Iran Israel conflict

Iran Issues Open Threat to Israel: इस वजह से ईरान ने इजरायल को दी खुली धमकी

इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने खुलकर धमकी (Iran Issues Open Threat to Israel) दी है। दरअसल, ईरान की इस धमकी के पीछे की असल वजह यह कि ईरान को इजरायल के परमाणु ठिकानों की जानकारी मिल गई है। परमाणु ठिकानों की जानकारी हाथ लगते ही है ईरान की ओर से ऐसा बयान सामने आया है जिसकी कल्पना भी इजरायल ने नहीं की होगी। इजरायल को लेकर बड़ा दावा करते हुए ईरान ने कहा कि उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में सारी जानकारी मिल गई है। ईरान के मुताबिक उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। फिर क्या था, जानकारी हाथ लगते ही ईरान ने धमकी देते हुए कहा, अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर हमला कर देगा। इस बीच ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि उसके सीक्रेट एजेंट्स उन स्थानों की सूची हासिल की है जहां पर इजरायल के परमाणु ठिकाने हैं। इसके अलावा ईरान के खुफिया मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है, उसे इजरायल के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों के बारे में गुप्त दस्तावेजों का खजाना मिला है।  ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज (Iran Issues Open Threat to Israel) कर लिए हैं हासिल  इस पूरे मामले पर ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब ने इसे बेहद खास और खुफिया उपलब्धि (Iran Issues Open Threat to Israel) बताया। इस उपलब्धि से गदगद इस्माइल खातिब ने कहा कि इनमें दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। जिन्हें जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने तो यहां तक कहा है कि इजरायली टारगेट का नक्शा सेना की टेबल पर है। हालाँकि इस दौरान ईरानी सरकारी टेलीविजन और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने भी दावा किया है कि ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। गौरतलब हो कि हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ खतरनाक कदम उठा सकता है। यही नहीं, अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल की सेना ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकती है। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने योग्य यूरेनियम के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है। यही नहीं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा था, ईरान ने उन्नत सेंट्रीफ्यूज का निर्माण शुरू कर दिया है। इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात   ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा इसके अलावा बीते महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने (Iran Issues Open Threat to Israel) को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। खैर, यह पहली बात नहीं है जब अमेरिका ने ईरान को यह धमकी दी हो, इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर लगातार ईरान को धमकी देते रहे हैं। अमेरिका ने सख्त लहजे में साफ कहा है, अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Issues Open Threat to Israel #iran #israel #iranvsisrael #iranthreatens #israeltension #middleeastconflict #worldnews #breakingnews #currentaffairs #internationalrelations

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COVID variant update

कोविड-19 के नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, जानें कोविड-19 वेरिएंट्स और म्यूटेशन के बारे में

कोविड-19 (Covid-19) यानी कोरोना वायरस (Coronavirus) एक संक्रामक बीमारी है, जिसे 2019 में चाइना में पहचाना गया था। इसके बाद यह पूरी दुनिया में फैल गया था और इसके कारण करोड़ों लोग प्रभावित हुए थे। यह वायरस रेस्पिरेटरी ड्रॉप्लेट्स और दूषित सरफेस से फैल सकता है। यही नहीं, यह वायरस एयरबोर्न ट्रांसमिशन यानी वायुजनित संक्रमण के माध्यम से भी स्प्रेड हो सकता है, विशेष रूप से बंद स्थानों में। अब तक इसके कई अलग-अलग कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) सामने आ चुके हैं जैसे अल्फा, बीटा, डेल्टा, ओमिक्रॉन आदि। इसका कारण हैं म्यूटेशन। आइए जानें कि कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) कौन-कौन से हैं? कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate) यह भी जानें?   इस प्रकार है कोविड-19 (Covid-19) के वेरिएंट्स की लिस्ट अल्फा: यह वो वेरिएंट है, जो यूनाइटेड किंगडम में सबसे पहले पहचाना गया था। असली वायरस की तुलना में यह वेरिएंट 40-80% अधिक संक्रामक है।  इनके अलावा ऐसे कई कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) हैं, जिन्हें अभी मॉनिटर किया जा रहा है जैसे  JN.1,KP.3, KP.3.1.1, JN.1.18, LB.1, LP.8.1, NB.1.8.1 और XEC। आजकल कई देशों में एक नया वेरिएंट फैला हुआ है जिसका नाम है NB.1.8.1। भारत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, थाईलैंड, चीन आदि में इसके कई मामले सामने आ रहे हैं। हमारे देश में इस समय इसके लगभग 6500 एक्टिव मामले हैं। अब जानते हैं कि कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate)? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक कोरोना वायरस कैसे म्यूटेट करता है (How does Coronavirus mutate)? एक्सपर्ट्स का मानना है कि वायरस हमारे शरीर में पहले से ही मौजूद हैं और बी हम इन्हें नष्ट करने की कोशिश करते हैं तो यह वायरस अपने रूप को बदलते हैं ताकि वो नष्ट न हो बल्कि सर्वाइव कर सकें। इस प्रोसेस में यह वायरस अधिक स्प्रेड होने और कम खतरनाक वेरिएंट्स में बदल सकता है।  एक्सपर्ट्स के अनुसार कोरोना वायरस (Coronavirus) के सभी वेरिएंट्स में ओमिक्रॉन वेरिएंट अधिक स्प्रेड हुआ था लेकिन इसके लक्षण सीरियस नहीं थे। संक्षेप में कहा जाए तो म्यूटेशन के बाद वायरस अधिक फैलता तो है लेकिन इसका प्रभाव पहले से कम हो सकता है। यही कारण है कि हाल ही में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के वेरिएंट्स को इतना खतरनाक नहीं माना जा रहा। एक्सपर्ट्स भी यह मान रहे हैं कि कोविड-19 वेरिएंट्स (Covid-19 variants) में यह वेरिएंट कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को अधिक प्रभावित कर सकता है। लेकिन, लोग सावधानियां अवश्य बरतें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचाव हो सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Covid-19 variants #covid19 #newvariant #coronavirusupdate #mutation #covidmutation #covidnews #healthalert #covidindia #virusupdate #publichealth

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Indian student assaulted in America

Indian Student Slammed by US Police: अमेरिका में भारतीय छात्र के साथ अमानवीय बर्ताव, हथकड़ी लगाकर जमीन पर पटक दिया

अधिकतर भारतीय छात्रों का सपना विदेशों खासतौर पर अमेरिका में जाकर पढ़ना होता है। लाखों छात्र ऐसे हैं जो अमेरिका जाकर अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं , लेकिन जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने हैं तब भारतीय के खिलाफ अमानवीय व्यवहार किया जा (Indian Student Slammed by US Police) रहा है। इसी क्रम में अमेरिका के न्यू जर्सी में एक भारतीय छात्र के साथ अपराधियों जैसा दुर्व्यवहार किया गया। न्यू जर्सी के नेवार्क एयरपोर्ट पर छात्र को बुरी तरह टॉर्चर किया गया और इसके बाद डिपोर्ट कर दिया। जानकारी के मुताबिक मामला 7 जून की है। अमेरिकी अधिकारियों ने एक भारतीय छात्र को हथकड़ी लगाकर एयरपोर्ट पर बुरी तरह परेशान किया। उसे जमीन पर भी पटक दिया गया। उसे इस तरह अपमानित किया गया मानों वह कोई दुर्दांत अपराधी हो।  एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस (Indian Student Slammed by US Police) हुआ, यह एक मानवीय त्रासदी है इंडो अमेरिकन सोशल एंटरप्रेन्योर कुनाल जैन ने नेवार्क एयरपोर्ट पर हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर (Indian Student Slammed by US Police) की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना बयां करते हुए कहा कि भारतीय छात्र फ्लाइट से उतरा ही था, लेकिन वह इमीग्रेशन अथॉरिटीज को आने का कारण नहीं समझा पाया। इसके बाद अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों ने उसके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया। कुणाल ने बताया कि वह सपनों का पीछा करते हुए आया था, कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा था। एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस हुआ। यह एक मानवीय त्रासदी है।  उन्होंने अमेरिका में भारतीय दूतावास से मामले की जांच करने और छात्र को सहायता प्रदान करने का भी अपील की। कुनाल ने आगे यह भी बताया कि ऐसे कई बच्चे हैं जो सुबह पहुंचते हैं और फिर शाम की फ्लाइट से हाथ-पांव बांधकर वापस भेज दिए जाते हैं। हर दिन 3-4 ऐसे मामले देखने मिल रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है इस पूरे वाकये का वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है। बता दें कि इस वीडियो को सबसे पहले भारतीय-अमेरिकी उद्यमी, कुणाल जैन ने रिकॉर्ड किया था। इसमें अमेरिकी अधिकारियों को छात्र के साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है। उसे कम से कम चार अधिकारियों ने उसे पकड़ रखा है। जिनमें से दो ने अपने घुटने उसकी पीठ पर रख दिए हैं। उन्होंने छात्र के हाथ-पैर में हथकड़ी लगा रखी थी। इस बीच कुनाल जैन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पोस्ट में टैग कर लिखा कि वह बच्चा मेरे साथ फ्लाइट से आने वाला था, लेकिन उसे फ्लाइट में नहीं बैठाया गया। किसी को पता करना चाहिए कि उसके साथ क्या हो रहा है? खैर, कहने की जरूरत नहीं, इस घटना से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डिपोर्टेशन की सख्त कार्रवाई के बीच जिस तरह से सैकड़ों भारतीयों को अमेरिका से भारत भेजा गया था, उसकी यादें तरोताजा हो गईं। गौरतलब हो कि इससे पहले फरवरी में 100 से अधिक भारतीयों को भारत वापस लाया गया था। यूएस बॉर्डर पेट्रोल द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में प्रवासियों को हथकड़ी और उनके पैरों में बेड़ियां डालते हुए देखा गया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Indian Student Slammed by US Police #IndianStudent #USPolice #PoliceBrutality #IndianAbroad #BreakingNews #JusticeForIndians #HumanRights #USNews #ViralNews #RacialProfiling

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Radha and Rukmini

राधा और रुक्मिणी: प्रेम और धर्म के दो दिव्य रूप

हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) की दो प्रमुख स्त्रियाँ सर्वाधिक श्रद्धा और प्रेम की प्रतीक मानी जाती हैं—एक हैं श्री राधारानी और दूसरी श्री रुक्मिणी देवी। जहां राधा आत्मिक प्रेम और भक्ति की प्रतीक हैं, वहीं रुक्मिणी वैवाहिक निष्ठा और कर्तव्यपरायणता की मिसाल हैं। श्रीकृष्ण से जुड़ी इन दोनों महान स्त्रियों का जीवन हमें प्रेम और धर्म के दो अलग-अलग लेकिन पूज्य मार्गों की ओर प्रेरित करता है। श्रीकृष्ण की लीलाओं में राधा और रुक्मिणी दोनों का विशेष स्थान है, लेकिन इन दोनों देवी स्वरूपों में कई स्पष्ट अंतर भी दिखाई देते हैं। दोनों के प्रेम, समर्पण और संबंध की प्रकृति अलग-अलग है। आइए जानते हैं उनके प्रमुख अंतर: 1. शहर और गाँव की संस्कृति का प्रतिनिधित्व रुक्मिणी देवी (Rukmini Devi) का जन्म एक राजघराने में हुआ था। वे विदर्भ देश की राजकुमारी थीं, जिन्होंने एक समृद्ध और शास्त्रीय परंपरा में जीवन व्यतीत किया। दूसरी ओर, श्री राधा (Radha) एक साधारण ग्रामीण परिवेश की गोपी थीं, जो ब्रज की धरती पर पली-बढ़ीं। इस प्रकार, रुक्मिणी एक शहरी राजकन्या थीं, जबकि राधा ग्रामीण संस्कृति की जीवंत प्रतीक थीं। 2. राधा को ‘रानी’, रुक्मिणी को ‘माता’ के रूप में सम्मान श्रद्धा और भक्ति की परंपरा में राधा जी को ‘रानी’ के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त है — रासलीला की अधिष्ठात्री और कृष्ण (Lord Krishna) के दिव्य प्रेम की प्रतीक। वहीं, रुक्मिणी को भक्तगण ‘माता’ के रूप में पूजते हैं — एक आदर्श पत्नी और गृहस्थ जीवन की मर्यादा निभाने वाली देवी। 3. प्रेमिका और पत्नी के रूप में भिन्न भाव श्री राधा का श्रीकृष्ण से संबंध प्रेमिका के रूप में है — निश्छल, निष्काम और समर्पण से भरा हुआ रूहानी प्रेम। वहीं रुक्मिणी देवी श्रीकृष्ण की अर्धांगिनी हैं — पत्नी और सेविका दोनों रूपों में उन्होंने अपने धर्म का पालन किया। जहाँ राधा का प्रेम माधुर्य भाव में लीन है, वहीं रुक्मिणी का समर्पण दाम्पत्य और सेवा की भावना से ओतप्रोत है। 4. विवाह की पौराणिक व्याख्याएं भिन्न श्री रुक्मिणी (Shri Rukmini) का विवाह श्रीकृष्ण से तब हुआ जब उन्होंने उनका हरण कर लिया था, जैसा कि भागवत पुराण में वर्णन मिलता है। वहीं ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, राधा और श्रीकृष्ण (Lord Krishna) का विवाह स्वयं ब्रह्माजी ने संपन्न कराया था — यह विवाह लौकिक नहीं, बल्कि दिव्य भावनात्मक स्तर पर हुआ था। 5. जीवन के अलग-अलग चरणों की साक्षी राधा श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की साक्षी थीं। वे कृष्ण की बाल लीलाओं की सहभागी रहीं। दूसरी ओर, रुक्मिणी उनके युवावस्था और गृहस्थ जीवन की साक्षी हैं — वे श्रीकृष्ण के राजकीय जीवन में शामिल रहीं। 6. वियोग में समर्पण की गहराई राधा (Radha) ने श्रीकृष्ण के रहते-रहते अपने प्राण त्याग दिए थे, उनके प्रेम में पूर्ण समर्पण का उदाहरण बनते हुए। वहीं रुक्मिणी ने कृष्ण के पृथ्वी से विदा लेने के बाद अपने जीवन का त्याग किया — उन्होंने पत्नी धर्म का आदर्श निभाया। 7. भावाभिव्यक्ति में भिन्नता राधा प्रेम में डूबी गोपी थीं, जो कृष्ण के लिए नृत्य करतीं, गीत गातीं और रास रचाती थीं। रुक्मिणी देवी अधिक गंभीर, संयमित और शांत स्वभाव की थीं। वे राजमहल की मर्यादा में रहकर भक्ति करती थीं। 8. दर्शन की दृष्टि से कृष्ण तत्व-दर्शन में राधा को आत्मा और रुक्मिणी (Rukmini) को शरीर के रूप में प्रतीकात्मक माना गया है। राधा का प्रेम आत्मिक स्तर पर था, जबकि रुक्मिणी का संबंध व्यवहारिक और लौकिक रूप से जुड़ा था। इसे भी पढ़ें:- पति की लंबी आयु के लिए रखें ये शुभ व्रत और करें ये उपाय 9. राधा — आदिशक्ति, रुक्मिणी — लक्ष्मी अवतार धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राधा को आदिशक्ति का स्वरूप माना गया है — प्रेम, शक्ति और चेतना की प्रतीक। वहीं रुक्मिणी को श्री लक्ष्मी का अवतार कहा गया है, जो ऐश्वर्य, सौंदर्य और समृद्धि की देवी हैं। 10. अस्तित्व में विलय का अंतर कहा जाता है कि श्रीकृष्ण राधा में समाए हुए हैं, उनका स्वरूप राधा के बिना अधूरा है। वहीं रुक्मिणी अपने समर्पण से स्वयं श्रीकृष्ण में समाहित हो गई हैं — जैसे जल में गिरी बूंद सागर का ही अंश बन जाती है। 11. महाभारत में भी उल्लेखित अंतर महाभारत के अनुशासन पर्व में युधिष्ठिर द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में भीष्म पितामह ने बताया कि देवी लक्ष्मी ने स्वयं रुक्मिणी से कहा था — “मेरा वास तुममें है, जबकि राधा का निवास गोकुल के गोलोक धाम में है।” इससे स्पष्ट होता है कि रुक्मिणी लौकिक ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री हैं और राधा आध्यात्मिक प्रेम की। Latest News in Hindi Today Hindi news Rukmini #radha #rukmini #krishna #hindumythology #divinelove #spirituallove #dharmicpath #radhaandrukmini

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Bihar ASO Salary and Qualification

बिहार में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर भर्ती: जानिए क्या है योग्यता और कैसे करें अप्लाई

अगर सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, तो बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन यानी बीपीएससी (BPSC) अब आपके लिए एक सुनहरा मीका ले कर आया है। बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन ने असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (Assistant Section Officer) के लिए पोस्ट्स निकाली हैं जिसके लिए आप आवेदन भर सकते हैं। अगर बात की जाए असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर्स की तो यह ऑफिसर एडमिनिस्ट्रेटिव फंक्शन्स के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके लिए अभी 41 पोस्ट्स निकाली गयी हैं और इसके लिए एप्लीकशन प्रोसेस भी शुरू हो चुकी है। अगर आप इसके लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो अधिक जानकारी आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। आइए पाएं जानकारी बीपीएससी द्वारा निकाली असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर पोस्ट्स (Assistant Section Officer Posts by BPSC) के बारे में। बीपीएससी द्वारा निकाली असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर पोस्ट्स (Assistant Section Officer Posts by BPSC): पाएं जानकारी बीपीएससी (BPSC) द्वारा निकाली इन पोस्ट्स के लिए एप्लीकशन प्रोसेस 29 मई से शुरू हो चुकी है और 23 जून इसकी आखिर डेट है। आयुसीमा असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (Assistant Section Officer) के लिए एज लिमिट को मिनिमम 21 साल निर्धरित किया गया है और इसकी अधिकतम आयु सीमा पुरुषों के लिए 37 साल है। वहीं महिलाओं और कुछ अन्य क्षेणी के लोगों अधिकतम एज लिमिट को 40 साल रखा गया है। अनसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति आदि के लोगों के लिए यह एज लिमिट 42 साल है। अधिक जानकारी के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (Assistant Section Officer) के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट्स के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या इंस्टीट्यूट की डिग्री होनी चाहिए। इसके बारे में अधिक जानकारी भी आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। फीस अगर बात की जाए असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (Assistant Section Officer Posts by BPSC) पोस्ट्स के लिए आपको कितनी फीस भरनी होगी, तो जनरल, ओबीसी कैंडिडेट्स आदि कैंडिडेट्स के लिए यह फीस 600 रुपए है। यही नहीं महिलाओं, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए यह फीस 150 रुपए है। शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को इसके लिए 200 रुपए फीस के रूप में भरने पड़ेंगे। कैंडिडेट डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि ऑनलाइन फी पेमेंट मोड के माध्यम से एग्जामिनेशन फीस भर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक बीपीएससी द्वारा निकाली असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर पोस्ट्स (Assistant Section Officer Posts by BPSC) के लिए कैसे करें अप्लाई? नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Assistant Section Officer Posts by BPSC #biharjobs2025 #assistantsectionofficer #biharvacancy #govtjobs #asoeligibility #applyonline #jobnewsbihar #biharsecretariat

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smoking impact on reproduction

एल्कोहॉल व तंबाकू महिलाओं और पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए है सबसे बड़ा खतरा 

एल्कोहॉल (Alcohol) का सेवन न केवल हमारे लिवर बल्कि शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है जैसे ब्रेन, गट, फेफड़े, इम्यून सिस्टम आदि। मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार किसी भी मात्रा में इसका सेवन कई सेहत सम्बन्धी समस्याओं का कारण बन सकता है। डॉक्टरों का यह मानना है कि तंबाकू और एल्कोहॉल (Alcohol) जैसी आदतों से महिलाओं और पुरुषों की फर्टिलिटी (Fertility) भी प्रभावित होती है। यही नहीं, इससे गर्भपात और बर्थ डिफेक्ट्स की संभावना बढ़ सकती है। डॉक्टर्स का यह भी कहना है कि इन आदतों से बच कर इस परेशानियों के रिस्क को कम किया जा सकता है। आइए जानें कि एल्कोहॉल और इनफर्टिलिटी में कनेक्शन (Connection between alcohol and infertility) के बारे में एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं? एल्कोहॉल और इनफर्टिलिटी में कनेक्शन (Connection between alcohol and infertility) यह तो हम सभी जानते हैं कि एल्कोहॉल (Alcohol), तंबाकू और वेप जैसी चीजें हमारी हेल्थ के लिए नुकसानदायक हैं। महिलाओं में बढ़ती इनफर्टिलिटी (Infertility) प्रॉब्लम्स के लिए भी डॉक्टर तंबाकू, एल्कोहॉल (Alcohol) आदि को जिम्मेदार मानते हैं। आइए जानें इस बारे में और अधिक: महिलाओं में एल्कोहॉल और तंबाकू का प्रभाव एक्सपर्ट्स का मानना है कि महिलाएं अगर अधिक एल्कोहॉल (Alcohol) का सेवन करती हैं या स्मोकिंग (Smoking) करती हैं , तो इससे एबॉर्शन की संभावना भी बढ़ती है। यही नहीं, इससे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी और स्पर्म में डीएनए डैमेज का रिस्क भी बढ़ जाता है। इससे एबोरशन और बर्थ डिफेक्ट हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर प्रेग्नेंसी प्लान कर रहे हैं, तो इन आदतों से बचना बहुत आवश्यक है। एल्कोहॉल और इनफर्टिलिटी में कनेक्शन (Connection between alcohol and infertility) के बारे में एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि स्मोकिंग (Smoking) करने से महिलाओं में एग्स को नुकसान होता और यूट्रस प्रभावित होता है। यही नहीं इससे फर्टिलाइज एग को इम्प्लांट करने में मुश्किल होती है। यह हार्मोन इंबैलेंस, एग की क्वालिटी का कम होना और पीरियड्स में समस्या जैसी परेशानियां का कारण भी बन सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक पुरुषों में एल्कोहॉल और तंबाकू का प्रभाव एक्सपर्ट्स की मानें तो स्मोकिंग (Smoking) से पुरुषों में स्पर्म की संख्या कम होती है और इससे स्पर्म में डीएनए को नुकसान होता है। वहीं अगर पुरुष वेपिंग करते हैं तो इससे भी स्पर्म की क्वालिटी कम होती है, हॉर्मोन इंबैलेंस होता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में बढ़ोतरी होती है। पुरुषों को एल्कोहॉल (Alcohol) का सेवन करने से भी बहुत नुकसान होता है। इससे उनमें टेस्टोस्टेरोन लेवल में कमी हो सकती है और स्पर्म और उसकी क्वालिटी में कमी आ सकती है। अगर संक्षेप में कहा जाए तो एल्कोहॉल (Alcohol), तंबाकू और वेपिंग आदि से न केवल महिलाओं और पुरुषों की फर्टिलिटी (Fertility) पर बुरा प्रभाव पड़ता है बल्कि कई अन्य समस्यांए भी हो सकती हैं। इससे कैंसर का जोखिम भी बढ़ सकता है। इनके उपयोग से इम्युनिटी कमजोर होती है और क्रोनिक इन्फ्लेमेशन जैसी समस्याएं होने की संभावना भी बढ़ जाती है। इसलिए, फर्टिलिटी (Fertility) संबंधी समस्याओं से बचाव का एक ही प्रभावी तरीका है इनका सेवन करने से बचें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  #fertility #alcoholrisk #tobaccodangers #infertility #healthtips #malehealth #femalehealth #reproductivehealth

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US law and order

Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident: लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसलों को लेकर खासे चर्चा में बने हुए हैं। इस बीच उन्होंने कानून प्रवर्तन अधिकारियों को मास्क पहने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने का आदेश (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अवैध प्रवासियों को पहचानने और उन्हें अमेरिका से बाहर भेजने हेतु इमिग्रेशन ऑफिसर छापे मार रहे हैं। ट्रंप के इस आदेश का खुलकर विरोध देखने मिल रहा है। विरोध में लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। आदेश के विरोध में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों को भी बेवजह परेशान किया जा रहा। जानबूझकर समाज में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि रविवार को राज्य सरकार की घोर आपत्तियों के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश निकालकर लॉस एंजिल्स की सड़कों पर 2000 सैनिक उतार दिए थे। ट्रंप के फैसले का पूरे लॉस एंजिल्स में विरोध हो रहा है। देखते ही देखते आव्रजन कार्रवाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के बीच लॉस एंजिल्स में तनाव बढ़ गया है। कई स्थानों पर आगजनी और हिंसा भी हुई है। चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करो गिरफ्तार  इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजिल्स में प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों या सैनिकों पर थूकते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा कि लॉस एंजिल्स पर अवैध विदेशियों और अपराधियों ने आक्रमण करके कब्जा कर लिया है। हिंसक, विद्रोही भीड़ हमारे फेडरल एजेंट्स पर हमला कर रही है और हमारे निर्वासन अभियानों को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये अराजक दंगे हमारे संकल्प को और मजबूत करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल ट्रुथ प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत गिरफ्तार (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करें। हिंसा पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब से, विरोध प्रदर्शनों में मास्क पहनने की कतई अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि संघीय सरकार के पास ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार है भी या नहीं। खैर, प्रदर्शनकारी अपनी पहचान छुपाने और पुलिस के हथियारों से निकलने वाले धुएं से खुद को बचाने के लिए मास्क पहन रहे हैं। इस बीच कैलिफोर्निया के शहर लॉस एंजिल्स के गवर्नर गेविन न्यूसोम ने कहा, उन्होंने ट्रंप प्रशासन से लॉस एंजिल्स में नेशनल गार्ड की तैनाती को रद्द करने का औपचारिक अनुरोध किया है। न्यूसोम ने सैनिकों की तैनाती को राज्य संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  1965 के बाद यह पहली बार है जब नेशनल गार्ड फोर्स को (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है सक्रिय  ध्यान देने वाली बात यह कि साल 1965 के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस राज्य के राज्यपाल के अनुरोध के बिना किसी राज्य के नेशनल गार्ड फोर्स को सक्रिय (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने मॉन्टगोमरी, अलबामा में नागरिक अधिकार प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए सेना भेजी थी। गौरतलब हो कि नेशनल गार्ड अमेरिका की एक रिजर्व सेना है। नेशनल गार्ड के पास कई जिम्मेदारियां हैं, मसलन घरेलू आपदा राहत और सुरक्षा के साथ अमेरिका की जमीन की रक्षा और नागरिक अशांति की रोकथाम करना शामिल है। और इसके साथ ही विदेशों में अमेरिकी सैन्य तैनाती के लिए रिजर्व फोर्स के रूप में काम भी करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #donaldtrump #losangelesviolence #trumpnews #lawandorder #breakingnews #usa #trumpwarning

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Thane train accident,

4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy: इस वजह से ठाणे में चलती ट्रेन से गिरे यात्री, 4 की मौत अन्य घायल 

देश में ट्रेन के हादसे कोई नई बात नहीं है। आये दिन लोगों और प्रशासन की लापरवाही के चलते हादसे होते रहते हैं। इस क्रम में महाराष्ट्र स्थित ठाणे जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हुआ। जानकारी के मुताबिक सुबह तकरीबन 9:20 बजे कसारा से खचाखच भीड़ से भरी फ़ास्ट लोकल छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की ओर जा रही थी। जब यह ट्रेन मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी 10 यात्री चलती ट्रेन से पटरी पर गिर गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत की खबर है। जबकि छह यात्री घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को ठाणे के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल, कलवा में भर्ती कराया गया है।  हवा का दबाव इतना जोरदार था कि लोकल ट्रेन से बाहर लटक रहे यात्री अपना संतुलन खो (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) बैठे शुरूआती जांच में चौकाने वाले तथ्य आये हैं। दरअसल, सुबह के व्यस्त समय में लोकल ट्रेन में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई यात्री दरवाजों से लटककर यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जब तेज गति से मुंब्रा के पास फास्ट ट्रैक पर थी, तभी सामने से विपरीत दिशा में पुष्पक एक्सप्रेस आ रही थी। उसी वक्त अचानक तेज रफ्तार में दोनों ट्रेनों की पासिंग के दौरान पैदा हुआ हवा का दबाव इतना जोरदार था कि लोकल ट्रेन से बाहर लटक रहे यात्री अपना संतुलन खो (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) बैठे। इस बीच हादसा होते ही सामने से जा रही पुष्पक एक्सप्रेस के गार्ड ने ट्रैक के किनारे घायल पड़े लोगों को देखते ही तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और बचाव दल मौके पर जा पहुंचे। और पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अस्पताल में चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है।  अगर यह हादसा लोकल ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ है, तो रेलवे को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए- सांसद और शिवसेना नेता नरेश म्हस्के कहा जा रहा है कि शुरुआत में तो अधिकारियों को यह भी स्पष्ट नहीं था कि यात्री गिरे किस ट्रेन से, लेकिन बाद में ठाणे कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सूचना में यह पुष्टि हुई कि हादसा कसारा-सीएसएमटी लोकल ट्रेन में हुआ। और पुष्पक एक्सप्रेस की तेज गति और उससे उत्पन्न दबाव इस हादसे का कारण बना। घटना पर घोर दुख जताते हुए ठाणे के लोकसभा सांसद और शिवसेना नेता नरेश म्हस्के ने जांच की मांग करते (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हुए यह कहा कियहाँ यह समझना जरूरी है कि क्या यात्री आपसी धक्का-मुक्की में गिरे या किसी और कारण से? उन्होंने कहा, अगर यह हादसा लोकल ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ है, तो रेलवे को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए। इसके अलावा विधान परिषद में नेता विपक्ष अम्बादास दानवे ने भी घटना को ‘दिल दहला देने वाली करार दिया। उन्होंने न सिर्फ घटना को दिल दहला देने वाली करार दिया बल्कि मुंबई की रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिन्ह भी निर्माण किया।  इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण मुंबई की लोकल ट्रेनें देश की सबसे व्यस्ततम ट्रेनों में से एक (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हैं रेलवे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक  प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हादसा ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण हुआ। इस हादसे की एक बड़ी वजह लोकल ट्रेनों में दरवाजों का आटोमेटिक न होना है। और तो और पर्याप्त सुरक्षा उपाय न होने के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर होते रहते हैं। बता दें कि मुंबई की लोकल ट्रेनें देश की सबसे व्यस्ततम ट्रेनों में से एक (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy)  हैं। रोजाना लाखों यात्री लोकल से सफर करते हैं। लेकिन, अत्यधिक भीड़ और बुनियादी सुरक्षा की कमी के चलते इस तरह की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस हादसे पर सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर स्वप्निल नीला ने खेद जताते हुए कहा कि कसारा लोकल ट्रेन के गार्ड ने सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Thane Train Accident Tragedy #thaneaccident #traintragedy #mumbailocal #railwaynews #breakingnews #indianrailways #thane #trainaccident #trendingnews

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Manipur violence 2025

फिर जला उठा मणिपुर, कई जिलों में कर्फ्यू, जानें क्यों और कैसे भड़की हिंसा?

मणिपुर में कुछ माह शांति के बाद एक बार फिर से हिंसा (Manipur Violence) भड़क उठी है। इस बार हिंसा का कारण मैतेई और कुकी समुदाय के बीच लड़ाई नहीं, बल्कि मैतेई समुदाय का प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन है। दरअसल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम ने शनिवार को मैतेई समुदाय के संगठन अरम्बाई टेंगोल (Arambai Tengol) के एक नेता को गिरफ्तार किया है। इसके बाद से ही राज्य कके मैतेई बहुल जिलों में उग्र प्रदर्शन (Manipur Violence) शुरू हो गया, जो कुछ ही देर में हिंसा में बदल गई। बता दें कि सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से राज्य में हिंसा फैलाने वाले नेताओं को गिरफ्तार कर रही हैं। यह प्रक्रिया कई महीनों से चल रही है। बीते शनिवार को भी एनआई (NIA) की टीम ने दो प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। साथ ही टेंग्नौपाल जिले में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) भी बरामद किया। बताया जा रहा है कि इन गिरफ्तार उग्रवादियों में एक कानन सिंह भी है। यह अरम्बाई टेंगोल संगठन (Arambai Tengol) में अहम भूमिका निभाता है। इस गिरफ्तारी की खबर जैसे ही मणिपुर में फैली, उग्र प्रदर्शन शुरू हो गया। एक प्रदर्शनकारी की मौत, दर्जनों लोग घायल  कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें सुरक्षाकर्मियों समेत कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इंफाल ईस्ट जिले में हिंसक भीड़ ने बसों में आग लगा दी। क्वाकेथेल में प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से कई राउंड गोलियां भी चलाई गई। इम्फाल एयरपोर्ट के बाहर भी हिंसक प्रदर्शन (Manipur Violence) हुआ। प्रदर्शनकारियों को सूचना मिली थी कि उनके गिरफ्तार नेता को सुरक्षा बल राज्य से बाहर ले जा रहे हैं। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट को घेर लिया। इसके अलावा कई दूसरी जगहों पर भी सुरखा बलों और प्रदर्शकारियों में हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की गई लाठी चार्ज में कथित तौर पर एक व्यक्ति की मौत हो गई। बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर जिले और काकचिंग घाटी में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने के साथ कर्फ्यू लागू कर दिया है।   इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  क्या है अरमबाई टेंगोल और क्या करता है काम? बता दें कि जिस नेता को गिरफ्तार करने से यह हिंसा भड़की है, वह अरमबाई टेंगोल संगठन (Arambai Tengol) से जुड़ा हुआ है। यह मैतेई समुदाय का एक संगठन है, जो सांस्कृतिक पुनरुत्थानवादी समूह के रूप में कार्य करता था। लेकिन राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से ही यह संगठन एक उग्रवादी संगठन बन गया और इससे जुड़े सदस्यों पर बड़े पैमाने पर जातीय हिंसा (Manipur Violence) को अंजाम देने का आरोप लगा। इस संगठन के कई सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं और कई सदस्य हाल ही में राज्यपाल के सामने आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, इस संगठन के सैकड़ों सदस्य अब भी राज्य में हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। जिसके कारण ही सुरक्षा एजेंसियां अब इस संगठन के बड़े नेताओं को गिरफ्तार करने में जुटी हैं। जिस कानन सिंह को गिरफ्तार करने के बाद यह हिंसा भड़की है, वह संगठन का कोर मेंबर था। कहा जा रहा है कि वह संगठन के सदस्यों तक हाथियारों पहुंचाने और हिंसक कार्रवाई को अंजाम देने का कार्य करता था। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस उग्रवादी नेता को गिरफ्तार कर गुवाहाटी लाया गया है और वहीं पर उससे पूछताछ की जा रही है।    Latest News in Hindi Today Hindi news  #Manipur #Violence #Curfew #EthnicConflict #IndiaNews #ManipurNews #NorthEastIndia #ManipurClashes #LatestUpdate

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Ghazipur Crime News

Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband: सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण

विगत 17 दिनों से लापता सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwanshi) ने आखिरकार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर ही (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) दिया। बता दें कि शादी के बाद 20 मई को सोनम और राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) राजी ख़ुशी मध्य प्रदेश से हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग गए थे। इस बीच 23 मई को नोंग्रियाट गांव के डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद दोनों लापता हो गए। दो राज्यों का मामला होने के नाते पुलिस पर प्रेशर बहुत था। कई दिनों की खोजबीन के बाद 2 जून को राजा का शव सोहरा के पास वेईसावडॉन्ग झरने की खाई से बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम में हत्या की पुष्टि हुई। हालाँकि सोनम का अब तक कोई सुराग नहीं मिला था। सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय सरकार और शिलांग पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि शिलांग पुलिस ने पहले दिन से ही इस मामले में लापरवाही बरती। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद मेरी बेटी आज सुरक्षित होती। लेकिन सारे के सारे कयास और आरोप धरे के धरे रह गए। दरअसल, सोनम अपने ही पति राजा रघुवंशी की कातिल निकली। उसने ही सुपारी देकर राजा की हत्या करवाई थी।  पत्नी सोनम (Sonam Raghuwanshi) ने सुपारी देकर कराई (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) थी पति की हत्या  इस पूरे मामले पर मेघालय डीजीपी आई नोंग्रांग ने सोमवार सुबह बताया कि इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) की हत्या कथित तौर पर मेघालय में हनीमून के दौरान उनकी पत्नी सोनम (Sonam Raghuwanshi) ने सुपारी देकर कराई (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) थी। इस मामले पर अधिक प्रकाश डालते हुए डीजीपी ने कहा, सोनम ने उत्तर प्रदेश के नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कहने की जरूरत नहीं, डीजीपी ने सनसनीखेज खुलासा कर हर किसी को हक्का-बक्का कर दिया। डीजीपी ने बताया की कि सोनम ने तीन अन्य हमलावरों को रात भर की छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को एसआईटी ने इंदौर से पकड़ा। गिरफ्तार किए गए लोगों ने खुलासा किया है कि सोनम ने राजा रघुवंशी की हत्या के लिए उन्हें सुपारी दी थी। अपराध में शामिल कुछ और लोगों को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश में अभियान अभी भी जारी है। तो वहीं मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने देश को झकझोर देने वाले मामले को सुलझाने हेतु पुलिस को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि राजा हत्या मामले में 7 दिनों के भीतर मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के 3 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है। एक अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है… बहुत बढ़िया।  इसे भी पढ़ें:- बॉयफ्रेंड के खातिर पति और बच्चे को छोड़ मुस्लिम लड़की ने त्यागा इस्लाम, सायमीन से बनी श्रुति, रचाई हिंदू प्रेमी से शादी यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) 17 दिन से लापता सोनम रघुवंशी कहने की जरूरत नहीं, राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। बेशक पत्नी सोनम के मिल जाने से उम्मीद जगी है कि केस के सभी आरोपी जल्द गिरफ्त में आ जाएंगे और साथ ही राजा रघुवंशी की मौत की गुत्थी सुलझ जाएगी। फ़िलहाल गाजीपुर पुलिस के मुताबिक,17 दिन से लापता सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwanshi) यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) है। पुलिस के मुताबिक वह बदहवास हालत में थी। अभी इस घटना पर कुछ भी बोल नहीं रही है। बता दें कि बीकॉम तक पढ़ी सोनम इंदौर के गोविंद कॉलोनी की निवासी है। 11 मई को हिंदू रीति-रिवाजों से उसकी शादी राजा से हुई थी। शादी के बाद यह कपल शिलांग चला गया था. राजा की लाश शिलांग के पहाड़ पर मिली थी. सोनम और राजा पहले कामाख्या देवी दर्शन करने गए थे। इसके बाद यहां से दोनों शिलांग पहुंचे। फिर दोनों अचानक वहां से गायब हो गए।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband #SonamRaghuwanshi #RajaMurderCase #GhazipurNews #UPCrime #WifeKillsHusband

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