heatwave advisory

हीटवेव से बचाव, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी, जानें क्या करें और क्या न करें

हीट वेव (Heat wave) यानी गर्मी की लहर उस पीरियड को कहा जाता है, जब किसी जगह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। हमारे देश में हीट वेव पीरियड को मार्च से लेकर जून तक माना जाता है। आमतौर पर हमारे देश में हीट वेव (Heat wave) की घोषणा तब की जाती है जब कुछ दिनों तक मैदानी स्थानों में टेम्प्रेचर 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है या पहाड़ी क्षेत्रों में यह तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो। हाल ही में हेल्थ डिपार्टमेंट (Health department) ने दिल्ली के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें यह कहा गया है कि हीट वेव (Heat wave) के कारण लोग जितना हो सके घर के अंदर ही रहें। आइए जानें हेल्थ डिपार्टमेंट की हीट वेव से संबंधित एडवाइजरी (Health Department advisory regarding heat wave) के बारे में। हीट वेव से बचाव के तरीकों के बारे में भी जानें।  हेल्थ डिपार्टमेंट की हीट वेव से संबंधित एडवाइजरी (Health Department advisory regarding heat wave): पाएं जानकारी इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट यानी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में दिल्ली में दिन के समय 45 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है। रात का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। इसलिए हेल्थ डिपार्टमेंट (Health department) ने लोगों से आग्रह किया है कि वो उस समय घर पर रहें जब धूप बहुत तेज होती है। यही नहीं, अधिक पेय पदार्थों का सेवन करना भी न भूलें। हेल्थ डिपार्टमेंट की हीट वेव से संबंधित एडवाइजरी (Health Department advisory regarding heat wave) जारी करने के साथ ही उन्होने लोगों को यह सलाह भी दी है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक हीट वेव से बचने के लिए अपनाएं यह उपाय हीट वेव (Heat wave) से बचाव के लिए जरूरी है घर में ही रहना और धूप से बचना। इसके साथ ही इन चीजों का भी ध्यान रखें: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi heat wave #heatwave #healthministry #summer2025 #heatstrokeprevention #staycool #healthtips #summeradvisory #doanddont #heatwavealert

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Who Planned Raja's Murder

राजा की हत्या कि किसने बनाया प्लान, किलर्स को कितने पैसे दिए, पुलिस से बचने की क्या थी योजना? सोनम से पूछताछ के लिए सवालों की लिस्ट तैयार

मेघालय में हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी हत्या (Raja Raghuvanshi Murder) मामले में आरोपी पत्नी सोनम, राज, विशाल, आनंद और आकाश को कोर्ट ने पूछताछ के लिए 8 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। इस राजा हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder) की जांच कर रही मेघालय की एसआईटी (SIT) इन सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर हत्याकांड के रहस्यों से पर्दा उठाने की कोशिश करेगी। एसआईटी (SIT) की टीम ने इन सभी आरोपियों से पूछताछ के लिए प्रश्नों की एक लंबी लिस्ट तैयार की है। इस पूछताछ के दौरान आरोपियों का एक दूसरे से आमना-सामना भी कराया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, हमारे पास पहले से ही कई पुख्ता सबूत हैं। इन्हीं सबूतों के आधार पर पूछताछ की जाएगी। पुलिस ने पूछताछ के लिए जो लिस्ट तैयार की है, उसमें सबसे ज्यादा प्रश्न सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) के लिए हैं।  आइये जानते हैं कि पुलिस सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) से किस तरह के सवाल पूछ सकती है?  1. मेघालय में हनीमून मनाने का प्लान कब और किसके साथ बनाई? 2. मेघालय से वापसी के टिकट क्यों नहीं बुक कराया? क्या यह हत्या के साजिश का हिस्सा था? 3. आप राज कुशवाह को कब से जानती हैं और उसके साथ आप लगातार संपर्क में क्यों थी?  4. एन्क्रिप्टेड ऐप चैट से हमें पता चला है कि हनीमून के दौरान आपके और राज कुशवाहा के बीच बातचीत हो रही थी। आप दोनों किस मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे?  5. आप अपनी लाइव लोकेशन क्यों आरोपियों को शेयर कर रही थी? 6. आपको और राजा को मावलखियात में 23 मई को तीन ऐसे लोगों के साथ देखा गया था, जो हिन्दी बोल रहे थे। वो कौन लोग थे?  7. स्थानीय गाइड अल्बर्ट पड़े ने हमें बताया है कि आपने 22 और 23 मई को गाइड लेने से इंकार कर दिया था। ऐसा आपने क्यों किया था? 8. गाइड अल्बर्ट ने मावलखियात में आपके साथ मौजूद उन तीन लोगों की पहचान राज रघुवंशी हत्याकांड के आरोपी के तौर पर की है। क्या आपने ही राजा की हत्या के लिए उन्हें हायर किया था? 9. राजा रघुवंशी की हत्या कराने के लिए हत्यारों से सबसे पहले किसने संपर्क किया था? 10. राजा की हत्या के लिए किलर्स को कितने पैसे देने थे, कितने पैसे दिए गए और किसने दिए? 11. आपने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के लिए मेघालय को ही क्यों चुना? क्या आपने मेघालय के अलावा किसी दूसरी जगह पर जाने की प्लानिंग की थी? 12. राजा रघुवंशी की हत्या करने के लिए राज कुशवाहा मेघालय (Raja Raghuvanshi Murder) क्यों नहीं आया? 13. राजा रघुवंशी की हत्या करने के बाद आप सबसे पहले कहां गई और 17 दिनों तक कहां कहां रही? इस दौरान पुलिस से छिपने में आपकी किसने मदद की? इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण 14. राजा की हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए आपने क्या प्लान बनाया था और इसके बारे में किसे-किसे पता था? 15. पुलिस को हत्या वाली जगह से राजा की स्मार्टवॉच और फोन के अलावा आपके भी गहने मिले हैं, लेकिन राजा का करीब 10 लाख रुपये का सोना गायब है। इसके बारे में बताइए?  16. राजा रघुवंशी की हत्या के लिए हथियार को किसने, कहां से और कितने में खरीदा गया? 17. क्या आपने राज कुशवाह के साथ मिलकर शादी के बाद ही राजा की हत्या की योजना बना ली थी? Latest News in Hindi Today Hindi news Raja Raghuvanshi Murder #rajamurdercase #sonaminterrogation #crimeupdate #mysteryunfolds #latestnews #breakingnews #investigation #murderplot #crime2025

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Millennials Face Rising Appendix Cancer Risk

मिलेनियल्स में बढ़ रहा है एपेंडिक्स कैंसर खतरा, जानिए कैसे बचें इस दुर्लभ बीमारी से

एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) एक दुर्लभ बीमारी है, जिसे एपेंडिसियल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्या तब होती है जब हमारे एपेंडिक्स में मौजूद सेल्स में बदलाव होता है और इनकी ग्रोथ असामान्य हो जाती है। अगर बात की जाए एपेंडिक्स की, तो यह हमारे डायजेस्टिव सिस्टम का भाग है। यह अंग पेट के दाई तरफ होता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक आजकल युवाओं यानी मिलेनियल्स में इस कैंसर (Cancer) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मिलेनियल्स उस जनरेशन को कहा जाता है जिनका जन्म 1981 से 1996 के बीच में हुआ हो। यही नहीं यह भी पाया है कि 1980 से 1985 के बीच पैदा हुए लोगों में यह मामले तीन गुना बढ़ गए हैं। आइए जानें मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर (Appendix Cancer in Millennials) के बारे में। मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर (Appendix Cancer in Millennials): क्या कहती है स्टडी? कैंसर काउंसिल (Cancer Council) के अनुसार इस कैंसर (Cancer) के कारणों के बारे में जानकारी नहीं है। यही नहीं, इसके रिस्क फैक्टर्स भी नहीं हैं लेकिन ऐसे माना गया है कि यह समस्या जेनेटिक हो सकती है। उम्र के बढ़ने से भी इसका जोखिम बढ़ सकता है। एक स्टडी के अनुसार मिलेनियल्स में एपेंडिक्स कैंसर ((Appendix Cancer in Millennials)) का रिस्क बढ़ता जा रहा है और इसका कारण खराब जीवनशैली, एनवायर्नमेंटल रिस्क और जेनेटिक को माना जा रहा है। चिंत्ता का विषय यह है कि एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) का शुरू में पता नहीं चलता, जिससे इलाज थोड़ा मुश्किल हो सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि युवाओं में इस कैंसर (Cancer) में बढ़ोतरी एक गंभीर हेल्थ रिस्क है। ऐसे में जरूरी है कि सभी अपनी जीवनशैली में सुधार करें। हेल्दी खाएं और जंक फ़ूड से बचें। यही नहीं, लक्षणों को पहचानें और नियमित चेकअप कराएं। आइए जानें कि एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण (Appendix cancer symptoms) क्या हो सकते हैं? एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण (Appendix cancer symptoms) जैसा की पहले ही बताया गया है कि इस एपेंडिक्स कैंसर के लक्षण  (Appendix cancer symptoms) अधिकतर रोगियों में नजर नहीं आते हैं। लेकिन, इसके सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं: कई बार एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) के साथ एक दुर्लभ स्थिति भी हो सकती है, जिसे स्यूडोमाइक्सोमा पेरिटोन कहा जाता है, जिसमें कैंसर सेल्स जैली जैसे पदार्थ को निकालते हैं, जो एपेंडिक्स परेशानी का कारण बन सकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक एपेंडिक्स कैंसर से बचाव हालांकि, एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) से पूरी तरह से बचाव संभव नहीं है, लेकिन कुछ चीजों का ध्यान रख कर इसकी संभावना को कम किया जा सकता है। एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं: इसके साथ ही नियमित चेकअप और जेनेटिक काउन्सलिंग व टेस्टिंग भी जरूरी है। एपेंडिक्स कैंसर (Appendix cancer) के बारे में पूरी जानकारी और जल्दी निदान से सही उपचार में मदद मिल सकती है।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Appendix cancer #Appendixcancer #cancer #appendixcancersymptoms #appendixcancerprevention #appendixcancerinmillennials

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Elon Musk Regrets Posts on Donald Trump

Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump: इस वजह से एलन मस्क को अब ट्रंप पर किए अपने पोस्ट पर हो रहा पछतावा?

कई दिनों की जारी कलह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति व्यवसायी एलन मस्क के बीच तल्ख हुए रिश्ते अब एक बार पुनः पटरी पर लौटते हुए नजर आ रहे हैं। एलन मस्क ने खुद सामने से संबंधों को सुधारने की पहल की है। मजे की बात यह कि ट्रंप से बहस के बाद अब मस्क को बड़ा पछतावा हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कहे गए शब्दों पर खेद जताते हुए कहा, ट्रंप पर लिखते समय उन्होंने सीमाएं लांघ दीं, जिसका उन्हें दुख (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) है। एलन मस्क ने एक ट्वीट करके कहा, उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति और अपने पार्टनर डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए अपने कुछ पोस्ट पर पछतावा हो रहा है। खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप पर उनके कुछ पोस्ट हद से ज्यादा आगे बढ़ गए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मुझे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए गए कुछ पोस्ट के लिए खेद है। वे हद से आगे चले गए। दरअसल, बुधवार को एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में की गई अपनी कुछ पोस्ट पर खेद है। मैंने सीमा लांघ दी।” मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था बता दें कि, हाल के दिनों में एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। यह मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। यह बिल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके घरेलू एजेंडे के केंद्र बिंदू के रूप में देखा जाने वाला एक विशाल कानून है। मस्क ने इस बिल को बेकार करार दिया और इसका समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का आग्रह तक किया था। इतना कुछ होने पर भला ट्रंप इसपर चुप कैसे रहते। इस कड़ी में शनिवार को एनबीसी न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वो मौजूदा रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ प्राथमिक चुनौती देने वालों को फंडिंग देते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ ही सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था खैर, इससे पहले एलन मस्क ने दावा किया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल्स में है। यहाँ तक मस्क ने यह भी कहा था कि ट्रंप का नाम होने के कारण ही प्रशासन एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वो बात और है कि इस ट्वीट को बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी धमकी दी थी कि वह मस्क को दी गई सब्सिडी और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर देंगे। हालाँकि मस्क की ओर से पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ संभावित सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। इससे पहले मस्क ने सरकारी दक्षता विभाग से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब हो कि जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या का प्रयास किये जाने बाद दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी थी। इस कांड के बाद मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि इस घटना के कुछ ही मिनट बाद मस्क ने एक्स पर लिखा था, मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसके बाद मस्क और ट्रंप एक साथ चुनाव प्रचार अभियानों में नजर आए थे। Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump #elonmusk #donaldtrump #regret #politicalnews #socialmediacontroversy #breakingnews #muskstatement #usnews

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Rahul Gandhi letter to PM Modi

Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue: बिहार के इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने PM मोदी को पत्र लिख की यह मांग

बिहार में बढ़ती चुनावी सरगर्मी के तहत रायबरेली सांसद राहुल गाँधी इन दिनों बिहार पर अपना फोकस जमाए हुए हैं। इसीके मद्देनजर हाल ही में वो बिहार दौरे के दौरान दरभंगा पहुंचे थे। यहां वह अंबेडकर छात्रावास पर पहुंचे थे, जहां छात्रों ने अपनी परेशानियों से उनको अवगत कराया। फिर क्या था लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वंचित समुदायों के छात्रों को शिक्षा हासिल करने में आ रही समस्याओं का निवारण करने का अनुरोध (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) किया है। युवा नेता ने अपने पत्र में बिहार के दरभंगा स्थित अंबेडकर छात्रावास में छात्रों की परेशानियों का भी जिक्र किया है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की गुजारिश की। बता दें कि राहुल ने पीएम मोदी से कहा, मैं आपसे दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने का अनुरोध करता हूं, जो वंचित समुदायों के 90 प्रतिशत छात्रों के लिए शिक्षा के अवसरों में बाधा डालते हैं। सबसे पहले, दलित, एसटी, ईबीसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए आवासीय छात्रावासों की स्थिति बहुत खराब है।  इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) के हाल के दौरे के दौरान छात्रों ने शिकायत की कि एक ही कमरा है जिसमें 6-7 छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शौचालय गंदे हैं। पीने का पानी स्वच्छ नहीं है। मेस की सुविधा नहीं है। और पुस्तकालयों या इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। उन्होंने दूसरे मुद्दे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दूसरे, हाशिए पर पड़े समुदायों के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में देरी और इसमें विफलताएं भी मिल रही हैं। राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा, बिहार में, छात्रवृत्ति पोर्टल तीन साल तक काम नहीं कर रहा था और 2021-22 में किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। इसके बाद भी, छात्रवृत्ति पाने वाले दलित छात्रों की संख्या में लगभग आधी गिरावट आई। जो वित्त वर्ष 23 में 1.36 लाख से घटकर वित्त वर्ष 24 में 0.69 लाख रह गई। छात्रों की शिकायत है कि छात्रवृत्ति की राशि अपमानजनक रूप से कम है। मैंने बिहार के उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसी विफलताएं पूरे देश में फैली हुई हैं। यही नहीं, राहुल गांधी ने पत्र में आगे कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता- राहुल गाँधी  राहुल ने दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक छात्रावास का ऑडिट करवाया जाने की बात कही ताकि स्वच्छता, भोजन, अच्छी अवसंरचना और शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) सकें। तथा साथ ही कमियों को दूर करने हेतु पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति का समय पर वितरण तथा राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करते हुए क्रियान्वयन में सुधार किया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता।खैर , उन्होंने इन विषयों पर पीएम मोदी से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद की है। Latest News in Hindi Today Hindi Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue #rahulgandhi #pmmodi #biharissue #politics #breakingnews #biharnews #indianpolitics

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Pakistani soldiers killed

बलूचिस्तान में भीषण जंग, BLA लड़ाकों के हमले में 23 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 9 बलूच लड़ाकों की भी मौत

भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन के युद्ध के बाद भले ही युद्धविराम हो गया हो, लेकिन पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बलूच विद्रोहियों का हमला लगातार जारी है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर से बलूच विद्रोहियों ने पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) पर बड़ा हमला बोला है। बलूचिस्तान के अलग-अलग इलाकों में बलूच विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के 23 जवान मारे गए हैं। साथ ही इस मुठभेड़ में बलूच लिबरेशन आर्मी के भी 9 लड़ाकों की मौत हुई है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के प्रवक्ता जायंद बलूच ने इस संबंध में एक बयान जारी कर बताया कि एक बड़ी मुठभेड़ गोनी पारा इलाके में हुई। यहां पर पाकिस्तानी सेना (Pakistani Army) को अपने सैनिकों की मदद के लिए हेलीकॉप्टर से कमांडो तक उतारने पड़ गए।  मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की हो चुकी है मौत  बीएलए (BLA) प्रवक्ता ने बताया कि उनके लड़ाके मस्तंग के इलाकों में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जिससे सेना के साथ मुठभेड़ भी तेज हो रही है। इस इलाके में मंगलवार से भी बीएलए (BLA) लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़प हो रही है और अब तक 8 पाकिस्तानी सैनिक मारे जा चुके हैं और कई घायल हैं। इसके अलावा गोनी पारा समेत दूसरे इलाकों में भी तेज झड़प हो रही है। बीएलए प्रवक्ता ने दावा किया है कि मुठभेड़ में पाकिस्तानी सेना के अब तक 23 जवानों की मौत हो चुकी है और उसके सैकड़ों सैनिक घायल हैं। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी अभी भी जारी है।  बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर पड़ रहे हैं भारी  बता दें कि बलूचिस्तान में अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने 6 जून से अपनी लड़ाई तेज कर दी है। ये लड़ाके मस्तंग इलाके में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इन लड़ाकों को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना ने भारी संख्या में अपने जवानों को उतारा है, लेकिन इसके बाद भी बलूच लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर  भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। पिछले दिनों बलूच लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कई शहरों पर धावा बोलकर कब्जा जमा लिया था। साथ ही कई हाईवे को भी बंद कर दिया। इससे तिलमिलाई पाकिस्तानी सेना ने बलूच नागरिकों पर हमला किया और कई नागरिकों को अपने साथ उठा ले गई। बलूच नागरिक समूहों का दावा है कि पाकिस्तानी सेना ने पासनी और दश्त बालनिगोर जिले में छापेमार कार्रवाई करते हुए 9 बलूच लोगों को उठा ले गई, जो अब लापता हैं।  बलूचिस्तान में बलूच लोगों को पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन उठा ले जाना और फिर उन्हें गायब कर देना बड़ी समस्या रही है। यहां के हजारों लोग कई सालों से गायब हैं, जिसका सीधा आरोप पाकिस्तानी सेना पर है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार कर रहे हैं हमले  मानवाधिकार संगठन पाकिस्तानी सेना पर नागरिकों, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गायब करने का आरोप लगाते हैं। पाकिस्तानी सेना के इस क्रूर कार्रवाई के कारण ही बलूचिस्तान में विद्रो हो रहा है। बलूचिस्तान में हजारों लोग अब हथियार उठा चुके हैं और पाकिस्तानी सेना से लड़ रहे। इस लड़ाई में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन बीएलए के लड़ाके हार मानने को तैयार नहीं। पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे ये लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले कर रहे हैं। जिसकी वजह से इस राज्य में पाकिस्तान की पकड़ अब बेहद कमजोर हो चुकी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news बलूचिस्तान #balochistan #blaattack #pakistaninews #soldierskilled #balochfighters #breakingnews #pakistanviolence #conflictupdate #worldnews

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love betrayal story

सोनम की साजिश को प्यार समझता रह गया राजा… जो-जो पत्नी कहती गई, वो-वो करता गया, फिर मिली… 

इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) और सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwansh) की नई-नई शादी हुई थी। रिश्ता नया था, लेकिन इसमें भरोसा था, समर्पण था और था ऐसा प्यार जिसमें इंकार का कोई जगह नहीं थी। सोनम जो भी कहती, राजा वही करता। राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) को अपनी पत्नी सोनम पर इतना विश्वास था की, वह हर बात आंख बंद कर मानता था और शायद यही गलती राजा के जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बन गई। शादी के बाद हनीमून पर कहां जाना है, कब जाना है, कौन से रास्ते से कहां-कहां जाना है, कहां रूकना है….यह सभी फैसले सोनम ही लेती थी और राजा सोनम के हर फैसले को सिर झुकाकर मंजूरी देता रहा। दरअसल, राजा को पता ही नहीं था कि वह अपनी पत्नी की प्यारी-प्यारी बातों में फंस कर जो हां में हां कर रहा है, वह एक ऐसी साजिश का हिस्सा है, जो उसे मौत के मुंह में ले जाएगा।  दोनों का रिश्ता रघुवंशी समाज के शादी शाखा के माध्यम से हुआ था राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) ट्रांसपोर्ट कारोबारी के घर का था। परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई और भाभी हैं। राजा भी अपने भाईयों के साथ मिलकर परिवार का कारोबार संभालता था। वहीं, इंदौर के ही कुशवाह नगर की रहने वाली सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwansh) भी कारोबारी परिवार से है। दोनों का रिश्ता रघुवंशी समाज के शादी शाखा के माध्यम से हुआ। इस रिश्ते से दोनों परिवार खुश थे। दोनों का 11 मई 2025 को धूमधाम से शादी हुई। इस शादी की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें दोनों ही बेहद खुश दिखाई दे रहे हैं। राजा की मां उमा रघुवंशी ने बताया कि शादी के बाद सोनम अपने ससुराल आई थी, लेकिन मात्र चार दिन बाद ही वह वापस मायके लौट गई। घर वालों ने कहा कि बहू को बुला लें, लेकिन सोनम की मां ने कहा कि जून में भेजेंगे।  शॉर्टकट रास्ता बना राजा के मौत का रास्ता  राजा की मां उमा रघुवंशी ने बताया कि शादी के बाद से राजा अपने काम में काफी व्यस्त था। उसका मन अभी हनीमून पर जाने का नहीं था, लेकिन सोनम (Sonam Raghuwansh) हनीमून पर जाने की जिद्द पर अड़ी थी। एक दिन सोनम का फोन आया कि हनीमून पर हम शिलांग चलते हैं, उसने बिना राजा को बताए जाने का टिकट भी करा लिया था। लेकिन इसके बाद भी राजा मान गया। यह पहला संकेत था कि अपनी पत्नी सोनम की बात राजा टालना नहीं चाहता। राजा के परिवार वालों के मुताबिक, राजा को सोना-चांदी के आभूषण पहनना पसंद नहीं था, लेकिन सोनम ने कहा कि सोने की चेन और अंगूठी पहनकर चलो और राजा ने सोनम की बात ली। इसके अलावा सोनम ने राजा को जो-जो कपड़े लाने को कहे, राजा वो-वो कपड़े ले गया। साथ ही सोनम के ही कहने पर राजा करीब 50 हजार रुपये कैश ले गया।  इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण  सोनम ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव गहरी घाटी में फेंक दिया दोनों 20 मई को प्लेन से मेघालय गए थे और 24 मई को नोंगरीहाट गांव घूमने गए। यहां पर राजा ने आखिरी बार अपनी मां से फोन पर बात की थी और बताया था कि सोनम उसे जंगल के रास्ते झरना दिखाने ले जा रही है। इस रास्ते पर हमारे अलावा कोई नहीं है, लेकिन सोनम कह रही है कि यह शॉर्टकट रास्ता है और हम जल्दी पहुंचेंगे। राजा को जंगल और सूनसान जगह से डर लगता था, लेकिन इसके बाद भी वह अपनी पत्नी की बात मान ऐसे रास्ते पर चल पड़ा था। अब जब पूरा हत्याकांड का खुलासा हो चुका है तो पता चला कि दरअसल, वो शॉर्टकट रास्ता असल में राजा के मौत का रास्ता था। सोनम ने इसी रास्ते पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव गहरी घाटी में फेंक दिया। काश… राजा ने सोनम की हर बात आंक बंद करके न मानी होती तो शायद उसकी जान बच जाती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sonam Raghuwansh #lovebetrayal #conspiracytwist #emotionaldrama #relationshipsuspense #sonamlovetrap #kingstory #blindlove #emotionaltwist

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Curfew in LA as Violence Erupts

Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump: अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील

अमेरिका में मचा बवाल है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों के बढ़ते हिंसक प्रदर्शन को देख लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दरअसल, इमिग्रेशन कानूनों को लागू करने को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को लॉस एंजिलिस में 4000 नेशनल गार्ड सैनिकों और 700 मरीन की तैनाती का आदेश दिया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) था। इसके बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। इस प्रदर्शन में लूटमार की भी घटनाएं दर्ज की गई है। कैलिफोर्निया सहित अमेरिक में बड़े शहरों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार की रात डलास और ऑस्टिन में, पुलिस ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की। टेक्सास स्टेट कैपिटल के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि लॉस एंजिल्स में स्थिति बिगड़ रही है और अप्रवासियों के प्रवर्तन का समर्थन करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघीय बलों की आवश्यकता है।  तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है कर्फ्यू  इस बीच कई दिनों से जारी हिंसक घटनाओं के बीच लॉस एंजिलिस की मेयर कैरेन बास ने मंगलवार को कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने को कहा है। मीडिया को संबोधित करते हुए मेयर ने कहा कि मैंने स्थानीय आपातकाल की घोषणा की है और तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में कर्फ्यू जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है। यही नहीं अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने का आह्वान करती हूं। मेयर ने बताया, कर्फ्यू मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्फ्यू शहर के 1 वर्ग मील क्षेत्र में लागू रहेगा। जिसमें वह क्षेत्र भी शामिल है, जहां शुक्रवार से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मेयर के मुताबिक शहर के 23 व्यवसायिक स्थलों पर लूटपाट की घटना रिपोर्ट की गई है। उन्होंने कहा कि हम एक महत्वपूर्ण बिंदु पर पहुंच गए हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) सहित इनपर नहीं लागू होगा कर्फ्यू  इस बीच ध्यान देने वाली बात यह कि जैसे ही कर्फ्यू लागू होने की घोषणा हुई वैसे ही पुलिस के एक हेलीकॉप्टर को संघीय भवनों के ऊपर से उड़ते हुए देखा गया। लोगों को तत्काल इलाका छोड़ने को आदेश दिया गया है। इस दौरान कई समूह कर्फ्यू के उल्लंघन की योजना बना रहे हैं। लॉस एंजिलिस पुलिस के प्रमुख ने बताया कि कर्फ्यू उन लोगों पर लागू नहीं होगा, जो चिह्नित इलाकों में रहते हैं या जो बेघर हैं अथवा मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) हैं। बता दें कि नेशनल गार्ड के पास अधिकारियों पर हमला करने वाले लोगों को अस्थायी रूप से हिरासत में लेने का अधिकार है, लेकिन कोई भी गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा ही की जाएगी। इस बीच ट्रंप के निर्देश के अनुसार मंगलवार को सैकड़ों अमेरिकी मरीन लॉस एंजिल्स क्षेत्र में जा पहुंचे। फिर क्या था, उनकी उपस्थिति देख सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कहने की जरूरत नहीं इस प्रदर्शन ने डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। जारी हिंसा के बीच कैलिफोर्निया के सीनेटर एडम शिफ और एलेक्स पैडीला ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, सैन्य कर्मियों को केवल सबसे चरम परिस्थितियों के दौरान तैनात किया जाना चाहिए और यहां ऐसा नहीं है। Latest News in Hindi Today Hindi news Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump #losangeles #violence #curfew #mayorappeal #trump #protests #breakingnews #usa

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Central Bank of India recruitment 2025

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा निकाली एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts by Central Bank of India): पाएं जानकारी

अगर आप इसके लिए आवेदन भेजना चाहते हैं, तो आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि यह प्रोसेस 7 जून 2025 से शुरू हो चुकी है और इसके लिए अंतिम तिथि 23 जून 2025 है। इसके बाद आप इसके लिए अप्लाई नहीं कर पाएंगे। एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts) के लिए ऑनलाइन आसानी से अप्लाई किया जा सकता है।  एजुकेशनल क्वालिफिकेशन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा निकाली एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts by Central Bank of India) के लिए वैकेंसीज निकाली हैं, जिसके लिए कैंडिडेट्स के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट से बैचलर डिग्री या इसके समान डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ ही इसके लिए कैंडिडेट का एनएटीएस पोर्टल पर रजिस्टर होना भी अनिवार्य है। आयु सीमा एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts) के लिए आवेदन भेजने से पहले यह जान लें कि इसके लिए मिनिमन एजलिमिट 20 साल और मैक्सिमम एजलिमिट 28 साल निर्धारित की गई है। आरक्षित श्रेणी के लोगों के लिए इसमें कुछ छूट दी गई है, जिसके बारे में आपको पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। वेकेंसीज एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts) के लिए हर राज्य और यूटी से भर्ती की जाएगी। इसके लिए सबसे अधिक भर्तियां महाराष्ट में की जाएगी, जिनकी संख्या 586 है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश से 580, मध्य प्रदेश से 459, बिहार से 433 और गुजरात से 305 पदों को भरा जाएगा। आप अपने राज्य या यूटी में इससे सम्बन्धित पूरी जानकारी इसकी ऑफिशियल वेबसाइट से पा सकते हैं। ध्यान रहे कि चयन के लिए सबसे पहले लिखित परीक्षा होगी जो ऑनलाइन ली जाएगी। इसके बाद कैंडिडेट्स की स्थानीय भाषा की परीक्षा ली जाएगी। फीस  अगर आप सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की एप्रेंटिस पोस्ट्स (Apprentice Posts) के लिए आवेदन भरना चाहते हैं, तो इसकी फीस के बारे में भी थोड़ा जान लें, जो इस प्रकार है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक कैसे करें अप्लाई नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi #centralbankofindia #apprenticeposts #bankjobs #governmentjobs #jobnotification #recruitment2025 #careers #cbijobs #indiagovernmentjobs #latestvacancy

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Kumbh stampede 2025

Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire: महाकुंभ भगदड़ पर चौतरफा घिरी योगी सरकार, हाईकोर्ट ने दागे बड़े सवाल

उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में 114 साल बाद लगे महाकुंभ का आयोजन और समापन दोनों बड़े धूमधाम से हुआ। लेकिन महाकुंभ के इस आयोजन में हुई भगदड़ में कई लोगों के जानमाल का नुकसान हुआ था। सूबे की योगी सरकार के मुताबिक इस भगदड़ में 37 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। लेकिन एक मीडिया ने अपनी जाँच पड़ताल में 82 लोगों की मौत का दावा किया। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि महाकुंभ भगदड़ में 37 लोग मरे थे या फिर 82? दरअसल, योगी सरकार की ओर से बताया गया था कि भगदड़ में कुल 37 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, लेकिन मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कम से कम 82 लोगों मारे गए थे। खैर, अब इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट भी योगी सरकार से तीखे सवाल (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) पूछ चुका। यही नहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस मामले पर सवाल उठा चुके हैं।  प्रशासन ने भगदड़ में जान गंवाने वाले परिजनों को मुआवजा देने का किया (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था वादा  ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि इस मामले में पत्रकार और विपक्ष ही नहीं बल्कि अदालत भी योगी सरकार को फटकार लगा चुकी हैं। अभी दो दिन पहले ही इसी मामले पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की काफी क्लास लगाई थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार और प्रशासन ने भगदड़ में जान गंवाने वाले परिजनों को मुआवजा देने का वादा किया (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था। यह तो ठीक, लेकिन इस इल्जाम यह कि अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। मामला जब इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा, तो उन्होंने सरकार के ढुलमुल रवैये को ठीक न मानते हुए इसे नागरिकों की तकलीफ के प्रति उदासीन रुख बताया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने इस मामले में सख्त टिप्पणी की। दरअसल, उदय प्रताप सिंह नामक एक याचिकाकर्ता द्वारा याचिका में कहा गया था, याचिककर्ता की पत्नी सुनैना देवी की कुंभ भगदड़ में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई थी। सुनैना देवी की तब उम्र 52 साल से कुछ ज्यादा थी।  28 और 29 जनवरी की दरमियानी रात मची भगदड़ में सरकार ने 30 लोगों की मौत (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) का दावा किया था।  मामल संज्ञान में आते ही अदालत ने कहा, जब सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की बात कही थी, तो फिर सरकार को इसे पूरा करना था। कोर्ट ने साफ कहा था कि ऐसे मामलों में नागरिकों की कोई गलती नहीं होती। गौरतलब हो कि 28 और 29 जनवरी की दरमियानी रात प्रयागराज में भगदड़ हुआ था। इसमें तब सरकार ने माना था कि 30 लोगों की मौत हुई (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) है। जिसे बाद में सरकार 37 तक मानने पर सहमत हुई थी। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये देने का वादा किया था पर ये अब पीड़ित परिवारों को नहीं दिया गया है। कोर्ट ने मामले में चिकित्सा संस्थानों, जिला प्रशासन और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक ऐसा हलफनामा दाखिल करें, जिसमें 28 जनवरी को मरने वाले सभी मृतकों और मरीजों का ब्यौरा शामिल हो। यही नहीं, अदालत ने उन सभी डॉक्टरों का की जानकारी भी मांगी है, जिन्होंने घायलों का इलाज किया।  और इलाज के बाद जो मृत घोषित किए गए। कहने की जरूरत नहीं, अगर इस तरह से अदालत के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टर और प्रशासन की और तफसील से जानकारी सामने आती है तो मृतकों और घायलों के बारे में और अधिक जानकारी सामने आएगी।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक अदालत ने इसे सरकारी संस्थानों की एक गंभीर चूक माना (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था इस मामले में याचिकाकर्ता का कहना था कि उनकी पत्नी के शव का न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही उनके परिवार को ये जानकारी दी गई कि महिला कब, किस हालत में अस्पताल ले जाई गईं। हालाँकि अदालत ने इसे सरकारी संस्थानों की एक गंभीर चूक माना (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था। कोर्ट में घिरा देख अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। सपा मुखियां न कहा कि जो लोग किसी की मृत्यु के लिए झूठ बोल सकते हैं…ऐसे भाजपाइयों पर विश्वास भी विश्वास नहीं करेगा। महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए अखिलेश ने यह सवाल ये भी किया है कि अगर किसी को मुआवजा दिया भी गया है, तो उसे नकद में क्यों दिया गया, नकदी का आदेश कहां से आया? इस विवाद के बीच ध्यान भी देना चाहिए कि इलाहाबाद हाईकोर्ट भी कुंभ भगदड़ पर काफी तीखे सवाल योगी सरकार से पूछ चुका है।  Latest News in Hindi Today Hindi Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire #kumbhstampede #yogiadityanath #highcourt #upgovernment #kumbhmela2025 #tragedy #breakingnews #politicalnews #uttarpradeshnews

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