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लक्जरी कार से ₹4 करोड़ से ज्यादा की नकदी बरामद! सीट के नीचे बने सीक्रेट चेंबर से मिले नोटों के बंडल

खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो से ₹4 करोड़ 4 लाख 50 हजार नकद बरामद किए गए थे। रकम कार की सीटों के नीचे बने एक गुप्त चेंबर में छिपाई गई थी। कार में सवार गुजरात के दो लोग नकदी से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके, जिसके बाद पुलिस ने रकम और वाहन जब्त कर आयकर विभाग को सूचना दी। यह घटना 14 अगस्त 2025 की है, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हुआ। चेकिंग के दौरान पुलिस को हुआ शक स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था के तहत खैरागढ़ पुलिस इतवारी बाजार MCP प्वाइंट पर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान महाराष्ट्र नंबर की एक स्कॉर्पियो को रोका गया। पुलिस के मुताबिक कार में बैठे लोगों के जवाब और व्यवहार संदिग्ध लगे, जिसके बाद वाहन की गहन तलाशी ली गई। सीट के नीचे बना था सीक्रेट चेंबर तलाशी के दौरान पुलिस को स्कॉर्पियो की सीटों के नीचे एक विशेष रूप से बनाया गया गुप्त खांचा मिला। जब चेंबर को खोला गया तो उसमें ₹500 के नोटों के बंडल रखे हुए थे। गिनती के बाद कुल रकम ₹4,04,50,000 निकली। पुलिस ने स्कॉर्पियो की कीमत लगभग ₹18 लाख आंकी थी। गुजरात के दो लोग थे कार में सवार पुलिस के मुताबिक कार में 36 वर्षीय पारस पटेल, निवासी वडोदरा और 30 वर्षीय अक्षय पटेल, निवासी पाटन, गुजरात सवार थे। दोनों से बरामद नकदी के स्रोत और इसे ले जाने से संबंधित कागजात मांगे गए, लेकिन वे पुलिस के सामने वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। पुलिस ने नकदी और कार की जब्त दस्तावेज नहीं मिलने पर खैरागढ़ पुलिस ने नकदी और वाहन को जब्त कर लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक BNSS की धारा 106 के तहत कार्रवाई की गई। मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी गई ताकि रकम के वास्तविक स्रोत और उसके इस्तेमाल की जांच की जा सके। क्या हवाला से जुड़ी थी रकम? मामले के सामने आने के बाद इतनी बड़ी नकदी को लेकर कई तरह के सवाल उठे। कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में इसके हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि पुलिस या आयकर विभाग की ओर से उपलब्ध शुरुआती जानकारी में यह पुष्टि नहीं की गई थी कि रकम हवाला कारोबार से ही जुड़ी थी। इसलिए इसे फिलहाल जांच का विषय ही माना जाना चाहिए। पुरानी घटना का वीडियो फिर हुआ वायरल इस मामले का वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर फिर वायरल हुआ, जिसके चलते कई यूजर्स ने इसे हाल की घटना समझा। हालांकि विश्वसनीय रिपोर्ट्स के अनुसार मूल कार्रवाई 14 अगस्त 2025 को हुई थी। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी वाहन के गुप्त चेंबर से नोटों के बंडल निकालते दिखाई देते हैं। रकम के स्रोत की जांच बनी अहम सवाल ₹4 करोड़ से ज्यादा की नकदी एक गुप्त चेंबर में रखकर ले जाने और उससे जुड़े दस्तावेज न मिलने के कारण मामले ने पुलिस और आयकर विभाग दोनों का ध्यान खींचा। फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध शुरुआती रिपोर्ट्स में इस नकदी के अंतिम मालिक या स्रोत को लेकर कोई निर्णायक आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया था। source – NDTV Madhya Pradesh-Chhattisgarh / Dainik Jagran / CG Now जय राष्ट्र न्यूज़

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