Dr. K.K. Muhammad on Secularism & Muslim Majority

Muslim majority and secularism: यदि मुस्लिम बहुसंख्यक होते, तो भारत कभी नहीं होता सेक्युलर- डॉ. के.के. मुहम्मद

भारत सिर्फ इसलिए धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है, यदि मुस्लिम बहुसंख्यक होते, तो भारत कभी सेक्युलर नहीं (Muslim majority and secularism) होता। ये बोल हैं, इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल रिसर्च के सदस्य और पद्मश्री डॉ. के.के. मुहम्मद के। बता दें कि 70 वर्षीय आर्कियोलॉजिस्ट डॉ. के.के. मुहम्मद ने राम जन्मभूमि मंदिर की जांच के बाद अहम निभाई थी। इन दिनों सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में वह कहते दिख रहे हैं कि “भारत धर्मनिरपेक्ष इसलिए है, क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि “अगर राम और कृष्ण आपके इतिहास पुरुष, आपके राष्ट्रीय नायक नहीं हैं, तो आप एक आदर्श मुसलमान नहीं हैं।” दरअसल, लेखक आनंद रंगनाथन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डॉ. के.के. मुहम्मद का एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्‍शन में लिखा कि “भारत सिर्फ़ इसलिए धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि यह हिंदू बहुल देश है। यही हिंदू धर्म की महानता है। अगर राम और कृष्ण आपके इतिहास पुरुष, आपके राष्ट्रीय नायक नहीं हैं, तो आप एक आदर्श मुसलमान नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि “डॉ. के.के. मुहम्मद, जिन्हें यह पता लगाने के लिए निलंबित कर दिया गया था कि बाबरी के नीचे कभी एक मंदिर था।  साल 1976-77 में पुरातत्वविद प्रो बी बी लाल के नेतृत्व में अयोध्या राम जन्मभूमि स्थान की खाेदाई हुई थी (Muslim majority and secularism) India is secular only because it is a Hindu majority country. This is the greatness of Hinduism. If Rama and Krishna are not your Itihasa purusha, your national heroes, you are not a perfect Muslim. – Dr KK Muhammed, suspended for discovering that a temple once stood under Babri. pic.twitter.com/Bh0RKC3XbC — Anand Ranganathan (@ARanganathan72) March 30, 2025 केरल के कोझिकोड में जन्में करिंगमन्‍नू कुझियिल मुहम्‍मद (के.के. मुहम्मद) ने अपनी जीवन यात्रा को मलयाली में एक किताब की शक्ल दी है। जिसका हिंदी अनुवाद है, मैं भारतीय हूं। बता दें, इस किताब में उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर की खोज यात्रा को बहुत विस्तार से लिखा है। वो लिखते हैं कि “जब अयोध्या में राम जन्मभूमि के मालिकाना हक को लेकर 1990 में पहली बार पूरे देश में बहस जोर पकड़ रही थी, तब मुझे 1976-77 वाले कॉलेज के दिन याद आ रहे थे। तब पढ़ाई की खातिर मुझे अयोध्या भेजा गया (Muslim majority and secularism) था। साल 1976-77 में पुरातत्वविद प्रो बी बी लाल के नेतृत्व में अयोध्या राम जन्मभूमि स्थान की खाेदाई हुई थी, उस खोदाई में मैं भी शामिल था। उस खोदाई में वहां राम मंदिर के प्रमाण मिले थे। मगर जब यह बात मेंने वर्ष 1990 में सार्वजनिक रूप से कही, तो मेरी नौकरी जाते जाते बची थी। दरअसल, साल 1990 में एक अखबार के लेख के माध्यम से उन्होंने स्वीकार किया था कि “उन्होंने मस्जिद के नीचे राम मंदिर के अवशेष देखे थे। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से उन्हें वर्ष 2019 में पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।  इसे भी पढ़ें:- औरंगजेब विवाद में कूदे राज ठाकरे, बोले- मराठों को नष्ट करने की कोशिश करने वाला यहीं हुआ दफन  मुसलमानों को खुद ही मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान को हिंदुओं को उपहार की तरह सौंप देना (Muslim majority and secularism) चाहिए यही नहीं, पद्मश्री डॉ. के.के. मुहम्मद ने इससे पहले भारतीय मुसलमानों से कहा था कि “मथुरा और ज्ञानवापी मस्जिद के स्थान को खुद ही हिंदुओं को उपहार की तरह सौंप देना (Muslim majority and secularism) चाहिए। उनकी जो पवित्र इमारत है, उसे कहीं अन्य उपयुक्त स्थल पर स्थानांतरित करने के लिए मुसलमानों को स्वयं आगे आना चाहिए। इससे सरकार एवं सर्व समाज से भी सहयोग मिल सकेगा। उनके इस बयान की भी खूब चर्चा हुई थी। खैर, वह लगातार अपनी बातें खुलकर रखने के लिए जाने जाते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News  Muslim majority and secularism #IndiaSecularism #DrKKMuhammad #SecularIndia #MuslimMajority #IndianHistory #ReligiousDebate

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DonaldTrump2028

Trump presidential plans: क्या तीसरी बार भी अमेरिका के राष्ट्रपति बनना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप?

अमेरिका में राष्ट्रपति पद का कार्यकाल 4 साल का होता है और कोई भी शख्स दो बार से अधिक इस पद पर नहीं रह (Trump presidential plans) सकता। दरअसल, फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट लगातार चार बार अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए थे। इसके बाद साल 1951 में अमेरिकी संविधान में 22वां संशोधन किया गया। उस संसोधन के मुताबिक कोई भी व्यक्ति राष्ट्रपति के पद पर दो बार से अधिक नहीं चुना जाएगा। इस संशोधन के साथ अमेरिका में अधिकतम 2 बार ही राष्ट्रपति बनने की सीमा लगा दी गई। इस संविधान संशोधन के बाद अब तक चुने गए सभी राष्ट्रपति इस सीमा का पालन करते आए हैं। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी बार भी राष्ट्रपति बनने की इच्छा जताई है। बता दें की डोनाल्ड ट्रंप साल 2017 से लेकर 2021 तक अमेरिका के राष्ट्रपति थे। इसके बाद साल 2021 में वो जो बाइडेन को हाथों चुनाव हार गए थे।  अमेरिका का पुतिन बनने को सोच (Trump presidential plans) रहे हैं- डोनाल्ड ट्रंप इसके बाद साल 2025 में एक फिर से वो चुनाव में लड़े और इस बार उनका मुकाबला जिसमें उनका मुकाबला कमला हैरिस से हुआ। बड़ी बात यह की इस चुनाव को वे भारी अंतर से जीत गए। अब उनका यह कार्यकाल साल 2029 में खत्म होगा। गौर करने वाली बात यह कि तब तक वे 82 वर्ष के हो चुके होंगे। इसके बावजूद ट्रंप को उम्मीद है कि उनकी लोकप्रियता की वजह से अमेरिकी जनता उन्हें तीसरा कार्यकाल देने के लिए सहमत हो जाएगी। इस तरह वो अमेरिका का पुतिन बनने को सोच (Trump presidential plans) रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या वे भी संवैधानिक सीमा को हटाकर तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने जा रहे हैं? दरअसल, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने संविधान में संशोधन कर चुनाव लड़ने की सीमा हटा चुके हैं। हालांकि इस बारे पहले से अटकलें लगाईं जा रही थी लेकिन रविवार को  ट्रंप ने खुद ही इस बारे में स्पष्ट कर दिया। उन्होंने खुलकर कहा कि “वे तीसरी बार भी राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा करना चाहते हैं।”  इसे भी पढ़ें:- म्यामार-थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके, गगनचुंबी इमारतें हुईं धराशाही देखिए मुझे काम करना (Trump presidential plans) पसंद है- डोनाल्ड ट्रंप एनबीसी न्यूज को टेलीफोनिक इंटरव्यू में जब ट्रंप से पूछा गया कि “क्या वह उस समय देश की सबसे कठिन नौकरी में सेवाएं देना जारी रखना चाहेंगे? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि “देखिए मुझे काम करना (Trump presidential plans) पसंद है।” इस दौरान उन्होंने दावा किया कि “अमेरिका की जनता उनकी लोकप्रियता के कारण उन्हें तीसरा कार्यकाल देने के लिए तैयार हो जाएगी। ट्रंप यही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि “मैं मजाक नहीं कर रहा हूं। ऐसे तरीके हैं जिनसे आप ऐसा कर सकते हैं। हालांकि इसके बारे में विचार करना अभी काफी जल्दबाजी होगी।” विदेश नीति मामलों के विशेषज्ञों की माने तो ट्रंप के इरादों से स्पष्ट है कि साल 2029 में अपना दूसरा कार्यकाल खत्म होने के बाद भी वे तीसरी बार चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए वे शायद दो से अधिक बार देश का नेतृत्व करने पर लगी रोक संबंधी संवैधानिक बाधा को पार करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। तो वहीं ट्रम्प की टिप्पणियों की तीखी आलोचना भी की जा रही है। प्रतिनिधि डैनियल गोल्डमैन ने इसे सरकार को संभालने और हमारे लोकतंत्र को खत्म करने के उनके स्पष्ट प्रयास में वृद्धि करार दिया है।उन्होंने कहा कि “अगर कांग्रेस के रिपब्लिकन संविधान में विश्वास करते हैं, तो वे तीसरे कार्यकाल के लिए ट्रम्प की महत्वाकांक्षाओं का विरोध करेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump presidential plans #TrumpThirdTerm #DonaldTrump2028 #Trump2028Campaign #USPresidentialElections #Trump2028Run #TrumpForPresident #Trump2028Bid #Trump2028

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Mahakaleshwar Temple

महाकाल का शृंगार: क्यों हर दिन बदलता है भगवान शिव का स्वरूप?

उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के रूप महाकाल (Mahakaal) का प्रतिदिन विशेष शृंगार किया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, बल्कि इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी छिपा होता है। आइए जानते हैं कि प्रतिदिन महाकाल का शृंगार अलग-अलग क्यों किया जाता है और इसके पीछे की क्या कहानी है। महाकाल का शृंगार: एक दिव्य परंपरा महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में भगवान शिव के रूप महाकाल का शृंगार प्रतिदिन अलग-अलग तरीके से किया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, बल्कि इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी छिपा होता है। महाकाल का शृंगार उनके विभिन्न रूपों और भावों को दर्शाता है, जो भक्तों को उनके दिव्य स्वरूप के करीब ले जाता है। शृंगार के पीछे का धार्मिक महत्व महाकाल का शृंगार (Mahakal Shringar) केवल सजावट नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक अनुष्ठान है। यह शृंगार भगवान शिव के विभिन्न रूपों और उनकी लीलाओं को दर्शाता है। प्रतिदिन अलग-अलग शृंगार करने के पीछे का उद्देश्य भक्तों को भगवान शिव (Lord Shiva) के विभिन्न रूपों के दर्शन कराना और उनकी कृपा प्राप्त करना है। महाकाल का अनूठा शृंगार 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन में विराजित बाबा महाकाल का हर दिन विभिन्न रूपों में शृंगार होता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह भगवान शिव (Lord Shiva) के विभिन्न रूपों को दर्शाता है। हर दिन अलग-अलग रूप में महाकाल के दर्शन करने से भक्तों को एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है। महाकाल के शृंगार के विभिन्न रूप इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व महाकाल के शृंगार का महत्व उज्जैन स्थित महाकाल (Mahakaleshwar Temple) के मंदिर में हर दिन आरती के बाद बाबा को एक अलग रूप में सजाया जाता है। यह शृंगार न केवल भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह भगवान शिव के विभिन्न रूपों को दर्शाता है। हर दिन अलग-अलग रूप में महाकाल के दर्शन करने से भक्तों को एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है। महाकाल के शृंगार (Mahakal Shringar) का यह अनूठा तरीका भक्तों को भगवान शिव की विभिन्न लीलाओं और रूपों के बारे में जानने का अवसर प्रदान करता है। यह शृंगार न केवल भक्तों की आस्था को मजबूत करता है, बल्कि उन्हें भगवान शिव (Lord Shiva) के प्रति समर्पण और भक्ति का संदेश भी देता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Mahakaleshwar Temple #UddhavThackeray #BJP #ModiGovt #MaharashtraPolitics #ShivSena #LokSabhaElections #IndianPolitics #PoliticalAttack #MaharashtraNews #ModiVsOpposition

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CSK Faces Second Consecutive Loss

Chennai Super Kings Loss: चेन्नई सुपर किंग्स को मिली लगातार दूसरी हार, इस बार राजस्थान रॉयल्स ने दी करारी शिकस्त

गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में आईपीएल 2025 का 11वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया। इस रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 6 रनों से हरा (Chennai Super Kings Loss) दिया। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने 20 ओवरों में 9 विकेट के गंवाकर 182 रन बनाए। इस चेन्नई सुपर किंग्स के सामने 183 रनों का लक्ष्य था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 176 रन ही बना सकी। गौरतलब हो कि यह सीएसके की लगातार दूसरी हार है। इससे पहले सीएसके को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 50 रन से हार का सामना करना पड़ा था।  नीतीश राणा ने सैमसन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 82 रनों साझेदारी की  बात करें राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजी की तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान की शुरुआत इस मैच में विकेट (Chennai Super Kings Loss) के साथ हुई। पहले ही ओवर में खलील अहमद ने यशस्वी जायसवाल को 4 रनों पर अश्विन के हाथों कैच आउट करवा दिया। जायसवाल के आउट होते ही तीसरे नंबर पर बैटिंग करने आये बाएं हाथ के बल्लेबाज नीतीश राणा अलग फॉर्म में दिखे। उन्हें सलामी बल्लेबाज सैमसन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 82 रनों साझेदारी की। इस बीच 16 गेंदों में 20 रन बनाकर संजू सैमसन नूर अहमद के हाथों आउट हो गए। संजू सैमसन के आउट होने के बाद नीतीश राणा ने कप्तान रियान पराग के साथ मिलकर 24 गेंदों में 38 रनों की पार्टनरशिप की पारी खेली। इस दौरान नीतीश ने 21 गेंदों में अपना 19वां अर्धशतक पूरा किया। इस तरह वो 36 गेंदों में 81 रन पर धोनी के हाथों स्टम्पिंग का शिकार हए। कमाल की बात यह कि 124 राण पर तीन विकेट गंवाने के बाद राजस्थान की पारी पूरी तरह से लड़खड़ा गई। ध्रुव जुरेल ने तीन, वानिंदु हसरंगा ने चार, कुमार कार्तिकेय सर एक रन ही बना सके। चेन्नई की तरफ से नूर अहमद, खलील अहमद और मथिसा पथिराना ने 2-2 विकेट लिए। इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 के छठे मुकाबले में केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को दी 8 विकेट से मात चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत अच्छी (Chennai Super Kings Loss) नहीं रही 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत अच्छी (Chennai Super Kings Loss) नहीं रही। सीएसके को पहले हो ओवर में रचिन रवींद्र के रूप में पहला झटका लगा, वो बिना खाता खोले ही जाेफ्रा आर्चर की गेंद पर विकेट के पीछे कैच दे बैठे। इसके बाद राहुल त्रिपाठी और ऋतुराज गायकवाड़ के बीच 46 रनों की साझेदारीहुई। जब तक ये दोनों क्रीज पर थे तब तक ऐसा लग रहा था कि मैच पर सीएसके आसानी से मैच जीत जाएगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, इस बीच हसरंगा ने राहुल त्रिपाठी को आउट करके सीएसके को सबसे बड़ा झटका दिया। वो 19 गेंदों में 23 रन ही बना सके। त्रिपाठी के बाद बैटिंग करने आए शिवम दुबे 10 गेंदों में 18 और विजय शंकर 6 गेंदों में 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। फिर भी ऋतुराज गायकवाड़ एक छोर से डटे रहे लेकिन इस बीच 44 गेंदों पर 63 रन बनाकर वो भी आउट हो गए। वहीं हालांकि रवींद्र जडेजा ने 22 गेंदों में 32 और धोनी ने 11 गेंदों में 16 रन बनाए जरूर, लेकिन टीम को जीता नहीं सके। बता दें कि वानिन्दु हसरंगा राजस्थान के लिए सबसे सफल रहे, उन्होंने इस मैच में 4 विकेट अपने नाम किए। इस एक बार फिर सीएसके को करारी हार का समना करना पड़ा।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 Chennai Super Kings Loss #CSKvsRR #ChennaiSuperKings #RRvsCSK #IPL2024 #CSK #RajasthanRoyals #MSDhoni #CricketNews #TATAIPL #CSKLoss

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Sheer Khurma Recipe

शीर कोरमा रेसिपी: ईद पर बनाएं ये आसान सी शीर कोरमा, मिलेगी तारीफ ही तारीफ 

शीर कोरमा एक खास मुगलई मिठाई है, जिसे खासतौर पर ईद और अन्य त्योहारों के अवसर पर बनाया जाता है, लेकिन ईद बिना शीर कोरमे की अधूरी मानी जाती है। यह एक तरह की मीठी सेंवई होती है, जिसे दूध, ड्राई फ्रूट्स और खोया के साथ मिक्स कर बनाया जाता है। इसका स्वाद बेहद लज़ीज़ और मलाईदार होता है, जो हर किसी को पसंद आता है। शीर कोरमा बनाने की विधि बेहद आसान है और इसे घर पर बड़ी आसानी से तैयार किया जा सकता है। आइए जानते हैं शीर कोरमा की रेसिपी (Sheer Khurma Recipe), जो है बिल्क आसान। शीर कोरमा (Sheer Khurma) बनाने के लिए आवश्यक सामग्री शीर कोरमा बनाने  (Sheer Khurma Recipe) के लिए आपको निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होगी-  सामग्री: ड्राई फ्रूट्स और मसाले: स्वाद बढ़ाने के लिए: शीर कोरमा बनाने की विधि  (Sheer Khurma Recipe), 1. सेंवई भूनना सबसे पहले एक कढ़ाई में घी गरम करें। इसमें सेंवई डालकर धीमी आंच पर सुनहरी होने तक भून लें। ध्यान रहे कि सेंवई जले नहीं, इसलिए इसे लगातार चलाते रहें।  और जब यह हल्की ब्राउन हो जाए, तो इसे प्लेट में निकालकर अलग रख दें। 2. दूध उबालना अब उसी कढ़ाई में दूध डालें और धीमी आंच पर दूध उबालें। दूध को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि यह तले में लगे नहीं। जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तो इसमें खोया डालें और अच्छी तरह मिला लें। खोया दूध में पूरी तरह घुल जाना चाहिए। 3. ड्राई फ्रूट्स भूनना एक अलग छोटे पैन में थोड़ा सा घी डालें और उसमें बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश, खजूर और चिरौंजी को हल्का सा भून लें। इससे ड्राई फ्रूट्स का स्वाद और बढ़ जायेगा। 4. शक्कर और सेंवई मिलाना जब दूध अच्छी तरह उबल जाए, तो इसमें भूनी हुई सेंवई डालें और 5-7 मिनट तक पकने दें। इसके बाद इसमें शक्कर डालकर अच्छी तरह मिलाएं। 5. मसाले और ड्राई फ्रूट्स मिलाना अब इसमें पिसी हुई इलायची, भुने हुए ड्राई फ्रूट्स और केसर डालें। इसे धीमी आंच पर 10 मिनट तक पकने दें ताकि सभी फ्लेवर आपस में अच्छी तरह घुल-मिल जाएं। 6. अंतिम चरण अंत में इसमें गुलाब जल और कंडेंस्ड मिल्क डालकर मिला दें। इसे और 2-3 मिनट तक पकाकर गैस बंद कर दें। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? सर्विंग और सजावट शीर कोरमा को गर्म या ठंडा परोसा जा सकता है। इसे परोसते समय ऊपर से कटे हुए बादाम और पिस्ता छिड़कें, जिससे यह और आकर्षक लगे। कुछ खास टिप्स: शीर कोरमा  (Sheer Khurma) सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि एक पारंपरिक व्यंजन है जो त्योहारों और खास मौकों की मिठास बढ़ा देता है। इसकी खुशबू और स्वाद इसे बेहद खास बनाते हैं। अगर आप भी अपने परिवार और मेहमानों को कोई खास मिठाई खिलाना चाहते हैं, तो यह शीर कोरमा रेसिपी (Sheer Korma Recipe) जरूर ट्राई करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Sheer Khurma Recipe #SheerKorma #EidDesserts #EidSpecial #SheerKormaRecipe #EidMubarak #SweetDelights #FestiveDesserts #HomemadeSweets #EasyRecipes #IndianSweets

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BJP mismanagement

BJP mismanagement: भाजपा सरकार की भाई-भतीजावाद और कुप्रबंधन ने बैंकिंग क्षेत्र को संकट में डाल दिया है- राहुल गांधी

रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को बीजेपी और केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि “भाजपा सरकार की भाई-भतीजावाद और कुप्रबंधन (BJP mismanagement) ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र को संकट में डाल दिया है।  इसका बोझ अंततः जूनियर कर्मचारियों पर पड़ता है, जो तनाव और विषाक्त कार्य स्थितियों को झेलते हैं। इससे जूनियर कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है। इन्हें तनाव और विषाक्त कार्य स्थितियों को सहना पड़ रहा है।” केंद्र की मोदी सरकार पर अपने अरबपति मित्रों के लिए 16 लाख करोड़ रुपये माफ करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन की मानवीय कीमत हजारों ईमानदार कामकाजी पेशेवरों को प्रभावित करती है।” जानकारी के मुताबिक एक्स पर एक पोस्ट में राहुल ने एक निजी बैंक के पूर्व कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ अपनी बैठक का एक वीडियो साझा करते हुए उन्होंने कहा कि “कुप्रबंधन के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। कांग्रेस ऐसे कामकाजी वर्ग के पेशेवरों के लिए लड़ेगी और कार्यस्थल उत्पीड़न और शोषण को समाप्त करेगी।” इस दरम्यान उन्होंने उन लोगों से भी आग्रह किया जिन्होंने इसी तरह के अन्याय का सामना किया है कि वे उन्हें लिखें। अपनी कहानी https://rahulgandhi.in/awaazbharatki पर मेरे साथ करें साझा (BJP mismanagement) इस मामले पर अपनी बेबाक राय रखते हुए सांसद राहुल गाँधी ने कहा कि “इस बैंक के 782 पूर्व कर्मचारियों की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने कल संसद में उनसे मुलाकात की। उनकी कहानियों से एक परेशान करने वाला पैटर्न सामने आता है। मसलन, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, जबरन तबादला, एनपीए उल्लंघनकर्ताओं को गलत कर्ज देने का खुलासा करने के लिए प्रतिशोध और उचित प्रक्रिया के बिना बर्खास्तगी, इत्यादि।” उन्होंने आगे कहा कि “भाजपा सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन की मानवीय कीमत चुकानी पड़ रही है, क्योंकि इससे देश भर के हजारों ईमानदार कामकाजी पेशेवर प्रभावित हो रहे हैं (BJP mismanagement)। यदि आप ऐसे कामकाजी पेशेवर हैं, जिन्होंने इसी तरह के अन्याय का सामना किया है, तो अपनी कहानी https://rahulgandhi.in/awaazbharatki पर मेरे साथ साझा करें।” इसे भी पढ़ें:- उद्धव की ‘बची-खुची’ शिवसेना का बीएमसी चुनावों में होगा सफाया, कुणाल कामरा का सपोर्ट करने पर भड़के संजय निरुपम बैंक द्वारा अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने राहुल से की मुलाकात (BJP mismanagement) बता दें कि बैंक द्वारा अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राहुल से मुलाकात की थी और मेडिकल लीव पर होने या प्रबंधन प्रथाओं के बारे में चिंता जताने पर अचानक नौकरी से निकाले जाने के बारे में बताया (BJP mismanagement) था। इस बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि “बैंक द्वारा अनुचित बर्खास्तगी का आरोप लगाने वाले कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने संसद भवन परिसर में राहुल से उनके कार्यालय में मुलाकात की। निजी बैंक की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने चिकित्सा अवकाश पर होने, स्वीकृत अनुपस्थिति की अवधि के दौरान या प्रबंधन प्रथाओं के बारे में चिंता जताने पर अचानक नौकरी से निकाले जाने के बारे में बताया। कर्मचारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस तरह का सिस्टम सिर्फ इस निजी बैंक तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि निजी क्षेत्र के बैंकों में व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाती हैं, जो मुनाफे को अधिकतम करने के बढ़ते दबाव से प्रेरित हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi News BJP mismanagement #RahulGandhi #BJPMismanagement #BankingCrisis #Nepotism #IndianPolitics #CongressVsBJP #FinancialCrisis #ModiGovt #EconomicDownfall #PublicSector

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5 month old twins killed

5 month old twins killed: इस वजह से क्रूर पिता ने 5 महीने की जुड़वां बेटियों को बेरहमी से उतारा मौत के घाट

जिस देश में नवरात्री के दौरान कन्यापूजन किया जाता हो, उस देश में दूधमुंही बच्चियों को सिर्फ और सिर्फ बेटे की चाह में आज भी कुछ दरिंदे हैं जो मौत के घाट उतार दे रहे हैं। ताजा मामला है राजस्थान के सीकर जिले का। घटना है सीकर जिले के नीम का थाना इलाके की, जहाँ एक ज़ालिम पिता ने अपनी दूधमुंही जुड़वाँ बेटियों को मौत के घाट उतार दिया। बेहरम कलयुगी पिता ने अपनी सनक के चलते दिल को दहला देने वाली इस वारदात को अंजाम दिया। जिस किसीने भी इस खौफनाक वारदात को सुना, उसका कलेजा कांप उठा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 30 वर्षीय बेरोजगार अशोक कुमार ने पहले अपनी पत्नी अनीता को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और फिर अपनी नन्हीं बेटियों निधि और नव्या को जमीन पर पटक-पटक कर मार (5 month old twins killed) डाला। हैवानियत भरा यह मंजर देख अनीता सदमें में आकर बेहोश हो गई। गुस्सा शांत होने के बाद घायल बच्चियों को लेकर अस्पताल भी गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।  पुलिस हर एंगल से कर रही है जांच (5 month old twins killed) बेटियों को मौत की नींद सुलाने (5 month old twins killed) के बाद अपनी काली करतूत को छिपाने के लिए दरिदें पिता ने परिजनों के साथ मिलकर बच्चियों के शवों को कलेक्ट्रेट के पास एक तालाब में दफना दिया। और दफनाने के बाद उसके ऊपर पत्थर और झाडियां रख दी। लेकिन कहते हैं न कि सच को अधिक देर तक छुपाया नहीं जा सकता। मृतक बच्चियों के मामा सुनिया यादव को जब इस घटना की जानकारी मिली तो उसने तत्काल उसी वक़्त पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस पूरे मामले पर एएसपी रोशन मीणा ने पत्रकारों को बताया कि “गुरुवार रात तकरीबन साढ़े 11 बजे के लगभग मासूम बच्चियों के मामा सुनील यादव का कोतवाली थाने में फोन आया था। उसने बताया कि बच्चियों के पिता अशोक ने उनकी हत्या कर शव को कलेक्ट्रेट के पास बने तालाब की जमीन में दफना दिया है। घटना की सूचना मिलते ही देर रात उन्होंने एसडीएम राजवीर यादव और एपएसएल स्नस्रु टीम को लेकर घटना स्थल का जायजा लिया। और घटनास्थल को सील कर दिया। शुक्रवार सुबह पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजदूगी में दफनाई गई दोनों बच्चियों के शवों को निकलवा कर पोस्टमॉर्टम हेतु मेडिकल बोर्ड को सौंप दिया गया।” बता दें कि पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान घटना स्थल पर बच्चियों की मां भी मौजूद थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।  इसे भी पढ़ें:- सूटकेस में मिला महिला का शव, पति ने ही गर्दन और पेट में घोंपा चाकू निधि और नव्या को उठाकर बेरहमी से जमीन पर पटक (5 month old twins killed) दिया पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को मां अनीता ने रोते हुए बताया कि गुरुवार को सुबह से ही घर में छोटी-मोटी तकरार चल रही थी। सुबह 11 बजे वह अपनी बेटियों का टीकाकरण करवाने गई थी, लेकिन दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच यह खौफनाक मंजर सामने आया। दोपहर को पति अशोक कुमार यादव ने पहले मेरे साथ मारपीट की। और फिर दोनों बेटियों निधि और नव्या को उठाकर बेरहमी से जमीन पर पटक (5 month old twins killed) दिया। बता दें कि दोनों बच्चियों का जन्म 4 नवंबर को हुआ था। आरोपी ने बच्चियों की हत्या करने की जो वजह बताई वह वाकई में हैरान करने वाली थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी अशोक यादव की पहले से ही पांच साल की एक बेटी है। वो बेटा चाहता था। लेकिन इस बार उसकी दो जुड़वा बेटियां हो गई। पुत्र की चाहत को लेकर अक्सर वह पत्नी से झगड़ा किया करता था। जानकारी के मुताबिक गुरूवार की रात को इसी बात को लेकर उसका अपनी पत्नी अनीता से विवाद हुआ था। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। आरोपी पिता से पूछताछ की जा रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 5 month old twins killed #CrimeNews #FatherMurdersTwins #ShockingCrime #JusticeForBabies #TragicIncident #ChildAbuse #HorrificCrime #DomesticViolence #BreakingNews #FamilyTragedy

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coffee and cholesterol

कॉफी पीने वालों का बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, लेकिन क्यों?

कॉफी (Coffee) एक ऐसा पेय पदार्थ है, जो अधिकतर लोगों को सुबह उठते ही चाहिए होता है। कॉफी को फोकस और एनर्जी लेवल को बूस्ट करने के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि अधिकतर लोग इस पर निर्भर रहते है। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करना हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है, लेकिन अगर इसे सही मात्रा में पीया जाए तो इसके कुछ फायदे भी हैं। कुछ मामलों में ऐसा पाया गया है कि कॉफी (Coffee) पीने से टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क कम होता है और लोगों को वजन कम करने में मदद मिलती है। अगर आप भी कॉफी (Coffee) के शौकीन हैं, तो आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि इससे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) भी बढ़ सकता है। इसके लिए ऑफिस या अन्य स्थानों में मौजूद कॉफी मशीन (Coffee machine) को जिम्मेदार पाया गया है। यह बात एक स्टडी से साबित हुई है। आइए जानें कॉफी और कोलेस्ट्रॉल के बीच के बारे में की गयी स्टडी (Study on relationship between coffee and cholesterol) के बारे में। कॉफी और कोलेस्ट्रॉल के बीच के बारे में की गयी स्टडी (Study on relationship between coffee and cholesterol): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कॉफी (Coffee) सिर्फ एनर्जी को ही बूस्ट नहीं करती है, बल्कि इससे वजन सही रहता है, डिप्रेशन कम होता है और डायबिटीज का रिस्क भी कम रहता है। लेकिन, कुछ लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए जैसे गर्भवती और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को।  एक स्टडी में ऐसा पाया गया है कि ऑफिस में पायी जाने वाली कॉफी मशीन (Coffee machine) में बनी कॉफी में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) बढ़ाने वाला पदार्थ का लेवल अधिक होता है। यानी, ऑफिस में कॉफी (Coffee) पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है। इसके लिए कई कॉफी मशीनों (Coffee machine) पर स्टडी की गयी और पाया गया कि इस मशीनों में बनी कॉफी (Coffee) में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले पदार्थ का लेवल ज्यादा होता है। लेकिन, अगर रेगुलर रूप से ड्रिप-फिल्टर कॉफी मेकर में पेपर फ़िल्टर का इस्तेमाल किया जाए तो यह हानिकारक पदार्थ फ़िल्टर हो सकते हैं और इससे इसके नुकसान से बचा जा सकता है। यह तो थी कॉफी और कोलेस्ट्रॉल के बीच के बारे में की गयी स्टडी (Study on relationship between coffee and cholesterol) । जानिए कि इससे बचाव के लिए क्या किया जा सकता है? क्या है उपाय?  अधिकतर लोग ऑफिस में कॉफी मशीन (Coffee machine) का इस्तेमाल करते हैं। इससे उनकी कैफीन की जरूरत पूरी होती है। लेकिन, अगर आप इससे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की बढ़ती समस्या से बचना चाहते हैं तो इसका सरल उपाय या है कि पेपर फिल्टर वाले कॉफी मेकर का इस्तेमाल किया जाए। शोधकर्ताओं के अनुसार जो लोग कॉफी के शौकीन है उनके लिए ड्रिप-फिल्टर कॉफी (Coffee) या अन्य अच्छी तरह से फिल्टर की गई कॉफी पीना एक बेहतर उपाय है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कोलेस्ट्रॉल के लेवल पर इस कॉफी (Coffee) के प्रभावों के बारे में और अधिक रिसर्च करना जरूरी है। कॉफी के और साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं, यह भी जानिए। इसे भी पढ़ें: मां बनने की उम्र का लग सकता है अंदाजा: अब एक टेस्ट से पता चलेगा महिला के शरीर में कितने एग बचे हैं? कॉफी के और साइड इफेक्ट्स  हालांकि, कॉफी (Coffee) पीने के कुछ लाभ हो सकते हैं. लेकिन अगर बहुत अधिक मात्रा में पीया जाए तो इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं। इसके कुछ साइड इफेक्ट्स इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Study on link between coffee and cholesterol #Studyonlinkbetweencoffeeandcholesterol #coffee #cholesterol #coffeemachine #coffeeandcholesterol

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Elon Musk's xAI Acquires X in $33 Billio

Elon Musk sells X: एलन मस्क ने इस शख्स को दो लाख 82 हजार करोड़ रुपए में बेचा  X

टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क अपने हैरतअंगेज निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। ऐसा इसलिए कि उन्होंने अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स नीलाम कर दिया है। पहले तो साल 2022 में उन्होंने ट्विटर को 44 बिलियन डॉलर में खरीदा था और फिर नाम बदलकर X किया। न सिर्फ नाम में बदलाव किया बल्कि उन्होंने अभद्र भाषा और यूजर वेरिफिकेशन और गलत सूचना पर पॉलिसी में बदलाव किया था। यही नहीं मस्‍क ने मैनेजमेंट संभालते ही कई बदलाव किए और लोगों से ब्‍लू टिक के लिए फीस वसूली जाने लगी। इस बीच मजे की बात यह कि अब उन्होंने X को ही बेच दिया (Elon Musk sells X)। वो भी 33 बिलियन डॉलर (28,23,43,71,00,00 रुपए) में। ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि आखिर वो कौन रईस है जिसने एलन को इतनी बड़ी रकम दी। आखिर कौन है वो शख्स और क्या करती है उसकी कंपनी, जिसने X ख़रीदा। आइये जानते हैं कौन वो खरीदार जिसने इतनी बड़ी डील की।   एलन मस्‍क की ही दूसरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI ने खरीदा है (Elon Musk sells X) बता दें कि वो रईसजादा कोई और नहीं बल्कि अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क स्वयं ही हैं। उन्होंने किसी और को नहीं बल्कि अपनी ही कंपनी (Elon Musk sells X) को बेचा है। बता दें कि xAI यूएस आधारित अमेरिकी पब्लिक-बेनेफिट कॉरपोरेशन है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम करती है। बड़ी बात यह कि इस कंपनी को खुद एलन मस्क ने ही साल 2023 में शुरू किया था। इस कंपनी का हेडक्वार्टर कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को में स्थित है। कुल मिलाकर बड़ी बात यह कि एक्‍स को किसी और ने ही नहीं बल्कि एलन मस्‍क की ही दूसरी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI ने खरीदा है। यह डील 33 अरब डॉलर में हुई है। भारतीय करेंसी में यह राशि दो लाख 82 हजार करोड़ में बिकी।  इसे भी पढ़ें:- म्यामार-थाईलैंड में भूकंप के तेज झटके, गगनचुंबी इमारतें हुईं धराशाही हमारा लक्ष्य सच्चाई की खोज करना और ज्ञान को बढ़ाना है (Elon Musk sells X)  जानकारी के मुताबिक दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति एलन मस्क ने हाल ही में X पर एक पोस्ट शेयर किया है। शेयर किये पोस्ट में उन्होंने बताया कि X और xAI का भविष्य आपस में जुड़ा हुआ है। आज हम मॉडल, डिस्ट्रीब्यूशन, कंप्यूट, जेटा और टैलेंट को एक साथ लाने की दिशा में कदम उठा (Elon Musk sells X) रहे हैं। इस डील को लेकर एलन मस्क का कहना है कि “X की विशाल पहुंच और xAI की एडवांस एआई क्षमता, दोनों ही एक साथ मिलकर आपार संभावनाओं के दरवाजों को खोलेंगे। अपनी बात को रखते हुए एलन मस्क ने कहा कि “हमारा लक्ष्य सच्चाई की खोज करना और ज्ञान को बढ़ाना है। इसी के साथ हम अरबों लोगों को ज्यादा उपयोगी और बेहतर एक्सपीरियंस देने का काम करेंगे।” बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X को अपनी ही कंपनी xAI को बेच दिया है। ये डील 33 बिलियन डॉलर (लगभग 28,23,43,71,00,00 रुपए) में हुई है। ध्यान देने वाली बात यह कि इस सौदे की घोषणा के बाद X और xAI के प्रवक्ताओं ने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। सौदे के कई पहलू अभी अस्पष्ट हैं, जैसे कि निवेशकों को मुआवजा कैसे मिलेगा, X के नेतृत्व का नई कंपनी में एकीकरण कैसे होगा, या नियामक जांच की संभावना क्या है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk sells X #ElonMusk #xAI #XCorp #TechNews #AIIntegration #SocialMedia #BusinessAcquisition #Innovation #ArtificialIntelligence #TechUpdate

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Ayodhya Ram Navami 2025

अयोध्या राम नवमी 2025: भगवान राम के जन्मोत्सव पर होगा भव्य आयोजन

राम नवमी (Ram Navami) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। साल 2025 में राम नवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। इस अवसर पर अयोध्या (Ayodhya) में भव्य आयोजन किया जाएगा, जहां लाखों भक्त भगवान राम के दर्शन करने और उनकी आराधना करने के लिए एकत्रित होंगे। अयोध्या में राम नवमी का त्योहार बहुत ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है, और इस बार भी यह आयोजन और भी भव्य होगा। राम नवमी 2025 की तिथि और मुहूर्त साल 2025 में राम नवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। नवमी तिथि 5 अप्रैल को रात 10:14 बजे से शुरू होगी और 6 अप्रैल को रात 10:28 बजे समाप्त होगी। इस दिन भगवान राम (Lord Ram) की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित है: श्रीराम जन्मोत्सव कार्यक्रमचैत्र शुक्ल नवमी, संवत् 2081दिनांक: 6 अप्रैल 2025, रविवार अयोध्या में राम नवमी का भव्य आयोजन अयोध्या (Ayodhya) में राम नवमी (Ram Navami) का त्योहार बहुत ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर अयोध्या में भव्य आयोजन किया जाएगा, जहां लाखों भक्त भगवान राम (Lord Ram) के दर्शन करने और उनकी आराधना करने के लिए एकत्रित होंगे।  इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? राम नवमी का धार्मिक महत्व राम नवमी (Ram Navami) हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान राम (Lord Ram) के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में जाना जाता है, और उनकी पूजा करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। राम नवमी के दिन भगवान राम की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। राम नवमी के दिन क्या करें? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Ayodhya AyodhyaRamNavami2025 #RamNavamiCelebration #RamJanmotsav #LordRam #AyodhyaTemple #RamNavamiFestival #ShriRam #RamNavamiRituals #AyodhyaEvent #BhagwanRam

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