IPL 2025 match highlights

Lucknow Super Giants win: लखनऊ सुपर जायंट्स ने सनसनीखेज अंदाज में मुंबई इंडियंस को मात देते हुए दर्ज की अपनी दूसरी जीत

04 अप्रैल को आईपीएल 2025 का 16वां मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में एलएसजी ने पांच बार की चैंपियन टीम मुंबई को 12 रनों से शिकस्त (Lucknow Super Giants win) दी। दरअसल, कप्तान हार्दिक पांड्या ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका ये फैसला गलता साबित हुए। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 203 रन बनाए। लखनऊ की ओर से मिचेल मार्श ने सर्वाधिक 60 रनों की पारी खेली। मार्श के अलावा एडेन मार्करम ने भी अर्धशतक जड़ा। 53 रन पर मार्करम के आउट होने के बाद आयुष बडोनी ने 30 रन की तेज-तर्रार पारी खेली और आखिर में डेविड मिलर ने 14 गेंद में 27 रन की आतिशी पारी खेली। इस तरह लखनऊ ने मुंबई इंडियंस को 203 रनों का लक्ष्य दिया। मुंबई इंडियंस के लिए कप्तान हार्दिक पंड्या ने 4 ओवर में 36 रन देकर 5 विकेट लिए। हार्दिक ने अपने टी20 करियर में पहली बार 5 विकेट लिए। आईपीएल के इतिहास में ऐसा कमाल करने वाले पहले कप्तान बन गए हैं।  एलएसजी की सधी हुई गेंदबाजी के आगे मुंबई की टीम 5 विकेट खोकर 191 रन तक ही पहुंच (Lucknow Super Giants win) पाई 204 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत काफी ख़राब रही। मुंबई की नई ओपनिंग जोड़ी कोई कमाल नहीं दिखा सकी। चोटिल होने  के कारण रोहित शर्मा इस मैच से बाहर थे, ऐसे में उनकी जगह बैटिंग करने आए विल जैक्स 5 रन बना कर पवेलियन लौट गए। सिर्फ 17 रन तक टीम के दोनों ओपनर आउट हो चुक थे। नमन धीर और सूर्यकुमार यादव ने पारी को संभालने की कोशिश की। नमन ने 24 गेंदों में 46 बनाए तो वहीं उनके आउट होने के बाद सूर्यकुमार यादव सूर्या 67 रन पर आउट हो गए। सूर्य कुमार यादव का आउट होना मुंबई इंडियंस के लिए सबसे बड़ा झटका था। इसके बाद मुंबई इंडियंस के अन्य बल्लेबाज कोई कमाल नहीं दिखा सके। एलएसजी की सधी हुई गेंदबाजी के आगे मुंबई की टीम 5 विकेट खोकर 191 रन तक ही पहुंच (Lucknow Super Giants win) पाई।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स 7 मुकाबलों में से 6 मुकाबलों में लखनऊ की टीम ने जीत हासिल की है (Lucknow Super Giants win) पांच बार की चैंपियन टीम मुंबई के लिए लखनऊ से हारना (Lucknow Super Giants win) कोई नई बात नहीं है। आईपीएल के इतिहास में लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच अब तक 7 मुकाबले खेले गए हैं। जिसमें से 6 मुकाबलों में लखनऊ की टीम ने फतेह हासिल की है। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मुंबई को अब तक सिर्फ एक मुकाबले में जीत मिली है। बता दें कि लखनऊ सुपर जायंट्स साल 2022 से आईपीएल लीग का हिस्सा बनी थी। इसके बाद से लखनऊ हमेशा ही मुंबई इंडियंस पर हावी रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Lucknow Super Giants win #LucknowSuperGiants #LSGvsMI #IPL2025 #MIvsLSG #CricketHighlights #T20Thriller #IPLWin #LSGVictory #MIdefeated #CricketNews

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Yudhishthira's chariot

महाभारत का सबसे रहस्यमय रथ: युधिष्ठिर का वह दिव्य वाहन जो हवा में तैरता था

महाभारत (Mahabharat) के युद्ध में अर्जुन के रथ को अक्सर सबसे श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि युधिष्ठिर का रथ उससे भी अधिक विशेष था? यह रथ जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में तैरता था, इसकी पीछे की कहानी बेहद रोचक और आश्चर्यजनक है। युधिष्ठिर का दिव्य रथ महाभारत (Mahabharat) के युद्ध में प्रत्येक पांडव के पास अपना एक विशेष रथ था, जो उनके व्यक्तित्व और धर्म के अनुरूप था। अर्जुन के रथ का निर्माण स्वयं देवराज इंद्र ने करवाया था, और उस पर भगवान श्रीकृष्ण सारथी बने थे। लेकिन युधिष्ठिर का रथ इससे भी अद्भुत था। उनका रथ जमीन से कुछ इंच ऊपर हवा में तैरता रहता था, जिससे वह कभी भी धरती के दोषों से प्रभावित नहीं होता था। धर्मराज का रथ क्यों था इतना विशेष? युधिष्ठिर (Yudhishthira) को “धर्मराज” कहा जाता था क्योंकि वे सत्य और न्याय के सबसे बड़े पालक थे। उनके जीवन का हर कार्य धर्म के अनुसार था। ऐसा माना जाता है कि उनके रथ का हवा में तैरना उनके धर्मपरायण जीवन का प्रतीक था। जिस प्रकार युधिष्ठिर कभी भी अधर्म के मार्ग पर नहीं चले, उसी प्रकार उनका रथ भी कभी अधर्म को स्पर्श नहीं करता था। इसे भी पढ़ें:- जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ दुर्योधन ने पूछा था सवाल महाभारत (Mahabharat) के युद्ध से पहले जब दुर्योधन और अर्जुन दोनों श्रीकृष्ण की सेना लेने के लिए द्वारका पहुँचे, तब दुर्योधन ने युधिष्ठिर के रथ के बारे में एक सवाल पूछा था। उसने देखा कि युधिष्ठिर का रथ जमीन को छूता ही नहीं है, जबकि अन्य सभी के रथ सामान्य थे। दुर्योधन के पूछने पर श्रीकृष्ण ने बताया कि युधिष्ठिर के रथ का यह विशेष गुण उनके धर्म के कारण है। युधिष्ठिर का रथ भी जमीन पर आ गया कुरुक्षेत्र के युद्ध में एक समय ऐसा भी आया जब युधिष्ठिर (Yudhishthira) का रथ, जो अब तक अन्य रथों से ऊंचा था, जमीन पर आ गिरा। महाभारत युद्ध के दौरान जब पांडव गुरु द्रोण को पराजित करने में असफल रहे, तो उन्होंने एक चाल चली। उन्होंने यह अफवाह फैला दी कि द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा की मृत्यु हो चुकी है। असल में, पांडवों ने अश्वत्थामा नामक एक हाथी को मार दिया था और द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा को युद्ध क्षेत्र से दूर उलझा दिया था। जब यह झूठी खबर गुरु द्रोण तक पहुंची, तो वे अत्यंत व्याकुल हो गए। हालांकि, उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उनका वीर पुत्र मारा जा सकता है। सत्य जानने के लिए उन्होंने युधिष्ठिर से प्रश्न किया, क्योंकि उनकी सत्यनिष्ठा के लिए वे प्रसिद्ध थे। भाइयों के दबाव में आकर युधिष्ठिर ने कहा, “अश्वत्थामा मारा गया,” लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा, “हाथी अश्वत्थामा मारा गया है, न कि आपका पुत्र।” परंतु इस महत्वपूर्ण सत्य को ढोल-नगाड़ों की गूंज में दबा दिया गया, जिससे द्रोणाचार्य केवल पहले भाग को ही सुन सके और शोक में डूब गए। छल से मारे गए गुरु द्रोण युधिष्ठिर (Mahabharat) की बात सुनते ही द्रोणाचार्य को आघात लगा और वह अस्त्र-शस्त्र छोड़कर रथ से नीचे उतर आए. तभी राजा द्रुपद के बेटे धृष्टद्युम्न ने कौरवों और पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य का सिर धड़ से अलग कर दिया. इस तरह पांडवों ने छल से गुरु द्रोण को मारा था. चूंकि इस छल में युधिष्ठिर भी भागीदार थे, इसलिए उनका रथ उसी क्षण जमीन से छू गया और साधारण रथ की तरह हवा में उड़ने के बजाय धरती पर चलने लगा। इसी गलती के परिणामस्वरूप धर्मराज युधिष्ठिर को स्वर्ग जाने से पहले नरक के दर्शन भी करने पड़े। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Mahabharat #MahabharataMystery #YudhishthiraChariot #FloatingChariot #DivineVehicle #MahabharataSecrets #AncientIndia #Mythology #HinduEpics #VedicWisdom #MahabharataFacts

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KKR beat SRH by 80 runs

KKR beat SRH by 80 runs: आईपीएल के 15वें मुकाबले में केकेआर ने सनराइजर्स हैदराबाद को दी 80 रनों से मात 

आईपीएल 2025 सीजन का 15वां मुकाबला कोलकाता के ईडेन गार्डंस में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। वेंकटेश अय्यर 60 रनों की तूफानी पारी के और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर कोलकाता नाइटराइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी शिकस्त (KKR beat SRH by 80 runs) दी। दरअसल, टॉस जीतने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने 20 ओवर में छह विकेट खोकर 200 रन बनाए। 201 रन के विशाल लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरूआत बेहद खराब रही। टॉप ऑर्डर के बल्‍लेबाज ट्रेविस हेड (4), अभिषेक शर्मा (2) और ईशान किशन (2) एक के बाद एक आउट होते गए। इसके अलावा मिडिल ऑर्डर भी कुछ ख़ास नहीं कर सका। नितीश रेड्डी (19), कमिंडु मेंडिस (27) और हेनरिच क्‍लासेन ने (33) रन बनाए, लेकिन यह नाकाफी था। इसके अलावा अनिकेत वर्मा (6) और कप्‍तान पैट कमिंस (14) ने भी कोई ख़ास कारनामा नहीं किया। इस लड़खड़ाती बल्लेबाजी के चलते हैदराबाद 16.4 ओवर में 120 रन पर ही ऑलआउट हो गई।  शानदार गेंदबाजी के कारण वैभव को मैन ऑफ द मैच से गया नवाजा (KKR beat SRH by 80 runs) इस तरह केकेआर ने यह मुकाबला 80 रन से अपने नाम (KKR beat SRH by 80 runs) कर लिया। केकेआर के लिए जीत के हीरो वेंकटेश अय्यर, वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती रहे। इन तीनों खिलाड़ियों ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। केकेआर की तरफ से वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती ने तीन-तीन विकेट चटकाए। आंद्रे रसेल को दो सफलताएं मिली। हर्षित राणा और सुनील नरेन के खाते में एक-एक विकेट आया। बता दें कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वैभव अरोड़ा ने 3 विकेट लेकर बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया। वैभव ने पहले ही ओवर में ट्रेविस हेड को आउट करके बड़ा झटका दिया। उसके बाद अगले ओवर में ईशान किशन को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच करवाकर पवेलियन भेजा। तो वहीं हेनरिक क्लासेन का विकेट लेकर सनराइजर्स की जीत की उम्मीदें भी खत्म कर दी। शानदार गेंदबाजी के कारण वैभव को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया।  इसे भी पढ़ें:-गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उन्हीं के घर में दी 8 विकेट से करारी शिकस्त यह केकेआर की आईपीएल 2025 में चार मैचों में दूसरी जीत है तो वहीं, एसआरएच की यह 4 मैचों में तीसरी हार है  इस जीत के साथ केकेआर ने आईपीएल के इतिहास में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। दरअसल, केकेआर आईपीएल में तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे अधिक मैच जीतने वाली पहली टीम बन गई है। आईपीएल के इतिहास में केकेआर की टीम ने तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे मुकाबले जीते हैं। केकेआर ने पंजाब के खिलाफ 21, आरसीबी के खिलाफ 20 और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 20 मुकाबले में जीत हासिल की है। आईपीएल में ऐसा करने वाली केकेआर पहली टीम बन गई है। जिसने तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे अधिक मुकाबले जीते हैं। बता दें कि हैदराबाद की यह आईपीएल इतिहास में रन के अंतर से सबसे बड़ी हार रही। यह केकेआर की आईपीएल 2025 में चार मैचों में दूसरी जीत है तो वहीं, एसआरएच की यह 4 मैचों में तीसरी हार है। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 KKR beat SRH by 80 runs KKRvsSRH #IPL2025 #KKRWin #SRHvsKKR #IPLHighlights #KolkataKnightRiders #SunrisersHyderabad

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Modi meets Muhammad Yunus

Modi meets Muhammad Yunus: 9 महीने बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहम्मद यूनुस ने थाईलैंड राजधानी बैंकॉक में की मुलाकात  

शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश-भारत के रिश्ते लगातार तल्ख बने हुए हैं। भले बांग्लादेश के अंतरिम लीडर लगातार भारत विरोधी स्टैंड दिखाते रहे लेकिन पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर बेकरार भी दिखे। बांग्लादेश को उम्मीद थी कि भारत की तरफ से हरी झंडी मिलने के बाद यह द्विपक्षीय वार्तो हो जाएगी। ऐसा ही हुआ भी। हालांकि जब दोनों नेताओं की मुलाकात हुई (Modi meets Muhammad Yunus) तो, पीएम मोदी गंभीर और शांत दिखे जबकि यूनुस के चेहरे पर मुस्कान दिखी। इस बैठक में भारत की ओर से एस जयशंकर, एनएसए अजित डोभाल और अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद थे। दरअसल, 4 अप्रैल को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। दोनों नेता बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के लिए थाईलैंड की यात्रा पर हैं।  40 मिनट तक चली पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus)  बता दें कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधान मंत्री शेख हसीना के तख्तापलट के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह पहली मुलाकात थी। बैंकॉक में दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। इससे पहले गुरुवार की रात बिम्सटेक नेताओं के डीनर प्रोग्राम में भी दोनों एक-दूसरे के बगल में ही बैठे थे। सूत्रों की माने तो भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत हुई है। पीएम मोदी और यूनुस के बीच यह बैठक करीब (Modi meets Muhammad Yunus) 40 मिनट तक चली है। बड़ी बात यह कि ढाका ने ही बिम्सटेक बैठक से इतर नई दिल्ली के साथ द्विपक्षीय वार्ता का आग्रह किया था। बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी और यूनुस बैंकॉक में बिम्सटेक रात्रिभोज में एक साथ बैठे नजर आए थे।  इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी नहीं दिखे खुश  गौरतलब हो कि मोहम्मद यूनुस ने भारत संग दुश्मनी निभाने का कोई कसर नहीं छोड़ी है। जब से शेख हसीना की सरकार गई है, तब से बांग्लादेश ने चीन का दामन थाम रखा है। हाल ही में मोहम्मद यूनुस ने चीन का दौरा किया था और बीजिंग में उन्होंने  बांग्लादेश को समंदर का गार्जियन बताया था और पूर्वोत्तर पर बयान देकर भारत को नाराज किया था। हालांकि, जयशंकर ने बिम्सटेक के मंच से ही बांग्लादेश को अच्छे से सुनाया था। पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात वाली इन तस्वीरों पर हैरानी इसलिए है, क्योंकि पीएम मोदी जब भी किसी राष्ट्राध्यक्ष से मिलते हैं तो उमसें गर्मजोशी दिखती है। वह खुले दिल से गले मिलते हैं। लेकिन तस्वीर देख लग नहीं रहा कि मोहम्मद यूनुस मिलकर (Modi meets Muhammad Yunus) मोदी खुश दिखे हों। संभवतः इसकी वजह भारत और बांग्लादेश की बीच तल्खी ही हो सकती है। हालांकि यूनुस और मोदी के इस मुलाकात में दोनों देशों के शीर्ष राजनयिक भी मौजूद थे। बता दें कि मोदी से मुलाकात के लिए यूनुस लगातार कोशिश कर रहे थे। आखिरकार अब जाकर उनकी मुलाकात संभव हो सकी।   Latest News in Hindi Today Hindi news Modi meets Muhammad Yunus NarendraModi #PMModi #MuhammadYunus #ModiInBangkok #IndiaThailandRelations #ModiMeetsYunus #InternationalDiplomacy

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BSNL financial loss

BSNL financial loss: बीएसएनएल की अपनी इस लापरवाही के चलते मोदी सरकार को लगा 1758 करोड़ रुपये का चूना

कहा जाता है कि सरकारी काम में बड़ी हीलाहवाली और लापरवाही होती है। सरकारी महकमा अक्सर अपने लेटलतीफी के लिए जाना भी जाता है। कभी-कभी यह लेटलतीफी और लापरवाही सरकार को करोड़ों-अरबों का नुकसान करा देती है। ऐसा ही एक मामला एक जमाने में देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रही भारतीय संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल से जुड़ा है, जिसकी घोर लापरवाही की वजह से भारत सरकार को करोड़ों (BSNL financial loss) का चूना लगा। आप सोचेंगे कि हाशिये पर पड़ी बीएसएनएल ने भला ऐसा क्या कर दिया, जिससे गवर्नमेंट को करोड़ों का नुकसान हो गया? तो आपको बता दें अपने ढिलाई के लिए मशहूर बीएसएनएल ने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को दस साल तक बिल ही भेजना भूल गई। आपको यह जानकर हैरत होगी कि साल 2014 से 2024 तक का समय बीत गया, लेकिन बीएसएनएल ने जियो को अपने बुनियादी ढांचे मसलन, जैसे टावर, फाइबर नेटवर्क और अन्य संसाधनों – के इस्तेमाल के लिए एक भी बिल नहीं भेजा। नतीजतन सरकार को 1758 करोड़ रुपये का चूना लग गया।  10 साल तक वसूली नहीं करने की वजह से सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का हुआ (BSNL financial loss) नुकसान  दरअसल, हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। बीते मंगलवार को सीएजी ने कहा कि “दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने टावर जैसे बुनियादी ढांचे को साझा करने पर अपने समझौते के अनुसार रिलायंस जियो से 10 साल कोई वसूली नहीं की। इससे सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कैग ने यह भी कहा कि बीएसएनएल दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं को दिए जाने वाले राजस्व हिस्से से लाइसेंस शुल्क का हिस्सा काटने में विफल रही। इससे सरकारी कंपनी को 38.36 करोड़ रुपये का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। यही नहीं बयान में यह भी कहा गया है कि “बीएसएनएल मेसर्स रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि.के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट को लागू करने में विफल रही।   मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था (BSNL financial loss) बीएसएनएल के साझा टावर जैसे बुनियादी ढांचे पर इस्तेमाल की गई अतिरिक्त प्रौद्योगिकी के लिए बिल नहीं दिया। इससे मई, 2014 से मार्च, 2024 के बीच सरकारी खजाने को 1,757.76 करोड़ का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। और उस पर दंडात्मक ब्याज भी देना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि बीएसएनएल ने बुनियादी ढांचा साझाकरण शुल्क का कम बिल बनाया था।” जानकारी के मुताबिक मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था। करार के मुताबिक बीएसएनएल के निष्क्रिय पड़े टावर और फाइबर नेटवर्क जैसे संसाधनों को जियो के साथ साझा करना तय हुआ। और बदले में जियो को बीएसएनएल को भुगतान करना था। यह तो ठीक, लेकिन विगत दशकों से नुकसान झेल रही बीएसएनएल ने तय समय पर बिल भेजना जरूरी ही नहीं समझा। इस तरह दस साल बीत गए। और 10 साल बाद यह लापरवाही जाकर सामने आई।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है हैरत की बात यह है कि बीएसएनएल की लापरवाही सिर्फ जियो तक ही सीमित नहीं रही। कंपनी ने जियो के अलावा कई अन्य टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के साथ भी रेवन्यू शेयरिंग के करार किए थे। इन करारों के तहत बीएसएनएल को लाइसेंस फीस वसूलनी थी, जो सरकार के खजाने में जमा होती। मगर बीएसएनएल इस कदर लापरवाह रही कि ये फीस वसूलना ही भूल गई। इस गलती की कीमत सरकार को 38 करोड़ 36 लाख रुपये के अतिरिक्त नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी। बड़ी बात यह कि दोनों नुकसानों को जोड़ दिया जाये तो तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है। यानी टैक्स पेयर के पैसों को स्वाहा कर दिया। गौरतलब हो कि बीएसएनएल का इतिहास नुकसानों से भरा रहा है। साल 2013-14 में कंपनी को 14,979 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उसके बाद से यह सरकारी दया और अभयदान पर ही निर्भर रही है। भारत सरकार द्वारा हजारों करोड़ निवेश करने के बाद कंपनी की हालत खस्ता बनी हुई है। कहने की जरूरत नहीं इससे बीएसएनएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Latest News in Hindi Today Hindi BSNL financial loss #BSNL #BSNLLoss #ModiGovernment #IndianTelecom #TelecomCrisis #BSNLFinancialLoss #GovernmentLoss #BSNLNews #EconomicImpact #BSNLUpdate

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Maa Lakshmi

इन 5 छोटे जीवों का घर में हो रहा है आगमन, तो समझलें लक्ष्मी जी आ रही हैं आपके घर 

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, कुछ जीवों (Creature) का घर में आना शुभ संकेत माना जाता है। इन्हें देखकर न सिर्फ खुश होना चाहिए, बल्कि इनका सम्मान भी करना चाहिए, क्योंकि ये धन और सुख-समृद्धि लाने वाले माने जाते हैं। आइए जानते हैं कौन से हैं ये शुभ जीव? लक्ष्मी जी आ रही हैं आपके घर  1. छिपकली– धनवर्षा का संकेत शास्त्रों में छिपकली को बेहद शुभ माना गया है। अगर घर में छिपकली दिखाई दे, खासकर अगर वह आपके शरीर पर गिर जाए, तो यह बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि इससे धन लाभ होता है और लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है। 2. तोता – समृद्धि का प्रतीक शकुन शास्त्र के अनुसार, घर में तोते का आना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे भगवान कुबेर का प्रतीक माना जाता है। जब तोता घर में प्रवेश करता है, तो यह सुख-समृद्धि और खुशहाली का संकेत होता है। कहा जाता है कि तोता अपने साथ सकारात्मक समाचार लेकर आता है। 3. चींटी – मेहनत का फल मिलता है चींटियों का घर में आना भी शुभ माना जाता है, खासकर अगर वे लाल चींटियां हों। मान्यता है कि चींटियों को शक्कर डालने से मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) प्रसन्न होती हैं इसके साथ ही, ऐसा माना जाता है कि तोते के आगमन से घर में धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। 4. तितली – सुख-शांति का संदेश तितली का घर में प्रवेश करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसे सौभाग्य और खुशियों का प्रतीक माना जाता है। अगर तितली आपके सिर के ऊपर से गुजर जाए, तो यह बहुत ही शुभ संकेत होता है। 5. गौरैया (चिड़िया) – खुशखबरी लाती है गौरैया का घर में आना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि अगर गौरैया आपके घर में घोंसला बना ले, तो वहां सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसे भी पढ़ें:- जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ क्या करें जब ये जीव दिखें? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Maa Lakshmi #GoddessLakshmi #LuckySigns #HomeProsperity #WealthAttracting #SpiritualSigns #VastuTips #PositiveEnergy #GoodLuck #LakshmiBlessings #FortuneSigns

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Kalimath Temple

कालीमठ मंदिर: जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) एक प्राचीन और रहस्यमयी शक्तिपीठ है। नवरात्रि के पावन अवसर पर इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं तथा जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। कालीमठ सिद्ध शक्तिपीठ को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनका उल्लेख स्कंद पुराण सहित अन्य ग्रंथों में भी मिलता है। मान्यता है कि जब धरती पर रक्तबीज और शुंभ-निशुंभ का अत्याचार बढ़ गया था, तब इंद्र सहित सभी देवताओं ने मां शक्ति की आराधना की। देवताओं की तपस्या से प्रसन्न होकर माता प्रकट हुईं। जब उन्होंने दैत्यों के उत्पात के बारे में सुना, तो उनका क्रोध इतना प्रबल हुआ कि उनका स्वरूप काला पड़ गया। इसके बाद माता ने रक्तबीज और शुंभ-निशुंभ का संहार करने के लिए कालीशिला में 12 वर्ष की कन्या के रूप में अवतार लिया। कालीशिला कालीमठ मंदिर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मान्यता है कि इस पवित्र शिला पर माता के चरणों के निशान आज भी विद्यमान हैं, जिनकी श्रद्धालु भक्त आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। माँ काली और रक्तबीज वध की पौराणिक कथा माता काली के कालीशिला में प्रकट होने के बाद उनका रक्तबीज के साथ भयंकर युद्ध हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रक्तबीज (Raktabija) को यह वरदान प्राप्त था कि उसकी रक्त की हर बूंद से एक नया रक्तबीज उत्पन्न होगा। इसे रोकने के लिए माता काली ने उसकी रक्त बूंदों को धरती पर गिरने से पहले ही पान करना शुरू कर दिया। अंततः माता काली ने जिस स्थान पर रक्तबीज का संहार किया, वह स्थान रक्तबीज शिला के नाम से प्रसिद्ध हुआ। यह पवित्र शिला कालीमठ से कुछ दूरी पर स्थित है और श्रद्धालु यहां आकर देवी की शक्ति का स्मरण करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। कालीमठ में अंतर्ध्यान हुई देवी मां “रक्त बीज वधे देवि चण्ड मुण्ड विनाशिनि।रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।” पौराणिक कथाओं के अनुसार, रक्तबीज (Raktabija) का वध करने के बाद माता काली ने शुंभ-निशुंभ का भी संहार किया, जिससे देवताओं को भय से मुक्ति मिली। हालांकि, इन दैत्यों का वध करने के बाद भी माता काली का क्रोध शांत नहीं हुआ। उनका रौद्र रूप देखकर देवता भयभीत हो गए और उन्होंने भगवान शिव से सहायता की प्रार्थना की। भगवान शिव, देवी के क्रोध को शांत करने के लिए उनके मार्ग में लेट गए। जैसे ही माता काली ने शिव को अपने चरणों के नीचे देखा, उनका क्रोध शांत हो गया और वे तुरंत अंतर्ध्यान हो गईं। मान्यता है कि देवी काली जिस स्थान पर अंतर्ध्यान हुईं, वही कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) के रूप में प्रसिद्ध हुआ। यहां देवी की कोई मूर्ति स्थापित नहीं है। इसके बजाय, देवी की ऊर्जा और शक्ति का पूजन एक पवित्र कुंड में यंत्र रूप में किया जाता है। श्रद्धालु इस दिव्य स्थान पर आकर देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व नवरात्रि (Navratri) में करें कालीमठ के दर्शन नवरात्रि (Navratri) के पावन अवसर पर कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) के दर्शन करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। मां काली अपने भक्तों की हर सच्ची मनोकामना पूरी करती हैं। यह स्थान उन साधकों के लिए भी अत्यंत पवित्र है, जो तंत्र-मंत्र या ध्यान साधना के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां दर्शन करने से आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। कालीमठ कैसे पहुंचें? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Kalimath Temple #KalimathTemple #MaaKali #NavratriDarshan #KalimathUttarakhand #ShaktiPeeth #KaliMata #HinduTemple #SpiritualJourney #DivineBlessings #ReligiousTourism

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Mohan Bhagwat

हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान 

हनुमान जी हमारे पौराणिक युग के आदर्श हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नागपुर में ‘युगांधर शिवराय’ नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहीं। मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित कर करते हुए कहा कि राजा अलेक्जेंडर के समय से भारत वर्ष पर शुरू हुए विदेशियों का आक्रमण लंबे समय तक चला और इस्लाम के नाम पर हुए आक्रमण के दौरान सब कुछ नष्ट हो गया। अनेकों लड़ाईयों के बाद भी जब इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तब छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) ने इसका समाधान दिया और एक के बाद युद्ध जीत कई वीर गाथाएं लिख दी।  भारत के लिए शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) हमेशा से प्रेरणा रहे हैं- मोहन भागवत मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि आरएसएस (RSS) का काम भी व्यक्ति-आधारित नहीं बल्कि देश आधारित रहा है। भारत के लिए शिवाजी महाराज हमेशा से प्रेरणा रहे हैं। शिवाजी महाराज ने दक्षिण भारत में अपनी वीरता से विजय प्राप्त की, लेकिन उनके पास समय कम था, इसलिए उत्तर की तरफ नहीं बढ़ पाए। उन्होंने अपने युद्ध कौशल से भारतीय राजाओं को लगातार मिल रही पराजय के युग को बदल दिया और विजय का रास्ता दिखाया। भागवत ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय राजाओं के हार का सिलसिला सिंकदर के आक्रमण से शुरू हुआ था और देश में इस्लामीकरण तक यह हमला जारी रहा। इस दौरान ही 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य की स्थापना हुई और महाराज शिवाजी अपने युद्ध कौशल से इस समस्या का समाधान लेकर आए। उस समय विजयनगर साम्राज्य और राजस्थान के राजाओं के पास भी यह युद्ध कौशल नहीं था।  इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? छात्रपति शिवाजी महाराज आधुनिक युग के हमारे आदर्श मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस (RSS) संस्थापक केबी हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक एमबी गोलवलकर (गुरुजी) और तृतीय सरसंघचालक एमडी देवरस (देवरस) ने कई बार यह बात कही थी कि हनुमान जी हमारे लिए पौराणिक युग के आदर्श और योद्धा थे और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। ये 250 वर्ष पहले भी हमारे आदर्श थे, आज भी हैं और आगे भी आदर्श रहेंगे। हम सभी व्यक्तियों और भारत वर्ष के लिए उनकी शौर्य गाथा को सुनना सौभाग्य की बात है। मोहन भागवत ने इस दौरान यह भी कहा कि दक्षिण भारत के एक अभिनेता ने एक फिल्म में शिवाजी का रोल अदा किया था। इस फिल्म के आने के बाद उनका नाम गणेशन से बदलकर शिवाजी गणेशन हो गया। जो बताता है कि देशवासी शिवाजी को कितना सम्मान देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News Chhatrapati Shivaji Maharaj MohanBhagwat #RSSChief #ChhatrapatiShivaji #LordHanuman #IndianIdeals #NagpurNews #HinduIcons

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Donald Trump Imposes 26% Tariff on Indian Goods

26% tariff on Indian goods: डोनाल्ड ट्रम्प ने लागू किया पारस्परिक टैरिफ, भारत पर लगाया 26% लगाया तो चीन और पाक को दिया तगड़ा झटका

आखिरकार 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया के तमाम देशों पर पारस्परिक टैरिफ (रेसिप्रोकल टैरिफ) लागू कर दिया। ट्रम्प ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) लगाया है, जबकि अचीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। दरअसल, डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भाषण के दौरान पारस्परिक टैरिफ की योजना की घोषणा की। देशों के एक समूह पर संयुक्त राज्य अमेरिका से वसूले जाने वाले टैरिफ की लगभग आधी दर से टैरिफ लागू किया गया है। इस दौरान ट्रम्प ने कहा कि “यह अमेरिकी इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है। यह हमारी आर्थिक स्वतंत्रता की घोषणा है। सालों तक, कड़ी मेहनत करने वाले अमेरिकी नागरिकों को किनारे पर बैठने के लिए मजबूर किया गया था, लेकिन अब हमारे समृद्ध होने का समय है।” इस बीच भारत को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि “भारत, बहुत, बहुत सख्त है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अभी-अभी यहां से गए हैं। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, लेकिन मैंने कहा कि आप मेरे दोस्त हैं, लेकिन आप हमारे साथ सही व्यवहार नहीं कर रहे हैं। वे हमसे 52 प्रतिशत शुल्क लेते हैं। आपको समझना होगा, हमने उनसे सालों-साल और दशकों तक कुछ भी शुल्क नहीं लिया। यह केवल सात साल पहले की बात है। जब मैं सत्ता में आया, तब हमने चीन के साथ इसकी शुरुआत की।” अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है वाणिज्य मंत्रालय  गुरुवार को वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अमेरिका द्वारा भारत से आयात पर लगाए गए 26% पारस्परिक टैरिफ (26% tariff on Indian goods) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहा है।” एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक “अमेरिका में सभी आयात पर एक समान 10 प्रतिशत का शुल्क 5 अप्रैल से और बाकी 16 प्रतिशत शुल्क 10 अप्रैल से लागू होगा।” उन्होंने कहा कि “एक प्रावधान है कि अगर कोई देश अमेरिका की चिंताओं का समाधान करता है, तो डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन उस देश के खिलाफ शुल्क कम करने पर विचार कर सकता है।” बता दें कि भारत पहले से ही अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। बता दें कि मेक्सिको के बाद अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े आयातक चीन को अब इस नई नीति के तहत 34% टैरिफ का देना पड़ेगा। बीजिंग ने यूरोपीय संघ के साथ मिलकर पहले ही जवाबी टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, चीन ने बार-बार अमेरिका द्वारा चीन से आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के प्रति अपनी कड़ी असहमति और मजबूत विरोध जताया है। यही नहीं,  चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “देश अपने अधिकारों और हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए जवाबी कदम उठाएगा।” इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ फिर भी भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है (26% tariff on Indian goods) मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत के टॉप निर्यातक संगठन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन के महानिदेशक और सीईओ अजय सहाय ने गुरुवार को कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए 26 प्रतिशत टैरिफ (26% tariff on Indian goods) आयात शुल्क से निस्संदेह घरेलू प्लेयर प्रभावित होंगे।” इसके अलावा अजय सहाय ने यह भी कहा कि “भारत कई दूसरे देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता, जिस पर वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है, जल्द संपन्न हो जाएगा, क्योंकि इससे इन पारस्परिक टैरिफ से राहत मिलेगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रम्प ने बाकी देशों द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर लगाए जाने वाले शुल्क की आधी दर पर ही पारस्परिक शुल्क लगाया है। आने वाले समय में अमेरिका सहित कई देशों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 26% tariff on Indian goods #DonaldTrump #IndiaUSTrade #TariffWar #IndianExports #USIndiaRelations #GlobalTrade #TradePolicy #EconomicImpact #TrumpTariff #IndiaChina

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RCB home ground loss

RCB home ground loss: गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उन्हीं के घर में दी 8 विकेट से करारी शिकस्त

आईपीएल सीजन-2025 का 14वां मुकाबला बैंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया। इस मैच में  गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 8 विकेट से करारी शिकस्त (RCB home ground loss) दी। गौरतलब हो कि शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात टाइटंस की इस आईपीएल में तीन मैचों में यह दूसरी जीत है। टॉस जीतकर गुजरात टाइटंस ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। गुजरात का यह फैसला सही साबित हुआ और गुजरात के गेंदबाज बैंगलुरु के बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े। पहले बल्लेबाजी करने उत्तरी आरसीबी की पारी की शुरुआत खराब बेहद रही। गुजरात ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को पावरप्ले के दौरान ही 3 झटके दे दिए। उसके बाद आरसीबी की टीम 20 ओवर में किसी तरह 8 विकेट खोकर 169 ही रन बना पाई। आरसीबी के लिए लियम लिविंगस्टन ने 54, जितेश शर्मा ने 33 और टिम डेविड ने 32 रनों की पारी खेली। गुजरात के लिए मोहम्मद सिराज ने 3, साई किशोर ने 2, अरशद खान, इंशात शर्मा ने और प्रसिद्ध कृष्णा ने 1-1 विकेट चटकाए।  इस जीत के साथ (RCB home ground loss)  गुजरात टाइटंस के भी 4 अंक हो गए हैं जवाब में गुजरात की टीम ने 170 रनों के लक्ष्य को आसानी से पूरा कर (RCB home ground loss) लिया। गुजरात के लिए साई सुदर्शन ने 49, शुभमन गिल ने 14, जोस बटलर ने 73, शरफेन रदरफोर्ड ने 30 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिला दी। जोश हेजलवुड ने 1 और भुवनेश्वर कुमार ने 1 विकेट चटकाए। इस तरह गुजरात ने 13 गेंद शेष रहते जीत हासिल की है। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस के भी 4 अंक हो गए हैं। इस जीत के साथ चौथे स्थान पर बरकरार है।  इसे भी पढ़ें:- अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स गुजरात टाइटंस ने आरसीबी के लगातार तीसरी बार जीतने का सपने को तोड़ा (RCB home ground loss)  गुजरात टाइटंस ने आरसीबी के लगातार तीसरी बार जीतने का सपना तोड़ दिया। दरअसल, आरसीबी लगातार दो मैच जीतकर इस मुकाबले में उतरी थी। लेकिन उनके बल्लेबाज पूरी तरह से फ्लॉफ़ रहे। ध्यान देने वाली बात यह कि लियाम लिविंगस्टोन को छोड़कर आरसीबी का एक भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका। विराट कोहली को अरशद खान ने सस्ते में पवेलियन भेज दिया जबकि कप्तान रजत पाटीदार का बल्ला भी खामोश ही रहा। महत्वपूर्ण बात यह कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को गुजरात के खिलाफ मिली हार के बाद बड़ा नुकसान हुआ है। पॉइंट्स टेबल में बेंगलुरु की टीम पहले पायदान से तीसरे पायदान पर पहुंच गई है। रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु के इस हार से पंजाब किंग्स को फायदा हुआ है। पंजाब किंग्स अब पहले पायदान पर पहुंच गई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025  RCB home ground loss #RCBvsGT #IPL2025 #RCB #GujaratTitans #CricketFever #IPLMatch #ViratKohli #TATAIPL #GTvsRCB #IPLHighlights

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