प्रमुख खबरें

राहुल गांधी का बड़ा दावा—“मोदी सरकार के 200 अधिकारी हमारे संपर्क में”, ED-CBI और विदेश मंत्रालय के अफसरों का भी किया जिक्र

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के करीब 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और अंदरूनी जानकारी साझा कर रहे हैं। राहुल गांधी के मुताबिक, इन अधिकारियों में प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और विदेश मंत्रालय से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उन्होंने यह बयान 12 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया था। राहुल गांधी ने क्या कहा? Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के करीब 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और लगातार जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अधिकारियों की ओर से नियमित रूप से संदेश और इनपुट मिल रहे हैं। हालांकि, राहुल गांधी के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अब तक कोई सार्वजनिक साक्ष्य सामने नहीं आया है। अधिकारियों की पहचान भी सार्वजनिक नहीं की गई है। ED, CBI और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का जिक्र राहुल गांधी ने कहा कि उनके संपर्क में रहने वाले अधिकारियों में Enforcement Directorate (ED), Central Bureau of Investigation (CBI) और Ministry of External Affairs (MEA) से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन अधिकारियों ने किस तरह की जानकारी साझा की है या वे किन विभागों में कार्यरत हैं। इसलिए इस दावे को फिलहाल कांग्रेस नेता के बयान के रूप में ही देखा जा रहा है। CEC और ‘वोट चोरी’ विवाद के बीच आया बयान यह बयान उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आया, जिसमें राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही थी। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर विरोध प्रदर्शनों को दबाने का आरोप भी लगाया और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए। सरकार की ओर से दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं राहुल गांधी के 200 अधिकारियों के संपर्क में होने संबंधी दावे को लेकर फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों के नाम, साझा की गई जानकारी और संपर्क की प्रकृति का विवरण भी सामने नहीं आया है। ऐसे में इस बयान को एक राजनीतिक दावा मानना जरूरी है, जिसकी पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया अहम होगी। स्रोत – The Indian Express, Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

खास खबर | NEET-UG पेपर लीक पर CBI का बड़ा खुलासा; NTA से जुड़े एक्सपर्ट्स पर आरोप

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट से परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जांच के अनुसार, पेपर लीक प्रिंटिंग प्रेस से नहीं, बल्कि NTA के लिए काम कर रहे कुछ विषय विशेषज्ञों के जरिए होने का आरोप सामने आया है। इस खुलासे के बाद NTA की परीक्षा प्रक्रिया, पेपर की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। नोट: आरोप चार्जशीट में जांच के आधार पर दर्ज हैं; मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है। #NEETUG#NEETPaperLeak#CBI#NTA#EducationNews BreakingNews JayRashtraNews

आगे और पढ़ें

CBI ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जांच में कई बड़े खुलासे

नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने देश के सबसे चर्चित NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के समक्ष 13 आरोपियों के खिलाफ लगभग 20,000 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में प्रश्नपत्र लीक करने वाले कथित नेटवर्क, मध्यस्थों, कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों की भूमिका का उल्लेख किया गया है। CBI के अनुसार आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, साक्ष्य नष्ट करने और परीक्षा प्रक्रिया से छेड़छाड़ सहित कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी ने डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की राय, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और विशेषज्ञों की रिपोर्ट को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। जांच में क्या सामने आया? CBI की जांच में यह बात सामने आई कि प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद की प्रक्रिया में पर्याप्त संस्थागत विभाजन नहीं था। एजेंसी का दावा है कि इसी प्रक्रिया की कमजोरियों का फायदा उठाकर संगठित गिरोह ने प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई और उसे परीक्षा से पहले लीक किया। जांच में कई डिजिटल डिवाइस, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन भी खंगाले गए हैं। 13 आरोपी चार्जशीट में शामिल चार्जशीट में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें कथित बिचौलिए, प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क से जुड़े लोग, एक कोचिंग संस्थान संचालक तथा कुछ विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। फिलहाल किसी वरिष्ठ NTA प्रशासनिक अधिकारी को चार्जशीट में नामजद नहीं किया गया है और एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच तथा फॉरेंसिक विश्लेषण अभी भी जारी है। फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई मामले की सुनवाई दिल्ली की विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी। अदालत ने CBI को चार्जशीट से जुड़े सभी दस्तावेज और परिशिष्ट (Annexures) जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। अगली सुनवाई में अदालत आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। देशभर में हुआ था विरोध प्रदर्शन NEET UG पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर छात्र प्रदर्शन हुए थे। अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की थी। इसी विवाद के बाद सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं में धोखाधड़ी रोकने के लिए एंटी-पेपर लीक कानून को और सख्त बनाने की दिशा में कदम उठाए। आगे क्या होगा? CBI ने संकेत दिया है कि यदि जांच के दौरान नए साक्ष्य सामने आते हैं तो पूरक चार्जशीट (Supplementary Chargesheet) भी दाखिल की जा सकती है। एजेंसी अभी भी डिजिटल साक्ष्यों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। निष्कर्ष NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की चार्जशीट जांच का सबसे बड़ा चरण मानी जा रही है। अब पूरे देश की नजर फास्ट-ट्रैक कोर्ट की कार्यवाही और इस मामले में दोषियों के खिलाफ होने वाली कानूनी कार्रवाई पर रहेगी। Source: Central Bureau of Investigation (CBI) | Press Information Bureau (PIB) | Special Fast Track Court जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »