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दिमागी नक्सल’ बयान पर सियासी घमासान, पी. चिदंबरम के पलटवार पर किरेन रिजिजू का जवाब

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर BJP और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने पीएम मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सफाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था। लाल किले से पीएम मोदी ने क्या कहा? 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश ने हथियारबंद नक्सलवाद को काफी हद तक खत्म किया है, लेकिन ऐसी विचारधाराओं से जुड़े लोग अब भी अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने देश को ऐसे ‘दिमागी नक्सलियों’ से सावधान रहने की बात कही। पीएम के इस बयान के बाद विपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या यह टिप्पणी सरकार की आलोचना करने वाले विपक्षी नेताओं और असहमति की आवाजों को निशाना बनाने के लिए की गई थी। चिदंबरम का तीखा पलटवार कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ होने पर गर्व है। उनके बयान के बाद कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक बहस और तेज हो गई। कांग्रेस नेताओं ने इस शब्दावली को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करने वालों को इस तरह के लेबल से जोड़ना कितना उचित है। रिजिजू ने दी सफाई केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ नहीं कहा था। रिजिजू के मुताबिक, इस शब्द का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया गया जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, संविधान को नहीं मानते या अलगाववादी विचारों तथा अनुच्छेद 370 जैसी पुरानी व्यवस्था के समर्थन में खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का निशाना राजनीतिक विरोधी नहीं, बल्कि ऐसी विचारधाराएं हैं जिन्हें सरकार देश की संवैधानिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता के लिए चुनौती मानती है। विवाद सोशल मीडिया तक पहुंचा चिदंबरम के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर बहस तेज हो गई। BJP समर्थकों ने चिदंबरम के बयान को पीएम मोदी की बात को अपने ऊपर लेने के रूप में पेश किया, जबकि विपक्षी नेताओं ने इसे सरकार की आलोचना और असहमति को दबाने वाली भाषा बताया। इसी बीच PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी रिजिजू की सफाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 का समर्थन करती हैं और इसी संदर्भ में उन्होंने खुद को ‘दिमागी नक्सल’ कहा। BJP बनाम कांग्रेस: बढ़ा राजनीतिक तापमान इस पूरे विवाद ने स्वतंत्रता दिवस के बाद BJP और कांग्रेस के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। एक ओर BJP प्रधानमंत्री के बयान को नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ वैचारिक लड़ाई के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक असहमति को निशाना बनाने वाली भाषा बता रहा है। निष्कर्ष ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पी. चिदंबरम के पलटवार और किरेन रिजिजू की सफाई के बाद और तेज हो गया है। फिलहाल राजनीतिक बहस का मुख्य सवाल यही है कि पीएम मोदी की टिप्पणी का वास्तविक निशाना कौन था और इस शब्द की राजनीतिक व्याख्या किस तरह की जाए। Source: India Today, NDTV, ABP News, PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री मोदी के तिरंगा बैज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा, रंगों के क्रम पर उठे सवाल

नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिधान पर लगे तिरंगे रंग के पॉकेट स्क्वायर/बैज को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसके रंगों के क्रम को लेकर सवाल उठाए और इसे भारतीय तिरंगे से अलग बताया। क्या है पूरा मामला? स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक पोशाक के साथ एक रंगीन पॉकेट स्क्वायर पहना था। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि इसमें हरा, सफेद और केसरिया रंग जिस क्रम में दिखाई दे रहे थे, वह भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के सामान्य क्रम से अलग था। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे आयरलैंड के झंडे से जोड़ते हुए टिप्पणियां कीं। कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर तंज कसा गया। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस प्रधानमंत्री की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों के बीच इस पॉकेट स्क्वायर को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने इसे महज फैशन और डिजाइन का हिस्सा बताया, जबकि कुछ ने राष्ट्रीय ध्वज के रंगों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। यह चर्चा ऐसे समय हुई है जब देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान जोर पकड़ रहे हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भी चर्चा में स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को उत्सव के रूप में मनाने की अपील की थी। उन्होंने देशवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता दिवस को गर्व के साथ मनाने का आह्वान किया था। ऐसे में प्रधानमंत्री के अपने परिधान पर दिखाई दिए तिरंगे रंगों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा ने राजनीतिक बहस का रूप ले लिया। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं कांग्रेस ने पॉकेट स्क्वायर के रंगों के क्रम को लेकर प्रधानमंत्री पर कटाक्ष किया और इसे आयरलैंड के झंडे से जोड़ते हुए सवाल उठाया। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस विवाद को अनावश्यक बताते हुए इसे केवल कपड़ों के डिजाइन से जुड़ा मामला बताया। निष्कर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर पहने गए तिरंगे रंग के पॉकेट स्क्वायर/बैज को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जहां कुछ लोगों ने इसके रंगों के क्रम पर सवाल उठाए, वहीं अन्य लोगों ने इसे राजनीतिक विवाद बनाने के बजाय सामान्य परिधान का हिस्सा बताया। Source: Times of India, सोशल मीडिया पोस्ट जय राष्ट्र न्यूज़

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स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में सुरक्षा कड़ी, 80वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में

नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 15 अगस्त को होने वाले राष्ट्रीय समारोहों को देखते हुए दिल्ली समेत कई राज्यों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। राजधानी दिल्ली में लाल किले के आसपास सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सख्त किया गया है। लाल किले पर फुल ड्रेस रिहर्सल स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले दिल्ली के लाल किले पर फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। रिहर्सल के दौरान सुरक्षा बलों और विभिन्न टुकड़ियों ने मुख्य समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा दिल्ली पुलिस ने राजधानी के महत्वपूर्ण स्थानों, सार्वजनिक क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। रेलवे स्टेशन, बाजार, परिवहन केंद्र और अन्य प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी की जा रही है। लाल किले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा जांच भी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं। ट्रैफिक पर भी रहेगी पाबंदी 15 अगस्त को लाल किले में होने वाले समारोह के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन और सड़क प्रतिबंध लागू रहेंगे। कुछ मार्गों पर सामान्य यातायात को सीमित किया जाएगा और बसों तथा व्यावसायिक वाहनों के संचालन में भी बदलाव रहेगा। लोगों को समारोह वाले इलाकों में जाने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी देखने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है। सुबह 4 बजे से चलेगी दिल्ली मेट्रो स्वतंत्रता दिवस के दिन यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली मेट्रो सेवाएं सुबह 4 बजे से शुरू की जाएंगी। इसका उद्देश्य विशेष मेहमानों, आम लोगों और समारोह में शामिल होने वाले लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से लाल किले और आसपास के इलाकों में कुछ प्रतिबंध लागू रहेंगे। देश के अन्य हिस्सों में भी तैयारियां तेज दिल्ली के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कई जगहों पर फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई है, जिसमें पुलिस, सुरक्षा बलों, एनसीसी और स्कूली छात्रों ने हिस्सा लिया। ओडिशा के भुवनेश्वर में भी 51 टुकड़ियों ने फुल ड्रेस रिहर्सल में भाग लिया। वहीं पंजाब और अन्य राज्यों में भी प्रशासनिक अधिकारियों ने समारोह की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। भारत-पाक सीमा पर भी चौकसी स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए भारत-पाकिस्तान सीमा से लगे इलाकों में भी सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई गई है। सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती, गश्त और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इस बार खास होगा स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 का स्वतंत्रता दिवस कई मायनों में खास है। इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लाल किले से इसे विशेष रूप से प्रस्तुत किए जाने की योजना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यानी 14 अगस्त को राष्ट्र को संबोधित करेंगी। इसकी जानकारी राष्ट्रपति सचिवालय/PIB की ओर से जारी की गई है। सुरक्षा के साथ सफाई और व्यवस्थाओं पर भी जोर लाल किले के आसपास नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी प्रशासनिक एजेंसियां सक्रिय हैं। जलभराव वाले स्थानों को ठीक करने, सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम तेज किया गया है। निष्कर्ष 80वें स्वतंत्रता दिवस के लिए देश तैयार है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। दिल्ली में लाल किले के आसपास सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी बढ़ाई गई है, जबकि देश के अलग-अलग राज्यों में भी फुल ड्रेस रिहर्सल और समारोह की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले से देश को संबोधित करेंगे और पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। Source: PIB, NDTV, Indian Express, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री मोदी आज शीर्ष अधिकारियों के साथ प्रशासनिक सुधार और Ease of Doing Business की समीक्षा करेंगे

नई दिल्ली, 30 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक सुधार (Deregulation), Ease of Doing Business, Ease of Living तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति देने के लिए चल रहे सुधारों की प्रगति की समीक्षा करना है। यह बैठक प्रधानमंत्री की हाल के महीनों में शीर्ष नौकरशाही के साथ दूसरी व्यापक समीक्षा बैठक होगी। प्रशासनिक सुधार रहेगा मुख्य एजेंडा बैठक में विभिन्न मंत्रालयों द्वारा नियमों को सरल बनाने, अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त करने और सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य नागरिकों और उद्योगों के लिए नियामकीय बोझ को कम करना है। Ease of Doing Business पर विशेष जोर प्रधानमंत्री उद्योगों के लिए कारोबारी माहौल को और बेहतर बनाने, निवेश को आकर्षित करने तथा परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को तेज करने के उपायों की समीक्षा करेंगे। विभिन्न मंत्रालय अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए सुधारों और आगामी कार्ययोजना पर प्रस्तुति देंगे। Ease of Living से जुड़े कदमों की भी समीक्षा बैठक में आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं तेजी और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराने के प्रयासों पर भी चर्चा होगी। डिजिटल सेवाओं का विस्तार, प्रक्रियाओं का सरलीकरण और विभागों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। मंत्रालयों के सचिव देंगे प्रस्तुति बैठक के दौरान प्रत्येक मंत्रालय के सचिव अपने विभाग में लागू किए गए सुधारों, नीति क्रियान्वयन और भविष्य की योजनाओं पर संक्षिप्त प्रस्तुति देंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और समयबद्ध कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे। ‘विकसित भारत 2047’ रोडमैप पर चर्चा सूत्रों के अनुसार, बैठक में सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विज़न को ध्यान में रखते हुए अगले चरण के संरचनात्मक सुधारों पर भी विचार किया जाएगा। प्रशासनिक दक्षता, निवेश, नवाचार और डिजिटल शासन को इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। AI और डिजिटल गवर्नेंस पर भी फोकस बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों की प्रगति की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है। सरकार सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तकनीकी समाधानों के व्यापक उपयोग पर जोर दे रही है। निवेशकों और उद्योग जगत की नजर उद्योग जगत और निवेशक इस बैठक पर विशेष नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि यदि बैठक के बाद नए सुधारों या नीतिगत फैसलों की घोषणा होती है, तो इससे निवेश माहौल और कारोबारी सुगमता को नई गति मिल सकती है। हालांकि किसी नए फैसले की आधिकारिक घोषणा बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी। स्रोत:प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्र सरकार के आधिकारिक सूत्र मूल रिपोर्ट:प्रधानमंत्री की 30 जून 2026 को प्रस्तावित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की तीन दिवसीय यात्रा पूरी की, ₹1,250 करोड़ की क्रेडिट लाइन और नौ द्विपक्षीय समझौतों पर बनी सहमति

विक्टोरिया (सेशेल्स), 29 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर भारत लौटने से पहले सेशेल्स के साथ रणनीतिक, आर्थिक और विकास सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ₹1,250 करोड़ की क्रेडिट लाइन तथा नौ द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, कृषि, अंतरिक्ष, समुद्री सुरक्षा, कानूनी सहयोग और बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूत करना है। ₹1,250 करोड़ की क्रेडिट लाइन की घोषणा भारत ने सेशेल्स के विकासात्मक परियोजनाओं के लिए ₹1,250 करोड़ की नई क्रेडिट लाइन उपलब्ध कराने की घोषणा की। इस वित्तीय सहायता का उपयोग आधारभूत ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं और अन्य प्राथमिक विकास परियोजनाओं में किया जाएगा। दोनों देशों ने इसे दीर्घकालिक विकास साझेदारी का महत्वपूर्ण कदम बताया। नौ क्षेत्रों में हुए महत्वपूर्ण समझौते यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित समझौतों में UPI डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, जन औषधि, कृषि अनुसंधान, प्रत्यर्पण संधि, समुद्री सहयोग, अंतरिक्ष क्षेत्र, क्षमता निर्माण तथा विकास सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। डिजिटल सहयोग को नई गति भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को सेशेल्स में लागू करने के लिए भी समझौता हुआ। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन, व्यापार तथा वित्तीय लेनदेन अधिक सरल और तेज़ होने की संभावना है। समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर पर जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के लिए हिंद महासागर केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि साझा सुरक्षा, समृद्धि और विकास का आधार है। उन्होंने समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, समुद्री संसाधनों के संरक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों देशों के सहयोग को और मजबूत बनाने पर बल दिया। राष्ट्रीय दिवस समारोह में बने मुख्य अतिथि यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर भारतीय सेना और नौसेना के दल ने भी परेड में हिस्सा लिया, जिसे दोनों देशों की गहरी मित्रता और रक्षा सहयोग का प्रतीक माना गया। दोनों देशों के संबंधों को मिली नई मजबूती प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और समुद्री सहयोग सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने भविष्य में साझेदारी को और व्यापक बनाने पर सहमति व्यक्त की। भविष्य की साझेदारी पर फोकस विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग की नीति को और मजबूती देती है। नए समझौतों के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी और विकास सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। स्रोत:भारत का विदेश मंत्रालय (MEA), प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) मूल रिपोर्ट:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा से संबंधित आधिकारिक जानकारी एवं राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों और सैन्य आत्मनिर्भरता पर जोर दिया

नई दिल्ली, 28 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देश की रक्षा और सुरक्षा से जुड़ी स्वदेशी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत “समुद्र से आसमान तक लगातार अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।” उन्होंने जून महीने में रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों को आत्मनिर्भर भारत अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया। स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म का किया उल्लेख प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए INS Dunagiri, INS Sanshodhak और INS Agray का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्लेटफॉर्मों का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह भारत में हुआ है। उन्होंने इसे देश की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता और स्वदेशी तकनीक का प्रमाण बताया। मेड-इन-इंडिया C-295 विमान की सराहना अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत में निर्मित C-295 सैन्य परिवहन विमान की पहली सफल उड़ान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे 40 विमानों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एयरोस्पेस उद्योग, एमएसएमई क्षेत्र और रोजगार को नई गति मिलेगी। DRDO की मिसाइल उपलब्धि का भी जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने DRDO द्वारा स्वदेशी लॉन्ग-रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) के सफल परीक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में DRDO और भारतीय उद्योगों ने मिलकर काम किया है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आत्मनिर्भर भारत को मिल रही नई मजबूती प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत नहीं करता, बल्कि उद्योग, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम कर स्वदेशी उत्पादन को लगातार बढ़ा रहा है। नागरिकों के योगदान की भी सराहना प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से संभव होती है। साथ ही उन्होंने अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच अपनाने का भी संदेश दिया। रक्षा क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक पहचान विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन, आधुनिक सैन्य तकनीक और अनुसंधान में बढ़ते निवेश से भारत की वैश्विक रक्षा क्षमता लगातार मजबूत हो रही है। इससे रक्षा निर्यात बढ़ाने और घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन मिलने की भी संभावना है। आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण पर रहेगा फोकस सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रक्षा उत्पादन, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को और गति देना है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि स्वदेशी तकनीक और भारतीय उद्योगों की भागीदारी से भारत रक्षा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। स्रोत:प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) मूल रिपोर्ट:प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड और आधिकारिक सरकारी बयानों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स में “Guardian of the Blue Horizon” सम्मान से सम्मानित किया गया

विक्टोरिया (सेशेल्स), 28 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके आधिकारिक सेशेल्स दौरे के दौरान देश के प्रतिष्ठित सम्मान “Guardian of the Blue Horizon” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने तथा विकास साझेदारी को नई दिशा देने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। राष्ट्रीय दिवस समारोह में मिला सम्मान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इसी अवसर पर सेशेल्स के राष्ट्रपति ने उन्हें “Guardian of the Blue Horizon” सम्मान प्रदान किया। समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी प्रतिनिधिमंडल और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। भारत-सेशेल्स संबंधों को नई मजबूती अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध साझा विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं समृद्धि के साझा संकल्प पर आधारित हैं। समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी पर जोर दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा सहयोग, जलवायु परिवर्तन और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। कई समझौतों पर हस्ताक्षर भारत और सेशेल्स के बीच विकास परियोजनाओं, डिजिटल सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़े कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई संभावनाओं पर भी चर्चा की। विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और क्षेत्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे भारत की ‘सागर (Security and Growth for All in the Region)’ नीति को भी नई मजबूती मिलेगी। भारत-सेशेल्स साझेदारी होगी और मजबूत दौरे के समापन पर दोनों देशों ने भविष्य में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, मत्स्य पालन और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति व्यक्त की। अधिकारियों के अनुसार यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। स्रोत:प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विदेश मंत्रालय (MEA), सेशेल्स सरकार मूल रिपोर्ट:प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय एवं आधिकारिक सरकारी बयानों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सेशेल्स पहुंचे, राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होंगे और द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे

विक्टोरिया (सेशेल्स), 27 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। साथ ही दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे, जिनमें समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। समारोह में कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भी भाग ले रहे हैं। राष्ट्रपति और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। दोनों पक्ष द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठक में विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सहयोग पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर पर विशेष फोकस भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। इस यात्रा में समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा, समुद्री डकैती की रोकथाम और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती दे सकती है। व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा द्विपक्षीय वार्ताओं में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान रहेगा। दोनों देश पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, अक्षय ऊर्जा और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने पर विचार करेंगे। भारतीय कंपनियों के लिए सेशेल्स में निवेश के नए अवसरों पर भी चर्चा होने की संभावना है। विकास साझेदारी पर रहेगा जोर भारत पिछले कई वर्षों से सेशेल्स में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में सहयोग करता रहा है। इस दौरे के दौरान नई विकास परियोजनाओं और चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ाने के लिए नई पहलों पर भी विचार किया जा सकता है। भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगी नई दिशा विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और सेशेल्स के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सामरिक महत्व को देखते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग आने वाले वर्षों में और व्यापक हो सकता है। विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि यह यात्रा क्षेत्रीय स्थिरता और साझा विकास के दृष्टिकोण से भी अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की नीति के अनुरूप मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच होने वाली बैठकों और संभावित समझौतों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है। स्रोत:प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विदेश मंत्रालय (MEA) एवं आधिकारिक सरकारी जानकारी मूल रिपोर्ट:विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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