Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly

Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly: इस तरह हर महीने 8 लाख से भी अधिक कमाता है मुंबई का यह ऑटो वाला 

बेशक लाखों की नौकरी पाने के लिए भारीभरकम डिग्री की चाहिए होती है। यहाँ बात नौकरी करने की है। बिज़नेस करने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं है। यदि आपसे कहूं कि मुंबई में रहने वाला एक सामान्य ऑटो चालक साल के करोड़ों की कमाई कर रहा (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। शायद इस बात पर यकीन करना आपके लिए मुमकिन न हो। लेकिन यह सच है। इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि वो बिना एक भी किलोमीटर गाड़ी चलाए कमा रहा है। बस वो एक जगह खड़े रहता है। और बिना मीटर डाउन किये वो दिन के हजारों कमा रहा है। वो कहावत है न हींग लगे न फिटकरी रंग भी चोखा होय। जिसका अर्थ है कि कम खर्च या बिना मेहनत के भी अच्छा काम हो सकता है। यह कहावत मुंबई के ऑटो वाले पर सटीक बैठती है।  अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) सख्त मनाही भारत ही नहीं, जिस भी देश में अमेरिकी दूतावास होता है, वहां सुरक्षा चाक-चौबंद होती (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। वहां बिना काम के अंदर जाना तो कोसो दूर की बात, आपको  बाहर खड़े होने भी नहीं दिया जाता। इसी तरह मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में हर दिन दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचते हैं। जाहिर सी बात जब दूर से आते हैं तो उनके पास सामान भी होता है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में लोगों को बड़ी तकलीफ होती है। और तो और उसके आस-पास कोई लॉकर की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को ज़रूरी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक्स या निजी सामान रखने के लिए बड़े पापड़ बेलने पड़ते हैं। इस परेशानी को एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने अवसर में बदल दिया। उसने लोगों की ज़रूरतों को समझा और एक आसान सी सेवा शुरू की। इस तरह इस अनोखे कारोबार की शुरुआत उन लोगों की समस्या से हुई, जो वीज़ा हेतु आवेदन करने हर रोज अमेरिकी दूतावास पहुंचते हैं।  इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल दिन में 20,000 से 30,000 रुपये तक की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) कमाई दरअसल, ऑटो ड्राइवर वीज़ा आवेदकों के बैग को कुछ समय के लिए रखने लगा। वह वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार के पास खड़ा रहता है और लोगों को 1,000 रुपये में उनके सामान की सुरक्षा करने की बात कहता है। वह उन्हें भरोसा दिलाता है कि उनकी अपॉइंटमेंट खत्म होने तक उनका सामान उसके पास सुरक्षित रहेगा। हालाँकि पहली नज़र में यह कीमत अधिक प्रतीत हो सकती है, लेकिन वीज़ा इंटरव्यू की जल्दी में लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं होता। ऐसे में अपनी अपॉइंटमेंट मिस करने से बेहतर लोग उसे 1000 रूपये देना अधिक प्रेफर करते (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) हैं। इस तरह वो एक आम दिन में, वह 20-30 ग्राहकों को संभालता है और उनसे वो 20,000 से 30,000 रुपये तक कमाई करता है। आप सोच रहे होंगे, इसमें सुरक्षा की गया गॅरंटी है? कल को कीमती सामान लेकर ऑटो वाला रफूचक्कर हो जाये तो कहाँ ढूंढने जायेंगे?  पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है तो आपको बता दें कि इसके पीछे पूरा का पूरा एक सिस्टम है। यह सिर्फ सड़क किनारे खड़े होकर किया जाने वाला काम नहीं (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। इसे सोच-समझकर और बड़े व्यवस्थित तरीके से चलाया जाता है। ऑटो रिक्शा ड्राइवर पहले कस्टमर से संपर्क करता है। ग्राहक के मान जाने पर एक सुरक्षित प्रक्रिया शुरू होती है। बड़ी बात यह कि इस काम में एक स्थानीय पुलिस अधिकारी की मदद ली जाती है। पुलिस अधिकारी एक भरोसेमंद लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराता है। पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है। है न कमाल? इसे ही आपदा में अवसर कहा जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly MumbaiAuto #AutoDriverSuccess #MumbaiStories #InspiringJourney #MonthlyIncome #AutoRickshawLife #StartupSuccess

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Rhodes Scholarship

Rhodes Scholarship: ऑक्सफोर्ड में पढ़ने का सुनहरा मौका, 22.94 लाख रुपये का वजीफा

इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) किसी पहचान की मोहताज नहीं है। यह यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों में बहुत प्रसिद्ध है क्योंकि यहां शिक्षा बहुत अच्छी मिलती है। इसके साथ ही इसकी वैल्यू बहुत अधिक है, जिससे अच्छी नौकरी और अवसर मिलने में आसानी होती है। यानी, यहां पढ़ना बेहतरीन करियर ऑपर्चुनिटिज प्रदान करता है। यहां पढ़ने वाले छात्रों को ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने में मदद मिलती है। अगर आप भी यहां पढ़ना चाहते हैं, तो अब आपके लिए एक खुशखबरी है। क्योंकि, यह यूनिवर्सिटी (University) अब रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) दे रही है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। क्या है रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship)? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) वो स्कॉलरशिप है जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) द्वारा वहां पढ़ने के लिए दी जाती है। यह एक रेप्यूटेड इंटरनेशनल स्कॉलरशिप (Reputed International Scholarship) है। इस स्कॉलरशिप से दुनिया भर के छात्रों को इस यूनिवर्सिटी (University) में हायर एजुकेशन प्राप्त करने का मौका मिलता है। इसमें एलिजिबल छात्रों को  26 लाख से 28 लाख रुपये प्रति वर्ष मिलते हैं। इसमें ट्यूशन फीस और लिविंग एक्सपेंसेस दोनों शामिल होते हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) की ऑफिशियल वेबसाइट पर आपको मिल जाएगी। रोड्स स्कॉलरशिप के फायदे क्या हैं? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं: इसके अलावा इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को वीजा और हेल्थ फीस व दो इकोनॉमी क्लास रिटर्न फ्लाइट्स भी मिलती हैं। यही नहीं, इससे दूसरा कोर्स करने वाले स्कॉलर्स के लिए वीजा रिन्यूअल सपोर्ट (Visa Renewal Support) भी मिलता है।  रोड्स स्कॉलरशिप के लिए योग्यता और एप्लीकेशन प्रोसेस रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) के लिए योग्यता में कैंडिडेट्स का एकेडमिक रिकॉर्ड व एजुकेशनल क्वालिफिकेशन (Educational qualification) आदि अच्छे होने चाहिए। इंडियन के पास इंडिया का पासपोर्ट (Passport) या इसके जैसा सिटीजनशिप सर्टिफिकेट (Citizenship Certificate) होना चाहिए।  इसके साथ ही कैंडिडेट के लिए भारत में किसी स्कूल से कक्षा 10 या 12 पास होना आवश्यक है। भारत की किसी यूनिवर्सिटी (University) से ग्रेजुएशन डिग्री (Graduation Degree) भी मान्य होगी। अधिक इनफार्मेशन आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिलेगी। इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल कैसे अप्लाई करें? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) के लिए यूनिवर्सिटी (University) की ऑफिशियल वेबसाइट पर अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए आपके पास सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स होने चाहिए। इसके साथ ही कैंडिडेट्स के लिए एक निबंध लिखना होता है, जिसमें उन्हें अपनी लीडरशिप, ऐकडेमिक और पर्सनल क्वालिटीज के बारे में बताना होगा। सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Rhodes Scholarship #RhodesScholarship #OxfordUniversity #University #OfficialWebsite #Scholarship

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Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain

Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain?: क्या सच में भाजपा सिर्फ अपने चुनावी फायदे के लिए करवा रही है जातीय जनगणना? 

लंबे अरसे से देश में जातिगत जनगणना को लेकर बवाल मचा हुआ है। कई राजनीतिक पार्टियां इसे समर्थन में भी हैं। विशेषकर कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी जातिगत जनगणना के मुद्दे को जोर शोर से उठाते रहे हैं। कुल मिलाकर सभी की मांग है कि इसके जरिये समाज की स्थिति साफ़ हो सकेगी कि देश भर में कुल जातियों में कितने लोग हैं। सभी की बढ़ी मांग और खिसकते वोट के मद्देनजर आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार ने थक हारकर अगले साल 2026 में पूरे देश में जातीय जनगणना करवाने का फैसला किया है। यह तो ठीक, लेकिन इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) है। दरअसल, तेजस्वी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनगणना को लेकर बीजेपी की मंशा सही नहीं है। भाजपा की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है बुधवार को इस मामले पर तेजस्वी यादव ने मीडिया से की बातचीत में कहा कि भाजपा लोगों की मंशा ठीक नहीं है। यही नहीं, उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार चुनाव को देखते हुए जातीय जनगणना करवाने की घोषणा की है, ताकि वे इसका फायदा चुनाव में उठा सकें। इस बीच बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि भाजपा की मंशा ठीक नहीं है। इन लोगों की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है। हमने पहले भी कहा है कि बिहार चुनाव को देखते हुए इन लोगों ने घोषणा की है। हमारे दबाव और पुरानी मांग के कारण इन्होंने इसे कैबिनेट से पास कराया है। हम वर्गों की भी गिनती कराएंगे, जिससे पता चलेगा कि कितनी जातियां हैं और कितने ओबीसी, ईबीसी हैं। बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) को ढो रहा है यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना न साधा (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) हो। इससे पहले तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक कार्टून शेयर करके पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला था। पोस्ट किये गए कार्टून में सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी का एक प्रतीकात्मक फोटो है। जिसे आम आदमी एक गठ्ठर में लेकर ढोता नजर आ रहा है। उक्त पोस्ट में तेजस्वी ने कहा कि बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार को ढो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तस्वीर में आपको बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था, बाढ़, सूखा, भ्रष्टाचार, ढहते पुल, गरीबी, महंगाई, घूसखोरी, बेरोजगारी जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। जिनका बोझ सिर्फ आम आदमी सह रहा है। इसे भी पढ़ें:- RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी गौरतलब हो कि केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। देश में आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब जाति जनगणना कराई जाएगी। सरकार अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी। इसका पहला चरण अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च 2027 से शुरू होगी। जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर या नवंबर 2025 में बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव कराए जा सकते हैं। इसे देखते हुए बिहार में सियासत तेज हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना करवाने का ऐलान किया है। इसे लेकर आरजेडी को शक है कि भाजपा बिहार चुनाव में इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain CasteCensus #BJPCastePolitics #IndianPolitics #ElectoralStrategy #BJP2025 #SocialJustic #CensusDebate

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AIMIM's Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections

AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections: RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) के महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसकी जानकारी (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections)देते हुए कहा कि, ‘उनकी पार्टी बिहार चुनाव में वोटों का बिखराव रोकना चाहती है। इसीलिए उनकी पार्टी ने  आरजेडी (RJD) के दूसरी पंक्ति के नेताओं के माध्यम से नेता तेजस्वी यादव को गठबंधन का प्रस्ताव भेजा है। अब फैसला तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी को करना है।’ अख्तरुल ईमान ने मीडिया से इस बातचीत में चेतावनी देते हुए कहा, अगर महागठबंधन उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो उनकी पार्टी थर्ड फ्रंट बनाने के लिए जल्द ही अन्य छोटे दलों से बातचीत करेगी। इस दौरान अख्तरुल ईमान ने आरजेडी (RJD) पर ‘पीठ में खंजर घोंपने’ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) राज्य की सीमांचल क्षेत्र में मौजूद अमौर, जोकीहाट, कोचाधामन, बैसी और बहादुरगंज सीट को जीता था। लेकिन चुनाव के दो साल बाद आरजेडी ने उनके 5 में से 4 विधायकों को तोड़ कर अपने पार्टी में मिला लिया। इस धोखबाजी को पार्टी भूली नहीं है।  2020 विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने किया था शानदार प्रदर्शन बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीत ली थी। एआईएमआईएम को यह सफलता सीमांचल के मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में मिली थी। इसके बाद से ही एआईएमआईएम को बिहार की सियासत में एक उभरती ताकत के तौर पर देखा गया। एआईएमआईएम ने सीधे तौर पर आरजेडी के परंपरागत मुस्लिम-यादव वोट बैंक में सेंध लगाई थी। इसलिए आरजेडी को सबसे ज्यादा परेशानी हुई और उसने एआईएमआईएम विधायकों को तोड़ने की मुहीम शुरू कर दी। आरजेडी ने दो साल बाद ही जून 2022 में एआईएमआईएम के 5 में से 4 विधायकों को तोड़कर अपने पार्टी में शामिल कर लिया।  इसे भी पढ़ें:- PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा इस बार विधानसभा चुनाव में अगर एआईएमआईएम और आरजेडी अलग-अलग लड़ती हैं, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) होगा। इसलिए एआईएमआईएम ने चुनाव से पहले ही महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव भेज दिया। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर आरजेडी और कांग्रेस (Congress) की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि विपक्षी महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर पहले सही तनाव है, ऐसे में अगर एआईएमआईएम को भी गठबंधन में शामिल कर लिया गया, तो सीट बंटवारे का मुद्दा और भी जटिल हो जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाता है तो इससे फौरी तौर पर मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में फायदा मिल सकता है, लेकिन एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा। दरअसल, आरजेडी और कांग्रेस (Congress) के कोर वोट बैंक मुस्लिम मतदाता है और एआईएमआईएम का वोट बैंक भी यही है। ऐसे में एआईएमआईएम राज्य में जितनी मजबूत होगी, उतनी ही आरजेडी और कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाएगी। ऐसे में महागठबंधन बिहार के अंदर अभी एआईएमआईएम से दूरी बनाकर ही रखना चाहता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections BiharElections2025 #AIMIM #RJD #Congress #Mahagathbandhan #Owaisi #PoliticalNews #IndiaPolitics

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11 Killed in RCB Victory Stampede: आईपीएल की जीत का जश्न बदला मातम में, फ्री टिकट बांटे जाने की अफवाह ने ली 11 लोगों की जान

आईपीएल में आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। फ्री टिकट के लिए पागलों की तरह एक-दूसरे पर गिर पड़े। अफवाह के बाद कुछ लोग रिचमंड सर्कल की ओर भागे, तो कुछ अनिल कुंबले सर्कल के पास पहुंच (11 Killed in RCB Victory Stampede) गए। बता दें कि बैंगलोर के स्टेडियम में 21 स्टैंड और 13 गेट हैं। ज्यादातर गेट आम लोगों के लिए खुले थे। गेट नंबर 9 और 10 आरक्षित थे। गेट नंबर 12, 13 और 14 पर सबसे सबसे अधिक भीड़ थी। क्योंकि ये गेट टीम बस के प्रवेश मार्ग पर थे। ज्यादातर हादसे गेट नंबर 7 पर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने में लापरवाही और शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकालने की अनुमति देने में देरी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। इस बीच सड़कों पर जाम के चलते एम्बुलेंस को निकलने में दिक्कत हो रही थी। यही नहीं, पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किल हुई।  आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम (11 Killed in RCB Victory Stampede) पहुंचे थे आईपीएल में आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। फ्री टिकट के लिए पागलों की तरह एक-दूसरे पर गिर पड़े। अफवाह के बाद कुछ लोग रिचमंड सर्कल की ओर भागे, तो कुछ अनिल कुंबले सर्कल के पास पहुंच (11 Killed in RCB Victory Stampede) गए। बता दें कि बैंगलोर के स्टेडियम में 21 स्टैंड और 13 गेट हैं। ज्यादातर गेट आम लोगों के लिए खुले थे। गेट नंबर 9 और 10 आरक्षित थे। गेट नंबर 12, 13 और 14 पर सबसे सबसे अधिक भीड़ थी। क्योंकि ये गेट टीम बस के प्रवेश मार्ग पर थे। ज्यादातर हादसे गेट नंबर 7 पर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने में लापरवाही और शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकालने की अनुमति देने में देरी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। इस बीच सड़कों पर जाम के चलते एम्बुलेंस को निकलने में दिक्कत हो रही थी। यही नहीं, पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किल हुई। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात 35,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में पहुंचे थे 3 लाख (11 Killed in RCB Victory Stampede) लोग  इस दुखद घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, स्टेडियम के पास भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। यहां पर 2-3 लाख से ज्यादा लोग जुटे थे जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की (11 Killed in RCB Victory Stampede) थी। जबकि स्टेडियम में महज 35,000 दर्शकों की क्षमता थी। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की। तो वहीं दूसरी ओर, घटना पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कहना है, लोगों की भीड़ ने गेट तोड़ दिए जिसकी वजह से चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। शिवकुमार ने कहा कि लोगों की भीड़ ने गेट तोड़ दिए। मुझे लगता है कि बड़े पैमाने पर वहां पर भगदड़ मच गई। मैंने पुलिस आयुक्त और अधिकारियों से बात की है। हम इस हादसे पर नजर बनाए हुए हैं और सभी से शांत रहने की अपील करते हैं। शिवकुमार ने कहा कि वह उन अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं, जहां घायलों इलाज चल रहा है। फ़िलहाल मुख्यमंत्री, मंत्री और पुलिस अधिकारी पहले से ही घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news 11 Killed in RCB Victory Stampede #RCB #IPL2025 #Stampede #BreakingNews #CricketTragedy #Bangalore

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Ram Darbar family muhurat

Ram Darbar family muhurat: बड़ा ही भव्य होगा अयोध्या का दरबार, परिवार के साथ इस मुहूर्त में विराजेंगे राजा राम

गंगा दशहरा के अवसर पर प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है।संयोग देखिये आज ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म दिन भी है। और आज ही आज 11 बजकर 25 मिनट से 11बजकर 40मिनट तक की जाएगी। जानकारी के लिए बता दें कि यह प्राण प्रतिष्ठा आज अभिजीत मुहूर्त में की जाएगी। अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ और पवित्र समय माना जाता (Ram Darbar family muhurat) है। आज ही रामदरबार और गर्भगृह के चारों कोनों में बने परकोटे के अन्य मंदिरों में भी सात विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। अयोध्या और काशी से आए 101 वैदिक आचार्य इस प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन को पूरा कराएंगे। बड़ी बात यह कि आज सिद्ध योग भी बन रहा है। पूजन, भोग, आरती के बाद अनुष्ठान की समाप्ति होगी। प्राण प्रतिष्ठा के बाद सीता राम समेत चारों भाइयों और बजरंगबली आभूषण पहनाए जाएंगे।  अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने कर ली हैं सभी (Ram Darbar family muhurat) तैयारियां बता दें कि प्राण प्रतिष्ठा के इस आयोजन में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तकरीबन पांच सौ से अधिक मेहमान शामिल (Ram Darbar family muhurat) होंगे। सीएम योगी मख्य अतिथि होंगे। इसके आलावा संघ, विहिप और बीजेपी से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी प्राण प्रतिष्ठा में आने का न्योता दिया गया है। इस बीच सीएम पहले हनुमानगढ़ी जाएंगे और 10 बजकर 40 मिनट से 10 बजकर 55 मिनट तक दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद 11 बजे से 11.10 तक वो श्रीरामजन्मभूमि का दर्शन पूजन करेंगे। फिर 11.10 से 1 बजे तक सीएम श्रीरामजन्मभूमि परिसर में राम दरबार और नवनिर्मित 6 मंदिरों में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। जानकारी के लिए बता दें कि अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने सभी तैयारियां कर ली हैं। विशेषकर कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद है।   सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में (Ram Darbar family muhurat) उभरी है इस कार्यक्रम को लेकर संत समुदाय का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के निर्माण और अयोध्या के विकास के माध्यम से रामनगरी का खोया हुआ गौरव लौटाया है। इतना ही नहीं, विगत आठ वर्षों में अयोध्या में 32 हजार करोड़ से अधिक विकास परियोजनाओं ने शहर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है। सड़क, रेल, हवाई अड्डा, सौंदर्यीकरण और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं ने अयोध्या को विश्व नक्शे पर चमकदार बनाया है। यही नहीं, रामकथा पार्क, सरयू तट का सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंदिर परिसर इसकी (Ram Darbar family muhurat) बानगी हैं। इस दौरान संत-महंतों ने योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में अयोध्या आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उभरी है। सरयू त्रयोदशी जन्मोत्सव के अवसर पर नदी तट पर विशेष आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।  इसे भी पढ़ें:- इस तरह विदेशी श्रद्धालु अब अयोध्या के राम मंदिर में पा सकेंगे वीआईपी पास प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के (Ram Darbar family muhurat) किए हैं पुख्ता इंतजाम  कार्यक्रम की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम (Ram Darbar family muhurat) किए हैं। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने अयोध्या पहुंच रहे हैं। यह दिन न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनेगा। गौरतलब हो कि योगी आदित्यनाथ का अयोध्या से गहरा आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक संबंध है। उनका संबंध न सिर्फ बतौर मुख्यमंत्री बल्कि एक संत, राम भक्त और राम मंदिर आंदोलन के सक्रिय सहयोगी के रूप में है। गोरखनाथ मठ और योगी आदित्यनाथ की तीन पीढ़ियां राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं।  Latest News in Hindi Today Ram Darbar family muhurat AyodhyaRamMandir #RamDarbar #LordRam #AyodhyaDiaries #RamMandir2025 #DivineIndia #HinduCulture

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Tejashwi Yadav calls NDA rule in Bihar a 20-year failure

𝟐𝟎 बरस से ढो रहा है बिहार 𝐍𝐃𝐀 की नाकाम निकम्मी सरकार: तेजस्वी यादव

बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव के तारीखों की घोषणा कर सकता है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ-साथ राज्य में सियासी पारा भी बढ़ने लगा है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। खास तौर पर विपक्षी दलों ने NDA सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) लगातार मौजूदा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पिछले कुछ वर्षों में बिहार की राजनीति में एक मजबूत विपक्षी चेहरा बनकर उभरे हैं, लगातार जनसभाओं, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से NDA पर हमला बोलते आ रहे हैं। वे विशेष रूप से युवाओं, बेरोजगारी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। व्यंग्यात्मक कार्टून से सियासी हमला तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक व्यंग्यात्मक कार्टून साझा किया। इस कार्टून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की प्रतीकात्मक छवियों को एक आम आदमी द्वारा ढोते हुए दिखाया गया है। इस प्रतीकात्मक चित्र के ज़रिए तेजस्वी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि बिहार की जनता पिछले 20 वर्षों से NDA की ‘निकम्मी और नाकारा’ सरकार का बोझ उठाने को मजबूर है। उन्होंने इस पोस्ट के साथ लिखा, “20 बरस से ढो रहा है बिहार, एनडीए की नाकाम निकम्मी सरकार। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार, महंगाई, ढहते पुल, पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा की बदहाली, बाढ़ और सूखा जैसे मुद्दों की ओर इशारा करते हुए यह तंज कसा कि इन समस्याओं के बावजूद सरकार ने कोई ठोस समाधान नहीं निकाला। 𝟐𝟎 बरस से ढो रहा है बिहार𝐍𝐃𝐀 की नाकाम निकम्मी सरकार!#TejashwiYadav #Bihar #RJD #india pic.twitter.com/Z8mQOFuaaR — Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) June 4, 2025 चुनावी रणनीति में सोशल मीडिया की भूमिका तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के इस डिजिटल प्रहार को एक सटीक चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आज की राजनीति में सोशल मीडिया एक बेहद प्रभावशाली मंच बन चुका है और तेजस्वी इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं। वे युवाओं और डिजिटल माध्यम (Bihar Politics) से जुड़े मतदाताओं को सीधे अपनी बात पहुंचा रहे हैं। खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं को जागरूक करने के लिए वे लगातार सोशल मीडिया (Social Media) पर सक्रिय हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि एनडीए सरकार के खिलाफ एक बड़ा मनोवैज्ञानिक हमला है। ऐसे कार्टून और टिप्पणियों के जरिए तेजस्वी अपने विरोध को रचनात्मक और सरल भाषा में जनता के सामने ला रहे हैं, जो आम लोगों को आसानी से समझ में आता है। इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  चुनावी समीकरण और आगे की राह राजनीति के जानकारों की मानें तो आगामी चुनाव में तेजस्वी यादव की रणनीति न केवल मौजूदा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की है, बल्कि वह खुद को एक विकल्प के रूप में मजबूती से पेश कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए की ओर से इस प्रकार के लगातार हमलों का क्या जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में जातीय समीकरण, विकास के मुद्दे और युवा वर्ग की भागीदारी हमेशा से निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में राजद की ओर से उठाए जा रहे सवालों और डिजिटल रणनीति का कितना असर होता है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। अब ऐसे में यह कहा जा सकता है कि बिहार का राजनीतिक (Bihar Politics) तापमान चुनाव की घोषणा से पहले ही काफी बढ़ चुका है और जैसे-जैसे तारीख नज़दीक आएगी, यह लड़ाई और अधिक तीखी होती जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Politics #TejashwiYadav #BiharPolitics #NDAFailure #NitishKumar #BJPinBihar #BiharElections2025 #OppositionVoice #PoliticalNews

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Eid sacrifice message

Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal: ईद-उल-अजहा से पहले जामा मस्जिद के इमाम ने लोगों से की यह ख़ास अपील

ईद-उल-अजहा (Eid-ul-Adha) वर्ष का दूसरा इस्लामी त्यौहार है। यह ईद-उल-फ़ित्र के बाद आता है। और यह उपवास के पवित्र महीने, रमजान के अंत का प्रतीक है। बता दें कि ईद-उल-अजहा को अरबी में ईद-उल-अजहा और भारतीय उपमहाद्वीप में बकर-ईद कहा जाता है, क्योंकि इस दिन बकरे या बकरी की बलि देने की परंपरा है। भारत में इसे बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह इस्लामी या चंद्र कैलेंडर के 12वें महीने धु अल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान नए कपड़े पहनते हैं, खुले आसमान के नीचे प्रार्थना सभा में भाग लेते हैं। और फिर भेड़ या बकरी की बलि देते हैं। बलि देने के बाद उसका मांस परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और गरीबों में बांटते हैं। इस बीच ईद-उल-अजहा के मद्देनजर दिल्ली की जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने अपील (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) करते हुए लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और खुले क्षेत्रों, गलियों या सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी करने से परहेज करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ईद-उल-अजहा के दिनों में मुसलमानों को कुछ प्रमुख जिम्मेदारियों के प्रति सचेत रहना चाहिए। कुर्बानी की घटना की फोटोग्राफी या वीडियो से परहेज करने की  (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) अपील की   मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने कहा (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) कि यह महत्वपूर्ण है कि किसी भी कार्य से साथी नागरिकों की भावनाओं या आस्थाओं को ठेस न पहुंचे। इसलिए, कुर्बानी केवल निजी परिसर जैसे घर या निर्धारित बाड़ों में ही की जानी चाहिए, न कि सड़कों या खुली जगहों पर। मौलाना ने समुदाय से कुर्बानी की घटना की फोटोग्राफी या वीडियो से परहेज करने की अपील की तथा ऐसी तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड न करने की भी हिदायत दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस्लाम शांति का धर्म है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने आचरण के माध्यम से यह प्रदर्शित करें कि किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। हालाँकि इस बीच बुखारी ने यह भी कहा कि कुर्बानी एक महत्वपूर्ण धार्मिक दायित्व है, जिसे सभी सक्षम लोगों को पूरा करना (Eid-ul-Adha) चाहिए। क्योंकि इसका आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है और इसका कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह होली और दिवाली जैसे त्यौहार पूरे भारत में सम्मान के साथ मनाए जाते हैं, उसी तरह ईद-उल-अजहा को भी सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  यह भी अनुरोध किया कि बलि की रस्म का कोई वीडियो या फोटो न बनाया जाए और न ही सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाए गौरतलब हो कि इससे पहले सोमवार को ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी त्योहार को स्वच्छता, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मनाने के लिए 12 सूत्री व्यापक सलाह जारी की थी। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा था (Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal) कि बलि दिए गए पशु का खून नालियों में नहीं बहाया जाना (Eid-ul-Adha)चाहिए, बल्कि कच्ची मिट्टी में दबा दिया जाना चाहिए ताकि यह पौधों के लिए उर्वरक का काम करे। इस दौरान उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि बलि की रस्म का कोई वीडियो या फोटो न बनाया जाए और न ही सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाए। यह नहीं, उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इस्लाम सभी धर्मों के प्रति सम्मान की शिक्षा देता है। तथा अपने अनुयायियों को कभी भी दूसरों की भावनाओं को ठेस न पहुंचाने की शिक्षा देता है। इसलिए, कुर्बानी की रस्म इस तरह से निभाई जानी चाहिए कि कानून का शासन कायम रहे और सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Imam of Jama Masjid Makes Special Appeal #JamaMasjid #EidulAdha #ImamAppeal #Eid2025 #MuslimCommunity #DelhiNews #EidCelebration

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Mamata Banerjee vs BJP

यूपी-बिहार के खास चुनावी मॉडल पर ममता बनर्जी को घेरेगी भाजपा, मोदी-शाह-योगी की तिकड़ी करेगी जबरदस्त हमला

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) होने हैं, लेकिन राज्य में चुनावी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के इस गढ़ को गिराना भाजपा के लिए अभी भी सपना ही है, लेकिन भाजपा (BJP) अपने इस सपने को पूरा करने के लिए एक खास प्लान बनाने में जुट गई है। कहा जा रहा है कि भाजपा (BJP) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के खिलाफ इस बार चुनावी मैदान में राज्य की कथित खराब कानून-व्यवस्था और मुस्लिम तुष्टिकरण को हथियार बनाएगी।  बंगाल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, भाजपा जल्द ही रैलियां, जनसभा और प्रदर्शन शुरू करने जा रही है। इन सभी आयोजनों का मुख्य मुद्दा मुर्शिदाबाद में हिंदुओं पर हमला, बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और राज्य का कानून व्यवस्था होगा। भाजपा इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए इसी साल से राज्य में ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee) के खिलाफ माहौल बनाना शुरू करेगी। राज्य में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और यूपी सीएम योगी (CM Yogi) की कई जनसभाएं की जाएंगी।  पीएम मोदी ने शुरू किया भाजपा का चुनावी अभियान  बता दें कि भाजपा ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश सरकार की खराब कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर जीत हासिल की थी। इसी तरह बिहार चुनाव में भी भाजपा हमेशा से लालू राज के समय की खराब कानून-व्यवस्था को ही प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाती है। जिससे सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा को काफी हद तक इसका फायदा मिलता है। इसीलिए भाजपा अब इसी मुद्दे को पश्चिम बंगाल में उठाकर ममता सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। भाजपा ने कुछ हद तक अपने इस योजना पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बीते वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) रैली करने के लिए पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने राज्य की खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया कि यहां पर सरकार ने गुंडों को खुली छूट दे रखी है।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  राज्य का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव- अमित शाह  पीएम मोदी के बाद गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) एक जून को पश्चिम बंगाल पहुंच गए। यहां पर एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव सिर्फ किसी राज्य का चुनाव नहीं है। इस बार का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव है। अमित शाह ने इस दौरान ममता सरकार पर नौकरियों को बेचने का आरोप लगताते हुए कहा कि पहले वामपंथी सरकार में कट मनी का खेल चलता था, अब ममता सरकार में यही खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता भास्कर घोष ने भाजपा के चुनावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार खुलेआम एक वर्ग विशेष का समर्थन और दूसरे का विरोध कर रही है। जिसकी वजह से हजारों हिन्दुओं को अपना घर छोड़कर सरकारी कैंपों में रहना पड़ रहा है। हिन्दुओं को उनके घरों से खींच कर जलाया-मारा जा रहा है, लेकिन ममता सरकार कार्रवाई करने की जगह ऐसे अपराधियों को संरक्षण देने में जुटी है। भास्कर घोष ने कहा कि ममता सरकार के इस पक्षपात नीति के कारण ही पश्चिम बंगाल में रोजगार-शिक्षा की स्थिति बदहाल हो चुकी है। यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee #BJP #MamataBanerjee #ModiShahYogi #UPElectionModel #BengalPolitics #LokSabha2024 #PoliticalAttack #BJPCampaign

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Bilawal Bhutto statement 2025

Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN: कश्मीर का राग अलापते हुए बिलावल भुट्टो ने कहा- “UN से भी नहीं मिली कोई मदद”

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी (Bilawal Bhutto) अमेरिका में एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसका काम हाल के क्षेत्रीय तनावों पर इस्लामाबाद की पक्ष को रखना है। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशन सिंदूर के नतीजे पर दुनिया को गुमराह करना है। कहने की जरूरत नहीं जिस तरह पाकिस्तान ने अपने प्रतिनिधिमंडल को विदेशों में भेजा है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि ये हूबहू भारत की नक़ल कर रहा है। दरअसल, भारत ने अपने कई सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल विदेशों में भेजे हैं। जिसका उद्देश्य पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर नई दिल्ली के स्टैंड को दुनिया के सामने रखना है। मजे की बात यह कि पाकिस्तान भी ठीक इसी तर्ज पर अपना प्रतिनिधि मंडल विदेशों में भेजा है। इसी क्रम में सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचने के बाद से बिलावल भुट्टो के प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट और महासभा के अध्यक्ष फिलेमोन यांग से मुलाकात (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) की है। दौरान उन्होंने  चीन, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधियों, सुरक्षा परिषद के चार अन्य स्थायी सदस्यों के साथ-साथ गैर-स्थायी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) करना पड़ा है इस दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) किया है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों, मुख्यतः संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा है। बता दें कि मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए भुट्टो ने कहा, जहां तक ​​​​संयुक्त राष्ट्र के भीतर और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हम जिन बाधाओं का सामना करते हैं, वे अभी भी मौजूद हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ बातचीत के दौरान भुट्टो ने कहा, जल विवाद और आतंकवाद जैसे विषयों पर पाकिस्तान बात करने को तैयार है।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की-  बिलावल भुट्टो (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष) यही नहीं, न्यूयार्क में संवाददाता सम्मेलन में भुट्टो (Bilawal Bhutto) ने कश्मीर का राग (Bilawal Bhutto on Kashmir, No Help from UN) अलापा। डेलीगेशन की अगुवाई कर रहे बिलावल भुट्टो माना है कि उनके देश ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य जगहों पर कश्मीर मुद्दे पर अपने अभियान में कोई प्रगति नहीं की है। इस मुद्दे पर उन्होंने आगे कहा, जहां तक ​​संयुक्त राष्ट्र और सामान्य तौर पर कश्मीर मुद्दे का सवाल है, हमारे सामने आने वाली बाधाएं अभी भी मौजूद हैं। इस पर उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और राजनयिकों के साथ अपनी बैठकों में उन्हें आतंकवाद और जल जैसे मुद्दों पर तो मदद मिली, लेकिन यह कश्मीर तक नहीं पहुंची।  Latest News in Hindi Today Hindi news Bilawal Bhutto #BilawalBhutto #KashmirIssue #UNStatement #PakistanPolitics #IndiaPakistan #KashmirDispute #UNNews

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