पूर्णिया एक्सप्रेस ट्रेन में आग- बोगी से धुआं उठते ही मची अफरा तफरी.....

पूर्णिया जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में आग- बोगी से धुआं उठते ही मची अफरा तफरी…..

साहिबाबाद 11 Sep 2025 10:03 AM तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया गया है गाजियाबाद पैसेंजर लेकर बिहार के पूर्णिया जा रही पूर्णिया एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन की बोगी में अचानक आग लग जाने से यात्रियों में बुरी तरह से अफरा तफरी मच गई बोगी के अंदर से धुआं उठते देख घबराए पैसेंजर ट्रेन से कूद कर तुरंत नीचे आ गए।तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया गया है साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में आनंद विहार से चलकर पूर्णिया जा रही एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन की लगेज बोगी से अचानक धुआं उठने लगा। बोगी से धुआं निकलते देखकर स्टेशन पर चारों तरफ तफरी मच गई। साहिबाबाद स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में सवार यात्री आग लगने की जानकारी मिलते ही तुरंत कूद कर नीचे आ गए बोगी में लगी आग ने भीतर रखे सामान को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड के जवान आग बुझाने वाली गाड़ी के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना स्थल पर पहुंचे फायर, कर्मचारियों ने तुरंत कार्यवाही करते हुए आग में जल रही बोगी को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया, ताकि पैसेंजर की जान को किसी तरह का खतरा नहीं हो सके। तकरीबन 40 मिनट की मशक्कत के बाद फायर कर्मियों ने स्पेशल ट्रेन की बोगी में लगी आग पर काबू पा लिया। ट्रेन को बाकी डिब्बों के साथ उसकी मंजिल की तरफ रवाना कर दिया गया।

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नेपाल में जारी हिंसा के बीच छतरपुर के 14 लोग फंसे, पीएम-सीएम से सुरक्षित वापसी की गुहार

नेपाल में जारी हिंसा के बीच छतरपुर के 14 लोग फंसे, पीएम-सीएम से सुरक्षित वापसी की गुहार

नेपाल में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के कारण वहां फंसे भारतीय नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। हजारों भारतीयों के बीच मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के 14 लोग भी काठमांडू में फंसे हुए हैं। इनमें चार परिवार शामिल हैं, जिनमें छोटे बच्चे भी मौजूद हैं। सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री से सुरक्षित भारत वापसी की अपील की है। जानकारी के मुताबिक छतरपुर के कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी निवासी व्यापारी पप्पू मातेले, ट्रांसपोर्ट कारोबारी निर्देश अग्रवाल, गुड्डू अग्रवाल और एक कुशवाहा परिवार नेपाल घूमने गए थे। लेकिन अचानक बढ़ी हिंसा के कारण सभी काठमांडू के एक होटल में फंस गए। हिंसा की वजह से नेपाल में आगजनी, तोड़फोड़ और मौतों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में वहां मौजूद भारतीय परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। निर्देश अग्रवाल ने होटल की खिड़की से बाहर हो रही आगजनी और हिंसा का वीडियो भेजकर स्थिति की गंभीरता दिखाई है। इस बीच, छतरपुर विधायक ललिता यादव ने नेपाल में फंसे व्यापारियों और उनके परिवारों से फोन पर बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास करेगी। फिलहाल छतरपुर के इन परिवारों सहित हजारों भारतीय नेपाल में हिंसा के बीच फंसे हुए हैं और जल्द सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।

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पंजाब में बाढ़: जनजीवन अस्त-व्यस्त, राहत कार्य जारी

पंजाब इस समय भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। लगातार हो रही भारी वर्षा और पहाड़ी इलाकों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण नदियाँ उफान पर हैं। कई जिलों के सैकड़ों गाँव पानी में डूब चुके हैं। गाँव की गलियाँ, खेत और घर जलमग्न हो गए हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं। फसलों और पशुधन पर भारी असर पंजाब, जिसे देश का अन्नदाता कहा जाता है, आज फसल बर्बादी के गहरे संकट से जूझ रहा है। धान और मक्का जैसी प्रमुख फसलें पानी में पूरी तरह डूब गई हैं। किसानों की मेहनत और सालभर की कमाई एक ही झटके में खत्म हो गई। साथ ही, हज़ारों मवेशियों और पोल्ट्री को भी बाढ़ ने प्रभावित किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर और गहरा असर पड़ा है। जनहानि और पलायन कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। राहत शिविरों में शरण लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्वास्थ्य सेवाओं और साफ पीने के पानी की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। राहत और बचाव कार्य राज्य सरकार और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवी संगठन नावों और ट्रैक्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचा रहे हैं। कई जगहों पर अस्थायी शिविर, भोजन वितरण केंद्र और चिकित्सा सुविधाएँ भी स्थापित की गई हैं। राजनीतिक बहस और भविष्य की चुनौती बाढ़ ने न केवल पंजाब की आर्थिक स्थिति को झकझोरा है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है। सरकार पर पर्याप्त तैयारी न करने के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि समय रहते बाँधों और तटबंधों की मरम्मत की जाती और जल निकासी की व्यवस्था सुधारी जाती, तो नुकसान कम हो सकता था। सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं  पंजाब की यह बाढ़ सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि चेतावनी भी है कि हमें जल प्रबंधन और आपदा नियंत्रण की योजनाओं को और मज़बूत करना होगा। आज सबसे बड़ी ज़रूरत है कि प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत मिले और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। PunjabFloods #punjabNews#punjabfloods2025 #PunjabRescue #floods #PunjabFloodSituation #BreakingNews #FloodAlert

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turmoil of Maharashtra

महाराष्ट्र की राजनीतिक घमासान में एक दो नहीं 4-4 ‘संजय’ पर चर्चा, तीखी जुबानी जंग से लेकर हाथापाई तक 

महाराष्ट्र की राजनीति में एक तरफ जहां मराठी बनाम हिंदी भाषा का मुद्दा गर्म है, वहीं राज्य में संजय नाम के नेता भी सुर्खियों में हैं। एक तरफ जहां उद्धव ठाकरे गुट के मुख्य प्रवक्ता और राज्य सभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस से शिंदे गुट वाली शिवसेना में आए संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) भी विपक्ष पर तीखा पलटवार करने के कारण मीडिया में छाए रहते हैं। इन दोनों संजय के अलावा महाराष्ट्र में संजय नाम से दो और ऐसे नेता हैं, जो चर्चा में बने रहते हैं। ये हैं संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) और संजय गायकवाड़ (Sanjay Gaikwad)।  संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) राज्य सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री हैं और इस समय कैश कांड वीडियो को लेकर चर्चा में बने हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ संजय गायकवाड़ मुंबई के आकाशवाणी की कैंटीन में खराब खाने को लेकर मारपीट करने के चक्कर में चर्चित हो चुके हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में देखें तो ये चारों संजय इस समय एक दूसरे पर हमलवार हैं। संजय राउत (Sanjay Raut) जहां शिरसाट और गायकवाड़ को घेरने में जुटे हैं, तो वहीं संजय निरुपम (Sanjay Nirupam) अपने बयानों से राउत पर प्रहार कर रहे हैं।  संजय राउत बनाम संजय शिरसाट और संजय निरुपम बता दें कि मंत्री संजय शिरसाट (Sanjay Shirsat) को आयकर विभाग ने संपत्ति में गड़बड़ी को लेकर नोटिस भेजा हुआ है। इस पर राजनीति अभी थमी भी नहीं थी कि संजय राउत (Sanjay Raut) ने शिरसाट के बेडरूम का एक वीडियो जारी किया। जिसमें शिरसाट कथित तौर पर नोटों से भरे एक बैग के पास सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं। संजय राउत ने इस वीडियो के माध्यम से शिंदे की शिवसेना पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए घेरा है। वहीं संजय शिरसाट ने बैग में कपड़े होने का दावा करते हुए राउत पर मानहानि का केस करने की चेतावनी दी है।  वहीं दूसरी तरफ संजय निरुपम और संजय राउत (Sanjay Raut) भी एक दूसरे पर लगातार प्रहार करने में जुटे हैं। पिछले दिनों संजय राउत ने दावा किया था कि गुरु पूर्णिमा के दिन एकनाथ शिंदे अपने “गुरु” गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गए थे। राउत के इस दावे को संजय निरुपम ने झूठा बातते हुए घेरा। निरुपम ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन अमित शाह झारखंड में थे और वहां एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। यह सभी को पता है, लेकिन इसके बाद भी राउत ने गंदी राजनीति के लिए झूठ फैलाया। इसके लिए राउत को बिना किसी शर्त एकनाथ शिंदे से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही राउत को चटुकार तक कह दिया। इसके बाद से ही दोनों में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।   इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ संजय गायकवाड़ भी भर रहे हुंकार बुलढाणा विधानसभा से विधायक संजय गायकवाड़ अपने कैंटीन प्रकरण को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। गायकवाड़ ने खराब खाने का आरोप लगाते हुए कैंटीन कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी, जिसका वीडियो वायरल हो गया। गायकवाड़ के इस हरकत पर महराष्ट्र में खूब बवाल हुआ है। विवाद बढ़ने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कार्रवाई के लिए यह मामला विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर को रेफर कर दिया है। अब देखना यह होगा कि स्पीकर इस मामले में क्या एक्शन लेते हैं। संजय गायकवाड़ अपनी हरकतों और बयानों को लेकर अक्सर कंट्रोवर्सी में रहते हैं। कैंटीन कर्मचारियों को पीटने के बाद गायकवाड़ ने विवादित बयान देते दक्षिण भारतीयों पर भी निशाना साधा था। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा था साउथ इंडियन डांस और लेडीज बार चला मराठा संस्कृति को खराब कर रहे हैं। ऐसे लोगों को कैंटीन के ठेके नहीं मिलने चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi news  #Maharashtraelection #Election2025 #Mumbai #Devendrafadnavish

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Career in yoga

Career in yoga: कोर्स से लेकर इंस्टीट्यूट्स तक योगा में करियर बनने के लिए पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी

योगा (Yoga) के बारे में न केवल आज पूरा विश्व जानता है, बल्कि शारीरिक और मानसिक बचाव के लिए इसे अपनाया भी है। भारत में शुरू हुई इस तकनीक को आजकल करोड़ों लोग अपने जीवन का जरूरी हिस्सा बना चुके हैं। ऐसा माना गया है कि नियमित रूप से योगा करने से कई समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। लेकिन, योगा (Yoga) की शुरुआत करने के लिए एक्सपर्ट की सलाह और मार्गदर्शन लेना जरूरी है। अगर आप योगा (Yoga) में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, तो आपको इसके बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए कि आप इसका कहां कोर्स कर सकते हैं और उसमे कितना समय लगेगा आदि। आइए जानें कि योगा में करियर कैसे बनाएं (How to make a career in yoga)? इसकी पढ़ाई कहां से की जाए, यह जानकारी भी पाएं। योगा में करियर कैसे बनाएं (How to make a career in yoga): योगा कोर्स  योगा में करियर (Career in yoga) बनाने के लिए आप कई कोर्स कर सकते हैं, जो इस प्रकार हैं: योगा कोर्स करवाने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स हमारे देश में ऐसे कई इंस्टीट्यूट्स हैं जो यह कोर्स कराते हैं। इनकी लिस्ट बहुत लंबी है। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? योगा में करियर बनाने के लिए किन स्किल्स का होना जरूरी है? योगा में करियर (Career in yoga) बनाने के लिए कैंडिडेट्स में निम्नलिखित स्किल्स होना जरूरी है:  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi  #HowtomakeacareerinYoga #Yoga #YogaScience #MainInstitutesOfferingYogaCourses #CareerinYoga

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link between diabetes and loneliness

Loneliness: अकेलेपन का कनेक्शन ब्लड शुगर से – क्या कहती है रिसर्च?

डायबिटीज (Diabetes) यानी मधुमेह एक ऐसी समस्या है, जो आजकल लोगों की खराब जीवनशैली के कारण बढ़ती जा रही है। डायबिटीज (Diabetes) के कारण कई गंभीर रोग होने की संभावना भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि इस रोग की संभावना को कम करने के लिए एक्सपर्ट सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। वहीं, एक और परेशानी जिससे आजकल अधिकतर पब्लिक परेशान है वो है अकेलापन (Loneliness)। यह अकेलापन (Loneliness) भी कई रोगों का कारण बन सकता है जैसे स्ट्रेस, एंग्जायटी आदि। लेकिन, एक नई स्टडी के अनुसार अकेलापन डायबिटीज (Diabetes) का कारण भी बन सकता है। आइए जानें डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) के बारे में। डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness): पाएं जानकारी  हेल्थलाइन (Health line) के अनुसार अकेलापन डायबिटीज (Diabetes) को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है और कई कंडीशंस का कारण बन सकता है जैसे डिप्रेशन और एंग्जायटी। एक नई स्टडी के अनुसार अकेलापन (Loneliness) न केवल मेंटल हेल्थ को प्रभावित करता है, बल्कि इससे फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित हो सकती है। यानी डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) पाया गया है। इस स्टडी के अनुसार जो लोग सोशली आइसोलेटेड होते हैं, उनमें डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर का खतरा बढ़ सकता है। इस स्टडी में ऐसा पाया गया है कि जो बुजुर्ग अकेले रहते हैं उनमें डायबिटीज (Diabetes) का रिस्क 34% अधिक होता है। इन लोगों में अकेले नहीं रहने वाले लोगों की तुलना में 75% अधिक पुअर शुगर कंट्रोल भी पाया गया है। इस स्टडी से यह भी पता चलता है कि अकेलापन (Loneliness) डायबिटीज का एक महत्वपूर्ण फैक्टर हो सकता है जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है। डायबिटीज और अकेलेपन से कैसे बचें?  डायबिटीज (Diabetes) से बचने के लिए अपनी लाइफस्टाइल को ठीक बनाए रखना जरूरी है। इसमें सही डायट का सेवन करना, एक्सरसाइज और योगा करना, तनाव से बचना आदि शामिल है। इसके साथ ही नियमित रूप से चेक-अप कराना भी इसके लिए महत्वपूर्ण माना गया है। अकेलेपन से बचाव के लिए यह सुझाव आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं: वालंटियर बने दूसरों की मदद करना अकेलेपन को दूर करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। इसके लिए उन ग्रुप्स और आर्गेनाईजेशन को ज्वाइन करें, जो यह कार्य करते हैं। इसके साथ ही आप सपोर्ट ग्रुप को भी ज्वाइन कर सकते हैं।  एक्टिव रहें एक्टिव रहने से आप अपने अकेलापन (Loneliness), डायबिटीज (Diabetes) और कई समस्याओं से बचा जा सकता है। यही नहीं इससे आप अन्य लोगों से भी मिलजुल सकते हैं। इसके लिए आप योगा, कार्डियो जैसी क्लासेज को ज्वाइन कर सकते हैं। अपने प्रियजनों और दोस्तों से बात करें अकेलापन (Loneliness) को दूर करने के लिए उन लोगों के सम्पर्क में रहें जो आपके करीबी हैं। ऐसे लोगों से कनेक्ट करते रहें जो आपको पॉजिटिव रहने में मदद करें। कुछ ऑनलाइन सपोर्ट ग्रुप्स और फोरम्स को भी ज्वाइन कर सकते हैं। डायबिटीज और अकेलेपन के बीच में लिंक (The link between diabetes and loneliness) के बारे में आप जान ही गए होंगे। अब जानते हैं डायबिटीज (Diabetes) के बारे में कुछ और। इसे भी पढ़ें:-  एयर पॉल्यूशन से बढ़ सकता है एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा डायबिटीज के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #Thelinkbetweendiabetesandloneliness #diabetes #loneliness 

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Election Commission

बिहार में वोटर लिस्ट से कट सकते हैं 35 लाख से ज्यादा नाम,  वेरिफिकेशन प्रक्रिया में अब तक 88% मतदाताओं ने भरा गणना पत्र

बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा कराया जा रहा मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य (SIR) अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आयोग की यह महत्त्वाकांक्षी पहल 24 जून 2025 को राज्यभर में गणना फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 25 जुलाई तक चलेगा। मतलब अब इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मात्र 10 दिन और रह गए हैं। एसआईआर (SIR) के तहत अब तक 7 करोड़ 90 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से 6 करोड़ 60 लाख 67 हजार 208 लोगों ने अपने गणना फॉर्म सफलतापूर्वक भरकर जमा करा दिए हैं। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का लगभग 88 फीसदी है, जो आयोग के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में जो सबसे चौकाने वाली सामने आई है, वह यह है कि अब तक के सर्वेक्षण और फॉर्म सत्यापन के आधार पर करीब 35 लाख 69 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट (Voter List) से हटाए जा सकते हैं। यह आंकड़ा उन मतदाताओं का है, जो सत्यापन के दौरान या तो मृत पाए गए या एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत मिले या फिर स्थायी रूप से किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो गए। मतदाता सूची से हट सकता है बिहार के 4.52% लोगों का नाम चुनाव आयोग (Election Commission) की वेबसाइट पर अब तक कुल 5 करोड़ 74 लाख से अधिक प्रपत्र अपलोड किए जा चुके हैं। दस्तावेजों के आधार पर बताया गया है कि सत्यापन के दौरान 1.59% मतदाता मृत पाए गए और 2.2% ने स्थायी रूप से अपने निवास स्थान बदल चुक हैं। इसके अलावा 0.73% मतदाता ऐसे भी मिले हैं जो एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत पाए गए। कुल मिलाकर आयोग को इन तीनों श्रेणियों में 4.52% मतदाता ऐसे मिले हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।   वहीं, अब भी करीब 11.82% मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने अपने फॉर्म आयोग के पास जमा नहीं किए हैं। आयोग इन बचे हुए मतदाताओं तक पहुंचने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। तीसरे दौर में राज्यभर में एक लाख बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को फिर से मैदान में उतारा गया है ताकि घर-घर जाकर बचे हुए मतदाताओं से फॉर्म भरवाया जा सके। इस कार्य में चुनाव आयोग को विभन्न राजनीतिक दलों द्वारा तैनात 1.5 लाख बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का भी सहयोग मिल रहा है।  मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य (SIR) के लिए बिहार के सभी 261 विधानसभा क्षेत्र के 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाया गया है। इन शिविरों का उद्देश्य सभी विधानसभा में  मतदाता फॉर्म का सत्यापन करना है। साथ ही जो मतदाता अस्थायी रूप से राज्य से बाहर गए हैं, उनके लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि वे भी ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से समय रहते अपना फॉर्म जमा कर सकें। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? आयोग 1 अगस्त को जारी करेगा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चुनाव आयोग (Election Commission) के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त 2025 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट संस्करण प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं को आपत्ति और सुधार के लिए कुछ दिन के लिए समय दिया जाएगा, ताकि अंतिम सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल मतदाता सूची जारी कर विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी।   बिहार में चल रही इस मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को भाजपा समेत एनडीए गठबंधन के दल जहां लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान वैध मतदाताओं का नाम भी सूची से हटाया जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ElectionCommission #Biharelection2025 #Voterlist #SIR #Biharassemblyelection

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ULFA-1

भारतीय सेना का म्यांमार में मिलिटेंट ग्रुप ULFA-1 पर ड्रोन हमला? 3 टॉप लीडर समेत कई आतंकी ढेर

म्यांमार में रहकर भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले मिलिटेंट ग्रुप उल्फा (।) (ULFA) पर भारत ने ड्रोन हमला किया है। इस घटना में इस मिलिटेंट संगठन के टॉप लीडर्स समेत कई आतंकियों की मौत हुई है। यह दावा खुद इस मिलिटेंट संगठन ने किया है। उल्फा (I) (ULFA)  ने एक बयान जारी कर बताया कि भारतीय सेना (Indian Army) ने उसके कैंप पर ड्रोन से हमला किया है, जिसमें उसके टॉप लीडर्स को मौत हुई है। हालांकि भारतीय सेना (Indian Army) ने इस तरह के किसी भी ऑपरेशन को करने से इंकार करते हुए बताया कि उनकी तरफ से न तो सीमा पार कोई ऑपरेशन चलाया गया और न ही इस तरह के किसी ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी है।  उल्फा (I) (ULFA)  की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना ने म्यामांर में मौजूद उनके कैंप्स पर ड्रोन के जरिए हमला किया है। इस आतंकी संगठन ने बताया कि, यह हमला देर रात 2 से 4 के बीच उस समय हुआ, जब उसके टॉप लीडर्स कैंप में आराम कर रहे थे। इस ड्रोन अटैक में उल्फा (।) का लेफ्टिनेंट जनरल नयान मेधी उर्फ नायन एसोम, ब्रिगेडियर गणेश एसोम और कर्नल प्रदीप एसोम समेत कई आतंकियों की मौत हो गई। इसके अलावा 20 से ज्यादा आतंकी घायल हो गए। इस आतंकी संगठन की तरफ से जारी एक दूसरे बयान में यह भी दावा किया गया है कि भारतीय सेना ने ड्रोन के बाद मिसाइल से भी हमला किया।  भारतीय सेना ने कहा- हमने नहीं किया कोई हमला  उल्फा (I) का प्रवक्ता ईशान एसोम ने यह बयान जारी करते हुए जवाबी कार्रवाई तक की धमकी दी है। उसने कहा कि भारतीय सेना फाइटर जेट की मदद से लगातार ऐसे हमले कर रही है। हमने असम के लोगों को यह बता दिया है कि इस कायरता पूर्ण हमले का बदला लेने का हमें भी हक है। हम जल्द ही भार को उनके इस हमले का ठोस जवाब देंगे। एक तरफ जहां उल्फा (I) भारत पर हमले का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है। वहीं भारतीय सेना (Indian Army) इस तरह के किसी भी हमले से इंकार किया है। भारतीय सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने इस संबंध में मीडिया द्वारा पूछ गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके पास सीमा पार इस तरह के किसी भी ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं है। भारतीय सेना ने इस तरह का कोई ऑपरेशन नहीं चलाया है।  वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने भी म्यांमार में उल्फा (I) के कैंप पर इस तरह के  किसी ड्रोन हमले से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी ऑपरेशन न तो असम की धरती पर हुआ है और न ही असम पुलिस इसमें किसी भी तरह से शामिल है। भारतीय सेना अगर ऐसा कोई ऑपरेशन करती तो उसके बारे में बयान जारी करती, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। शायद कुछ दिनों के बाद इस कथित हमले को लेकर ज्यादा जानकारी सामने आएगी।  इसे भी पढ़ें:- 7 Demanding Courses: ये हैं 7 डिमांडिंग कोर्स, जिसमें आप भी बना सकते हैं करियर भारत और असम सरकार ने 2003 में उल्फा (I) के साथ किया था समझौता  बता दें कि उल्फा (I) जहां पर भारतीय हमले का जिक्र किया है, वह म्यांमार का सगईंग क्षेत्र है। आंतरिक गृहयुद्ध से प्रभावित म्यांमार के इस क्षेत्र में कई नक्सल और मिलिशिया समूह रहते हैं। यह क्षेत्र भारतीय विरोधी आतंकी समूहों का भी ठिकाना बना हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र और असम की राज्य सरकार ने उल्फा (I) के साथ 2023 में पीस पैक्ट साइन किया था। जिसके बाद से ही इसके भारत विरोधी अभियान रूके हुए थे। हालांकि बीते दिनों प्रकाशित कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उल्फा (I) चीन के समर्थन से फिर अपने आप को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में इस आतंकी संगठन पर हमला होना बड़ी घटना है। Latest News in Hindi Today Hindi news  #IndianArmy #ULFA #Asam #CMHimantaBiswaSarma #ULFA1

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Excessive salt intake

Excessive Salt Intake: भारत में एक साइलेंट महामारी, जो स्वास्थ्य के लिए है एक बड़ा खतरा

नमक (Salt) यानी साल्ट खाने का एक जरूरी हिस्सा है, जिसकी मात्रा खाने में ज्यादा हो या कम, दोनों ही स्थितियों में खाने का स्वाद पूरी तरह से बदल जाता है। नमक शरीर के लिए फायदेमंद है और कई कार्यों को करने में उपयोगी है जैसे फ्लूइड बैलेंस, नर्व और मसल फंक्शन व मसल फंक्शन को मेंटेन करना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अधिक नमक (Salt) खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है? हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार भारत में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) एक साइलेंट महामारी की तरह है, जो कई गंभीर समस्याओं के रिस्क को बढ़ा रही है। आइए जानें कि भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (ICMR) के अनुसार हमारे देश में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) करना एक साइलेंट महामारी के समान है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम्स और किडनी डिजीज का खतरा बढ़ रहा है। आइए जानें विस्तार में कि कौन-कौन से कारण है जिसकी वजह से भारत में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) को एक साइलेंट महामारी माना जा रहा है:  यह तो थी जानकारी कि भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? अब जानिए कि नमक की खपत कम करने के लिए आप क्या कर सकते हैं?  इसे भी पढ़ें:-  एयर पॉल्यूशन से बढ़ सकता है एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा नमक की खपत कम करने के लिए क्या करें?  नमक का भी सही या कम मात्रा में सेवन करना चाहिए। नमक (Salt) की खपत को कम करने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं: यह तो थी जानकारी भारत में अधिक नमक (Salt) के सेवन के बारे में। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी दोनों लोगों को कम सोडियम युक्त नमक के सेवन करने की सलाह देते हैं, ताकि कई गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने जागरूकता अभियान भी शुरू किया है ताकि लोगों को अधिक नमक से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक किया जा सके। याद रखें कि नमक (Salt) के शरीर के लिए लाभ और हानियां उसकी मात्रा पर निर्भर करती हैं। अगर इसको कम और सही मात्रा में लिया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #WhyhighsaltintakeisasilentepidemicinIndia #Excesssaltintake #silentepidemic #salt #heartproblems

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UPSC Recruitment 2025

UPSC Recruitment 2025: असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर और अन्य पदों के लिए योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (Union Public Service Commission) यानी यूपीएससी (UPSC) ने एक नई नोटिफिकेशन निकाली है। इसके अनुसार उन्होंने असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर (Assistant Drugs Controller) और जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर पोस्ट्स के लिए आवेदन शुरू किए हैं। अगर आप इनमें आवेदन करना चाहते हैं, तो आप इसके लिए अभी अप्लाई कर सकते हैं। यह भी बता दें कि अप्लाई करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। यानी इच्छुक कैंडिडेट इस तिथि से पहले अप्लाई करें अन्यथा इसके बाद वो अप्लाई नहीं कर पाएंगे। इससे मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ और फॅमिली वेलफेयर में 24 पदों को भरा जाएगा। आइए जानें यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के बारे में। यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर (Assistant Drugs Controller), बॉटनिस्ट और जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने की तिथि 12 जुलाई थी यानी यह 12 जुलाई से यह शुरू हो चुकी है। आइए जानें इसकी योग्यता और अन्य चीजों के बारे में: यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए योग्यता यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए आयु सीमा एप्लिकेशन फीस यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली इन पोस्ट्स के लिए सामान्य, ओबीसी वर्गो के लिए एप्लिकेशन फीस 25 रुपए रखी गई है। जबकि एससी, एसटी, महिलाओं आदि को कोई भी फीस नहीं देनी है। उनके लिए यह पूरी तरह से फ्री है। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? कैसे करें अप्लाई? यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए अप्लाई करने का तरीका इस प्रकार है:  यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के बारे में खास बात यह भी है कि इनमें कैंडिडेट्स को अच्छी सैलरीज के साथ ही हाउस रेंट, अलाउंस, मेडिकल फैसिलिटी, प्रोविडेंट फंड, ग्रेच्युटी, पेंशन आदि मिलेंगे। यानी अगर आप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी यूपीएससी (UPSC) की इन पोस्ट्स के लिए योग्य हैं तो इसके लिए अप्लाई करना न भूलें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #VacanciesbyUPSC #UPSC #UnionPublicServiceCommission #AssistantDrugsController #Botanist #JuniorScientificOfficer

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