History of idli

Idli Origin Story: दक्षिण भारत से नहीं बल्कि इस देश जुड़ा है आपकी फेवरेट डिश ‘इडली’ का इतिहास

इडली को न सिर्फ दक्षिण भारत बल्कि समूचा भारत बड़े चाव से खाता है। यह फ़ूड इतना टेस्टी है कि गरमा-गरम इडली सांभर और नारियल की चटनी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। दक्षिण भारत में तो यह वहां का पारंपरिक फ़ूड है। सुबह का नास्ता इससे बेहतर क्या ही हो सकता है। खाते तो हम सभी हैं इसे, लेकिन क्या अपने कभी सोचा है कि इडली कहाँ का व्यंजन है? अगर आपको ऐसा लगता है कि इसका संबंध दक्षिण भारत से है तो आप गलत (Idli Origin Story) हैं। जी, हाँ आपने सही पढ़ा। इडली दक्षिण भारत का व्यंजन नहीं है। हम सभी को यही लगता था कि इडली साउथ की देन है। लेकिन सच्चाई तो यह है कि आपकी पसंदीदा, नरम-मुलायम इडली दक्षिण भारत से है ही नहीं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि इडली यदि दक्षिण भारत की नहीं तो फिर कहाँ की है? इस पर इतिहासकारों का मानना है कि इडली की शुरुआत इंडोनेशिया में हुई थी।  इंडोनेशिया में केडली नामका एक डिश बड़ी मशहूर (Idli Origin Story) थी दरअसल, ऐसा माना जाता है कि 800 से 1200 ईस्वी के दौरान, इंडोनेशिया में केडली नामका एक डिश बड़ी मशहूर (Idli Origin Story) थी। जो काफी हद तक इडली की ही तरह थी। उस दौर में इंडोनेशिया में चावल और फर्मेंटेशन के प्रोसेस का इस्तेमाल खाने में काफी होता था। कुछका तो यह भी मानना है कि इडली अरब देशों से आई है। और दौर में अरब व्यापारी भारत आया-जाया करते थे। और वो वहां से अपने साथ खमीर उठाने की विधि लाए थे, जो कालांतर में चलकर इडली के रूप में परिवर्तित हुई। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब इडली इंडोनेशिया में मश्हूर थी तो भारत कैसे पहुंची? और भारत में पहुंची भी तो दक्षिण भारत में ही क्यों और कैसे मशहूर हुई? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इडली का जिक्र 920 ईस्वी में कन्नड़ साहित्य में (Idli Origin Story) मिलता है इतिहासकारों का मानना है कि इंडोनेशिया से जो लोग भारत आए, वे अपने साथ इस डिश को बनाने की विधि भी लेकर आये। भारत आकर इसमें थोड़े बहुत बदलाव किये और इसे स्थानीय मसालों और तरीकों के जरिये बनाना शुरू किया। आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि सबसे पहले इडली का जिक्र 920 ईस्वी में कन्नड़ साहित्य (Idli Origin Story) में मिलता है। वहां इसे इड्डलिगे कहकर संबोधित किया गया था। ध्यान देने वाली बात यह कि उस दौरान उड़द दाल को छाछ में भिगोकर और कुछ मसालों के साथ बनाया जाता था। उस समय इसमें खमीर नहीं उठाया जाता था और न ही चावल का ही इस्तेमाल होता था। इस बीच समय बीतता गया और 17वीं शताब्दी तक इडली ने अपने आपको पूरी तरह बदल लिया। आज के दौर में इसमें चावल को शामिल किया गया और खमीर उठाने की प्रक्रिया भी जोड़ी गई। इसके चलते इडली और भी मुलायम और स्वादिष्ट बन गई। दक्षिण भारत की गर्म और नम जलवायु खमीर उठाने के लिए एकदम सही थी। कारण यही जो यह यहां बड़ी तेजी से मशहुर हुई। Latest News in Hindi Today Hindi  Idli Origin Story #IdliOrigin #SouthIndianFood #IndianCuisine #FoodHistory #SurprisingFacts #Idli #BreakfastLove

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retirement planning in India

Private Sector Lacks Retirement Planning: इसलिए प्राइवेट सेक्टर के आधे से अधिक कर्मचारियों के पास नहीं है रिटायरमेंट की कोई प्लानिंग

भारत में निजी यानी प्राइवेट सेक्टर (Private Sector) में काम करने वालों की तादाद करोड़ों में है। ऐसे में एक बात तो तय है कि प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को पेंशन की सुविधा तो नहीं ही मिलने वाली। प्राइवेट सेक्टर में तनख्वाह तो मोटी मिलती है लेकिन लोग अपने भविष्य हेतु बचत पर अधिक ध्यान नहीं देते, जो कि चिंता का सबब है। दरअसल, ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक सर्वे में आई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लगभग आधे से अधिक वेतनभोगी कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट के लिए बहुत ही कम बचत कर (Private Sector Lacks Retirement Planning) रहे हैं। बाकी बचे आधे सिर्फ अपनी तनख्वाह का 1% से 10% हिस्सा ही पेंशन फंड में निवेश कर रहे हैं। कहने की जरूरत नहीं, यह रुझान बताता है कि लोगों में बचत को लेकर सतर्कता तो है, लेकिन या तो उनकी आय सीमित है या फिर उनकी प्राथमिकताएं अलग हैं, जिससे रिटायरमेंट प्लानिंग को अधिक महत्व नहीं दिया जा रहा है। हालांकि अधिक आमदनी वाले लोग रिटायरमेंट से जुड़ी योजनाओं में थोड़ा अधिक योगदान करते हैं। लेकिन कुल मिलाकर ज़्यादातर लोगों की बचत अपेक्षाकृत बहुत ही कम है। यह दर्शाता है कि अधिकतर भारतीय अपने रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त धन नहीं जुटा पा रहे हैं।  सिर्फ 11 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें लगता है उनकी मौजूदा बचत इतनी पेंशन के लिए पर्याप्त है रिपोर्ट के मुताबिक, तकरीबन 55 प्रतिशत प्रतिभागी रिटायरमेंट के बाद हर महीने ₹1 लाख से ज्यादा पेंशन की उम्मीद रखते हैं। सिर्फ 11 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्हें लगता है उनकी मौजूदा बचत इतनी पेंशन के लिए पर्याप्त है। यह अंतर इस बात की ओर साफ़ इशारा करता है कि भारत में रिटायरमेंट की योजना और उसकी तैयारी के बीच बहुत बड़ा गैप है और इसे जिसे बेहतर योजना के ज़रिए भरने की ज़रूरत (Private Sector Lacks Retirement Planning) है। गौरतलब हो कि मोटा-मोटी 83% कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट जरूरतों के लिए ईपीएफ, ग्रैच्युटी और एनपीएस जैसे पारंपरिक स्कीम्स पर ही निर्भर हैं। इससे यह भी स्पष्ट होता है लोगों का झुकाव नए विकल्पों की ओर जरा भी नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण है आर्थिक जागरूकता की कमी हो सकती है।  इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? अधिकतर युवाओं को लगता है कि अभी वक़्त रिटायरमेंट की चिंता करने का (Private Sector Lacks Retirement Planning) नहीं है दरअसल, बहुत से ऐसे लोग हैं जो यह मानते हैं कि पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या कंपनी की ओर से मिलने वाला ग्रैच्युटी फंड ही काफी (Private Sector Lacks Retirement Planning) होगा, जबकि वास्तविकता में स्वास्थ्य खर्च, बढ़ती महंगाई और लंबी उम्र के चलते ये रकम अक्सर काफी नहीं ही होती। कुछ लोग निवेश की प्रक्रिया को बड़ा जटिल मानते हैं। कुछ तो ऐसे भी हैं जिन्हें अपनी मौजूदा सैलरी से बचत निकालना ही पहाड़ लगता है। इस मामले में युवा जरा भी चिंतित नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकतर युवाओं को लगता है कि अभी वक़्त रिटायरमेंट की चिंता करने का नहीं है। यह एक खतरनाक भ्रम है। फाइनेंसियल एक्सपर्टों का कहना है कि रिटायरमेंट की योजना जितनी जल्दी शुरू की जाए, उतना बेहतर होता है। 25-30 की उम्र में अगर सही दिशा में निवेश शुरू किया जाए तो 60 की उम्र तक अच्छा फंड तैयार किया जा सकता है। अच्छे फंड के लिए नेशनल पेंशन स्कीम, म्यूचुअल फंड एसआईपी और पब्लिक प्रोविडेंट फंड जैसे विकल्प प्रभावशाली हो सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Private Sector Lacks Retirement Planning #RetirementPlanning #PrivateSectorIndia #FinancialFreedom #EmployeeBenefits #FutureSecurity

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Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform

Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform: मोदी सरकार की अनोखी पहल, वक्फ प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च हुआ UMEED पोर्टल 

वक्फ संपत्ति को लेकर मोदी सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक पोर्टल लांच किया (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) है। खबर के मुताबिक वक्फ एक्ट के तहत केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हेतु उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया है। बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इस दौरान सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे। लॉन्चिंग प्रोग्राम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि उम्मीद पोर्टल सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन ही नहीं बल्कि अच्छे शासन प्रशासन और पारदर्शिता का भी प्रतीक है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी हिस्सेदारों को एक ही जगह पर साथ लाया गया है। जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए हो सके। गौरतलब हो कि इसे संसद द्वारा पास कानून के तहत बनाया गया है। पोर्टल को ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरीफाई करके login किया जा सकेगा। पोर्टल के तीन लेवल के यूजर होंगे।  सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड हो सकेगा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) तैयार   पहला होगा मुतवल्ली या राज्य के वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जो वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने के लिए डिटेल (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) भरेगा। दूसरा जिला स्तर पर कोई अधिकारी होगा जो मुतवल्ली द्वारा भरी गई जानकारी को क्रॉस चेक करेगा और तीसरा होगा वक्फ बोर्ड का सीईओ या राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत अधिकारी प्रॉपर्टी के वक्फ के बतौर रजिस्ट्रेशन को अप्रूव करेगा। इस पोर्टल खासियत यह कि इसमें आंकड़े सटीक और व्यवस्थित हों सके इस लिए ड्रॉपडाउन इनपुट का सिस्टम बनाया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि पोर्टल पूरी तरह यूजर फ्रेंडली होगा। इसके साथ यह सभी स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हुई निर्देशिका (एलजीडी) कोड्स को पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ये एलजीडी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर है। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सिर्फ एक चरण में हो होगी। खास बात यह कि पोर्टल हर एक वक्फ संपत्ति का 17 डिजिट यूनिक आईडी जनरेट करेगा। इससे सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) होगी कमाल की बात यह कि इस यूनिक आईडी के जरिए वक्फ संपत्तियों का स्टेटस, मालिकाना हक और उसका इस्तेमाल पता करने में आसानी रहेगी। बड़ी बात यह कि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यही नहीं, इस पोर्टल में वक्फ संपत्ति की जानकारी आसानी से भरी जा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) सके इस हेतु एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। और तो और पोर्टल में भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत निजता के अधिकार का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बेहतर पारदर्शिता के लिए उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी होगी। जियो टैगिंग का मतलब, हर वक्फ संपत्ति की ज्योग्राफिकल लोकेशन का डेटा भी पोर्टल पर मौजूद रहेगा। और पोर्टल के जरिए ही संपत्तियों से जुड़े विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया भी लाई गई है। अच्छी बात यह कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा मुकदमेबाजी की स्थिति में विवाद का निबटारा भी आसान होगा। यही नहीं, वक्फ के प्रकार में शिया, सुन्नी, बोहरा और आगाखानी का विकल्प पोर्टल में आएगा। इसके अलावा संपत्ति के 22 प्रकार भी रखे गए हैं। जिसके 22 कोड ड्रॉप डाउन लिस्ट में होगा। इनमें एग्रीकल्चर लैंड, खानखाना, स्कूल, दुकान, प्लॉट, हुज़रा, मकतब, मस्जिद, अशुरखाना, दरगाह, ग्रेव यार्ड, ईदगाह, इमामबाड़ा, फिशिंग पौंड, तकिया, फलों के बाग, मदरसा और मकान जैसे कई 22 विकल्प आयेंगे। जिनमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform UMEEDPortal #WaqfProperty #ModiGovernment #DigitalIndia #MinorityWelfare #PropertyTransparency #SmartGovernance

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Russia Attacks Ukraine With 400 Drones: रूस ने 400 ड्रोन और 40 बैलिस्टिक मिसाइलों ने मचाई यूक्रेन में तबाही, सहमे यूक्रेनी राष्ट्रपति

विगत 3 वर्षों से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध बढ़ते समय के साथ-साथ और भी आक्रामक होता जा रहा है। साल 2022 से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध 2025 आते-आते चरम पर आ पहुंचा है। यूक्रेन द्वारा रूस को दहलाने के बाद रूस ने पलटवार करना शुरू कर दिया है। इस क्रम में रूस ने यूक्रेन के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर 400 से अधिक ड्रोन और 40 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों से एक के बाद एक ताबड़तोड़ भीषण हमला (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) किया। यकायक हुए इस हमले रूस ने यूक्रेन के वोलिन, टेरनोपिल, कीव, सुमी, लविवि, पोल्टावा, खमेलनित्सकी, चर्कासी और चेर्निहिव को निशाना बनाया है। रूस के उस पलटवार से डरे सहमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक और आक्रोशित बयान जारी किया। जारी इस बयान में उन्होंने कहा कि यूक्रेनी वायुसेना ने कई मिसाइलों और ड्रोन को गिराने में सफलता पाई। तीन आपातकालीन सेवा कर्मचारियों की मौत और 49 लोगों के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। मलबे की सफाई और बचाव अभियान जारी है।  आम लोगों को निशाना बना रहा (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) है-  यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की  रूस के इस पलटवार पर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने आगे कहा, रूस अपनी नीति नहीं बदल रहा है। वह आम लोगों को निशाना बना रहा (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) है। यह युद्ध अब सिर्फ यूक्रेन का नहीं, बल्कि मानवता का युद्ध बन गया है। रूस को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि रूस को अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के तहत लाना चाहिए। अमेरिका, यूरोप और पूरी दुनिया को अब निर्णायक दबाव बनाना होगा। अगर वैश्विक नेता चुप हैं तो यह भी एक तरह की मिलीभगत है। अब निर्णायक कार्यवाही का समय है। केवल समर्थन से युद्ध रुकने वाला नहीं है। हालांकि यूक्रेन ने शुरू से ही यह स्पष्ट किया है कि वह अकेले लड़ते-लड़ते अब थक चुका है। उसने नाटो, यूरोपीय संघ, अमेरिका और अन्य सहयोगी देशों से अपेक्षा की है कि वे रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों को और कठोर करें। इसके अलावा हथियारों और सैन्य संसाधनों की आपूर्ति तेज करें। राजनयिक स्तर पर दबाव बनाए और रूस को बातचीत के लिए मनाएं।  इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  2022 से अब तक यूक्रेन के तकरीबन हजारों नागरिक मारे (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) गए और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं बता दें कि रूस के खिलाफ युद्ध में कई लोगों ने यूक्रेन को मदद पहुंचाई है, अन्यथा रूस से लड़ पाना यूक्रेन के बस की बात ही नहीं थी। खबर के मुताबिक इस दौरान अमेरिका की तरफ से लगातार मौकों पर सुरक्षा सहायता पैकेज दिया गया। तो वहीं, यूरोप ने एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराया है और इसके अलावा नाटो की सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई। हालांकि, इसके बावजूद यूक्रेनी राष्ट्रपति को लगता है कि उन्हें मिलने वाला सहयोग इस युद्ध के लिए पर्याप्त नहीं है। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि साल 2022 से अब तक यूक्रेन के तकरीबन हजारों नागरिक मारे (Russia Attacks Ukraine With 400 Drones) गए और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। इससे यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। असल मायनों में देखा जाये तो युद्ध से यूक्रेन को सिवाय नुकसान के कुछ भी हाथ नहीं लगा है। और तो और यूक्रेन भलींभाँति जनता भी है कि अंततः हार उसी की ही होनी है, बावजूद इसके वो न हार मानने के लिए तैयार हो रहा है और न ही शांति समझौते के लिए तैयार हो रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Russia Attacks Ukraine With 400 Drones #RussiaUkraineWar2025 #DroneAttack #BallisticMissile #Zelensky

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PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge: पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान 

दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कटरा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह ब्रिज भारत की इच्छाशक्ति का विराट उत्सव और कश्मीर के नए सामर्थ्य की पहचान है। पीएम ने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के लोगों का सपना साकार हुआ है। अंजी ब्रिज भी भारत की शक्ति का प्रतीक है। ये दोनों ब्रिज भारत की उभरती शक्ति की गर्जना हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग फ्रांस में एफिल टावर देखने जाते हैं लेकिन यह ब्रिज उस टावर से भी ऊंचा है। कटरा से श्रीनगर पहली वंदे भारत ट्रेन को झंडी दिखाने के बाद पीएम ने यहां रैली को संबोधित किया। इस दौरान चिनाब ब्रिज की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। लोग फ्रांस में एफिल टावर देखने जाते हैं लेकिन यह ब्रिज उस टावर से भी ऊंचा है। अब लोग चिनाब ब्रिज के जरिए कश्मीर देखने तो जाएंगे। यह ब्रिज भी अपने आप में एक आकर्षक पर्यटक केंद्र बनेगा। हमारा अंजी ब्रिज भी इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना है। ये ब्रिज विकसित भारत की सीधी गर्जना हैं। यह हमारा सामर्थ्य है। चिनाब ब्रिज हो या अंजी ब्रिज ये जम्मू-कश्मीर दोनों क्षेत्रों के समृद्धि का जरिया बनेंगे। प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) था पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के लिए पीएम ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा, पाकिस्तान ने कश्मीर के लोगों, कश्मीरियत पर हमला किया। वह मानवता विरोधी देश है। उसने यहां की रोजी-रोटी को निशाना बनाया। वह पर्यटन विरोधी देश भी है। पीएम ने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर को आज दो वंदेभारत ट्रेनें मिली हैं। रास्ते में आने-जाने की मुश्किलें, मौसम की परेशानी ये प्रोजेक्ट पूरा करना मुश्किल और चुनौतीपूर्ण ( PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) था। हमारी सरकार ने चुनौती को ही चुनौती देने का रास्ता चुना है। आज जम्मू कश्मीर में बन रहे अनेक ऑल वेदर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इसके उदाहरण हैं। कुछ दिनों पहले सोनमर्ग टनल शुरू हुआ है। इन पुलों पर चलते हुए मैंने भारत के बुलंद इरादों को, हमारे श्रमिकों, इंजीनियरों के हौसले को महसूस किया है। उन्होंने कहा, ‘इससे पर्यटन तो बढ़ेगा ही अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्रों को भी लाभ होगा। अब कश्मीर के सेब देश के बड़े बाजारों तक समय पर पहुंच पाएंगे। सूखे मेवे हों या पशमीना शॉल यहां का हस्तशिल्प आसानी से देश के हिस्सों तक पहुंच पाएगा। यहां के लोगों का आना-जाना भी बहुत आसान है। यह ट्रेन सेवा हर मौसम में लोगों की मदद करेगी।  इसे भी पढ़ें:-‘दोगले पाकिस्तान से देश में आतंकी हमले का खतरा बना रहेगा’, RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कह दी बड़ी बात इसके जरिए सेना को जल्द ही सीमा तक रसद पहुंचाने में भी मिलेगी (PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) मदद  मोदी ने कहा कि यह ब्रिज वह राष्ट्र को समर्पित करते हैं। इस पुल के निर्माण से यात्रियों का सफर आसान होगा और उनका समय भी ( PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge) बचेगा। चिनाब पुल के उद्घाटन के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सीएम उमर अब्दुल्ला और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद थे। बता दें कि ये रेल ब्रिज कटरा से श्रीनगर को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इस ब्रिज की एक बड़ी खासियत यह कि इसके जरिए सेना को जल्द ही सीमा तक रसद पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। यह ब्रिज इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि 260 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवा से भी प्रभावित नहीं होगा। खास बात यह कि यह रेल ब्रिज भारतीय इंजीनियर का अनोखा उदाहरण है। यह ब्रिज दो पहाड़ों के बीच बना है। इसे इस प्रकार से बनाया गया है कि यदि इसके कोई पिलर क्षतिग्रस्त भी हो जाएं तो यह गिरेगा नहीं। इस दौरान वंदेभारत ट्रेन को रवाना करने से पहले पीएम ने प्लेटफॉर्म पर घूम-घूम कर तिरंगा लहराया। Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi Inaugurates World’s Highest Chenab Rail Bridge #ChenabRailBridge #PMModi #IndianRailways #KashmirDevelopment

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RBI Repo Rate

RBI ने रेपो रेट में 0.50% की कटौती, होम लोन और EMI होंगे सस्ते

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 जून 2025 को अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंकों से लोन लेने वालों को बड़ी राहत दी है। RBI ने रेपो रेट (Repo Rate) में 50 बेसिस पॉइंट यानी 0.50% की कटौती का ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ ही रेपो रेट अब घटकर 5.50% पर आ गया है। यह 2025 की पहली छमाही में तीसरी बार रेपो रेट में कटौती है और अब तक की सबसे बड़ी। इससे पहले फरवरी और अप्रैल में 25-25 बेसिस पॉइंट की कटौतियां की गई थीं। कुल मिलाकर इस साल अब तक 100 बेसिस पॉइंट की कटौती हो चुकी है। क्या है रेपो रेट? रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है जिस पर आरबीआई (RBI) वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। जब रेपो रेट घटती है तो बैंकों को कम ब्याज पर कर्ज मिलता है, जिससे वे भी उपभोक्ताओं को सस्ते लोन दे सकते हैं। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है और निवेश तथा उपभोग को प्रोत्साहन मिलता है। कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में भी कटौती RBI ने कैश रिजर्व रेशियो यानी CRR में भी 1% की कटौती कर इसे 3% कर दिया है। इसका मतलब है कि अब बैंक अपनी जमा राशि का छोटा हिस्सा ही आरबीआई के पास रिजर्व में रखेंगे और उनके पास लोन देने के लिए ज्यादा पूंजी उपलब्ध होगी। इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा, खासकर होम लोन (Home Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) की दरों में गिरावट के रूप में। EMI में राहत: आम आदमी को सीधा फायदा रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती का सबसे बड़ा फायदा होम लोन लेने वालों को मिलेगा। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति ने 50 लाख रुपये का होम लोन 8.5% ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है, तो उसकी मौजूदा EMI 43,391 रुपये बनती है। नई दर के अनुसार अगर ब्याज 7.5% हो जाता है, तो EMI घटकर 40,280 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने करीब 3,111 रुपये और सालभर में लगभग 37,000 रुपये की बचत होगी। टेन्योर घटाएं या EMI? विशेषज्ञों की मानें तो अगर ग्राहक EMI को जस का तस बनाए रखते हैं और टेन्योर घटा लेते हैं, तो उन्हें ब्याज पर अधिक बचत मिलेगी। ऊपर दिए उदाहरण में लोन की अवधि लगभग 3 साल कम हो सकती है और कुल ब्याज में 15.44 लाख रुपये तक की बचत संभव है। यह लंबे समय में बेहतर वित्तीय निर्णय साबित हो सकता है। क्या करें लोन धारक? अगर आपका होम लोन EBLR (External Benchmark Lending Rate) से जुड़ा है — जो कि अधिकतर बैंकों में रेपो रेट (Repo Rate) होता है — तो आपको इस कटौती का सीधा लाभ मिलेगा। आने वाले महीनों में बैंक आपकी EMI या टेन्योर को फिर से निर्धारित कर सकते हैं। हालांकि, यदि आपका लोन अभी भी MCLR या बेस रेट से जुड़ा है, तो विशेषज्ञों की सलाह है कि आप उसे EBLR आधारित लोन में कन्वर्ट करवा लें, ताकि ब्याज दरों में गिरावट का फायदा तुरंत मिल सके। कुछ बैंक इस प्रक्रिया के लिए मामूली शुल्क लेते हैं, लेकिन दीर्घकालिक बचत के लिए यह एक समझदारी भरा कदम है। RBI का यह फैसला क्यों? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह फैसला देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है। अप्रैल 2025 में खुदरा महंगाई घटकर 3.16% पर आ गई है, जो पिछले 6 वर्षों में सबसे कम है। इसके अलावा, मानसून की अच्छी शुरुआत और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने की जरूरत महसूस की गई। इन कारकों को ध्यान में रखते हुए रेपो रेट और CRR में कटौती की गई है। इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ? इस मौद्रिक नीति (Credit Policy) बदलाव से खासकर हाउसिंग, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कारोबारियों को सस्ता कर्ज मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। RBI की यह नीतिगत घोषणा आम आदमी, उद्योगों और पूरी अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सस्ती दरों पर कर्ज की उपलब्धता उपभोग और निवेश को बढ़ावा देगी, जिससे देश की आर्थिक विकास दर को मजबूती मिल सकती है। आने वाले दिनों में इस राहत का असर आम लोगों की जेब से लेकर देश की वित्तीय प्रणाली तक साफ दिखेगा। Latest News in Hindi Today Hindi  #CreditPolicy #RBI #EMI #MSME #CRR

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17-Year-Old Beheaded by Her Own Family: मेरठ में माँ और भाई सहित सगे रिश्तेदार बने काल, इस वजह से 17 वर्षीय बेटी का सिर किया धड़ से अलग

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जहाँ प्रेम प्रसंग के चक्कर में एक 17 वर्षीय छात्रा की हत्या कर दी (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) गई। उसके हत्यारे कोई और नहीं बल्कि उसके अपने सगे घरवाले और रिश्तेदार निकले। दरअसल, मेरठ जिले के बहादरपुर में कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली छात्रा आस्था की सिरकटी लाश एक नाले में मिलती है। लोगों की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर लाश को अपने कब्जे में ले लेती है। इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी।  इस बीच पुलिस ने जब आस्था का धड़ बरामद किया तो उसकी जेब से एक फोन का नंबर मिला। पुलिस ने जब इस नंबर पर कॉल की तो पता चला कि वह आस्था का दोस्त विकास है। इसके बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त हेतु उसे बुलाया। आस्था के दोस्त ने शव की पहचान की। आगे की तफ़्तीश की तो पुलिस को बड़ी जानकारी हाथ लगी और फिर आधार पर पुलिस ने आस्था की मां, मामा, ममेरे भाई समेत परिवार के अन्य लोगों को हिरासत में लिया। छोटे भाई ने आस्था को प्रेमी विकास के साथ देख लिया (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) था प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते 28 मई को छोटे भाई शौर्य ने आस्था को प्रेमी विकास के साथ देखा (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) था। उसने परिजनों को इसकी जानकारी दे थी। इसके बाद परिवार ने आस्था को बुरी तरह पीटा और दो दिन तक घर में बंधक बनाकर रखा। परिजन उस पर विकास से संबंध तोड़ने का दबाव बना रहे थे, लेकिन आस्था लगातार टालमटोल करती रही। फिर क्या था, इसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया। देखते-देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। और आस्था की मां राकेश देवी और 15 वर्षीय छोटे भाई ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। फिर हत्या को छिपाने के लिए ममेरे भाई मंजीत, मौसरे भाई गौरव और मामा समर सिंह को बुलाया।  इसे भी पढ़ें:- बॉयफ्रेंड के खातिर पति और बच्चे को छोड़ मुस्लिम लड़की ने त्यागा इस्लाम, सायमीन से बनी श्रुति, रचाई हिंदू प्रेमी से शादी  साजिश के तहत पुलिस को गुमराह करने के लिए सिर को गंगनहर में फेंक (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) दिया इस बीच सभी ने मिलकर हत्या की साजिश रची और शव को छिपाने की योजना (17-Year-Old Beheaded by Her Own Family) बनाई। पहले आस्था का सिर धारदार हथियार से काटा और सरधना क्षेत्र में गंग नहर में फेंक दिया। फिर बाकी शरीर को कार की डिग्गी में रखकर परतापुर स्थित नाले में फेंक दिया गया। यही नहीं, साजिश के तहत पुलिस को गुमराह करने के लिए सिर को गंगनहर में फेंक दिया। इसके बाद आस्था की हत्यारिन मां ने बेटी के लापता हो जाने का नाटक रचा। वह बेटी की तलाश में जुटी रही। उसके झांसे में आकर गाँव वाले भी आस्था की तलाश करने में जुट गए। कमाल की बात यह कि बेटी के लापता होने जानकारी पुलिस को भी नहीं दी। खैर, खुलासा होने पर पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। Latest News in Hindi Today Hindi news 17-Year-Old Beheaded by Her Own Family #MeerutCrime #HonorKilling #JusticeForHer #IndianNews

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Bengaluru stampede case: बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार

बुधवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरसीबी के मार्केटिंग हेड निखिल सोसले को गिरफ्तार किया गया है। खबर के मुताबिक तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई (Bengaluru stampede case) है। गौरतलब हो कि 18 साल बाद आरसीबी ने पहली बार आईपीएल की ट्रॉफी जीती थी। जिसका जश्न मनाने हेतु बुधवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर लाखों की संख्या में प्रशंसक उमड़ पड़े थे। 35 हजार क्षमता वाले स्टेडियम में 3 से 4 लोगों की मौजूदगी और फ्री टिकट की अफवाह के चलते बढ़ती भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था। इस दौरान फ्री टिकट पाने की ऐसी होड़ मची कि अचानक भगदड़ मच गई। जिसमें 11 लोगों के मौत की आधिकारिक घोषणा कर्नाटक सरकार ने की। सरकार के मुताबिक 56 अन्य घायल हुए हैं। मामले को जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया है। पुलिस ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से निखिल, किरण, सुमंत और सुनील मैथ्यू को गिरफ्तार किया गया (Bengaluru stampede case) है इस मामले में पुलिस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक इस एफआईआर में गैर इरादतन हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए  कर्नाटक सीएम ने गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस ने बेंगलुरु एयरपोर्ट से निखिल, किरण, सुमंत और सुनील मैथ्यू को गिरफ्तार किया गया (Bengaluru stampede case) है। सुमंत, सुनील और किरण चिन्नास्वामी स्टेडियम में समारोह की देखरेख कर रहे थे। इन सभी से कब्बन पुलिस थाने में गहन पूछता की जा रही है। इस पूरे मामले में अधिकारियों ने बताया कि पुलिस निरीक्षक की शिकायत के बाद कब्बन पार्क थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। बता दें कि पुलिस के अनुसार एफआईआर दर्ज होते ही निखिल ने मुंबई के लिए टिकट बुक कर लिया था। उसे केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे गिरफ्तार किया गया। डीएनए स्टाफ के सदस्य सुमंत, सुनील और किरण को भी गिरफ्तार किया गया।  इसे भी पढ़ें:- IPL के बाद अब 6 महीने में 9 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया आरसीबी ने कहा कि वह अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी कार्रवाई में सहयोग (Bengaluru stampede case) करेगा इस एफआईआर में यह दावा किया गया है कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। आरसीबी, डीएनए इवेंट मैनेजमेंट फर्म और राज्य क्रिकेट संघ ने आवश्यक अनुमति के बिना जीत का जश्न (Bengaluru stampede case) मनाया। इस पूरे मामले पर आरसीबी ने कहा कि वह अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद कानूनी कार्रवाई में सहयोग करेगा। जानकारी के मुताबिक एफआईआर में आरसीबी को आरोपित नंबर 1, डीएनए एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को आरोपित नंबर 2 और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ प्रशासनिक समिति को आरोपित नंबर 3 बनाया गया है। इसके अलावा बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी दयानंद को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया द्वारा निलंबित किये जाने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सीमांत कुमार सिंह को अगले आदेश तक बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्त कर दिया गया है। दरअसल, दयानंद को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Bengaluru stampede case #RCBStampede #BengaluruNews #IPL2025 #RCBMarketingHead

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Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein's files

Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files: एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क (Elon Musk) के बीच तकरार बढ़ता जा रहा है। दोनों के बीच चल रहे वार-पलटवार के बीच मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि “डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नाम एपस्टीन की फाइल (Epstein Files) में दर्ज है, इसीलिए उसे जारी नहीं किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि बड़ा बम गिराया जाए। आप सभी का दिन शुभ हो, डीजेटी!” उन्होंने यह भी लिखा कि, “इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें, सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।” बता दें कि यह पूरा मामला यौन तस्करी के आरोपी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़ा हुआ है। एपस्टीन पर साल 2019 में यौन शोषण और तस्करी के आरोप लगे थे। इस मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने उसी साल आत्महत्या कर ली थी। गिफ्रे ने खुलासा किया था कि वो एप्सटीन की करीबी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल के कारण एप्सटीन से मिली थी। इसके बाद एप्स्टीन ने उसे साल 1999 से 2002 के बीच कई बड़े लोगों के पास अनैतिक कार्य करने के लिए भेजा। गिफ्रे ने इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम का खुलासा भी किया था।  रबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था इनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद एप्सटीन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन वो उसी साल जेल में मृत पाए गए। ग्रिफे और एप्सटीन की मौत को आधिकारिक तौर पर सुसाइड करार दिया गया, लेकिन कई लोग दावा करते हैं कि दोनों की हत्या की गई। एप्सटीन पर यह भी आरोप था कि उसने 2002 और 2005 के बीच मैनहट्टन और फ्लोरिडा में रहने वाले अमीरों के पास नाबालिग लड़कियों को भेजता था और वहां पर उनका यौन शोषण होता था। एपस्टीन फाइल का एक हिस्सा इसी साल जारी किया गया था। इस फाइल में एपस्टीन के फाइनेंसरों और बाल यौन अपराध में शामिल कई हाई-प्रोफाइल सहयोगियों का विवरण था। अरबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था। हालांकि, एपस्टीन फाइल में ट्रम्प का नाम नहीं था, लेकिन एपस्टीन के साथ दोस्ती के कारण ट्रंप कई साल जांच के दायरे में रहे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ट्रंप ने मस्क को दी सब्सिडी बंद करने की (Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files) धमकी  बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में डीओजीई प्रमुख का पद छोड़ ट्रंप प्रशासन से अगल हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के नए टैक्‍स बिल को लेकर दोनों के बीच तनाव था। इसके बाद से ही ट्रंप और मस्क के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। मस्क ने ट्रंप पर “अमेरिका को दिवालिया बनाने” का आरोप लगाया था। जिसके बाद ट्रंप ने एक बयान देते हुए कहा कि ”वो मस्क की टेस्ला और एयरोस्पेस कंपनी को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को बंद कर सकते हैं।” जिसके बाद से टेस्ला कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। ट्रंप के इस घोषणा का जवाब देते हुए मस्क ने ट्रंप को कहा, ”अगर वह साथ नहीं देते तो ट्रंप राष्‍ट्रपति चुनाव नहीं जीत पाते, जो करना हो, वो कर लो।” Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump ElonMusk #TrumpEpstein #JeffreyEpstein #ChildAbuseFiles #TrumpControversy #EpsteinList #MuskVsTrump

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Team India to Play 9 Series in 6 Months

Team India to Play 9 Series in 6 Months: IPL के बाद अब 6 महीने में 9 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया 

3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल का महामुकाबला आरसीबी और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया जिसमे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब की 6 रनों से हरा कर आईपीएल- 2025 की ट्रॉफी अपने नाम की। पूरे 18 साल बाद पहली बार आरसीबी ने आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा किया। इसके साथ ही 3 जून को आईपीएल का यह सीजन खत्म हो गया। भले ही आईपीएल का सीजन खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट की तैयारी में जुट गए हैं। दरअसल, भारतीय टीम 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज (Team India to Play 9 Series in 6 Months) खेलेगी। इस तरह आईपीएल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी इंग्लैंड दौरे पर खेलते दिखेंगे। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र में भारत को इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। यही नहीं, इसके अलावा भारत को अगले 6 महीने में लगभग 9 सीरीज खेलनी है। इसमें टेस्ट, वनडे और टी20 के मुकाबले भी शामिल हैं।  बांग्लादेश के दौरे के बाद टीम इंडिया को एशिया कप खेला (Team India to Play 9 Series in 6 Months) जाना है भारत का इंग्लैंड दौरा 20 जून से लेकर 4 अगस्त तक चलेगा। इस दौरे के बाद भारतीय टीम को बांग्लादेश के दौरे पर जाना (Team India to Play 9 Series in 6 Months) है। बांग्लादेश में भारतीय टीम 3 वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। फ़िलहाल अभी तक यह तय नहीं है कि भारतीय टीम बांग्लादेश का दौरा करेगी भी या नहीं। बांग्लादेश के बाद टीम इंडिया को एशिया कप खेला जाना है। हालाँकि एशिया कप के मुकाबले को लेकर स्थिति भी अभी साफ नहीं हो पाई है। इस टूर्नामेंट की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद नवंबर से दिसंबर तक साउथ अफ्रीका की मेजबानी (Team India to Play 9 Series in 6 Months) करेगी टीम इंडिया यही नहीं, एशिया कप के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज टेस्ट टीम की मेजबानी (Team India to Play 9 Series in 6 Months) करेगी। बता दें कि 2 मैचों का टेस्ट सीरीज भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला जाएगा। फ़ी उसके बाद तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टेस्ट टीम नवंबर से दिसंबर तक साउथ अफ्रीका की मेजबानी करेंगे। इस दौरान साउथ अफ्रीका की टीम 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। इस तरह टीम इंडिया का शिड्यूल साल के अंत तक फिक्स हो चुका है। देखने वाली बात यह कि टीम इंडिया इस दौरान कहाँ-कहाँ अपना परचम लहराती है। वैसे भारतीय प्रशंसक बड़ी बेसब्री से इन दौरों का इंतजार कर रहे हैं।   इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने किया अपनी टीम का ऐलान  बता दें कि 20 जून से 5 के दरम्यान भारत और इंग्लैंड के बीच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। यह टेस्ट 20 जून 2025 को हेडिंग्ले में शुरू होगा। ये सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। इस सीरीज के पहले मैच के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। बेन स्टोक्स की कप्तानी में टीम खेलने उतरेगी। बात करें टीम इंग्लैंड की तो इंग्लैंड की टीम में, बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्से, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन जैसे दिग्गज शामिल हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Team India to Play 9 Series in 6 Months TeamIndia #IndianCricket #PostIPL2025 #INDvsWorld #CricketSchedule #MenInBlue #CricketSeries2025

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