नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन की कवरेज के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को विस्तृत जांच के लिए Crime Branch को भेज दिया है। 6 अक्टूबर तक मामले में FIR दर्ज नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
3 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा मामला
यह मामला 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और voter-list revision से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध किया जा रहा था।
पुलिस का कहना है कि इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई के दौरान विवाद हुआ।
तीन महिला पत्रकारों ने लगाए आरोप
प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ कथित तौर पर अनुचित शारीरिक व्यवहार और यौन उत्पीड़न हुआ।
ये आरोप अभी जांच के अधीन हैं और किसी अधिकारी की आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।
ACP विवेक भगत का नाम आया सामने
एक महिला पत्रकार की शिकायत में Connaught Place के ACP विवेक भगत का नाम सामने आया।
पत्रकार ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया। ACP या अन्य अधिकारियों के खिलाफ लगे आरोपों की जांच Crime Branch कर रही है।
Crime Branch को ट्रांसफर हुई शिकायत
Delhi Police ने कहा कि तीनों महिला पत्रकारों की शिकायतें Crime Branch को भेज दी गई हैं।
जांच टीम CCTV footage, mobile videos, eyewitness statements और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
मेडिकल जांच भी कराई गई
रिपोर्टों के मुताबिक शिकायत करने वाली महिला पत्रकारों का medical examination भी कराया गया।
इसके साथ ही पुलिस ने घटनास्थल के CCTV और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध video footage की जांच शुरू की है।
6 अक्टूबर तक FIR दर्ज नहीं
मामले में एक बड़ा सवाल यह है कि शिकायत के कई दिन बाद तक FIR दर्ज नहीं हुई थी।
महिला पत्रकार और समर्थक लगातार FIR दर्ज करने तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आरोपी ACP का promotion बना विवाद
मामला तब और चर्चा में आया जब ACP विवेक भगत को routine order में Additional DCP का current charge दिया गया।
इसके बाद आलोचना तेज हुई। बाद में दिल्ली सरकार ने बताया कि विवेक भगत ने जांच पूरी होने तक नया charge न लेने का अनुरोध किया, जिसके बाद आदेश को modify करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
Delhi Police ने कुछ आरोपों को किया खारिज
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ physical assault से जुड़े कुछ दावों को “baseless and misleading” बताया है।
पुलिस का कहना है कि महिला प्रदर्शनकारियों को female personnel द्वारा कानून के मुताबिक संभाला गया। हालांकि महिला पत्रकारों की sexual harassment complaints की अलग से Crime Branch जांच जारी है।
पत्रकारों और संगठनों ने उठाए सवाल
मामले को लेकर पत्रकार संगठनों, छात्र समूहों और राजनीतिक नेताओं ने पारदर्शी जांच की मांग की है।
उनका कहना है कि protest coverage के दौरान journalists की सुरक्षा और पुलिस accountability सुनिश्चित की जानी चाहिए।
जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी
फिलहाल सभी आरोप शिकायत और जांच के स्तर पर हैं।
Crime Branch की जांच, CCTV footage, medical evidence और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि किसी पुलिस अधिकारी के खिलाफ FIR या आगे की कानूनी कार्रवाई बनती है या नहीं।
source – The Indian Express / Hindustan Times / Delhi Police
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