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उत्तराखंड: शीतकाल के लिए बंद हुए भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, अब 6 महीने गोपेश्वर में होंगे दर्शन

चमोली, 20 अक्टूबर 2026: उत्तराखंड के पंचकेदारों में शामिल चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बंद कर दिए गए हैं। अब अगले करीब छह महीने तक श्रद्धालु भगवान रुद्रनाथ के दर्शन गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में कर सकेंगे। कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंच गई है।

17 अक्टूबर को बंद हुए मंदिर के कपाट

रुद्रनाथ धाम के कपाट 17 अक्टूबर की शाम विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, श्रृंगार और रुद्री पाठ के बाद बंद किए गए। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, शीतकाल शुरू होने से पहले मंदिर में विशेष अनुष्ठान किए गए और भगवान को विधिवत विदाई दी गई।

19 अक्टूबर को गोपेश्वर पहुंची उत्सव डोली

कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली ने शीतकालीन प्रवास के लिए यात्रा शुरू की। इस दौरान डोली देवलधार स्थित ज्वाला मंदिर में रुकी। इसके बाद 19 अक्टूबर को वह गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर पहुंची, जहां विशेष पूजा-अर्चना के बाद भगवान रुद्रनाथ को उनके शीतकालीन गद्दीस्थल पर विराजमान किया गया।

अब छह महीने गोपीनाथ मंदिर में होंगे दर्शन

शीतकाल के दौरान रुद्रनाथ धाम के ऊंचाई वाले क्षेत्र में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। इस अवधि में श्रद्धालु गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में भगवान रुद्रनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। यह व्यवस्था अगले यात्रा सीजन तक जारी रहेगी।

रुद्रनाथ धाम क्यों है खास?

रुद्रनाथ धाम समुद्र तल से लगभग 11,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। पंचकेदारों में शामिल इस मंदिर में भगवान शिव के मुख स्वरूप की पूजा की जाती है। यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन पहाड़ी रास्तों पर लंबी पैदल यात्रा करनी पड़ती है। इसी वजह से रुद्रनाथ यात्रा को पंचकेदारों के प्रमुख और चुनौतीपूर्ण धार्मिक पड़ावों में गिना जाता है।

शीतकाल में गोपेश्वर में होगी पूजा-अर्चना

धार्मिक परंपरा के अनुसार, अगले लगभग छह महीने भगवान रुद्रनाथ की नियमित पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में होगी। अगले यात्रा सीजन में मौसम और परंपराओं के अनुसार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाएंगे। इससे श्रद्धालु शीतकाल के दौरान भी भगवान के दर्शन और पूजा कर सकेंगे।

स्रोत: अमर उजाला, दैनिक जागरण और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स

जय राष्ट्र न्यूज़

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