न्यूयॉर्क, 29 जून। उत्तर अमेरिका के प्रतिष्ठित Summer Fancy Food Show 2026 में भारत ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी दर्ज कराते हुए वैश्विक खाद्य बाजार में मजबूत उपस्थिति का प्रदर्शन किया है। भारतीय पवेलियन में देशभर की दर्जनों कंपनियां और निर्यातक अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य भारतीय खाद्य उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाना और नए निर्यात अवसरों को प्रोत्साहित करना है।
भारतीय पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष भारतीय पवेलियन में मसाले, चाय, कॉफी, बासमती चावल, ऑर्गेनिक उत्पाद, रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ, स्नैक्स, मिलेट आधारित उत्पाद, मिठाइयां और विभिन्न प्रसंस्कृत खाद्य वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। वैश्विक खरीदारों और वितरकों ने भारतीय उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई है।
निर्यात बढ़ाने पर फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजनों से भारतीय खाद्य उद्योग को नए बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। भारत सरकार और निर्यात संवर्धन एजेंसियां खाद्य निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इसका उद्देश्य कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।
मिलेट और ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग बढ़ी
वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्यवर्धक और प्राकृतिक खाद्य उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच भारतीय मिलेट, ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ और पारंपरिक सुपरफूड्स विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भारतीय कंपनियों के साथ संभावित व्यापारिक साझेदारी में रुचि दिखाई है।
भारतीय कंपनियों को नए अवसर
कार्यक्रम में भाग लेने वाली भारतीय कंपनियां विभिन्न देशों के आयातकों, खुदरा विक्रेताओं और वितरकों के साथ व्यापारिक बैठकों में शामिल हो रही हैं। उद्योग जगत का मानना है कि इससे निर्यात ऑर्डर बढ़ने और भारतीय ब्रांडों की वैश्विक पहचान मजबूत होने की संभावना है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिलेगा लाभ
भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ती उपस्थिति से इस क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग और नए व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक मांग के अनुरूप गुणवत्ता और पैकेजिंग पर ध्यान देकर भारतीय कंपनियां अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति और मजबूत कर सकती हैं।
सरकार की पहल को मिली मजबूती
भारतीय निर्यात संवर्धन एजेंसियों और संबंधित संस्थानों द्वारा आयोजित सामूहिक भागीदारी का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों को भी वैश्विक मंच उपलब्ध कराना है। इससे भारतीय खाद्य उद्योग के विविध उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि भारतीय खाद्य उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है। यदि गुणवत्ता, नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत किया जाए तो आने वाले वर्षों में भारत खाद्य निर्यात के क्षेत्र में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
स्रोत:
APEDA, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार
मूल रिपोर्ट:
Summer Fancy Food Show 2026 में भारतीय भागीदारी से संबंधित आधिकारिक जानकारी और व्यापारिक रिपोर्टों के आधार पर।
जय राष्ट्र न्यूज़






