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उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव बढ़ा, सीमा के पास North Korean howitzers देखे गए

सियोल: उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दक्षिण कोरिया की सीमा के पास उत्तर कोरिया के तीन self-propelled 122-mm howitzers देखे गए हैं, जिनकी बंदूकें दक्षिण की ओर थीं। Reuters के मुताबिक यह तैनाती Demilitarised Zone (DMZ) के पास स्पष्ट रूप से दिखाई दी और इसे उत्तर कोरिया की ओर से एक खुली सैन्य चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।

सीमा के पास दिखाई दिए तीन howitzers

दक्षिण कोरिया के Gimpo स्थित एक observatory से सीमा की ओर देखने पर तीन North Korean armoured vehicles दिखाई दिए। दक्षिण कोरियाई मीडिया ने इन्हें M-1981 122-mm self-propelled howitzers के रूप में पहचाना है। इनकी अनुमानित मारक क्षमता करीब 24 किलोमीटर बताई जा रही है।

बंदूकों का रुख दक्षिण कोरिया की ओर

Reuters के प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार तीनों artillery vehicles की gun barrels दक्षिण दिशा की ओर थीं। इसी दौरान करीब 20 से 30 North Korean soldiers DMZ के अंदर fencing का काम करते हुए भी दिखाई दिए।

इतनी खुली तैनाती क्यों है महत्वपूर्ण?

विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर कोरिया आमतौर पर अपनी artillery को इस तरह खुले तौर पर प्रदर्शित नहीं करता। इसलिए सीमा के इतने पास इन हथियारों को साफ दिखाई देने वाली जगह पर रखना एक show of force या राजनीतिक-सैन्य संदेश माना जा रहा है। हालांकि दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि ये हथियार कोई नई प्रणाली नहीं हैं।

सितंबर की landmine घटना के बाद बढ़ा तनाव

दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव की बड़ी वजह 21 सितंबर की landmine explosion भी है, जिसमें तीन दक्षिण कोरियाई सैनिक घायल हुए थे। दक्षिण कोरिया का कहना है कि बारूदी सुरंग उत्तर कोरिया ने लगाई थी, जबकि Pyongyang इस आरोप को खारिज करता है।

मामला UN Security Council तक पहुंचा

उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि दक्षिण कोरिया landmine घटना को गलत तरीके से पेश कर रहा है और उसके सीमा निर्माण कार्यों को सैन्य घुसपैठ के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया का कहना है कि North Korean troops ने Armistice Agreement का उल्लंघन किया।

दक्षिण कोरिया ने बातचीत का प्रस्ताव दिया

तनाव कम करने के लिए दक्षिण कोरिया ने हाल ही में उत्तर कोरिया को military talks का प्रस्ताव दिया था। इसका उद्देश्य सीमा रेखा से जुड़े विवादों को स्पष्ट करना, military communication channels बहाल करना और किसी accidental clash को रोकना है। फिलहाल उत्तर कोरिया ने बातचीत के लिए सकारात्मक संकेत नहीं दिए हैं।

प्रचार लाउडस्पीकर फिर शुरू करने की धमकी

उत्तर कोरिया ने सीमा पर anti-South propaganda loudspeakers को दोबारा सक्रिय करने की भी धमकी दी है। इसके साथ ही उसने unspecified countermeasures को alert पर रखने की बात कही है, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव और बढ़ गया है।

क्या युद्ध का खतरा बढ़ गया है?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी से किसी तुरंत बड़े सैन्य संघर्ष की पुष्टि नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार howitzers की तैनाती मुख्य रूप से शक्ति प्रदर्शन हो सकती है, लेकिन 1953 से technically युद्ध की स्थिति पूरी तरह खत्म न होने और सीमा पर लगातार सैन्य गतिविधियों के कारण किसी गलत अनुमान या accidental clash का जोखिम बना हुआ है।

स्रोत – Reuters, Associated Press, Yonhap, Hindustan Times

जय राष्ट्र न्यूज़

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