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India Forex Reserves में बड़ी बढ़ोतरी, एक सप्ताह में $9 Billion से ज्यादा का उछाल

नई दिल्ली: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 14 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का Forex Reserve बढ़कर करीब 716.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। एक सप्ताह के भीतर इसमें करीब 10 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है और विदेशी मुद्रा भंडार अब लगभग छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रुपये पर दबाव को लेकर चिंता बनी हुई है। Forex Reserve बढ़कर $716.9 Billion रिपोर्ट के मुताबिक 14 अगस्त तक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 716.9 अरब डॉलर हो गया। पिछले सप्ताह की तुलना में इसमें लगभग 10 अरब डॉलर का उछाल देखने को मिला। इस बढ़ोतरी के पीछे विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों यानी Foreign Currency Assets (FCA) और सोने के भंडार में हुई वृद्धि की बड़ी भूमिका रही। विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की आर्थिक मजबूती के महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक माना जाता है। इसका इस्तेमाल विदेशी भुगतान, आयात और मुद्रा बाजार में जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप के लिए किया जा सकता है। Foreign Currency Assets में $7.2 Billion की बढ़ोतरी भारत के Forex Reserve का सबसे बड़ा हिस्सा Foreign Currency Assets होता है। ताजा आंकड़ों में FCA में करीब 7.2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। FCA में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी दूसरी प्रमुख मुद्राओं में रखी गई परिसंपत्तियां भी शामिल होती हैं। अलग-अलग मुद्राओं की कीमत में बदलाव होने के कारण डॉलर में व्यक्त किए जाने वाले FCA के मूल्य में भी उतार-चढ़ाव हो सकता है। Gold Reserves ने भी दिया बड़ा योगदान विदेशी मुद्रा भंडार में इस सप्ताह आई बढ़ोतरी में सोने का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। भारत के Gold Reserves के मूल्य में करीब 2.7 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। FCA और Gold Reserves में हुई मजबूत बढ़ोतरी ने कुल Forex Reserve को छह महीने के उच्च स्तर तक पहुंचाने में मदद की। भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में Foreign Currency Assets और Gold के साथ Special Drawing Rights (SDR) तथा International Monetary Fund में भारत की Reserve Tranche Position भी शामिल होती है। 7 सप्ताह में करीब $50 Billion बढ़ा भंडार भारत के Forex Reserve में पिछले कुछ सप्ताह से लगातार मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक करीब सात सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 50 अरब डॉलर बढ़ चुका है। अब भारत का Forex Reserve अपने रिकॉर्ड स्तर के भी काफी करीब पहुंच गया है। भारत का अब तक का उच्चतम विदेशी मुद्रा भंडार करीब 728.5 अरब डॉलर रहा है, जो फरवरी 2026 में दर्ज किया गया था। मौजूदा $716.9 billion का स्तर इस रिकॉर्ड से लगभग $11.6 billion कम है। RBI के कदमों से बढ़ा विदेशी मुद्रा प्रवाह विदेशी मुद्रा भंडार में आई तेजी के पीछे Reserve Bank of India की हालिया नीतियों को भी अहम माना जा रहा है। RBI ने जून में विदेशी उधारी और विदेशी मुद्रा जमा को आकर्षक बनाने के लिए कुछ उपाय किए थे। इनमें overseas borrowings के लिए discounted hedging तथा बैंकों द्वारा विदेशी मुद्रा जमा जुटाने से जुड़े प्रोत्साहन शामिल थे। इन उपायों के जरिए 13 अगस्त तक करीब 57 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह आकर्षित होने की जानकारी सामने आई। मजबूत डॉलर inflows के बाद RBI ने विदेशी मुद्रा जमा से जुड़ी अपनी एक hedging सुविधा को तय समय से पहले समाप्त करने का फैसला भी किया है। Rupee के लिए क्यों महत्वपूर्ण है बड़ा Forex Reserve? मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार RBI को मुद्रा बाजार में रुपये की अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए ज्यादा क्षमता देता है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये पर दबाव देखा गया है। 21 अगस्त को रुपया करीब 95.69 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ और सप्ताह के दौरान लगभग 0.3 प्रतिशत कमजोर हुआ। बाजार में RBI के हस्तक्षेप ने रुपये को 96 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे जाने से रोकने में मदद की। हालांकि Forex Reserve का इस्तेमाल किसी निश्चित exchange rate को बनाए रखने की गारंटी नहीं देता, लेकिन बड़ा भंडार बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच माना जाता है। अर्थव्यवस्था के लिए क्या संकेत? Forex Reserve में लगातार बढ़ोतरी भारत की external financial position के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है। इससे देश को महंगे आयात, अंतरराष्ट्रीय भुगतान और विदेशी पूंजी के अचानक बाहर जाने जैसी परिस्थितियों से निपटने में मदद मिल सकती है। साथ ही बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार निवेशकों के बीच देश की भुगतान क्षमता और आर्थिक स्थिरता को लेकर भरोसा मजबूत करने में भी भूमिका निभाता है। फिलहाल भारत का Forex Reserve 716.9 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है और अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड के करीब है। आने वाले सप्ताहों में विदेशी निवेश प्रवाह, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और RBI की नीतियां यह तय करने में अहम होंगी कि विदेशी मुद्रा भंडार में यह तेजी आगे भी जारी रहती है या नहीं। स्रोत – रॉयटर्स, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जय राष्ट्र न्यूज़

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