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नई दिल्ली | जंतर-मंतर पर छात्रों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी, प्रदर्शनकारियों में नाराजगी!

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार 700 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने डिटेन किया, जिनमें AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और AAP के कुछ नेता भी शामिल हैं। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और बड़े स्तर पर पुलिस कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी गई। सुबह से ही जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा 2 अक्टूबर की सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस के साथ Central Armed Police Forces के जवान भी तैनात किए गए और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। पुलिस को हजारों लोगों के प्रदर्शन में पहुंचने की संभावना थी। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा Special Intensive Revision यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवाल थे। 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने की रिपोर्ट दिन बढ़ने के साथ पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लेना शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया। इनमें छात्र नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और कई राजनीतिक चेहरे शामिल रहे। AISA की नेहा बोरा भी हिरासत में All India Students’ Association यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल रहीं। AISA और अन्य संगठनों ने SIR तथा चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। AAP नेताओं को भी पुलिस ने डिटेन किया AAP नेता सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। सौरभ भारद्वाज ने पुलिस वैन से जारी एक वीडियो में लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की और दावा किया कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। यह उनका राजनीतिक दावा है। कई मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के entry और exit gates बंद किए गए। रिपोर्टों के अनुसार 11 मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही सीमित की गई, जबकि Rajiv Chowk, Central Secretariat और कुछ अन्य interchange stations पर ट्रेन बदलने की सुविधा जारी रही। ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने Connaught Place, Parliament Street, Tolstoy Marg और जंतर-मंतर के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए। लोगों को इन इलाकों से बचकर वैकल्पिक मार्ग इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। प्रदर्शनकारियों में नाराजगी हिरासत और प्रतिबंधों के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। आयोजकों का कहना है कि लोकतांत्रिक मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध उनका अधिकार है, जबकि पुलिस प्रशासन का तर्क है कि अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई की गई। SIR बना प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के Special Intensive Revision और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कई विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। चुनाव आयोग और सरकार इन आरोपों से सहमत नहीं हैं। दिल्ली में पूरे दिन तनावपूर्ण माहौल जंतर-मंतर और आसपास पूरे दिन भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी, मेट्रो स्टेशन बंद होने और यातायात प्रतिबंधों के कारण मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई। source – The Times of India / The Indian Express / Hindustan Times / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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SIR विवाद पर INDIA गठबंधन का बड़ा ऐलान, 2 अक्टूबर से देशव्यापी प्रदर्शन; 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च

नई दिल्ली: मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। गठबंधन ने 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘Save Democracy’ अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत जिला स्तर पर प्रदर्शन होंगे और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद दिल्ली में चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे। 2 अक्टूबर से शुरू होगा देशव्यापी अभियान INDIA गठबंधन ने तय किया है कि 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक अलग-अलग राज्यों और जिलों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे और विपक्षी दल SIR प्रक्रिया तथा चुनाव आयोग के हालिया फैसलों को लेकर अपनी आपत्तियां जनता के बीच ले जाएंगे। 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च आंदोलन के सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक 6 अक्टूबर को दिल्ली में होगा। INDIA गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करेंगे और SIR प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को आयोग के सामने उठाएंगे। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं। SIR को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल INDIA गठबंधन का आरोप है कि Special Intensive Revision की प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाने और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता की कमी रही है। विपक्ष ने हाल में सामने आई उन रिपोर्टों का भी उल्लेख किया है जिनमें दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो सदस्यों ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग की ओर से विपक्ष के इन राजनीतिक आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है। INDIA गठबंधन ने रखीं छह प्रमुख मांगें बैठक के बाद विपक्षी दलों ने छह प्रमुख मांगों और आगे की राजनीतिक रणनीति की घोषणा की। इनमें SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग, चुनाव आयोग के सामने विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने की योजना भी शामिल है। राष्ट्रपति से मिलने की भी तैयारी INDIA गठबंधन के नेताओं ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगने की बात कही है। विपक्षी नेता चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े अपने सवाल राष्ट्रपति के सामने रखने की योजना बना रहे हैं। राहुल गांधी ने विपक्षी एकता पर दिया जोर बैठक के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि INDIA गठबंधन के नेता मिलकर चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे। उन्होंने विपक्ष की इस लड़ाई को किसी एक नेता या दल के बजाय लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताया। यह विपक्ष का राजनीतिक पक्ष है और इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं तथा सत्तारूढ़ पक्ष की अलग प्रतिक्रिया रही है। ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर साधा निशाना पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी SIR को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। BJP ने विपक्ष के अभियान पर किया पलटवार INDIA गठबंधन की घोषणा के बाद BJP नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और आंदोलन को राजनीतिक बताया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के ‘Save Democracy’ अभियान पर कटाक्ष करते हुए इसे राजनीतिक परिवारों को बचाने की कोशिश बताया। यह BJP का राजनीतिक जवाब है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा आंदोलन बता रहा है। अक्टूबर-नवंबर में बड़ी रैलियों की भी योजना INDIA गठबंधन सिर्फ एक सप्ताह के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा। विपक्ष ने अक्टूबर और नवंबर में अलग-अलग स्थानों पर बड़ी रैलियां आयोजित करने की भी योजना बनाई है। इन कार्यक्रमों में मतदाता सूची, SIR और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे कथित ‘vote chori’ के आरोप प्रमुख मुद्दे रहेंगे। SIR विवाद पर बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले कार्यक्रमों और 6 अक्टूबर के चुनाव आयोग मार्च के चलते SIR विवाद आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है। विपक्ष जहां मतदाता सूची में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं इस मुद्दे पर लगाए गए आरोपों की सत्यता और कानूनी स्थिति संबंधित संस्थाओं तथा अदालतों की प्रक्रिया से तय होगी। source – Reuters / India Today / The Statesman / The Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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