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जय की ‘पसंदीदा’ तृषा को डिप्टी CM कब बनाएंगे? AIADMK नेता का तंज, सियासत गरम

चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय को लेकर AIADMK नेता आरबी उदयकुमार की एक टिप्पणी चर्चा में है। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि आखिर विजय की कथित “पसंदीदा” अभिनेत्री तृषा कृष्णन को डिप्टी मुख्यमंत्री कब बनाया जाएगा। यह बयान तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक बयानबाजी के बीच सामने आया है। AIADMK नेता ने विजय पर साधा निशाना AIADMK नेता आरबी उदयकुमार ने पार्टी कार्यक्रम के दौरान विजय पर निशाना साधते हुए तृषा का नाम लिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा कि तमिलनाडु को यह देखना बाकी है कि विजय की “प्रिय” तृषा को डिप्टी मुख्यमंत्री कब बनाया जाएगा। उनकी टिप्पणी को विजय की राजनीति और उनके निजी जीवन से जुड़े सार्वजनिक चर्चाओं पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। तृषा का नाम लेकर क्यों किया गया तंज? तृषा कृष्णन और विजय दोनों तमिल फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने चेहरे हैं और दोनों कई फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं। इसी सार्वजनिक पहचान का इस्तेमाल करते हुए AIADMK नेता ने विजय पर राजनीतिक कटाक्ष किया। हालांकि, तृषा को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात किसी आधिकारिक नियुक्ति या प्रस्ताव के रूप में सामने नहीं आई है। यह टिप्पणी राजनीतिक तंज के तौर पर की गई थी। विजय अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद विजय के नेतृत्व वाली Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) सत्ता में आई और विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। विजय के सत्ता में आने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नई राजनीतिक परिस्थितियां बनी हैं। AIADMK और DMK जैसे पुराने राजनीतिक दल अब TVK सरकार को लेकर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। डिप्टी CM का पद अभी खाली मौजूदा विधानसभा व्यवस्था के अनुसार तमिलनाडु में डिप्टी मुख्यमंत्री का पद फिलहाल खाली है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विजय सरकार में इस पद पर अभी किसी व्यक्ति की नियुक्ति नहीं हुई है। इसी राजनीतिक स्थिति के बीच AIADMK नेता की तृषा को लेकर की गई टिप्पणी ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है। तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद AIADMK और TVK के बीच राजनीतिक दूरी और बयानबाजी लगातार चर्चा में है। हाल ही में AIADMK ने विजय द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय सांसद बैठक से भी दूरी बनाई थी। बैठक का मुद्दा लोकसभा सीटों के परिसीमन से जुड़ा था। ऐसे माहौल में AIADMK नेताओं की ओर से विजय पर किए जा रहे राजनीतिक हमले राज्य की बदलती सियासत को दर्शाते हैं। विजय सरकार के सामने कई राजनीतिक चुनौतियां मुख्यमंत्री के तौर पर विजय के सामने सरकार चलाने के साथ-साथ विधानसभा में राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी है। 2026 के चुनाव के बाद TVK सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी और बाद में सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनी। अब सरकार के सामने प्रशासन, परिसीमन और विपक्ष के साथ राजनीतिक टकराव जैसे कई मुद्दे हैं। निष्कर्ष तमिलनाडु की राजनीति में AIADMK नेता आरबी उदयकुमार का विजय और तृषा को लेकर किया गया तंज चर्चा में आ गया है। उन्होंने सवाल किया कि विजय की “पसंदीदा” तृषा को डिप्टी मुख्यमंत्री कब बनाया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि तृषा को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाने का कोई आधिकारिक प्रस्ताव सामने नहीं आया है और यह बयान राजनीतिक कटाक्ष के रूप में दिया गया है। Source: NDTV / Navbharat Times / Latest political reports जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा, लैंडस्लाइड में 2 लोगों की मौत; कई लोगों के दबे होने की आशंका

मुंबई: मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। बारिश के कारण हुए लैंडस्लाइड में कम से कम दो लोगों की मौत की खबर है, जबकि मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया है। भारी बारिश के बीच हुआ हादसा मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई जगह जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ है। इसी बीच पहाड़ी/ढलान वाले इलाके में मिट्टी और मलबा खिसकने से यह हादसा हुआ। लैंडस्लाइड के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका हादसे के बाद सबसे बड़ी चिंता मलबे के नीचे फंसे लोगों को लेकर है। राहत एवं बचाव दल मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अंधेरा, लगातार बारिश और गीली मिट्टी के कारण बचाव अभियान में मुश्किलें भी सामने आ सकती हैं। बचावकर्मी सावधानी से मलबा हटाने में जुटे हैं ताकि किसी जीवित व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। दो लोगों की मौत की खबर प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में दो लोगों की मौत हुई है। हालांकि, मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है। प्रशासन की ओर से घटनास्थल की स्थिति का आकलन किया जा रहा है और बचाव अभियान जारी है। मुंबई में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें मुंबई में मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण हर साल निचले इलाकों में जलभराव, पेड़ गिरने और सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी घटनाएं सामने आती हैं। इस बार भी लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लैंडस्लाइड की घटना ने बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। राहत-बचाव अभियान जारी घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर मौजूद हैं। मलबा हटाने के लिए आवश्यक मशीनरी और बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों की प्राथमिकता मलबे में फंसे संभावित लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना और घायलों को अस्पताल पहुंचाना है। बारिश के बीच लोगों से सावधानी बरतने की अपील मुंबई में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है। खासकर पहाड़ी ढलानों, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। लैंडस्लाइड वाले इलाकों में बढ़ी चिंता लगातार बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने से ढलान वाले इलाकों में मिट्टी खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। मुंबई और आसपास के कुछ हिस्सों में ऐसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। मौजूदा हादसे के बाद प्रशासन के सामने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है। निष्कर्ष मुंबई में भारी बारिश के बीच हुए लैंडस्लाइड ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया है। हादसे में दो लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान जारी है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन की चुनौती अब मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित इलाके में आगे किसी दुर्घटना को रोकने की है। मामले में मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है। Source: स्थानीय प्रशासन / पुलिस एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित रिपोर्ट्स जय राष्ट्र न्यूज़

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सोनम वांगचुक का सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, बोले—“तस्वीरें सार्वजनिक न करने का वादा तोड़ा”

नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों पर वादा तोड़ने और उनका भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया है। वांगचुक के मुताबिक, 26 दिन के अनशन को खत्म करने के दौरान हुई बातचीत में यह सहमति बनी थी कि उनके अनशन समाप्त करने की तस्वीरें तब तक सार्वजनिक नहीं की जाएंगी, जब तक पूरे घटनाक्रम में विपक्ष और छात्र प्रतिनिधियों की भागीदारी को भी शामिल नहीं किया जाता। उनका आरोप है कि इसके बावजूद तस्वीरें सार्वजनिक कर दी गईं। 26 दिन के अनशन के बाद खत्म हुआ आंदोलन सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अनशन के बाद अपना अनशन समाप्त किया था। रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटनाक्रम गुरुग्राम के एक अस्पताल में हुआ, जहां केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ उनकी बातचीत हुई थी। वांगचुक का कहना है कि अनशन खत्म करने का फैसला बातचीत और सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद लिया गया था। तस्वीरें सार्वजनिक करने को लेकर विवाद वांगचुक ने दावा किया कि बैठक के दौरान इस बात पर स्पष्ट सहमति बनी थी कि उनके अनशन खत्म करने या मंत्रियों के साथ हुई बैठक की तस्वीरें तुरंत सार्वजनिक नहीं की जाएंगी। उनके अनुसार, तस्वीरें तभी जारी की जानी थीं जब इस पूरे घटनाक्रम को केवल सरकार की उपलब्धि के तौर पर पेश करने के बजाय विपक्षी नेताओं और छात्र प्रतिनिधियों की भागीदारी भी दिखाई जाए। लेकिन वांगचुक का आरोप है कि तस्वीरें इससे पहले ही जारी कर दी गईं। “भरोसा टूट गया” वांगचुक ने इस घटनाक्रम पर निराशा जताते हुए कहा कि इस तरह तस्वीरें जारी किए जाने से उनका सरकार और राजनीतिक नेतृत्व पर भरोसा प्रभावित हुआ है। उन्होंने इसे सिर्फ तस्वीरों का मामला नहीं, बल्कि आपसी सहमति और विश्वास का सवाल बताया। उनके मुताबिक, यदि किसी बातचीत में कोई शर्त तय होती है तो दोनों पक्षों को उसका सम्मान करना चाहिए। सरकार, विपक्ष और छात्रों की भागीदारी चाहते थे वांगचुक वांगचुक के अनुसार, लद्दाख में जब सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों को स्वीकार करती है, तो आमतौर पर सरकारी प्रतिनिधि प्रदर्शनकारी को जूस या सूप पिलाकर अनशन समाप्त करवाते हैं। उनका कहना है कि इस बार भी प्रक्रिया ऐसी हो सकती थी, लेकिन इसे केवल सत्तारूढ़ पक्ष की उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय सभी पक्षों की भागीदारी दिखाई जानी चाहिए थी। सरकार से लिखित आश्वासन पूरा करने की मांग वांगचुक इससे पहले भी सरकार से उन लिखित आश्वासनों को पूरा करने की मांग कर चुके हैं, जिनके बाद उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त किया था। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने के आश्वासन को भी पूरा करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग भी उठाई थी। मुद्दा अब राजनीतिक बहस में भी पहुंचा तस्वीरों को लेकर वांगचुक के आरोप के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा में आ गया है। जहां वांगचुक इसे भरोसे और वादे का मुद्दा बता रहे हैं, वहीं पूरे घटनाक्रम को लेकर सरकार की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में तस्वीरें जारी किए जाने और वांगचुक के आरोप का विवरण सामने आया है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग या लिखित सहमति का विस्तृत सार्वजनिक विवरण सामने नहीं आया है। निष्कर्ष सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के मंत्रियों पर वादाखिलाफी और भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि 26 दिन का अनशन खत्म करने के दौरान तस्वीरें सार्वजनिक न करने पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद तस्वीरें जारी कर दी गईं। अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस आरोप पर क्या आधिकारिक जवाब देती है और वांगचुक द्वारा उठाए गए अन्य आश्वासनों पर आगे क्या कार्रवाई होती है। Source: India Today / The Lallantop / Prabhat Khabar / ANI reports जय राष्ट्र न्यूज़

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संसद में ‘मंगल मिलन’! PM मोदी समेत NDA नेताओं ने लहराया तिरंगा, एकजुटता का दिया संदेश

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित हुई। संसद भवन परिसर में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत NDA के कई सांसद और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। बैठक के दौरान नेताओं ने हाथों में तिरंगा लहराकर देशभक्ति और गठबंधन की एकजुटता का संदेश दिया। PM मोदी का हुआ जोरदार स्वागत ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने पर NDA सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे देशभक्ति के नारे भी लगाए गए। बैठक का उद्देश्य संसद सत्र के दौरान NDA के घटक दलों और सांसदों के बीच बेहतर समन्वय और एकजुटता बनाए रखना है। नेताओं ने हाथों में थामा तिरंगा बैठक की सबसे खास तस्वीरें उस समय सामने आईं जब PM मोदी और NDA के कई नेताओं ने तिरंगा हाथों में लेकर एक साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। तिरंगा लहराते नेताओं के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। संसद भवन परिसर में हुआ कार्यक्रम यह ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम संसद भवन परिसर के GMC Balayogi Auditorium में आयोजित किया गया। NDA की ऐसी बैठकें संसद सत्र के दौरान गठबंधन के सांसदों के बीच संवाद और रणनीतिक समन्वय के लिए आयोजित की जाती हैं। NDA की एकजुटता पर जोर बैठक में तिरंगा लेकर एक साथ खड़े होना राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NDA नेतृत्व की ओर से लगातार गठबंधन की एकजुटता और सरकार के एजेंडे को लेकर सांसदों के बीच समन्वय पर जोर दिया जाता रहा है। संसद के मानसून सत्र में विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल रहा है। ऐसे समय में NDA सांसदों का यह सामूहिक कार्यक्रम गठबंधन की एकता दिखाने वाला संदेश माना जा रहा है। ‘वंदे मातरम्’ के नारों से गूंजा परिसर कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति के नारों से माहौल उत्साहपूर्ण नजर आया। रिपोर्टों के अनुसार NDA सांसदों ने ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। तिरंगा लहराने की तस्वीरों ने कार्यक्रम को और खास बना दिया और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं। संसद सत्र के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज मानसून सत्र के दौरान संसद में कई मुद्दों पर लगातार हंगामा और राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। विपक्ष सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांग रहा है, जबकि NDA सांसद सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को लेकर अपना पक्ष रख रहे हैं। ऐसे माहौल में NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक को सांसदों के बीच समन्वय और रणनीति मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निष्कर्ष संसद भवन परिसर में हुई NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक में PM नरेंद्र मोदी समेत गठबंधन के कई नेताओं ने तिरंगा लहराकर एकजुटता और देशभक्ति का संदेश दिया। ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच हुए इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। Source: DD News / News On AIR / Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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₹167 लीटर पेट्रोल! आखिर आम आदमी को कितना और निचोड़ा जाएगा? महंगे प्रीमियम ईंधन पर बढ़ी बहस

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल की कीमतों को लेकर बहस के बीच अब ₹167 प्रति लीटर वाले प्रीमियम पेट्रोल की चर्चा तेज हो गई है। यह कीमत सामान्य पेट्रोल की नहीं, बल्कि Indian Oil के XP100 प्रीमियम पेट्रोल की है। 100-octane वाला यह ईंधन चुनिंदा पेट्रोल पंपों और शहरों में उपलब्ध है और सामान्य पेट्रोल की तुलना में काफी महंगा है। ₹167 वाला पेट्रोल आखिर है क्या? ₹167 प्रति लीटर का XP100 एक प्रीमियम हाई-ऑक्टेन पेट्रोल है। इसमें 100 RON ऑक्टेन रेटिंग होती है और इसे खासतौर पर ऐसे वाहनों के लिए तैयार किया गया है जिनके इंजन हाई-ऑक्टेन ईंधन से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक XP100 को लेकर हाल के दिनों में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। इसकी कीमत करीब ₹167 प्रति लीटर होने के कारण यह सामान्य वाहन चालकों के लिए महंगा विकल्प है। क्या हर पेट्रोल पंप पर ₹167 का पेट्रोल मिलता है? नहीं। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ₹167 प्रति लीटर सामान्य पेट्रोल की कीमत नहीं है। XP100 एक प्रीमियम ईंधन है और इसकी उपलब्धता सीमित पेट्रोल पंपों पर होती है। इसलिए दिल्ली या किसी अन्य शहर में सामान्य पेट्रोल भरवाने वाले हर ग्राहक को ₹167 प्रति लीटर नहीं देना पड़ता। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर “पेट्रोल ₹167 लीटर” जैसी हेडलाइन देखने पर यह समझना जरूरी है कि बात प्रीमियम XP100 पेट्रोल की हो रही है, न कि सामान्य पेट्रोल की। E20 के बीच XP100 की मांग क्यों बढ़ी? देश में E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा के बीच कुछ वाहन मालिक प्रीमियम और ethanol-free ईंधन की ओर भी देख रहे हैं। XP100 को E0 यानी बिना ethanol मिलाए गए पेट्रोल के रूप में पेश किया जाता है। हाल की रिपोर्टों में बताया गया है कि E20 को लेकर वाहन चालकों की चिंताओं के बीच XP100 जैसे प्रीमियम ईंधन की मांग में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर वाहन में XP100 डालना जरूरी है। वाहन निर्माता द्वारा सुझाए गए ईंधन और वाहन की तकनीकी जरूरतों को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है। ₹167 का पेट्रोल आम आदमी के लिए क्यों चर्चा में है? प्रीमियम पेट्रोल की इतनी ऊंची कीमत ने ईंधन की कीमतों और आम उपभोक्ता की जेब को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। अगर कोई व्यक्ति रोजाना वाहन चलाता है और सामान्य पेट्रोल की जगह ₹167 प्रति लीटर वाला ईंधन इस्तेमाल करता है, तो उसका मासिक ईंधन खर्च काफी बढ़ सकता है। उदाहरण के तौर पर 40 लीटर का टैंक भरने पर केवल ईंधन की कीमत करीब ₹6,680 बैठती है। यही कारण है कि यह ईंधन मुख्य रूप से प्रीमियम या हाई-परफॉर्मेंस वाहनों के ग्राहकों के बीच अधिक आकर्षण रखता है। क्या महंगा पेट्रोल ज्यादा माइलेज देगा? महंगा या हाई-ऑक्टेन पेट्रोल अपने आप हर वाहन में ज्यादा माइलेज की गारंटी नहीं देता। 100-octane ईंधन का फायदा मुख्य रूप से उन इंजनों में हो सकता है जिन्हें हाई-ऑक्टेन ईंधन के लिए डिजाइन या ट्यून किया गया है। सामान्य कार या बाइक में इसे इस्तेमाल करने से कीमत के अनुपात में समान फायदा मिले, यह जरूरी नहीं है। इसलिए केवल “महंगा मतलब बेहतर” मानकर XP100 इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। प्रीमियम ईंधन और सामान्य पेट्रोल में बड़ा अंतर सामान्य पेट्रोल और XP100 जैसे प्रीमियम ईंधन में सबसे बड़ा अंतर ऑक्टेन रेटिंग और फ्यूल स्पेसिफिकेशन का है। XP100 की 100 RON रेटिंग इसे हाई-परफॉर्मेंस इंजन के लिए उपयुक्त बनाती है। वहीं सामान्य वाहन आमतौर पर निर्माता द्वारा निर्धारित नियमित पेट्रोल के अनुसार डिजाइन किए जाते हैं। इसलिए ग्राहक को अपने वाहन के मैनुअल में दी गई ईंधन संबंधी सिफारिश को जरूर देखना चाहिए। E20 को लेकर भी जारी है बहस भारत में ethanol blending को बढ़ाने की नीति के बीच E20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों और विशेषज्ञों के बीच बहस जारी है। कुछ वाहन मालिकों ने माइलेज और वाहन प्रदर्शन को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। हालांकि इन व्यक्तिगत अनुभवों को सभी वाहनों पर लागू नहीं किया जा सकता। वाहन की उम्र, इंजन डिजाइन और निर्माता की compatibility भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आम ग्राहक के लिए क्या जरूरी है? अगर आपका वाहन सामान्य पेट्रोल के लिए डिजाइन किया गया है तो केवल कीमत देखकर XP100 खरीदना जरूरी नहीं है। वाहन निर्माता की सलाह के अनुसार ईंधन इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित विकल्प है। वहीं जिन वाहनों के लिए हाई-ऑक्टेन ईंधन की सिफारिश की गई है, उनके मालिक प्रीमियम पेट्रोल के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। निष्कर्ष ₹167 प्रति लीटर पेट्रोल की खबर ने भले ही लोगों का ध्यान खींचा हो, लेकिन यह सामान्य पेट्रोल की कीमत नहीं है। ₹167 वाला ईंधन मुख्य रूप से Indian Oil XP100 प्रीमियम पेट्रोल है, जो 100-octane और E0 स्पेसिफिकेशन के साथ चुनिंदा जगहों पर उपलब्ध है। इसकी बढ़ती चर्चा E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस से भी जुड़ी हुई है। हालांकि आम वाहन चालकों के लिए यह जरूरी नहीं कि वे ₹167 वाला प्रीमियम ईंधन ही इस्तेमाल करें। वाहन निर्माता की सिफारिश के अनुसार ईंधन चुनना सबसे महत्वपूर्ण है। Source: Latest fuel reports / Indian Oil XP100-related reports जय राष्ट्र न्यूज़

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“CJP को मिली पूरी फंडिंग PM CARES Fund से!”—आशुतोष रांका का दावा, ऑडिट की मांग

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक आशुतोष रांका का PM CARES Fund को लेकर दिया गया एक बयान चर्चा में है। एक लाइव डिबेट के दौरान CJP आंदोलन की फंडिंग को लेकर सवाल पूछे जाने पर रांका ने दावा किया कि CJP को मिलने वाली पूरी फंडिंग PM CARES Fund से मिली है। इसके साथ ही उन्होंने PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई। फंडिंग के सवाल पर आशुतोष रांका का जवाब मामला उस समय चर्चा में आया जब एक पत्रकार ने आशुतोष रांका से CJP के आंदोलन के लिए फंडिंग के स्रोत को लेकर सवाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, रांका ने जवाब में दावा किया कि आंदोलन की पूरी फंडिंग PM CARES Fund से हुई है और इसी के साथ उन्होंने फंड की जांच और ऑडिट कराने की मांग रखी। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आया है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। PM CARES Fund के ऑडिट की मांग आशुतोष रांका ने अपने बयान में केवल फंडिंग का दावा ही नहीं किया, बल्कि PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई। CJP की ओर से पहले भी PM CARES Fund को लेकर सार्वजनिक ऑडिट और पारदर्शिता की मांग की जाती रही है। संगठन की वेबसाइट पर आंदोलन की प्रमुख मांगों में PM CARES Fund का सार्वजनिक ऑडिट शामिल है। CJP आंदोलन पहले से चर्चा में CJP का आंदोलन पिछले कुछ समय से परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहा है। संगठन ने NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। संगठन की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा रही है। PM CARES Fund को लेकर पहले से उठते रहे हैं सवाल PM CARES Fund की स्थापना कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में की गई थी। इसके संचालन, पारदर्शिता और सूचना उपलब्धता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। फंड को एक public charitable trust के रूप में स्थापित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसकी ऑडिटिंग के लिए एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म नियुक्त की गई थी। इसलिए CJP की ओर से अब जिस तरह के सार्वजनिक ऑडिट की मांग की जा रही है, वह इसी पारदर्शिता की बहस से जुड़ी हुई है। क्या वास्तव में CJP की फंडिंग PM CARES से हुई? यहां एक महत्वपूर्ण बात ध्यान देने वाली है। आशुतोष रांका का PM CARES Fund से CJP की पूरी फंडिंग होने वाला बयान एक दावा है। उपलब्ध रिपोर्टिंग में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या ऐसा कोई आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि CJP आंदोलन को वास्तव में PM CARES Fund से फंडिंग मिली। इसलिए इस दावे को तथ्य के रूप में नहीं बल्कि रांका के बयान/दावे के रूप में देखना उचित होगा। सोशल मीडिया पर भी बयान की चर्चा रांका के बयान का वीडियो और उसके अंश सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। कई यूजर्स इस बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे PM CARES Fund की पारदर्शिता पर बहस से जोड़ रहे हैं। हालांकि सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को किसी वित्तीय लेनदेन या फंडिंग के आधिकारिक प्रमाण के तौर पर नहीं देखा जा सकता। CJP की मुख्य मांगों में PM CARES ऑडिट भी शामिल CJP की आधिकारिक वेबसाइट पर आंदोलन से जुड़ी मांगों में PM CARES Fund के सार्वजनिक ऑडिट की मांग भी दर्ज है। संगठन ने इसके साथ बेरोजगारी, NEET जवाबदेही, प्रधानमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस और अन्य मुद्दों को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। निष्कर्ष CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका के PM CARES Fund से आंदोलन की पूरी फंडिंग मिलने वाले दावे ने नई चर्चा शुरू कर दी है। रांका ने इसी के साथ PM CARES Fund के ऑडिट की मांग भी उठाई है। हालांकि, CJP को PM CARES Fund से फंडिंग मिलने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे रांका के बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। अब इस मुद्दे पर सबसे अहम सवाल यही है कि क्या भविष्य में इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक वित्तीय दस्तावेज या प्रमाण सामने आता है। Source: Patrika / CJP official website / Latest reports जय राष्ट्र न्यूज़

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आज भी ₹100 के पार पेट्रोल, दिल्ली में ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर

नई दिल्ली: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर आज, 11 अगस्त 2026 को भी लोगों की नजर बनी हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर बनी हुई है। मंगलवार को प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ। दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के पार राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल लगातार ₹100 प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है। आज दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमत ₹95.20 प्रति लीटर है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार दोनों दरों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹100 के पार पहुंचने के बाद वाहन चालकों पर ईंधन खर्च का दबाव बढ़ा है। रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए पेट्रोल की कीमत में मामूली बदलाव भी मासिक बजट पर असर डाल सकता है। मुंबई में पेट्रोल ₹111 के पार मुंबई में ईंधन की कीमत दिल्ली की तुलना में और ज्यादा है। मंगलवार को मुंबई में पेट्रोल ₹111.18 प्रति लीटर और डीजल करीब ₹99.82 प्रति लीटर पर रहा। महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर मुख्य रूप से स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्कों के कारण देखने को मिलता है। अन्य बड़े शहरों में भी ईंधन के दाम ऊंचे 11 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं। दिल्ली के अलावा मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और अन्य बड़े शहरों में भी वाहन चालकों की नजर रोजाना के ईंधन रेट पर है। शहरों के बीच कीमतों में अंतर राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले VAT और स्थानीय करों के कारण होता है। कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर ईंधन कीमतों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी चर्चा में है। मंगलवार की रिपोर्टों के मुताबिक Brent crude करीब 5% बढ़कर $87.72 प्रति बैरल तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में लगातार तेजी रहने पर आगे ईंधन बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं बदले? अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद 11 अगस्त को प्रमुख भारतीय शहरों में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रहीं। इसका मतलब यह है कि आज कच्चे तेल की तेजी का सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल के दामों में दिखाई नहीं दिया है। सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेट भारत में सरकारी तेल कंपनियां आम तौर पर पेट्रोल और डीजल के दैनिक रेट सुबह 6 बजे अपडेट करती हैं। इसलिए वाहन चालकों के लिए रोजाना नए रेट की जांच करना महत्वपूर्ण है। अगर किसी शहर में टैक्स या अन्य स्थानीय स्तर पर बदलाव होता है तो संबंधित क्षेत्र में पेट्रोल-डीजल की कीमत अलग हो सकती है। आम आदमी की जेब पर असर पेट्रोल की कीमत ₹100 से ऊपर बने रहने का सीधा असर निजी वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों के बजट पर पड़ता है। लंबी दूरी की यात्रा, रोजाना ऑफिस आने-जाने और व्यावसायिक वाहनों के खर्च में भी ईंधन की कीमत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डीजल की कीमतें भी परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि माल ढुलाई और कई व्यावसायिक वाहनों में डीजल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। आगे क्या रहेगा नजर में? आने वाले दिनों में बाजार की नजर कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव, रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति और तेल की वैश्विक आपूर्ति पर रहेगी। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो भारतीय ईंधन बाजार पर भी दबाव बना रह सकता है। हालांकि घरेलू पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों का अगला बदलाव तेल कंपनियों के दैनिक मूल्य निर्धारण पर निर्भर करेगा। निष्कर्ष 11 अगस्त 2026 को दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल ₹111.18 और डीजल ₹99.82 प्रति लीटर के आसपास है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent crude की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू ईंधन दरों में आज बड़ा बदलाव नहीं हुआ। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। Source: Business Today / NDTV Profit / Indian fuel price data जय राष्ट्र न्यूज़

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रुपया शुरुआती कारोबार में 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.38 प्रति डॉलर पर पहुंचा, कच्चे तेल की कीमतों से दबाव

मुंबई: भारतीय रुपया मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.38 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच रुपये पर दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रुपये पर दबाव इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया कमजोर स्तर पर खुला और शुरुआती कारोबार में ₹95.38 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया करीब ₹95.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मंगलवार की शुरुआत में रुपये की कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक बताए जा रहे हैं। West Asia संकट का बाजार पर असर West Asia में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक निवेशकों की चिंता बनी हुई है। क्षेत्र में शांति वार्ता को लेकर स्पष्ट प्रगति नहीं होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इससे देश का आयात बिल बढ़ने और डॉलर की मांग बढ़ने की संभावना रहती है, जिसका दबाव रुपये पर पड़ता है। महंगा कच्चा तेल बना बड़ी चिंता अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ाया है। रिपोर्टों के मुताबिक Brent crude में भी तेजी देखने को मिली है और बाजार की नजर West Asia से जुड़े घटनाक्रम पर बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर देश को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। शेयर बाजार में कमजोरी का भी असर रुपये पर दबाव का एक कारण घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कमजोरी भी रही। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक शुरुआती कारोबार में दबाव में नजर आए। Reuters के अनुसार शुरुआती कारोबार में Nifty करीब 0.43% और Sensex करीब 0.48% नीचे थे। वित्तीय और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। RBI की भूमिका से बड़ी गिरावट पर रोक रुपये में कमजोरी के बावजूद बाजार में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की संभावित दखलंदाजी पर भी नजर बनी हुई है। बाजार सूत्रों के मुताबिक सरकारी बैंकों के जरिए डॉलर की बिक्री से रुपये को कुछ समर्थन मिला, जिससे शुरुआती गिरावट सीमित रही। विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी रुपये की दिशा के लिए महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। महंगाई पर भी पड़ सकता है असर रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर आने वाले समय में महंगाई पर भी पड़ सकता है। अगर आयातित तेल महंगा होता है, तो परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ सकती है। इसका असर पेट्रोलियम उत्पादों के अलावा कई अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है। निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर अब बाजार की नजर कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर है। खासतौर पर West Asia संकट, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और भारत के आगामी आर्थिक आंकड़े भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। रुपये के लिए आगे की चुनौती रुपया पिछले कुछ समय से डॉलर के मुकाबले कमजोर स्तरों के आसपास कारोबार कर रहा है। सोमवार को भी शुरुआती कारोबार में रुपया 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.25 प्रति डॉलर पर पहुंचा था। ऐसे में अगर कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आती है या वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो रुपये पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं RBI की कार्रवाई और विदेशी पूंजी प्रवाह रुपये को समर्थन दे सकते हैं। निष्कर्ष 11 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया 8 पैसे कमजोर होकर ₹95.38 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। West Asia संकट के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। हालांकि RBI की संभावित दखलंदाजी और विदेशी पूंजी प्रवाह से गिरावट को सीमित करने में मदद मिल रही है। आने वाले कारोबार में कच्चे तेल, डॉलर इंडेक्स, विदेशी निवेश और West Asia से जुड़ी खबरें रुपये की दिशा के लिए सबसे अहम संकेतक रहेंगे। Source: PTI / Reuters / Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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NEET PG 2026 City Intimation Slip जारी, उम्मीदवारों को मिला परीक्षा शहर; 30 अगस्त को होगी परीक्षा

नई दिल्ली: NEET PG 2026 की तैयारी कर रहे लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने 11 अगस्त 2026 को उम्मीदवारों के लिए Test City Intimation जारी किया है। इसमें उम्मीदवारों को यह जानकारी मिलेगी कि उनकी NEET PG परीक्षा किस शहर में आयोजित की जाएगी। यह अपडेट उम्मीदवारों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब उन्हें परीक्षा शहर की जानकारी मिलने के बाद यात्रा और ठहरने की तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। आज जारी हुई परीक्षा शहर की जानकारी NEET PG 2026 के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवारों को 11 अगस्त 2026 को परीक्षा शहर की जानकारी दी जानी है। इसके बाद उम्मीदवार अपने आवेदक लॉगिन के माध्यम से आवंटित शहर की जानकारी देख सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने लॉगिन विवरण के जरिए जानकारी चेक करें। 30 अगस्त को होगी NEET PG 2026 परीक्षा NEET PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए अब तैयारी का अंतिम चरण शुरू हो गया है। City Intimation Slip मिलने के बाद उम्मीदवारों को अपने परीक्षा शहर तक पहुंचने की योजना पहले से बनानी चाहिए, खासकर यदि आवंटित शहर उनके गृह शहर से अलग है। City Intimation Slip और Admit Card अलग-अलग हैं उम्मीदवारों को एक महत्वपूर्ण बात ध्यान में रखनी चाहिए कि City Intimation Slip एडमिट कार्ड नहीं है। इसमें मुख्य रूप से परीक्षा के लिए आवंटित शहर की जानकारी दी जाती है। परीक्षा केंद्र का पूरा पता और परीक्षा से जुड़ी अंतिम जानकारी एडमिट कार्ड में दी जाएगी। NEET PG 2026 के कार्यक्रम के अनुसार Admit Card 27 अगस्त 2026 को जारी किया जाना निर्धारित है। कैसे चेक करें NEET PG City Intimation Slip? उम्मीदवार अपनी परीक्षा शहर की जानकारी देखने के लिए NBEMS की वेबसाइट पर जाकर इन चरणों का पालन कर सकते हैं: उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अपनी जानकारी में नाम, आवेदन संख्या और आवंटित शहर को ध्यान से जांच लें। परीक्षा केंद्र की जानकारी कब मिलेगी? City Intimation Slip में केवल परीक्षा शहर की जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है। सटीक परीक्षा केंद्र का पता एडमिट कार्ड में उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को अभी से यात्रा की योजना बनाते समय शहर की जानकारी का उपयोग करना चाहिए, लेकिन अंतिम परीक्षा केंद्र की पुष्टि एडमिट कार्ड जारी होने के बाद ही करनी चाहिए। उम्मीदवार अभी से बना लें यात्रा की योजना अगर किसी उम्मीदवार को अपने गृह शहर से अलग शहर आवंटित किया गया है, तो उसे यात्रा और होटल की व्यवस्था पहले से कर लेना फायदेमंद रहेगा। खासकर ट्रेन और बस से यात्रा करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय रहते टिकट की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी होगा आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार NEET PG 2026 का Admit Card 27 अगस्त को जारी किया जाना है। इसके बाद उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र का पूरा विवरण और परीक्षा से संबंधित आवश्यक निर्देश मिलेंगे। उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उस पर दर्ज सभी विवरणों को ध्यान से जांचना चाहिए। 30 सितंबर तक परिणाम आने की उम्मीद NEET PG 2026 का परिणाम 30 सितंबर 2026 तक घोषित किए जाने का कार्यक्रम है। यानी परीक्षा के लगभग एक महीने के भीतर परिणाम जारी किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद मेडिकल पीजी सीटों में प्रवेश के लिए आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें NBEMS की ओर से परीक्षा से जुड़ी किसी भी नई सूचना, एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र या अन्य निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। सोशल मीडिया या अनधिकृत वेबसाइटों पर वायरल होने वाली जानकारी के बजाय उम्मीदवारों को NBEMS की आधिकारिक सूचना को ही अंतिम मानना चाहिए। निष्कर्ष NEET PG 2026 City Intimation Slip आज 11 अगस्त को जारी कर दी गई है, जिससे उम्मीदवारों को उनके आवंटित परीक्षा शहर की जानकारी मिल सकेगी। यह परीक्षा 30 अगस्त 2026 को आयोजित होगी, जबकि एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी किया जाना निर्धारित है। अब उम्मीदवारों को अपनी City Intimation Slip चेक करने के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए और यदि परीक्षा शहर अलग है तो यात्रा की योजना समय रहते बना लेनी चाहिए। Source: NBEMS / NEET PG 2026 Information Bulletin / Latest Education Reports जय राष्ट्र न्यूज़

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देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-UP समेत कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बना हुआ है। दिल्ली-NCR में बारिश को लेकर अलर्ट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून की सक्रियता के कारण तेज बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या सामने आ सकती है। दिल्ली-NCR के लोगों को मौसम में अचानक बदलाव और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासतौर पर निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश का दौर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जरूरत है। कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजस्थान और गुजरात में भी बारिश का असर राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी सतर्कता महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के बीच स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी और निचले इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन, जलभराव और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। केरल में भी बारिश का अलर्ट केरल में मानसून के कारण कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा भारी बारिश के साथ कुछ राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जलभराव और ट्रैफिक को लेकर बढ़ी चिंता शहरी इलाकों में तेज बारिश का सबसे बड़ा असर सड़क यातायात पर देखने को मिलता है। कम समय में ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। दिल्ली-NCR जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचना और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करना सुरक्षित रहेगा। निष्कर्ष देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहने के कारण भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को सलाह है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। Source: India Meteorological Department (IMD) / Weather reports जय राष्ट्र न्यूज़

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