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सोनम वांगचुक के डेजर्ट फ्लावर स्कूल की गतिविधियों पर रोक, पत्नी गीतांजलि आंग्मो को प्रशासन का नोटिस; हाई कोर्ट के फैसले तक बंद रहेंगी कक्षाएं

लेह, लद्दाख, 6 नवंबर 2026: पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की संस्था से जुड़े डेजर्ट फ्लावर स्कूल को लेकर लद्दाख प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने लेह के फ्यांग स्थित स्कूल में कक्षाएं और अन्य गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया है। इस संबंध में वांगचुक की पत्नी और हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) की सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. गीतांजलि जे. आंग्मो को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यक मंजूरी के बिना स्कूल की गतिविधियां शुरू की गई थीं, जबकि संस्था से जुड़ा भूमि आवंटन विवाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

1 नवंबर को जारी किया गया प्रशासनिक नोटिस

लेह तहसीलदार कार्यालय ने 1 नवंबर 2026 को डॉ. गीतांजलि आंग्मो के नाम नोटिस जारी किया था।

इस नोटिस में डेजर्ट फ्लावर स्कूल की गतिविधियों को लेकर आपत्ति जताई गई है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित अधिकारियों से आवश्यक अनुमति और स्वीकृति प्राप्त किए बिना स्कूल में कक्षाएं तथा अन्य गतिविधियां शुरू की गईं।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि उच्च न्यायालय में लंबित मामले का अंतिम फैसला आने या कोई अन्य आदेश जारी होने तक स्कूल से संबंधित गतिविधियों को आगे नहीं बढ़ाया जाए।

प्रशासन ने संस्था को मौजूदा स्थिति बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।

बिना मंजूरी कक्षाएं शुरू करने का आरोप

लद्दाख प्रशासन के अनुसार, गीतांजलि आंग्मो ने 22 सितंबर 2026 को लेह के उपायुक्त को एक पत्र लिखा था।

इस पत्र में उन्होंने HIAL के अंतर्गत संचालित होने वाले डेजर्ट फ्लावर स्कूल की प्रस्तावित प्रबंधन समिति के सदस्यों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) या आवश्यक मंजूरी देने का अनुरोध किया था।

हालांकि प्रशासन का दावा है कि आवश्यक स्वीकृति मिलने से पहले ही स्कूल में पढ़ाई और अन्य गतिविधियां शुरू कर दी गईं।

इसी आधार पर तहसीलदार कार्यालय ने संस्था को नोटिस भेजकर आगे की गतिविधियां रोकने का निर्देश दिया।

जमीन आवंटन विवाद हाई कोर्ट में लंबित

डेजर्ट फ्लावर स्कूल से जुड़ा विवाद हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स को आवंटित जमीन के मामले से संबंधित है।

लद्दाख प्रशासन ने अगस्त 2025 में HIAL को आवंटित लगभग 1,076 कनाल जमीन का आवंटन रद्द कर दिया था।

प्रशासन के इस फैसले को संस्था ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

फिलहाल यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

प्रशासन का कहना है कि भूमि विवाद का मामला लंबित होने के दौरान स्कूल की गतिविधियां आगे बढ़ाना कानूनी कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है।

सोनम वांगचुक और पत्नी ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है।

4 नवंबर को मीडिया से बातचीत में दोनों ने आरोप लगाया कि उनकी शैक्षणिक संस्था को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।

वांगचुक ने इस कार्रवाई को उत्पीड़न का हिस्सा बताया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

गीतांजलि आंग्मो ने दावा किया कि स्कूल के पंजीकरण और आवश्यक मंजूरियों के लिए सभी दस्तावेज जमा किए गए थे, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया में देरी हुई।

उन्होंने नोटिस के आधार को भी गलत बताया।

हालांकि प्रशासन ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि आवश्यक मंजूरी के बिना गतिविधियां शुरू नहीं की जा सकतीं।

स्कूल में इस वर्ष 50 छात्रों का दाखिला

सोनम वांगचुक और गीतांजलि आंग्मो के अनुसार, डेजर्ट फ्लावर स्कूल में इस वर्ष लगभग 50 विद्यार्थियों का नामांकन किया गया है।

स्कूल को HIAL परिसर की एक इमारत में शुरू किया गया है।

इस शैक्षणिक पहल का उद्देश्य स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना और हिमालयी क्षेत्र की जरूरतों से जुड़ी शिक्षण व्यवस्था विकसित करना बताया गया है।

वांगचुक और आंग्मो का कहना है कि वे बच्चों को बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं और इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करने का प्रयास कर रहे हैं।

क्या है हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स?

हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) एक शैक्षणिक और अनुसंधान आधारित पहल है।

इस संस्था की स्थापना में सोनम वांगचुक और गीतांजलि आंग्मो की प्रमुख भूमिका रही है।

HIAL का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों की पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से संबंधित शिक्षा तथा अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

संस्था स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार, टिकाऊ विकास और वैकल्पिक शिक्षा पद्धतियों पर काम करने के लिए जानी जाती है।

डेजर्ट फ्लावर स्कूल इसी शैक्षणिक व्यवस्था का हिस्सा है।

प्रशासन ने यथास्थिति बनाए रखने का दिया निर्देश

लेह तहसीलदार कार्यालय ने नोटिस में कहा है कि संस्था ऐसा कोई कदम न उठाए, जिससे उच्च न्यायालय में लंबित मामले की कार्यवाही प्रभावित हो।

इसका मतलब है कि अदालत के अंतिम निर्णय या अगले निर्देश तक स्कूल के संचालन और गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर प्रशासनिक रोक लागू रहेगी।

फिलहाल यह स्थायी बंदी का आदेश नहीं है, बल्कि लंबित कानूनी मामले और आवश्यक मंजूरियों से जुड़ा प्रशासनिक निर्देश है।

स्कूल की गतिविधियां दोबारा कब शुरू होंगी, यह न्यायालय के आदेश और संबंधित प्रशासनिक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

लद्दाख में शिक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बहस

डेजर्ट फ्लावर स्कूल को जारी नोटिस के बाद लद्दाख में शैक्षणिक संस्थाओं के संचालन और प्रशासनिक अनुमति की प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

एक ओर प्रशासन का कहना है कि आवश्यक कानूनी मंजूरियों और न्यायालय में लंबित मामले को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है।

दूसरी ओर, सोनम वांगचुक और गीतांजलि आंग्मो ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक देरी के कारण उनके शैक्षणिक प्रयास प्रभावित हो रहे हैं।

इस मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं और अंतिम कानूनी स्थिति न्यायालय की कार्यवाही से स्पष्ट होगी।

हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार

डेजर्ट फ्लावर स्कूल की गतिविधियों पर लगी रोक फिलहाल जारी है।

प्रशासन ने संस्था को निर्देश दिया है कि वह अदालत के निर्णय या अगले आदेश तक स्कूल के संचालन से संबंधित कोई नई गतिविधि शुरू न करे।

वहीं, सोनम वांगचुक और गीतांजलि आंग्मो ने अपनी शैक्षणिक पहल का बचाव करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

अब यह देखना होगा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय में लंबित मामले में क्या फैसला आता है और स्कूल के संचालन को लेकर आगे क्या निर्देश जारी किए जाते हैं।

स्रोत: प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI), दैनिक जागरण, इंडिया टुडे, द ट्रिब्यून, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, मनीकंट्रोल।

जय राष्ट्र न्यूज़

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