देवास थाना प्रभारी हत्याकांड: दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, अवैध शराब की तस्करी रोकने के दौरान गई थी जान
देवास, 4 नवंबर 2026: मध्य प्रदेश के देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की मौत के मामले में गिरफ्तार दो आरोपी पुलिस के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में घायल हो गए। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने हिरासत से भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। क्या है पूरा मामला? सोमवार, 2 नवंबर को थाना प्रभारी दिलीप पुरी अपनी टीम के साथ इंदौर-बैतूल राजमार्ग पर अवैध शराब की तस्करी रोकने पहुंचे थे। पुलिस को गुजरात भेजी जा रही 1,800 लीटर से अधिक अवैध शराब की सूचना मिली थी। इसी दौरान एक ट्रक को रोककर चालक से पूछताछ करने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक चालक ने भागने के प्रयास में ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ा दिया। इस दौरान ट्रक का पिछला पहिया थाना प्रभारी के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौत हो गई। मुख्य आरोपी गजेंद्र रावत को लगी गोली पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के अनुसार मुख्य आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत (28) को आलीराजपुर जिले से पकड़ा गया। उसे देवास लाते समय बरोठा थाना क्षेत्र में उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मी की रिवॉल्वर छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने गोलीबारी की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। घायल गजेंद्र को बेहतर इलाज के लिए इंदौर भेजा गया। दूसरा आरोपी धीरज भी घायल इस मामले में गिरफ्तार दूसरे आरोपी धीरज ने भी कथित तौर पर देवास के बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र में हिरासत से भागने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। धीरज को देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच जारी देवास पुलिस मामले में अवैध शराब की तस्करी से जुड़े नेटवर्क और थाना प्रभारी की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस मुठभेड़ के बारे में दी गई जानकारी अधिकारियों के बयान पर आधारित है। दोनों आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। स्रोत: पीटीआई, देवास पुलिस, एनडीटीवी, द प्रिंट, एबीपी न्यूज़। जय राष्ट्र न्यूज़

