नई दिल्ली, 20 अक्टूबर 2026: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस की एक पुरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो साझा कर सवाल उठाए हैं। इस क्लिप में एक DCP गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को कथित तौर पर “साहब” कहते सुनाई देते हैं। दीपके ने इस टिप्पणी को कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार से जोड़ते हुए कथित दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए हैं।
अभिजीत दीपके ने क्या सवाल उठाए?
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सवाल किया कि एक कुख्यात गैंगस्टर के लिए सम्मानसूचक शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर सख्ती बरती जाती है। उन्होंने पुलिस की भाषा और व्यवहार में इस अंतर को लेकर सवाल उठाए।
दिल्ली पुलिस ने क्या सफाई दी?
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा वीडियो एक साल से भी अधिक पुराना है। पुलिस के मुताबिक, DCP के मुंह से लॉरेंस बिश्नोई के नाम के साथ “साहब” शब्द निकलना केवल जुबान फिसलने का मामला था। पुलिस ने इस टिप्पणी को किसी विशेष सम्मान या तरजीही व्यवहार के तौर पर देखे जाने से इनकार किया।
पुराना वीडियो अब क्यों चर्चा में है?
टाइगर श्रॉफ के वाहन पर कथित गोलीबारी के मामले के बाद लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हुई है। इसी बीच दीपके द्वारा पुराना वीडियो साझा किए जाने के बाद पुलिस की भाषा और उसके व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई।
साबरमती जेल में बंद है लॉरेंस बिश्नोई
लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामलों में आरोप हैं। उसके कथित गिरोह के नेटवर्क को लेकर विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियां भी जांच करती रही हैं।
पुलिस के व्यवहार को लेकर फिर उठी बहस
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब CJP और दिल्ली पुलिस के बीच हालिया विरोध प्रदर्शनों को लेकर भी तनाव की खबरें सामने आई हैं। अभिजीत दीपके को हाल ही में कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर भी सामने आई थी।
फिलहाल, इस मामले में दीपके की आलोचना और दिल्ली पुलिस की सफाई दोनों चर्चा में हैं। वीडियो में इस्तेमाल किए गए शब्द को लेकर उठे सवालों के बीच पुलिस ने इसे पुरानी रिकॉर्डिंग और जुबान फिसलने की घटना बताया है।
स्रोत: द टाइम्स ऑफ इंडिया, द इंडियन एक्सप्रेस
जय राष्ट्र न्यूज़

