें आईं। सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन हादसे से नाराज लोगों ने बच्चे का शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन की वजह से जलगांव-ममुराबाद रोड पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। Driver भी हुआ घायल घटना के बाद ट्रक चालक भी घायल हुआ। NDTV की रिपोर्ट में चालक को मामूली चोट लगने और इलाज के लिए अस्पताल ले जाए जाने की बात कही गई है। वहीं कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में भीड़ की पिटाई से उसके गंभीर रूप से घायल होने का दावा किया गया है। चालक की स्थिति को लेकर रिपोर्ट्स में अंतर है, इसलिए उसकी medical condition पर पुलिस या अस्पताल की आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस ने संभाला मोर्चा हादसे और उसके बाद हुई आगजनी की खबर मिलते ही पुलिस की बड़ी टीम मौके पर पहुंची। भीड़ को शांत करने और यातायात सामान्य करने की कोशिश शुरू की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया। TV9 की 25 अगस्त की सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस के सामने दो अलग घटनाओं की जांच इस मामले में अब पुलिस के सामने केवल सड़क दुर्घटना ही नहीं, बल्कि दुर्घटना के बाद हुई हिंसा और आगजनी की जांच भी अहम होगी। एक ओर यह पता लगाया जाएगा कि ट्रक की रफ्तार कितनी थी, चालक की लापरवाही थी या नहीं और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। दूसरी ओर ट्रक में आग लगाने और चालक से कथित मारपीट में शामिल लोगों की पहचान भी जांच का हिस्सा बन सकती है। किस व्यक्ति के खिलाफ कौन-सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी शुरुआती रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा पर सवाल हादसे ने धार्मिक यात्राओं के दौरान traffic management को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल या समूहों में सड़कों से गुजरते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की movement, speed control, barricading और police deployment बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। जलगांव की घटना में भी यह जांच का विषय हो सकता है कि जिस route पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे, वहां भारी वाहन किस व्यवस्था के तहत चल रहे थे। 24 अगस्त की घटना, 25 अगस्त को भी चर्चा में यह हादसा सोमवार, 24 अगस्त 2026 की शाम हुआ था। 25 अगस्त की सुबह भी घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया तथा समाचार माध्यमों में चर्चा में हैं। फिलहाल सबसे बड़ा तथ्य यह है कि कांवड़ यात्रा के दौरान एक मासूम बच्चे की जान चली गई। इसके बाद भड़के आक्रोश ने हिंसक रूप ले लिया और दुर्घटना में शामिल ट्रक को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस अब दुर्घटना और उसके बाद हुई घटनाओं की जांच कर रही है। नोट: बच्चे की उम्र और ट्रक चालक की चोट की गंभीरता को लेकर शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में अलग-अलग जानकारी है। आधिकारिक पुलिस विवरण आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। स्रोत – एनडीटीवी, टीवी9 भारतवर्ष, दैनिक भास्कर हिंदी जय राष्ट्र न्यूज़

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Odisha Coast के पास Panama-flagged जहाज डूबा; 2 Crew Members सुरक्षित, 22 की तलाश में Rescue Operation

भुवनेश्वर: ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी में Panama-flagged cargo ship MV Ocean-Winner के डूबने के बाद बड़े पैमाने पर Search and Rescue Operation चलाया जा रहा है। जहाज पर कुल 24 crew members सवार थे, जिनमें से अब तक दो लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि बाकी 22 सदस्यों की तलाश जारी है। जहाज ओडिशा के Paradip Port से iron ore लेकर Singapore जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार जहाज से संपर्क टूटने के बाद Indian Coast Guard समेत maritime agencies को अलर्ट किया गया और आसपास मौजूद जहाजों को भी बचाव अभियान में मदद के लिए लगाया गया। Paradip से Singapore जा रहा था MV Ocean-Winner रिपोर्ट्स के अनुसार MV Ocean-Winner ने 20 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे ओडिशा के Paradip Port से अपनी यात्रा शुरू की थी। जहाज Singapore की ओर जा रहा था और इसमें ओडिशा से लोड किया गया करीब 1,700 टन iron ore मौजूद था। इसके बाद 22 अगस्त को जहाज से संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई। यह जहाज Panama के झंडे के तहत operate कर रहा था। जहाज पर थे 24 Crew Members जहाज पर अलग-अलग देशों के कुल 24 crew members सवार थे। इनमें: शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार अभी तक बचाए गए दो लोगों की पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है। 22 अगस्त को टूटा जहाज से संपर्क Maritime Rescue Coordination Centre यानी MRCC, Sri Vijaya Puram को 22 अगस्त को करीब 11:48 बजे जहाज से संपर्क टूटने की सूचना मिली। जहाज को operate करने वाली Victory Star Group Co. Ltd. की ओर से Search and Rescue assistance की मांग की गई थी। सूचना मिलने के बाद maritime rescue network को सक्रिय किया गया और आसपास मौजूद जहाजों को MV Ocean-Winner तथा उसके liferafts की तलाश करने के निर्देश दिए गए। दो Crew Members Liferafts से बचाए गए बचाव अभियान के दौरान merchant tanker MT AISOPOS को जहाज की तलाश के लिए divert किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार शाम करीब 8 बजे दो survivors को अलग-अलग liferafts से सुरक्षित निकाला गया। दो लोगों के मिलने के बाद बाकी crew members की तलाश और तेज कर दी गई। Coast Guard ने भेजे कई जहाज Indian Coast Guard ने Search and Rescue Operation के लिए ICGS Varad और ICGS Anmol को मौके की ओर रवाना किया। इसके अलावा ICGS Vijit को Sri Vijaya Puram से भेजा गया, ताकि search operation का दायरा बढ़ाया जा सके। आसपास से गुजर रहे अन्य commercial vessels को भी alert किया गया है और उनसे rescue operation में सहायता मांगी गई है। Odisha Coast से 200 Nautical Miles से ज्यादा दूर हादसा रिपोर्ट्स में जहाज के डूबने का स्थान ओडिशा तट से करीब 240 nautical miles दूर बताया गया है। जहाज का last reported location East Island Light क्षेत्र के आसपास दर्ज किया गया था। अलग-अलग operational reports में दूरी को लेकर अलग संदर्भ दिए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि हादसा तट से काफी दूर खुले समुद्र में हुआ। इसी वजह से rescue operation चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। MV Ocean-Winner कितना बड़ा जहाज था? Marine tracking information के अनुसार MV Ocean-Winner एक bulk carrier था। रिपोर्ट के मुताबिक जहाज की कुल लंबाई करीब 225 मीटर और चौड़ाई करीब 32.26 मीटर थी। इसका destination Singapore दर्ज था और वहां पहुंचने की अनुमानित तारीख 27 अगस्त थी। Bulk carriers का इस्तेमाल आम तौर पर iron ore, coal, grain और अन्य बड़े dry cargo को समुद्री रास्ते से ले जाने के लिए किया जाता है। जहाज क्यों डूबा? कारण अभी साफ नहीं MV Ocean-Winner के डूबने की वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने फिलहाल अपना पूरा ध्यान लापता crew members को तलाशने और बचाने पर केंद्रित किया है। जहाज में किसी तकनीकी खराबी, खराब मौसम या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं, इसकी जांच आगे की जाएगी। इसलिए हादसे की वजह को लेकर किसी भी अपुष्ट दावे को फिलहाल तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। Search Operation लगातार जारी 23 अगस्त की सुबह तक सामने आए latest updates के मुताबिक दो crew members को सुरक्षित बचाया जा चुका है और बाकी 22 लोगों की तलाश जारी है। Indian Coast Guard और अन्य maritime agencies समुद्र में liferafts, floating debris और किसी भी संभावित survivor की तलाश कर रही हैं। Search and Rescue missions में समुद्र की स्थिति, visibility और जहाज के last known position जैसे factors बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। Paradip Port भारत के प्रमुख Ports में शामिल ओडिशा का Paradip Port भारत के प्रमुख cargo ports में से एक है और यहां से बड़ी मात्रा में iron ore, coal और अन्य commodities का export किया जाता है। MV Ocean-Winner भी यहीं से cargo लेकर Singapore के लिए रवाना हुआ था। इस घटना के बाद maritime authorities जहाज की movement history, distress communication और sinking के कारणों से जुड़े technical details की जांच कर सकती हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बाकी crew members को जल्द से जल्द खोजने की है। जैसे-जैसे Coast Guard और अन्य एजेंसियों से नए आधिकारिक updates सामने आएंगे, जहाज के डूबने की वास्तविक वजह और crew members की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। स्रोत – पीटीआई, एएनआई, एनडीटीवी, द स्टेट्समैन जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प का दावा; DCP ऑफिस में जबरन घुसने का VIDEO वायरल?

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी DCP ऑफिस में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे, हालांकि उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों से इस दावे की स्पष्ट पुष्टि नहीं होती। इतना जरूर सामने आया है कि बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस कार्यालय के बाहर जमा हुए, नारेबाजी हुई और DCP ऑफिस की एक दीवार के हिस्से को नुकसान पहुंचाए जाने की खबर है। यह पूरा घटनाक्रम छात्र साहिल लोचब को कथित pellet injuries के मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर हुए राहुल गांधी के धरने से जुड़ा है। राहुल गांधी क्यों पहुंचे थे DCP ऑफिस? लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 21 अगस्त 2026 को साहिल लोचब के साथ दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे। साहिल का आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र प्रदर्शन के दौरान उन्हें pellets लगे थे। राहुल गांधी ने मामले में अलग FIR दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी पहले संबंधित पुलिस स्टेशन पहुंचे और बाद में Parliament Street Police Station परिसर में स्थित DCP ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात की। बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। Priyanka Gandhi समेत कई कांग्रेस नेता पहुंचे राहुल गांधी के धरने की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे। जयराम रमेश, कुमारी शैलजा और अन्य पार्टी नेताओं की मौजूदगी के बीच पुलिस कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ने लगी। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और Rapid Action Force (RAF) के जवान भी तैनात किए गए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव धरने के दौरान पुलिस कार्यालय के बाहर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। NDTV की 22 अगस्त की वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने DCP ऑफिस की दीवार के एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया। घटनास्थल पर कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव की स्थिति भी दिखाई दी। वहीं India Today की ग्राउंड रिपोर्ट में पूरे इलाके में बैरिकेडिंग, भारी पुलिस मौजूदगी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जमा होने का जिक्र किया गया है। क्या प्रदर्शनकारी जबरन DCP ऑफिस में घुसे? सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस को धक्का देते हुए DCP ऑफिस में जबरन प्रवेश किया। हालांकि अभी तक उपलब्ध प्रमुख मीडिया रिपोर्टों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं द्वारा DCP ऑफिस के अंदर जबरन घुस जाने की स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्टों से यह जरूर पुष्ट होता है कि पुलिस कार्यालय के बाहर भीड़ जमा थी, नारेबाजी हुई, तनाव की स्थिति बनी और कार्यालय की दीवार के एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया गया। इसलिए वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे “जबरन घुसने” के दावे को आधिकारिक पुष्टि मिलने तक सावधानी से देखा जाना चाहिए। क्या है Sahil Lochab Pellet Case? साहिल लोचब ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्हें कई metal pellets लगे थे और उनकी आंख भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई। उनकी शिकायत में इलाज से जुड़े दस्तावेज और शरीर से निकाले गए pellets की जांच कराने की भी मांग की गई। यह मामला राजनीतिक रूप से तब और बड़ा हो गया जब राहुल गांधी ने इसे पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों से जोड़ते हुए FIR दर्ज करने की मांग की। दिल्ली पुलिस की ओर से पहले pellet gun के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर सवाल उठाए गए थे, जबकि पूरा घटनाक्रम पहले से जांच के दायरे में था। धरने के बाद Delhi Police ने दर्ज की FIR करीब छह घंटे चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। पुलिस के अनुसार केस Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 118 और 25 के तहत दर्ज किया गया है। ये प्रावधान खतरनाक साधनों से चोट पहुंचाने और जीवन अथवा व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों से संबंधित हैं। FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी का धरना समाप्त हुआ। BJP और Congress आमने-सामने पूरे मामले ने राजनीतिक विवाद का रूप भी ले लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि घायल छात्र को न्याय दिलाने के लिए लंबे समय तक FIR की मांग करनी पड़ी। वहीं BJP नेताओं ने राहुल गांधी पर मामले का राजनीतिकरण करने और कानून-व्यवस्था पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। NDTV के मुताबिक BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मामले को राजनीतिक तमाशा बनाने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस का कहना है कि पार्टी छात्र को न्याय दिलाने की मांग कर रही थी। फिलहाल छात्र को pellets कैसे लगे और इसके लिए कौन जिम्मेदार था, यह जांच का विषय है। इसी तरह सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे DCP ऑफिस में जबरन घुसने के दावे की भी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो को पूरे संदर्भ और जांच के अंतिम नतीजों के बिना निर्णायक सबूत मानना उचित नहीं होगा। स्रोत – एनडीटीवी, इंडिया टुडे, पीटीआई, द वीक जय राष्ट्र न्यूज़

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31 वर्षीय Software Engineer की पीट-पीटकर हत्या, ससुराल पक्ष पर आरोप

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के निहाल विहार इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर उनके ससुराल पक्ष के लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। विनय नोएडा में Adobe के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पत्नी से विवाद के बाद घर पहुंचे थे रिश्तेदार पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना शुक्रवार को बाहरी दिल्ली के निहाल विहार स्थित लक्ष्मी पार्क इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि विनय गुप्ता और उनकी पत्नी के बीच सुबह किसी घरेलू मामले को लेकर विवाद हुआ था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि विवाद उनके छोटे बच्चे को दवा देने की बात को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद पत्नी ने अपने परिवार के लोगों को बुलाया। परिवार के सदस्यों के घर पहुंचने के बाद बातचीत शुरू हुई, लेकिन आरोप है कि कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया और विनय के साथ गंभीर मारपीट की गई। परिवार का आरोप—सुलह के बहाने आए थे लोग विनय के परिवार का आरोप है कि पत्नी के परिवार से कई लोग विवाद को सुलझाने के नाम पर उनके घर पहुंचे थे। मृतक के परिजनों के मुताबिक बातचीत के दौरान विनय पर हमला कर दिया गया। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया और गला दबाने की कोशिश भी की गई। परिवार का यह भी दावा है कि घटना अचानक हुई मारपीट नहीं बल्कि पहले से रची गई साजिश हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। गंभीर चोटों के कारण हुई मौत कथित हमले में विनय को गंभीर चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक मारपीट के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। फोरेंसिक टीम ने भी घर से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस घटना से पहले हुए विवाद, मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। चार लोग हिरासत में, हत्या का मामला दर्ज दिल्ली पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित हमले में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) यानी हत्या और धारा 3(5) यानी समान मंशा से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच कर रही है। करीब साढ़े तीन साल पहले हुई थी शादी रिपोर्ट्स के मुताबिक विनय गुप्ता की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले हुई थी। दंपति के करीब चार महीने के जुड़वां बच्चे—एक बेटा और एक बेटी—हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। CCTV बंद करने का भी परिवार ने लगाया आरोप विनय के परिवार ने यह आरोप भी लगाया है कि घटना के दौरान घर में लगे CCTV कैमरों को बंद कर दिया गया था। परिवार इसे कथित साजिश से जोड़कर देख रहा है। हालांकि CCTV बंद किए जाने और घटना को पहले से योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिए जाने के आरोप फिलहाल मृतक के परिवार के दावे हैं। पुलिस इन पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर फिलहाल दिल्ली पुलिस ने हत्या के इस मामले की जांच तेज कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इस मामले में कई आरोप मृतक के परिवार की ओर से लगाए गए हैं। इसलिए घटना के पीछे की वास्तविक वजह, कथित हमले में शामिल लोगों की भूमिका और पूरा घटनाक्रम पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। नोट: खबर में ससुराल पक्ष और साजिश से संबंधित आरोप मृतक के परिवार तथा शुरुआती पुलिस जानकारी पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, द वीक, हिन्दुस्तान जय राष्ट्र न्यूज़

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होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षक ने मारा थप्पड़? 6 साल के छात्र की मौत, परिवार ने मांगा न्याय

विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 6 वर्षीय छात्र की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक छात्र की पहचान तम्माना प्रणय तेज के रूप में हुई है, जो UKG में पढ़ता था। परिवार का आरोप है कि होमवर्क पूरा नहीं करने पर एक महिला शिक्षक ने बच्चे को थप्पड़ मारा, जिसके कुछ ही देर बाद वह कक्षा में बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना से जुड़ा कथित CCTV वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में बच्चे को शिक्षक के सामने खड़ा देखा जा सकता है। इसके बाद शिक्षक कथित तौर पर उसे थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं और कुछ ही क्षणों बाद छात्र अचानक बेहोश होकर गिर जाता है। क्या है पूरा मामला? घटना विशाखापत्तनम के टाउन कोठारोड इलाके स्थित एक निजी स्कूल की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रणय तेज गुरुवार, 20 अगस्त को स्कूल गया था। परिवार का आरोप है कि बच्चे ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। कक्षा में जब शिक्षक छात्रों का होमवर्क जांच रही थीं, तभी प्रणय को कथित तौर पर डांटा गया और थप्पड़ मारा गया। घटना के वीडियो में बच्चा परेशान और रोता हुआ नजर आता है। कुछ ही देर बाद वह अचानक शिक्षक के पास गिर जाता है। स्कूल स्टाफ ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने लगाए गंभीर आरोप प्रणय के माता-पिता ने शिक्षक और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि बच्चा स्कूल जाने से पहले स्वस्थ था और उसकी अचानक मौत के पीछे स्कूल में हुई घटना की जांच होनी चाहिए। बच्चे की मौत के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन भी किया और शिक्षक तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर कक्षा में ऐसा क्या हुआ जिससे बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला परिवार की शिकायत के बाद वन-टाउन पुलिस ने निजी स्कूल के खिलाफ FIR दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र की मौत का वास्तविक मेडिकल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि छात्र की मौत सीधे तौर पर थप्पड़ लगने की वजह से ही हुई। यह परिवार का आरोप है और मौत के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद होनी बाकी है। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी और राजस्व मंडल अधिकारी शामिल बताए गए हैं। कमेटी स्कूल में हुई घटना, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और अन्य परिस्थितियों की जांच करेगी। शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने जताया दुख आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी बच्चे की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुखद है और जांच के बाद जिम्मेदार लोगों तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से परिवार को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया गया है। वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो भी जांच का अहम हिस्सा बन सकता है। कथित वीडियो में शिक्षक बच्चे को डांटती और थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं, जिसके बाद बच्चा अचानक गिर जाता है। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और बच्चे की मौत के बीच सीधा चिकित्सकीय संबंध था या नहीं, इसका फैसला पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही होगा। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों को शारीरिक दंड देने और छात्रों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल परिवार न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। नोट: शिक्षक द्वारा मारपीट और उससे बच्चे की मौत होने संबंधी बातें परिवार के आरोपों पर आधारित हैं। मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद होगी। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान, पीटीआई जय राष्ट्र न्यूज़

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