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Tamil Nadu Alliance पर Congress की Red Line—Rahul Gandhi ही PM Face, Vijay को लेकर अटकलों के बीच बड़ा बयान

चेन्नई, 7 सितंबर 2026: Tamil Nadu की सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीति में 2029 के Prime Minister face को लेकर नई बहस तेज हो गई है। Congress ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले Lok Sabha चुनाव में Rahul Gandhi ही पार्टी और विपक्षी नेतृत्व का प्रमुख चेहरा होंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के कुछ नेता मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश कर रहे हैं। K.C. Venugopal ने साफ किया Congress का रुख Congress General Secretary K.C. Venugopal ने कहा कि Rahul Gandhi 2029 में INDIA bloc का नेतृत्व करेंगे। Vijay को PM candidate के रूप में पेश किए जाने से जुड़ी चर्चाओं को उन्होंने Congress के आधिकारिक रुख से अलग बताया। Manickam Tagore ने भी दोहराई Rahul Gandhi की दावेदारी Tamil Nadu Congress President Manickam Tagore ने भी कहा कि Rahul Gandhi ही Congress के Prime Ministerial candidate हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर alliance arrangements और national leadership के सवाल को आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए। TVK में उठ रही ‘Vijay for PM’ की मांग TVK के कुछ वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने Vijay को 2029 के लिए संभावित PM candidate के रूप में project करना शुरू किया है। इसी वजह से Congress और TVK के बीच national leadership को लेकर मतभेद की चर्चा तेज हुई है। हालांकि Vijay की ओर से इस पर कोई formal PM candidature announcement नहीं की गई है। 9 सितंबर की Alliance Meeting अहम Vijay ने 9 सितंबर को alliance partners की बैठक बुलाई है। इस meeting में गठबंधन के formal नाम और Common Minimum Programme पर चर्चा होने की उम्मीद है। Congress ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। Left Parties ने बनाई दूरी Reports के मुताबिक CPI और CPI(M) ने इस बैठक में शामिल होने को लेकर दूरी बनाई है। इससे alliance के अंदर आगे की राजनीतिक दिशा और 2029 की national strategy पर नए सवाल खड़े हुए हैं। Congress के लिए Rahul Gandhi पर कोई समझौता नहीं Congress का संदेश साफ है कि Tamil Nadu में Vijay के साथ सत्ता साझेदारी होने के बावजूद national level पर party Rahul Gandhi की leadership से पीछे नहीं हटेगी। इसी वजह से इसे Congress की political “red line” के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल Alliance टूटने के संकेत नहीं मतभेद के बावजूद फिलहाल Congress ने TVK-led सरकार या alliance से अलग होने का कोई संकेत नहीं दिया है। दोनों पक्ष 9 सितंबर की meeting से पहले बातचीत जारी रखे हुए हैं। इसलिए मौजूदा विवाद को alliance breakdown की बजाय leadership positioning के रूप में देखना ज्यादा सही होगा। source – The Indian Express / Economic Timesजय राष्ट्र न्यूज़

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Parandur Airport Project रद्द, अब इन 2 जगहों पर नजर; Chennai के दूसरे Airport के लिए Cheyyur और Manellore Shortlist

चेन्नई, 7 सितंबर 2026: चेन्नई के प्रस्तावित दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को लेकर Tamil Nadu सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Parandur में प्रस्तावित greenfield airport project को रद्द करने के बाद अब सरकार ने नए airport के लिए Cheyyur और Manellore को संभावित विकल्प के रूप में shortlist किया है। इन दोनों locations की feasibility जांचने के लिए Airports Authority of India (AAI) से अध्ययन कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कहां हैं दोनों प्रस्तावित जगहें? पहली जगह Cheyyur है, जो Chengalpattu district में Chennai से करीब 100 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। दूसरी जगह Manellore, Gummidipoondi के पास Tiruvallur district में है, जो Chennai से लगभग 50 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है। TIDCO ने पूरी की Preliminary Study Tamil Nadu Industrial Development Corporation (TIDCO) की टीम दोनों sites का शुरुआती अध्ययन कर चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों locations में बड़े airport infrastructure विकसित करने की संभावनाओं को देखते हुए report तैयार कर AAI को भेजी गई है। AAI करेगी Feasibility Inspection अब Airports Authority of India की technical team दोनों proposed sites का inspection कर सकती है। इसमें land availability, airspace, runway orientation, connectivity, environmental impact और आसपास मौजूद critical infrastructure जैसे factors का अध्ययन किया जाएगा। Final site का फैसला feasibility report के बाद ही होगा। क्यों रद्द हुआ Parandur Airport Project? Tamil Nadu के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने 24 अगस्त को विधानसभा में Parandur airport project को रद्द करने का ऐलान किया था। सरकार ने agricultural land, water bodies, wetlands, displacement और flooding से जुड़ी चिंताओं को इसके पीछे प्रमुख कारण बताया। Parandur project को पहले लगभग 5,746 acres में विकसित करने की योजना थी और इससे 13 गांव प्रभावित होने वाले थे। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने वर्षों तक project के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। Chennai को क्यों चाहिए दूसरा Airport? Chennai में passenger traffic और cargo movement लगातार बढ़ रहा है। Automobile, electronics, manufacturing और logistics industries के विस्तार के कारण आने वाले वर्षों में existing Chennai Airport की capacity पर्याप्त नहीं रहने की आशंका है। इसी वजह से राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि Parandur project रद्द होने के बावजूद दूसरा airport बनाने की योजना जारी रहेगी। Existing Chennai Airport का भी होगा Expansion नई location पर airport तैयार होने में कई साल लग सकते हैं। इस बीच सरकार ने existing Chennai International Airport की capacity बढ़ाने की योजना बनाई है। प्रस्तावित Terminal 5 के जरिए airport की annual passenger handling capacity को आगे चलकर करीब 55 million passengers तक बढ़ाने की योजना है। दोनों नई Locations के सामने भी Challenges Cheyyur और Manellore को shortlist जरूर किया गया है, लेकिन final approval अभी बाकी है। Cheyyur के आसपास Vedanthangal Bird Sanctuary और Kalpakkam Nuclear Power Plant जैसे sensitive locations हैं, जबकि Manellore के मामले में land availability और Sriharikota के airspace से जुड़े technical मुद्दों का अध्ययन जरूरी होगा। Final Location पर अभी फैसला नहीं फिलहाल Cheyyur और Manellore सिर्फ shortlisted options हैं। AAI की feasibility study और आगे की technical एवं environmental clearances के बाद ही तय होगा कि Chennai का दूसरा international airport आखिर कहां बनाया जाएगा। source – Hindustan Times / Navbharat Times / The Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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चिराग पासवान की पार्टी ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, नाम के गलत इस्तेमाल का लगाया आरोप

नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली के Parliament Street Police Station में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में चिराग पासवान का नाम लेकर राजनीतिक संरक्षण होने का गलत दावा किया। पार्टी के Legal Cell ने दर्ज कराई शिकायत शिकायत LJP (Ram Vilas) के legal cell की ओर से दी गई है। इसमें कहा गया है कि न तो चिराग पासवान और न ही उनकी पार्टी का स्वतंत्र भारद्वाज से कोई ऐसा संबंध है, जैसा उनके वायरल interview में दावा किया गया। पार्टी ने इन सार्वजनिक बयानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। Viral Interview में लिया था चिराग पासवान का नाम विवाद उस समय बढ़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक interview clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उन्होंने कई राजनीतिक नेताओं के नाम लेते हुए उनसे करीबी संबंध होने का दावा किया था और चिराग पासवान को अपना “बड़ा भाई” बताया था। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। चिराग पासवान ने दावे से बनाई दूरी चिराग पासवान ने साफ कहा कि भारद्वाज ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। LJP (Ram Vilas) ने भी कहा कि पार्टी कथित हमले में घायल व्यक्ति और उसके परिवार के साथ खड़ी है। Complaint और FIR में अंतर पुलिस अधिकारियों ने 5 सितंबर तक बताया था कि पार्टी की शिकायत की जांच की जा रही है और इस specific complaint पर अलग case/FIR अभी दर्ज नहीं हुई थी। इसलिए इसे “LJP ने FIR दर्ज कराई” लिखने के बजाय “शिकायत दर्ज कराई” लिखना अधिक सही है। आज Judicial Custody में भेजे गए स्वतंत्र भारद्वाज मामले में आज, 6 सितंबर, एक नई कानूनी development सामने आई है। दिल्ली की एक अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को कथित assault और अन्य आरोपों से जुड़े मामले में एक दिन की judicial custody में भेज दिया। इससे पहले पुलिस को एक दिन की custodial interrogation की अनुमति मिली थी। SC/ST Act और अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं दिल्ली पुलिस ने संबंधित assault case में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और criminal intimidation से जुड़े provisions जोड़े हैं। इसके अलावा minor activist की शिकायत पर online threats और harassment से संबंधित अलग POCSO case भी दर्ज किया गया है। ये मामले अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। source – PTI / The Week / The New Indian Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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Mathura-Vrindavan में Ayodhya-Kashi की तर्ज पर बनेंगे भव्य मंदिर complexes, CM Yogi का बड़ा ऐलान

मथुरा, 5 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Mathura और Vrindavan को Ayodhya और Kashi की तर्ज पर विकसित करने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से दोनों धार्मिक नगरों में भव्य temple complexes और बेहतर devotee infrastructure विकसित करने की योजना है। Janmashtami पर किया ऐलान CM Yogi ने Janmashtami के अवसर पर Shri Krishna Janmabhoomi Temple में पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि Mathura-Vrindavan में भी Ayodhya और Kashi जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि Braj क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए ऐसा infrastructure विकसित किया जाएगा जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। इस दिशा में Braj Teerth Vikas Parishad और जनप्रतिनिधियों के साथ काम किया जा रहा है। Ayodhya के विकास का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने Ayodhya के बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट और अन्य बुनियादी सुविधाओं में बड़े स्तर पर सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अब सामान्य दिनों में भी करीब एक लाख श्रद्धालु प्रतिदिन Ayodhya पहुंचते हैं, जबकि विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। Kashi और Ayodhya जैसा मॉडल सरकार का लक्ष्य Mathura-Vrindavan में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ मंदिर परिसरों के आसपास बेहतर connectivity, crowd management और pilgrim facilities विकसित करना है। CM Yogi ने इसे Braj क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने की दिशा में कदम बताया। विरासत संरक्षण के साथ विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल सड़क, बिजली और पानी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है। सरकार Mathura-Vrindavan को इसी दृष्टिकोण से विकसित करने पर जोर दे रही है। source – The Economic Times / Times of Indiaजय राष्ट्र न्यूज़

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निशु आजाद के पिता से मारपीट मामले में चिराग पासवान की सफाई, बोले- स्वतंत्र भारद्वाज ने मेरे नाम का गलत इस्तेमाल किया

नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026: जंतर-मंतर पर CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार से कथित मारपीट के मामले में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा अपने नाम का इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका नाम गलत तरीके से इस विवाद से जोड़ा गया है। स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज चिराग पासवान ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच करने और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। ‘ऐसी घटना बेहद गंभीर’ पासवान ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुले तौर पर किसी को इतनी गंभीर चोट पहुंचाने का दावा करता है और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा के मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। Podcast में लिया गया था चिराग पासवान का नाम विवाद उस समय बढ़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक podcast clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह कथित तौर पर निशु आजाद के पिता पर हमला करने की बात कहते हुए कई राजनीतिक नेताओं का नाम लेते नजर आए। इसी दौरान उन्होंने चिराग पासवान को भी अपना ‘बड़ा भाई’ बताया था। LJP ने किसी संबंध से किया इनकार Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने भी भारद्वाज के साथ किसी तरह के संबंध से इनकार किया है। पार्टी की शिकायत में कहा गया कि केंद्रीय मंत्री के नाम का इस्तेमाल कथित राजनीतिक प्रभाव दिखाने के लिए किया गया, जिसे पार्टी ने गलत और भ्रामक बताया है। दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि पुलिस बिना किसी दबाव के मामले की जांच करे। उन्होंने कहा कि उनके या अन्य नेताओं के नाम का सहारा लेकर किसी कानूनी कार्रवाई से बचने का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। हिरासत में लिया जा चुका है स्वतंत्र भारद्वाज विवाद बढ़ने और प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया। मामले में जांच जारी है और पुलिस पहले ही राजनीतिक हस्तक्षेप से जुड़े आरोपों को खारिज कर चुकी है। source – Times of India / Moneycontrolजय राष्ट्र न्यूज़

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बैगा बच्चों की मौत पर बालाघाट में बड़ा आंदोलन, आज राष्ट्रीय महाधरना; 18 राज्यों के आदिवासी संगठनों के जुटने का दावा

बालाघाट, 5 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा बहुल इलाकों में बच्चों की लगातार मौतों और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर आदिवासी संगठनों का आंदोलन तेज हो गया है। सर्व आदिवासी समाज ने आज बालाघाट के आंबेडकर चौक पर राष्ट्रीय महाधरना आयोजित करने की घोषणा की है। आयोजकों का दावा है कि इसमें देश के करीब 18 आदिवासी बहुल राज्यों के संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बच्चों की मौत का आंकड़ा 30 तक पहुंचा 4 सितंबर की ताज़ा रिपोर्ट में 10 वर्षीय बैगा बच्चे गजेंद्र की मौत के बाद मृत बच्चों की संख्या 30 बताई गई है। इससे पहले अलग-अलग रिपोर्टों में यह संख्या 26 से 29 के बीच बताई जा रही थी। प्रभावित इलाकों में खसरा, मलेरिया और दूसरी बीमारियों के मामलों के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल आदिवासी संगठनों का आरोप है कि बैहर-बिरसा सहित दूरदराज के बैगा इलाकों में समय पर इलाज, स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। प्रदर्शनकारी बच्चों की मौतों की विस्तृत जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं। 3 सितंबर को भी हुआ था बालाघाट बंद इससे पहले 3 सितंबर को बालाघाट बंद आयोजित किया गया था। बाजार और कई व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित रहीं, जबकि आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया था। प्रदर्शन के बीच तत्कालीन CMHO को पद से हटाए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। 18 राज्यों के संगठनों के पहुंचने का दावा आयोजकों के अनुसार दिल्ली में राष्ट्रीय आदिवासी समन्वय समिति की बैठक में बैगा बच्चों की मौत का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद मामले को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने और 5 सितंबर को बालाघाट में महाधरना आयोजित करने का फैसला किया गया। संगठन ने भविष्य में इस मुद्दे को संसद के शीतकालीन सत्र तक पहुंचाने की बात भी कही है। स्वास्थ्य, पानी और बुनियादी सुविधाएं भी आंदोलन का मुद्दा महाधरना केवल बच्चों की मौत की जांच तक सीमित नहीं है। आदिवासी संगठन बैगा क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की भी मांग कर रहे हैं। संगठनों का कहना है कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीन तक पहुंचना चाहिए। source – Amar Ujala / Balaghat Expressजय राष्ट्र न्यूज़

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अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला; बोले—UP ने इतनी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी, 2027 के लिए SP का अभियान शुरू

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की BJP सरकार पर भ्रष्टाचार, सरकारी संस्थानों की स्थिति और PDA वर्गों के कथित उत्पीड़न को लेकर तीखा हमला बोला है। इसी के साथ समाजवादी पार्टी ने आज, 1 सितंबर 2026 से 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपना booth-level campaign शुरू कर दिया है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश ने मौजूदा BJP सरकार जैसी भ्रष्ट सरकार पहले कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में SP कार्यकर्ता जिलों और बूथ स्तर पर जाकर सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार और दूसरे मुद्दों को जनता के बीच उठाएंगे। ‘इतनी भ्रष्ट सरकार पहले कभी नहीं देखी’ Lucknow में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर बड़ा हमला करते हुए उसे राज्य के इतिहास की “सबसे भ्रष्ट सरकार” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संस्थानों और संपत्तियों को कमजोर किया जा रहा है और कई महत्वपूर्ण सरकारी assets निजी हाथों में दिए जा रहे हैं। ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं; BJP सरकार ने इन्हें स्वीकार नहीं किया है। JPNIC को लेकर CM Yogi पर पलटवार अखिलेश यादव ने Jayaprakash Narayan International Centre (JPNIC) को लेकर भी मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार सरकारी institutions को बेचने की दिशा में काम कर रही है। यह बयान उस समय आया जब मुख्यमंत्री ने JPNIC के निर्माण और पिछली SP सरकार के दौरान हुई कथित अनियमितताओं को लेकर अखिलेश यादव पर हमला किया था। 26 हजार Schools बंद करने का आरोप SP प्रमुख ने दावा किया कि BJP सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 26,000 सरकारी स्कूल बंद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी 5 सितंबर यानी Teachers’ Day पर इन बंद बताए जा रहे schools के बाहर कार्यक्रम आयोजित करेगी और शिक्षा के मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी। 26,000 schools वाला आंकड़ा अखिलेश यादव का दावा है। Voter List को लेकर भी उठाए सवाल 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव ने electoral rolls के proposed revision पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और Election Commission की मिलीभगत से voter lists में बदलाव करने की कोशिश हो सकती है। इस आरोप के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है और Election Commission एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है। SP ने अपने कार्यकर्ताओं से voter lists पर विशेष नजर रखने और booth-level organisation मजबूत करने को कहा है। PDA के उत्पीड़न का लगाया आरोप अखिलेश यादव ने PDA—Pichhda, Dalit और Alpsankhyak समुदायों के लोगों को निशाना बनाए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने Uttar Pradesh STF को लेकर भी विवादित टिप्पणी की और उस पर caste bias का आरोप लगाया। उन्होंने Badaun में एक Dalit युवक की police custody में हुई मौत का उदाहरण देते हुए सरकार से जवाब मांगा। ये अखिलेश यादव के राजनीतिक आरोप हैं और संबंधित authorities की जांच या judicial findings से इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। 2027 के लिए SP ने शुरू की तैयारी अखिलेश यादव ने SP के district presidents और organisational office-bearers को अगले दो हफ्तों में ground-level campaign तेज करने का निर्देश दिया है। Party का focus BJP सरकार के खिलाफ alleged corruption, PDA issues, education, employment और voter-list related concerns को जनता तक पहुंचाने पर रहेगा। 2024 Lok Sabha election में Uttar Pradesh में 37 seats जीतने के बाद SP अब उसी political momentum को 2027 Assembly election तक ले जाने की कोशिश कर रही है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: अखिलेश यादव का BJP पर तीखा हमला; बोले—UP ने इतनी भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी, 2027 के लिए SP का अभियान शुरू स्रोत – PTI, India Today, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शन; उत्तराखंड सचिवालय मार्च, कई जगह कार्यकर्ता हिरासत में

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को कई राज्यों में प्रदर्शन किया। पार्टी ने FIR वापस लेने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राजनीतिक विरोध की आवाज दबाने के लिए कानून का इस्तेमाल कर रही है। Congress ने Haldwani के कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में BJP से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। Haldwani के ‘शुद्धिकरण’ विवाद से जुड़ी FIR राहुल गांधी के खिलाफ FIR Haldwani में Congress president Mallikarjun Kharge की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान पर उनकी टिप्पणी को लेकर दर्ज की गई है। Police के मुताबिक शिकायत Haldwani निवासी Amit Kumar ने दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से Scheduled Caste community की भावनाएं आहत हुईं। FIR में SC/ST Act की धाराओं के साथ BNS Section 196 भी लगाया गया है। Uttarakhand में Secretariat March FIR के खिलाफ Uttarakhand Congress ने Dehradun में Secretariat तक march का ऐलान किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी ने caste discrimination के खिलाफ आवाज उठाई थी और उनके खिलाफ criminal case दर्ज करना अनुचित है। पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat समेत Congress नेताओं ने FIR पर सवाल उठाते हुए इसे politically motivated बताया। ये Congress के आरोप हैं; Uttarakhand सरकार ने इन्हें खारिज किया है। Lucknow में प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में भी Congress कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। Hazratganj स्थित Gandhi statue के पास सांसद Tanuj Punia के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने FIR के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर बड़ी संख्या में police personnel तैनात किए गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई Congress नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर Eco Garden ले जाया गया। Punjab-Haryana में भी विरोध Chandigarh में Punjab और Haryana Congress के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया। Reports के मुताबिक कुछ Congress नेताओं को police ने हिरासत में लिया। Himachal Pradesh, Jammu-Kashmir और अन्य राज्यों में भी Congress units ने विरोध प्रदर्शन कर FIR वापस लेने की मांग की। Congress ने Nationwide Protest का किया ऐलान Congress MP Syed Naseer Hussain ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरे देश में state-level protest marches आयोजित करेगी। Congress की मांग है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाए और Haldwani में कथित purification ritual से जुड़े BJP workers के खिलाफ FIR दर्ज हो। Party ने इसे Dalit dignity और constitutional equality से जुड़ा मामला बताया है। BJP और CM Dhami का पलटवार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने Congress के आरोपों पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी पर caste politics करने का आरोप लगाया। Dhami ने कहा कि Congress हर मुद्दे में जाति और भेदभाव खोजने की कोशिश कर रही है। BJP का कहना है कि FIR शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज हुई है। फिलहाल Rahul Gandhi के खिलाफ FIR को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। Congress ने protests जारी रखने का संकेत दिया है, जबकि मामले में आगे की कार्रवाई Uttarakhand Police की investigation और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। स्रोत – Uttarakhand Police, ANI, Aaj Tak, The Economic Times, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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हैदराबाद में BJP कार्यालय के घेराव की कोशिश; Youth Congress का जोरदार प्रदर्शन, गेट पर पोता काला रंग

हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में Congress और BJP के बीच तनाव बढ़ गया है। Telangana Youth Congress के कार्यकर्ताओं ने 31 अगस्त को हैदराबाद के Nampally स्थित BJP state headquarters का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने BJP और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, कार्यालय के एक गेट पर काला रंग पोता और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का पुतला जलाया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। Mallikarjun Kharge से जुड़े विवाद पर भड़का प्रदर्शन Youth Congress का मुख्य विरोध Uttarakhand के Haldwani में Congress president Mallikarjun Kharge की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर था। Congress ने इस घटना को Kharge के अपमान और caste discrimination से जोड़ते हुए BJP-RSS पर निशाना साधा है। दूसरी ओर Uttarakhand के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने BJP की भूमिका से इनकार करते हुए Congress पर मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। Students पर Pellet Gun के इस्तेमाल का भी विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व Telangana Youth Congress president Jakkidi Shiva Charan Reddy ने किया। प्रदर्शनकारियों ने हालिया student protests के दौरान कथित pellet-gun use का भी विरोध किया और Union Home Minister Amit Shah के इस्तीफे की मांग की। कार्यकर्ता BJP office की ओर बढ़े और कुछ प्रदर्शनकारी उसके gate तक पहुंच गए। इसी दौरान gate पर black paint लगाया गया और बाहर Amit Shah का effigy जलाया गया। Police ने कई Youth Congress कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने BJP headquarters के भीतर जाने की कोशिश की, जिसके बाद police ने उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कई protesters को हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए गए नेताओं में Youth Congress state president Jakkidi Shiva Charan Reddy भी शामिल थे। BJP ने Police पर उठाए सवाल केंद्रीय गृह राज्य मंत्री Bandi Sanjay Kumar ने घटना की निंदा करते हुए Telangana Police पर प्रदर्शनकारियों को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे intelligence failure बताते हुए police leadership से जवाब मांगा और Congress से माफी की मांग की। ये BJP के आरोप हैं; Telangana Police की ओर से इन आरोपों को स्वीकार करने वाली कोई पुष्टि उपलब्ध reports में नहीं है। Hyderabad से Nalgonda तक पहुंचा राजनीतिक टकराव Hyderabad की घटना के बाद तनाव Nalgonda तक फैल गया। BJP कार्यकर्ताओं ने Telangana minister Komatireddy Venkat Reddy के camp office के बाहर प्रदर्शन किया, उनके effigy और banners को नुकसान पहुंचाया तथा eggs और tomatoes फेंके जाने की reports सामने आईं। इसके बाद Congress workers पर BJP district president Nagam Varshith Reddy के office और residence पर हमला तथा vandalism करने के आरोप लगे। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के बाद police deployment बढ़ाया गया। 1 September को BJP State Chief House Arrest मामले में आज, 1 सितंबर 2026, नई development सामने आई। Telangana BJP president N Ramchander Rao को Nalgonda जाने से पहले police ने house arrest कर दिया। Police ने संभावित law-and-order situation को इसकी वजह बताया, जबकि Rao ने आरोप लगाया कि Congress government उन्हें अपने party leader से मिलने से रोक रही है। इस तरह 31 अगस्त को Hyderabad में शुरू हुआ BJP-Congress confrontation अब Telangana में बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। स्रोत – The New Indian Express, Times of India, PTI, The South First जय राष्ट्र न्यूज़

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हाथों में संविधान लेकर माता-पिता के लिए न्याय मांग रहे 6 वर्षीय आदित्य; Pappu Yadav के आश्वासन पर खत्म किया धरना

पटना: बिहार की राजधानी पटना में महज 6 साल के आदित्य कुमार अपने माता-पिता के साथ कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ न्याय की मांग को लेकर चर्चा में हैं। पहली कक्षा में पढ़ने वाले आदित्य 30 अगस्त से गर्दनीबाग धरना स्थल पर हाथ में संविधान की प्रति लेकर बैठे थे। उनका आरोप है कि 25 अगस्त को छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने उनके माता-पिता के साथ थाने में मारपीट की। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। मामले में आज, 1 सितंबर 2026, नया मोड़ आया है। Purnia MP Pappu Yadav के न्याय दिलाने और जरूरत पड़ने पर मामला Supreme Court तक ले जाने के आश्वासन के बाद आदित्य ने अपना धरना समाप्त कर दिया। 25 अगस्त के Student Protest से जुड़ा मामला आदित्य 25 अगस्त को Patna में BPSC और TRE-4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आए थे। प्रदर्शनकारी Teacher Recruitment Examination में single-tier examination समेत कई मांगों को लेकर मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के आवास की ओर मार्च कर रहे थे। आदित्य अपने माता-पिता के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि इसी दौरान पुलिस उन्हें अपने साथ थाने ले गई। माता-पिता से मारपीट का आरोप आदित्य और उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें कई घंटों तक माता-पिता से अलग रखा गया और थाने में उनके माता-पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आदित्य ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष या न्यायिक जांच हो और जिन पुलिसकर्मियों पर उनके माता-पिता के साथ मारपीट का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ये फिलहाल आदित्य और उनके परिवार के आरोप हैं और स्वतंत्र जांच में साबित होना बाकी है। Police ने आरोपों से किया इनकार Patna Police ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। Police का कहना है कि तनावपूर्ण प्रदर्शन और भीड़ के बीच बच्चे को उसकी सुरक्षा के लिए थाने लाया गया था और बाद में उसकी मां को सौंप दिया गया। Police ने गिरफ्तारी और माता-पिता से मारपीट के आरोपों से भी इनकार किया है। ऐसे में घटना को लेकर परिवार और Police के versions अलग-अलग हैं। हाथ में संविधान लेकर धरने पर बैठे आदित्य 30 अगस्त को आदित्य Patna के Gardanibagh protest site पर धरने पर बैठ गए। उनकी तस्वीरों और videos में वह हाथ में भारतीय संविधान की प्रति लिए दिखाई दिए। आदित्य ने सवाल उठाया कि क्या विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से किसी बच्चे के माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता के लिए न्याय चाहते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने Prime Minister Narendra Modi से मिलने की इच्छा भी जताई थी। DGP से भी मिले थे आदित्य धरना शुरू करने से पहले आदित्य अपने परिवार के साथ Bihar के DGP Vinay Kumar से मिले थे और अपनी मांगों से जुड़ा आवेदन सौंपा था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए परिवार ने Gardanibagh में धरना शुरू किया। आदित्य ने कहा था कि न्याय मिलने तक उनका विरोध जारी रहेगा। Pappu Yadav पहुंचे, खत्म हुआ धरना 31 अगस्त की रात Purnia MP Pappu Yadav Gardanibagh धरना स्थल पहुंचे और आदित्य तथा उनके परिवार से मुलाकात की। Pappu Yadav ने परिवार को कानूनी मदद देने का भरोसा दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले को Supreme Court तक ले जाया जाएगा। इसके बाद आदित्य ने दो दिनों से चल रहा अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की। आदित्य ने कहा कि धरना खत्म करना उनकी हार नहीं है और न्याय की लड़ाई अब court में जारी रहेगी। 1 September की Latest Situation आज 1 सितंबर 2026 तक स्थिति यह है: इसलिए आज के लिए सबसे accurate headline होगी: हाथों में संविधान लेकर माता-पिता के लिए न्याय मांग रहे 6 वर्षीय आदित्य; Pappu Yadav के आश्वासन पर खत्म किया धरना नोट: माता-पिता के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने की बात परिवार का आरोप है। Patna Police इन आरोपों से इनकार कर चुकी है, इसलिए इसे established fact के रूप में नहीं लिखना चाहिए। स्रोत – PTI, Navbharat Times, ABP News, ThePrint जय राष्ट्र न्यूज़

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