Tejaswi Yadav

तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला: बिहार में आयोगों की नियुक्तियों को बताया परिवारवाद

बिहार में महिला आयोग (Bihar Women’s Commission) समेत विभिन्न आयोगों में हुई नियुक्तियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर हमला बोला है। तेजस्वी ने इन नियुक्तियों को पारदर्शिता और योग्यता के विरुद्ध बताते हुए सरकार पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। तेजस्वी यादव ने उठाई ‘जमाई आयोग’ बनाने की मांग तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार सरकार को एक जमाई आयोग का गठन करना चाहिए क्योंकि यहां आयोगों की नियुक्तियां पारिवारिक रिश्तों के आधार पर की जा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के दामाद, जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के दामाद और अशोक चौधरी (Ashok Chaudhari) के दामाद को आयोगों में नियुक्त किया गया है। यह स्पष्ट रूप से परिवारवाद को दर्शाता है और इससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की पत्नी की नियुक्ति पर सवाल तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने विशेष रूप से बिहार महिला आयोग (Bihar Women’s Commission) में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार (Deepak Kumar) की पत्नी की नियुक्ति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षाविद् के रूप में नियुक्त किया गया है, लेकिन क्या बिहार में कोई और योग्य शिक्षाविद नहीं था? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि दीपक कुमार की पत्नी ने आवेदन में अपने पति का नाम छुपाकर पिता का नाम लिखा है, जो संदेह पैदा करता है। “मुख्यमंत्री अचेत हैं या शामिल?” तेजस्वी ने सवाल किया कि क्या नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इन नियुक्तियों से अनजान हैं या वे स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सचिवालय में दलित और अल्पसंख्यक विरोधी मानसिकता के लोग काबिज हो चुके हैं और बीजेपी के वफादार कार्यकर्ताओं को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार “बिहार में हो रहा है मलाई का बंटवारा” तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के परिवारवाद विरोधी भाषणों को भी खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में गुपचुप तरीके से सरकार की मलाई बांटी जा रही है और मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री दोनों मिलकर स्पेशल अरेंजमेंट कमीशन (Special Arrangement Commision) चला रहे हैं, जहां केवल खास लोगों के बेटा, दामाद और पत्नी को ही मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला अगर यूं ही चलता रहा तो बिहार का प्रशासन और सचिवालय दोनों ही बर्बाद हो जाएंगे। तेजस्वी ने सरकार से अपील की कि वह पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखे ताकि योग्य युवाओं को भी अवसर मिल सके। तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के इस बयान ने एक बार फिर बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया है। उन्होंने ना केवल नीतीश सरकार (Nitish Kumar) के निर्णयों पर सवाल उठाए, बल्कि परिवारवाद के खिलाफ व्यापक बहस को भी हवा दी है। आने वाले चुनावी माहौल में यह मुद्दा किस दिशा में जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा। Latest News in Hindi Today Hindi Tejaswi Yadav #tejashwiyadav #nitishkumar #biharpolitics #familyism #nepotism #biharnews #indiapolitics #breakingnews #latestupdate #politicalnews

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Indrayani River bridge in Pune collapses,

Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990: पुणे जिले में इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढहा, 6 लोगों की मौत कई लापता, 1990 में बने ब्रिज का कभी हुआ ही नहीं ऑडिट

रविवार को महाराष्ट्र के पुणे जिले में इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढह जाने से उफनती नदी में गिरने से छह लोगों की मौत हो गई और 25 से 30 लोग बह गए हैं।। मावल में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे इंद्रायणी का जलस्तर बढ़ गया। इसी वजह से यह हादसा हुआ। गौरतलब हो कि कुंदमाला एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां मानसून के दौरान काफी संख्या में पर्यटक आते हैं। छुट्टी का दिन होने के कारण पर्यटकों की संख्या अधिक थी। यह पुल इतना संकरा था कि एक समय में सिर्फ एक दोपहिया वाहन और दो व्यक्ति ही उस पर से जा सकते हैं। लेकिन हादसे के समय पुल पर करीब 7 से 8 दोपहिया थीं। इस वजह से पुल पर जाम लग गया और बाहर निकलना संभव नहीं हो (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) पाया। लोगों की बढ़ती भीड़ देख गांववालों ने रविवार दोपहर 12 बजे के करीब पुलिस इस बात की जानकारी दी गई। जिसके बाद करीब चार पुलिसकर्मी पुल पर आए थे और उन्होंने वहां घूमने आए लोगों को वापस जाने को कहा था। हादसे के समय पुल पर 100 से अधिक पर्यटक मौजूद थे।  6 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 25 से 30 लोग बह गए (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हैं- सुनील शेल्के (स्थानीय विधायक) खैर, पुल खाली करवाने के कुछ देर बाद पुलिस वाले वापस चले गए थे। लेकिन उसके बाद फिर से लोगों का यहां आना शुरू हो गया और कुछ ही घंटों में ये पुल टूट गया। बचावकर्मी के मुताबिक पुल उस समय ढह गया जब लोग इसे पार कर रहे थे। स्थानीय विधायक सुनील शेल्के के मुताबिक 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 25 से 30 लोग बह गए (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हैं। इस बीच एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम नदी में बहे पर्यटकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। घायलों को पास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ये पुल 35 साल पहले यानी साल 1990 में बना था। कमाल यह कि उसके बाद से कभी भी इसका स्ट्रक्चरल ऑडिट हुआ ही नहीं।  हादसे के बाद अब महाराष्ट्र सरकार (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हो गई है अलर्ट  बताया तो यह भी जा रहा है कि पांच साल पहले पीडब्लूडी से मांग की गई थी कि इस पुल को बंद कर दिया जाए। यही नहीं गावंवालों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत को दो साल पहले ही पत्र लिखकर पुल की मरम्मत करने और पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। खैर, इस हादसे के बाद अब महाराष्ट्र सरकार अलर्ट (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) हो गई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस हादसे में मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को तत्काल उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुराने पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश भी दिया। इस हादसे पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस संदर्भ उन्होंने डिविजनल कमिश्नर, तहसीलदार और पुलिस कमिश्नर तत्परता से बचाव कार्य सुनिश्चित करने और नदी में बहे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के आदेश दिए हैं। यही नहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार पुल हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, राज्य सरकार घायलों के इलाज का खर्च भी वहन करेगी। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार सरकार विकास की बातें तो करती हैं, लेकिन एक मजबूत पुल तक नहीं बना सकी- उद्धव ठाकरे, (पूर्व मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)  कहने की जरूरत नहीं, इस हादसे ने न सिर्फ प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इसे लेकर राजनीति भी गरमा गई है। शिवसेना-यूबीटी के  प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने घटना पर शोक जताते हुए इसे सरकार की आपराधिक लापरवाही करार (Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990) दिया है। सूबे की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उद्धव ने कहा कि सरकार विकास की बातें तो करती हैं, लेकिन एक मजबूत पुल तक नहीं बना सकी। उस पुराने जर्जर पुल से 44 पर्यटक बह गए, यह अत्यंत दुखद और निंदनीय है। ठाकरे ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार इस तरह की घटनाओं की जिम्मेदारी कब लेगी? इस बीच उन्होंने राजकोट किले में छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा के चबूतरे की जमीन धंसने की घटना को उठाते हुए कहा, पहले प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित की गई प्रतिमा गिर चुकी है और अब नई प्रतिमा के चबूतरे की जमीन ही धंस गई है। यह दर्शाता है कि शिवरायों की स्मृति के साथ भी घोर लापरवाही हो रही है। सरकार अब किस मुंह से सफाई देगी?  Latest News in Hindi Today Hindi Pune Bridge Collapses; No Audit Since 1990 #pune #bridgecollapse #indrayaniriver #newsupdate #puneaccident #breakingnews #tragedy #infrastructure #india #disaster

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PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000

PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000: यदि आप भी हैं पैन कार्ड धारक, तो यह गलती आपको लगा सकती है 10,000 रुपए की चपत

पैन कार्ड का इस्तेमाल बैंक से जुड़े कार्यों के साथ-साथ आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने, निवेश, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त, लोन लेने और अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए भी होता है। ऐसे में यदि आप भी पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। पैन कार्ड से जुड़ी जरा सी लापरवाही आपको आर्थिक नुकसान और कानूनी पचड़े में डाल सकती (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) है। इसलिए समय रहते अपने पैन कार्ड का स्टेटस जरूर जांचें और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाएं। दरअसल, आयकर विभाग ने अब उन पैन कार्ड धारकों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है जिनका कार्ड इनएक्टिव (निष्क्रिय) हो चुका है। ऐसे लोगों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ध्यान देने वाली बात यह कि कई लोग इस बात से अनजान हैं कि उनका पैन कार्ड अब वैध ही नहीं रहा। इसके बावजूद वे पहले की तरह इसका उपयोग कर रहे हैं। लेकिन यह गलती अब भारी पड़ सकती है।  आयकर विभाग की धारा 272B के तहत 10,000 रुपए तक का लगाया जा सकता (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) है जुर्माना  ऐसे में यदि किसी का पैन कार्ड इनएक्टिव हो गया है और वह व्यक्ति इसे जानबूझकर या फिर अनजाने में इस्तेमाल करता है, तो आयकर विभाग की धारा 272B के तहत उस पर 10,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पैन कार्ड इनएक्टिव होता कब है? तो बता दें कि आमतौर पर पैन कार्ड इनएक्टिव तब होता है जब वह आधार से लिंक नहीं होता या फिर लिंकिंग प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। हालाँकि सरकार की ओर से पहले ही सभी पैन कार्ड को आधार से लिंक कराने निर्देश दिया गया था। यह सभी के लिए अनिवार्य था। आधार से लिंक न कराने पर पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाता है। ध्यान रहे पैन  कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ आयकर रिटर्न भरने के लिए ही नहीं बल्कि बैंकिंग, निवेश, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त, लोन लेने और अन्य वित्तीय लेन-देन के लिए भी जरूरी होता है। इसलिए इसका वैध होना जरूरी है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक आप इसे घर बैठे आसानी से कर सकते (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) हैं पता  बड़ा सवाल यह कि सामान्य नागरिक को पता कैसे चलेगा कि उसका पैन एक्टिव है भी या नहीं या फिर जो पैन कार्ड वो इस्तेमाल कर रहा है वो एक्टिव है या इनएक्टिव? यदि कोई भी शख्स यह फिर आप ही जानना चाहते हैं कि उसका पैन कार्ड एक्टिव है या नहीं, तो आप इसे घर बैठे आसानी से पता कर सकते (PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000) हैं। पैन कार्ड एक्टिव है या नहीं इसे जानने के लिए आपको सबसे पहले आयकर विभाग की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाकर वेरीफाई योर पैन (Verify Your PAN) के विकल्प पर क्लिक करना होगा। फिर वहां अपना पैन नंबर, पूरा नाम, जन्मतिथि और वह मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा जो आपके पैन और आधार से लिंक है। ओटीपी दर्ज करने के बाद आपका पैन स्टेटस स्क्रीन पर दिख जाएगा। यदि आपका पैन इनएक्टिव दिख रहा है तो उसे तुरंत आधार से लिंक करें। और यदि पहले ही लिंक कर चुके हैं तो स्टेटस एक बार जरूर चेक करें कि लिंकिंग वैध है या नहीं। साथ ही अगर गलती से आपके पास दो पैन नंबर हैं, तो उनमें से एक को सरेंडर करें। सरेंडर की प्रक्रिया आप एनएसडीएल या यूटीआई आईटीएसएल की वेबसाइट से पूरी कर सकते हैं। गौरतलब हो कि दो पैन नंबर रखना और इस्तेमाल करना कानूनन जुर्म है। पकड़े जाने पर 10 हजार का जुरमाना लगा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi PAN Card Mistake May Cost You ₹10,000 #pancard #pancardmistake #penalty #taxrules #incometax #financialnews #indiatax #pancardupdate #10000fine #stayupdated

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Ram Mohan Naidu

 Ahmedabad Plane Crash: उड़ान भरने के तुरंत बाद 650 फीट की ऊंचाई पर आई तकनीकी खराबी

अहमदाबाद में हुए विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा लिया है। इस हादसे को लेकर आज नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें अहम जानकारी साझा की गई है। यह हादसा दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर हुआ था, जब विमान एयरपोर्ट से महज दो किलोमीटर की दूरी पर मेघानी नगर इलाके में क्रैश हो गया। क्या हुआ था उस दिन? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि हादसे की जानकारी उन्हें दोपहर करीब 2 बजे मिली थी। जब विमान करीब 650 फीट की ऊंचाई पर था, तभी उसमें तकनीकी खराबी आई और पायलट ने तुरंत ATC (Air Traffic Control) को इमरजेंसी कॉल दी। विमान ने दोपहर 1:39 बजे टेक ऑफ किया था और महज एक मिनट के भीतर ही इमरजेंसी की सूचना दे दी गई थी। ATC ने जब विमान से संपर्क करने की कोशिश की तो उसे कोई जवाब नहीं मिला और अगले ही मिनट में विमान दुर्घटना (Plane accident) घट गई। यह विमान हाल ही में पेरिस से दिल्ली और दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ानें सफलतापूर्वक पूरी कर चुका था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हादसे के ठीक पहले तक कोई समस्या सामने नहीं आई थी। View this post on Instagram A post shared by Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@rammnk) ब्लैक बॉक्स मिला, जांच जारी हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। विमान में लगी आग पर शाम 6 बजे तक काबू पा लिया गया। मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि ब्लैक बॉक्स शुक्रवार शाम 5 बजे घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है, लेकिन उसकी जांच अभी चल रही है और हादसे की असली वजह सामने आने में थोड़ा समय लग सकता है। एयरपोर्ट 5 बजे फिर शुरू हुआ इस हादसे के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट (Ahmedabad Airport) को दोपहर 2:30 बजे बंद कर दिया गया था। सभी सुरक्षा और जांच प्रोटोकॉल को पूरा करने के बाद एयरपोर्ट को शाम 5 बजे फिर से संचालन के लिए खोल दिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि विमान ने टेक ऑफ के महज एक मिनट बाद ही तकनीकी खराबी आई। जांच के लिए गठित की गई हाईलेवल समिति इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एक हाईलेवल जांच समिति का गठन किया है। यह समिति DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और अन्य संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से इस घटना की बारीकी से जांच करेगी। ब्लैक बॉक्स की जानकारी और डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तकनीकी खराबी किस कारण से आई और क्या इसमें मेंटेनेंस या अन्य मानवीय चूक की भूमिका थी। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार विमान सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब भारत की विमानन इंडस्ट्री तेज़ी से विकास कर रही है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने यह साफ किया कि भारत में विमानन सुरक्षा के बहुत सख्त मानक हैं और किसी भी हादसे के बाद विस्तृत जांच करना हमारी प्राथमिकता होती है। उन्होंने कहा कि “जब यह घटना घटी, तो हमें लगा कि बोइंग 787 सीरीज में भी विस्तृत निगरानी की जरूरत है। DGCA ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।” अहमदाबाद विमान हादसा  (Ahmedabad Plane Crash) एक गंभीर चेतावनी है कि चाहे विमानन प्रणाली कितनी भी उन्नत क्यों न हो, तकनीकी चूक या असामान्य परिस्थितियाँ कभी भी किसी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार और विमानन विभाग ने तत्काल कदम उठाते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों को और मज़बूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही आगे की नीतियों और प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव किए जा सकेंगे। इस बीच, पूरे देश की नजर इस जांच पर टिकी है और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi Ram Mohan Naidu  #AhmedabadPlaneCrash #AirIndia #PlaneCrash #DGCA #RamMohanNaidu #aviationexpert #configurationerror #aviationaccident #flightsafety #breakingnews #indianaviation #latestupdate

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India May Miss WTC Finals for 6 Years: इस वजह से अगले 6 सालों तक WTC Final नहीं करा पाएगा भारत

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (डब्लूटीसी फाइनल) होस्ट करने का सपना कुछ वर्षों तक अधर में लटक (India May Miss WTC Finals for 6 Years) सकता है। दरअसल, बीसीसीआई को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की तरफ से तगड़ा झटका लगा है। गौरतलब हो कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत से ही फाइनल मैच इंग्लैंड में ही हो रहे हैं। इस बीच बीसीसीआई ने भारत में डब्लूटीसी फाइनल कराने की बात आईसीसी के सामने रखी थी। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले तीन डब्लूटीसी फाइनल भी इंग्लैंड ही होस्ट करेगा। ऐसा नहीं है कि भारत कोशिश नहीं कर रहा है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पिछले छह सालों से लगातार कोशिश कर रहा है कि इंडिया को डब्लूटीसी फाइनल की होस्टिंग मिले। लेकिन बीसीसीआई के वर्ल्ड क्रिकेट में लगातार बढ़ते प्रभाव के बाद भी होस्टिंग नहीं मिल पाई। ध्यान देने वाली बात यह कि बीसीसीआई के पूर्व सेक्रेटरी जय शाह इस समय आईसीसी के चेयरपर्सन हैं, बावजूद इसके ये मौका भारत को नहीं मिल पा रहा है।  भारत को डब्लूटीसी फाइनल होस्ट करने के लिए तकरीबन आठ वर्षों का इंतजार करना (India May Miss WTC Finals for 6 Years) पड़ेगा ऐसे में यदि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की कमान 2029-31 सीजन तक इंग्लैंड के पास ही रहती है, तो भारत को डब्लूटीसी फाइनल होस्ट करने के लिए तकरीबन आठ वर्षों का इंतजार करना (India May Miss WTC Finals for 6 Years) पड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2025 में सिंगापुर में होने वाली आईसीसी की एनुअल कॉन्फ्रेंस में इस बात का ऐलान किया जा सकता है कि अगले तीन बार भी डब्लूटीसी फाइनल की होस्टिंग इंग्लैंड ही करेगा। बता दें कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का पहला फाइनल साल 2021 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में खेला गया था। तो वहीं दूसरा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल 2023 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंदन के ओवल ग्राउंड पर खेला गया और वहीं अब तीसरा फाइनल लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला जा रहा है।  इसे भी पढ़ें:- बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार कैच पकड़ने के नियमों में हुआ यह बड़ा बदलाव खैर, इस बीच आपको बता दें कि क्रिकेट मैच में कोई भी फील्डर अब बाउंड्री लाइन के बाहर गेंद को सिर्फ एक बार ही हवा में उछाल सकता है। अब बाउंड्री पर कैच लेने के नए नियम बनाए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीसी अगले महीने से नियमों में शामिल करेगा। दरअसल, पहले फील्डर बाउंड्री लाइन पर खड़े होकर गेंद को हवा में उछाल देते थे। इसके बाद बाउंड्री लाइन के बाहर जाकर गेंद को हवा में फेंकते थे और उस वक्त उनके पैर भी हवा में रहते थे। गेंद तब तक हवा में ही रहती थी। इसके बाद फील्डर्स आसानी से कूदकर बाउंड्री लाइन के अंदर आकर कैच पकड़ लेते थे। लेकिन नए नियमों के मुताबिक अब फील्डर गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर जाने के बाद सिर्फ एक बार ही हवा में उछाल सकते हैं। यानी के गेंद को बाउंड्री लाइन के बाहर हवा में उछाने के बाद उसको सीधे बाउंड्री लाइन के अंदर जंप करना होगा। तभी कैच मान्य होगा, वर्ना कैच अमान्य होगा। इसके अलावा पहले कोई फील्डर गेंद को पकड़कर दूसरे फील्डर को दे देता था और खुद बाउंड्री से बाहर चला जाता था। फिर आराम से बाउंड्री के अंदर आता था। लेकिन अब दूसरे खिलाड़ी के बाउंड्री के अंदर कैच पकड़ने से पहले उस खिलाड़ी को भी मैदान के अंदर आना होगा, तभी ये कैच मान्य होगा। कुल मिलाकर कैच मान्य करने के दोनों प्लेयर्स को बाउंड्री के अंदर ही रहना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news India May Miss WTC Finals for 6 Years #indiawtcfinals #iccworldtestchampionship #wtc2025 #cricketnews #bcciupdate #cricketfans #wtcnews

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Assam CM Himanta Biswa Sarma

Assam CM Orders Shoot-at-Sight: एक्शन में असम के CM सरमा, इस वजह से दिया गोली मारने के आदेश, रातोंरात 38 गिरफ्तार

असम धुबरी में गोमांस कांड में बड़े एक्शन के बाद रातोंरात 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दरअसल, धुबरी कस्बे में रविवार को एक मंदिर के पास मांस के टुकड़े मिलने के बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इलाके में सोमवार को निषेधाज्ञा लागू की गई थी, जिसे मंगलवार को हटा लिया गया। असम के मुख्यमंत्री बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार को धुबरी का दौरा किया। उन्होंने कहा, मेरे गुवाहाटी पहुंचते ही देखते ही गोली मारने का आदेश आज जारी कर दिया (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) जाएगा तथा रात में बाहर निकलने वाले या पत्थरबाजी की घटना में संलिप्त व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री सरमा ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश की सीमा से लगे धुबरी जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू होंगे, क्योंकि एक सांप्रदायिक समूह अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है, जिसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।  पिछले एक सप्ताह से धुबरी में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) बनी हुई है मुख्यमंत्री (CM Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि जिले में त्वरित कार्रवाई बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को तैनात किया (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) जाएगा। धुबरी में सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा। सरमा ने आगे कहा कि जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लिये हैं, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से धुबरी में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। दरअसल, बकरीद के अगले दिन सात जून को धुबरी जिला मुख्यालय में हनुमान मंदिर के सामने एक गाय का सिर मिला था। फिर क्या था, इसके बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोगों ने शांति और सद्भाव की अपील की थी। तनाव बढ़ता देख इस पूरे मामले पर सरमा ने बताया कि हालांकि अगले दिन फिर से मंदिर के सामने गाय का सिर रखा गया और रात में पत्थरबाजी की गई। जानकारी के मुताबिक बकरीद से एक दिन पहले नबीन बांग्ला नामक संगठन ने भड़काऊ पोस्टर चिपकाए थे, जिनमें धुबरी को बांग्लादेश में शामिल करने की मंशा जाहिर की गई थी।  इसे भी पढ़ें: माई बहन मान योजना बिहार की करोड़ों महिलाओं के लिए अमृत: डॉ मनोज पांडेय जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) रहेगा इस हरकत पर मुख्यमंत्री (CM Himanta Biswa Sarma) ने कहा कि धुबरी में अशांति फैलाने के लिए एक सांप्रदायिक समूह सक्रिय हो गया है। इसके बारे में पता चलने के बाद मैं धुबरी आया हूं तथा जिले में रात में देखते ही गोली मारने के आदेश लागू (Assam CM Orders Shoot-at-Sight) रहेगा। धुबरी में सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा और जिन लोगों ने कानून को अपने हाथ में लिया है, उनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। सीएम सरमा ने कहा, पहले बकरीद पर लोगों का एक वर्ग बीफ खाता था, लेकिन इस बार पश्चिम बंगाल से हजारों मवेशी लाए गए हैं और धुबरी में एक नया बीफ माफिया उभरा है। जिसने त्योहार से ठीक पहले हजारों जानवरों की खरीद की है। यह बात मेरी जानकारी में आई है। मैंने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। मैंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे उन लोगों को गिरफ्तार करें, जिन्होंने यह मवेशी व्यापार शुरू किया है। अगले साल वह स्वयं ईद के दिन धुबरी जाएंगे और अगले दिन भी वहीं रहेंगे। यही नहीं सरमा ने कहा कि हम समुदाय के एक वर्ग को इस तरह की गड़बड़ी करने की अनुमति नहीं दे सकते। हमारी सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। और धुबरी को हमारे हाथों से जाने नहीं देगी। यदि आवश्यकता पड़ी, तो वह पूरी रात हनुमान मंदिर की रखवाली करेंगे। Latest News in Hindi Today Hindi CM Himanta Biswa Sarma #assam #cmhimantabiswasarma #shootatsight #assamnews #lawandorder #latestnews #india #breakingnews

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Before Bihar elections

बिहार चुनाव से पहले RJD में बड़ा बदलाव: मंगनी लाल मंडल होंगे नए प्रदेश अध्यक्ष

बिहार की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Election) से पहले बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश नेतृत्व में परिवर्तन की घोषणा होने जा रही है, जो पार्टी की रणनीति और सामाजिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। वरिष्ठ नेता मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) को RJD का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा रहा है। वे मौजूदा अध्यक्ष जगदानंद सिंह की (Jagdanand Singh) जगह लेंगे। इस बदलाव को पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) और तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की स्वीकृति प्राप्त है। 19 जून को होगा औपचारिक ऐलान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह निर्णय 19 जून को होने वाली राज्य परिषद की बैठक में औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा। उसी दिन चुनाव परिणाम आने के बाद वे आधिकारिक तौर पर नए प्रदेश अध्यक्ष बन जाएंगे। यह जानकारी पार्टी के भीतर चल रहे संगठनात्मक चुनावों के बीच सामने आई है। इस प्रक्रिया को राजद के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. रामचंद्र पुरबे ने भी मंजूरी दे दी है। मंगनी लाल मंडल: अनुभव और सामाजिक समीकरण का संगम हालांकि बीच में वे नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की JDU में शामिल हो गए थे, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव (2024 Lok Sabha elections) में टिकट न मिलने से नाराज होकर उन्होंने JDU छोड़ दी और 6 जनवरी 2025 को RJD में दोबारा शामिल हो गए। RJD को कैसे होगा फायदा? बिहार में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) होने हैं और ऐसे समय में मंगनी लाल मंडल को प्रदेश अध्यक्ष बनाना एक सोच-समझी रणनीति मानी जा रही है। सामाजिक समीकरण: मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) EBC समुदाय से आते हैं, जो बिहार में बड़ी संख्या में मौजूद है। RJD इस समुदाय को साधकर अपना सामाजिक आधार और मज़बूत करना चाहती है। राजनीतिक अनुभव: उनका लंबा अनुभव और प्रशासनिक पकड़, पार्टी को संगठनात्मक स्तर पर मजबूती देने में मदद करेगी। तेजस्वी यादव का समर्थन: तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) की युवा नेतृत्व क्षमता और मंडल के अनुभवी राजनीतिक कौशल का मेल पार्टी को आने वाले चुनाव में बेहतर स्थिति में ला सकता है। इसे भी पढ़ें: माई बहन मान योजना बिहार की करोड़ों महिलाओं के लिए अमृत: डॉ मनोज पांडेय जगदानंद सिंह की विदाई अब तक RJD के प्रदेश अध्यक्ष रहे जगदानंद सिंह (Jagdanand Singh) को पार्टी के वरिष्ठ और निष्ठावान नेताओं में गिना जाता है, लेकिन हाल के महीनों में पार्टी के भीतर कुछ असंतोष की खबरें सामने आई थीं। मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) की नियुक्ति इस असंतोष को शांत करने और नए उत्साह के साथ चुनाव में जाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। मंगनी लाल मंडल (Mangani Lal Mandal) को RJD की कमान सौंपना केवल एक नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि एक चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उनका सामाजिक आधार, राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक समझ, RJD को आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Election) में एक मज़बूत विकल्प बना सकता है। अगर यह दांव सफल रहता है, तो RJD न सिर्फ सत्ता में वापसी का रास्ता तय कर सकती है, बल्कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में एक नया समीकरण भी बना सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi #biharelection2025 #rjdnews #mangnilalmandal #biharpolitics #laluprasad #nitishkumar #biharupdate #breakingnews #politicalnews

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Iran Attacks Israel: ईरान ने इजरायल पर दागीं 150 से अधिक मिसाइलें, अमेरिका के साथ परमाणु समझौते से भी किया इनकार

ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर अपने चरम पर है। शुक्रवार सुबह-सुबह आईडीएफ ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए और ईरान के 20 शीर्ष कमांडर मार गिराए थे। इस हमले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख की भी मौत हुई। इजरायली हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार किया (Iran Attacks Israel) है। इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने शुक्रवार रात ट्रू प्रॉमिस 3 सैन्य ऑपरेशन शुरू किया है। इसके तहत ईरान ने 150 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दागी है। इनमें से 6 मिसाइलें राजधानी तेल अवीव में गिरी, जिसमें 1 महिला की मौत हो गई। वहीं, 63 लोग घायल बताए जा रहे हैं। यही नहीं, ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर वार्ता से भी इनकार कर दिया है। ईरान की इस हरकत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, ईरान के पास अभी भी समय है। हमने ईरान को 60 दिन का अल्टीमेटम दिया था। आज 61वां दिन था। खैर, ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली रक्षा मंत्रालय को भी निशाना बनाने का दावा किया गया। ईरान की ओर से हमले की आशंका के चलते इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया गया था। शुक्रवार देर रात ईरान ने तेल अवीव के खिलाफ किया (Iran Attacks Israel) था जवाबी हमला  बता दें कि शुक्रवार देर रात ईरान ने तेल अवीव के खिलाफ जवाबी हमला किया (Iran Attacks Israel) था। जिसमें कई लोग घायल हो गए और कई इमारतें नष्ट हो गईं। इस हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखेगा। दरअसल, नेतन्याहू ने एक वीडियो बयान में कहा कि पिछले 24 घंटों में हमने शीर्ष सैन्य कमांडरों, वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों, महत्वपूर्ण संवर्धन सुविधा और उसके बैलिस्टिक मिसाइल शस्त्रागार के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि और भी हमले होने वाले हैं। शासन को नहीं पता कि उन्हें क्या मारा, या क्या मारा जाएगा यह पहले कभी इतना कमजोर नहीं रहा। यही नहीं, ईरान को चेताते हुए नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी लोगों के लिए अपने झंडे और ऐतिहासिक विरासत के इर्द-गिर्द एकजुट होने का समय आ गया है, ताकि वे दुष्ट और दमनकारी शासन से अपनी आजादी के लिए खड़े हो सकें। उन्होंने कहा, हम इतिहास के सबसे महान सैन्य अभियानों में से एक ऑपरेशन राइजिंग लायन के बीच में हैं।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार  ईरान परमाणु हथियार बना पाता इससे पहले ये हमले जरूरी (Iran Attacks Israel) थे इस आत्मघाती हमले पर इजराइल ने कहा, इससे पहले ईरान परमाणु हथियार बना पाता ये हमले जरूरी (Iran Attacks Israel) थे। खैर, हमलों के बीच इजराइली सेना ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों में जाने का आग्रह किया है। इस दरम्यान इजराइली सेना ने बताया कि ईरान ने फिर से मिसाइल हमला शुरू कर दिया है। उत्तरी इजराइल और इजराइल के कंट्रोल वाले गोलान हाइट्स में सायरन बजे रहे हैं। लोगों से बम शेल्टर्स में जाने की अपील की गई है। सेना का कहना है कि उसने ईरान से लॉन्च की गई कई मिसाइलों का पता लगाया है। वायुसेना हमलों को नाकाम करने के लिए काम कर रही है। ईरान की तरफ से दूसरे दिन किए गए हमलों में घायल हुए सात लोगों का तेल अवीव के एक अस्पताल में इलाज किया गया। घायलों में एक की हालत गंभीर है। Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Attacks Israel #iranattack #israelnews #middleeastconflict #iranvsisrael #nucleardeal #breakingnews #worldnews #globaltensions #iranmissile #israelunderattack

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India Acts Tough on Khalistanis in Canada: ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानियों पर कसी नकेल

एक तरफ जहां ईरान-इजराइल के बीच जंग जारी है तो वहीं दूसरी तरफ कनाडा में G7 समिट भी होने जा रही है। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस समिट में दोनों देशों की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार कर रही हैं, जिससे वो एक-दूसरे के साथ आसानी से इंटेलिजेंस शेयरिंग कर (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। इस दरम्यान ध्यान देने वाली बात यह कि इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत ने कनाडा के साथ मिलकर खालिस्तानी गतिविधियों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था लेकिन अब रिश्ते पटरी पर आते दिख रहे हैं।  दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां खालिस्तान समर्थक संगठनों पर रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी  पैनी नजर दरअसल, भारत और कनाडा की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार करने जा रही हैं, जिससे दोनों देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग कर सकेंगी। बता दें कि इसमें टेररिज्म, कट्टरपंथ, क्रॉस बॉर्डर क्राइम और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे शामिल होंगे। यही नहीं, इसके अलावा दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, खालिस्तान समर्थक संगठनों और ट्रांसलेशनल गैंग्स पर पैनी नजर भी रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। हालाँकि अभी इस बातचीत और सहयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी की कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात हो सकती है। बेशक यही सही अवसर है जो दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने का अहम कड़ी बन सकता है। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा, यह मीटिंग द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का मौका होगी।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) बनाया गया है बता दें कि इस गठजोड़ में कनाडा की खास दिलचस्पी उन मामलों की जांच में है जिनमें कथित रूप से एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स यानी न्यायालय से बाहर की गई हत्याएं शामिल हैं। कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना बनाया गया है, हालांकि भारत इस आरोप को पहले ही बेबुनियाद बता (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) चुका है। गौरतलब हो कि साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सीधा आरोप लगाया था कि उसने वैंकूवर के पास एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी नेता की हत्या करवाई। हालांकि भारत ने उनके इस आरोप को बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट करार दिया था। उल्टा भारत ने कनाडाई सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठनों की खुली छूट दी जा रही है जो भारत की अखंडता के लिए खतरा है। खैर, ऐसा माना जा रहा है कि अब कनाडा को भी खालिस्तानी नेटवर्क के खतरे की गंभीरता का अहसास हो रहा है और बड़ी वजह यही जो दोनों देशों ने फिर से संवाद का रास्ता अख्तियार किया है। देखना दिलस्चप हो होगा कि दोनों देशों के बीच कड़वाहट कब और कैसे दूर होगी। फिलहाल भारत और कनाडा ने पहल की उम्मीद जताई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Acts Tough on Khalistanis in Canada #india #khalistan #canada #iranisraelwar #globalpolitics #breakingnews #indiacanadarelations #khalistanupdate #worldnews

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Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case: इसलिए राजा रघुवंशी के भाई ने की सोनम और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट करवाने की मांग

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद मेघालय पुलिस ने भले ही हत्या में शामिल होने के आरोप में उनकी पत्नी सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस हत्याकांड का पूरा सच उजागर हो सके इसलिए राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने दो प्रमुख आरोपियों-सोनम और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) की है। दरअसल, सोनम पर आरोप है कि उसने राज कुशवाह और उसके तीन दोस्तों की मदद से अपने पति की हत्या कराई। इस दौरान राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने इंदौर में पीटीआई-भाषा से हुई बातचीत में कहा, हम चाहते हैं कि मेघालय पुलिस सोनम और कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए, ताकि मेरे भाई की हत्या का पूरा सच बाहर आ सके। सचिन ने यह भी कहा कि सोनम और कुशवाह से मेघालय पुलिस की पूछताछ को लेकर सामने आ रही खबरों से हमें लग रहा है कि दोनों की मिलीभगत के तहत एक-दूसरे को इस वारदात का मास्टरमाइंड बताकर जांचकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं।  दोषी पाए जाने वाले लोगों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) जाए हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि सोनम और कुशवाह अपने दम पर उनके भाई की हत्या की साजिश को अंजाम नहीं दे सकते थे। बातचीत में सचिन ने यह भी कहा कि मुझे लगता है कि हत्याकांड में और लोग भी शामिल हैं जो अब तक मेघालय पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सोनम और कुशवाह के नार्को टेस्ट से इन लोगों के नाम भी पता चल सकते हैं। यही नहीं, राजा रघुवंशी के भाई ने हत्याकांड की विस्तृत जांच की मांग करते हुए यह संदेह भी जताया कि सोनम और राज के कथित करीबी रिश्ते के बारे में सोनम के परिवार, खासकर उसकी मां को पहले से पता था। लेकिन पता होने के बावजूद सोनम पर पारिवारिक दबाव डालकर राजा के साथ उसकी शादी कराई गई। इसके अलावा उन्होंने यह मांग भी की कि राजा रघुवंशी हत्याकांड का मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले लोगों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) जाए। कुल मिलाकर राजा रघुवंशी हत्याकांड का सच पता लगाने के लिए राजा के बड़े भाई सचिन ने नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। साथ ही सचिन ने सोनम के परिवार पर भी पूरे मामले में शामिल होने का शक जताया है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ शादी से ठीक पहले ही इंदौर में रची गई (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) थी। खैर, देश भर में चर्चा का केंद्रबिंदु बने हत्याकांड के पांचों आरोपी फिलहाल मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं जिनसे पूछताछ के जरिये इस वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। इस बीच मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने गुरुरवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ शादी से ठीक पहले ही इंदौर में रची गई (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) थी। इसका मास्टरमाइंड कुशवाह है। सोनम ने इस साजिश के लिए सहमति जताई थी। बता दें कि राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर शुरुआत में भाड़े के हत्यारे होने का संदेह जताया गया था, लेकिन मेघालय पुलिस अब इन्हें कुशवाह के दोस्त बता रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case #rajaraghuvanshi #narcotest #sonam #rajkushwaha #breakingnews #crimeinvestigation #latestupdates #news

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