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Gujarat को मिल सकता है नया Spaceport, Kodinar को ‘गुजरात का Sriharikota’ बनाने की तैयारी

अहमदाबाद: गुजरात के अंतरिक्ष क्षेत्र को आने वाले वर्षों में बड़ी बढ़त मिल सकती है। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा है कि सौराष्ट्र के कोडिनार के पास एक नए स्पेस लॉन्चिंग स्टेशन यानी Spaceport को स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। अगर परियोजना तकनीकी मूल्यांकन और अन्य जरूरी मंजूरियों के बाद आगे बढ़ती है तो कोडिनार अंतरिक्ष अभियानों के लिहाज से गुजरात का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। Ahmedabad के Space Festival में हुआ जिक्र अर्जुन मोढवाडिया ने अहमदाबाद के Science City में आयोजित तीन दिवसीय Space Festival के शुभारंभ के दौरान इस परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुजरात तेजी से आगे बढ़ रहा है और सौराष्ट्र में कोडिनार के नजदीक नया लॉन्चिंग स्टेशन स्थापित करने पर काम किया जा रहा है। गुजरात में पहले से ही Ahmedabad में IN-SPACe का मुख्यालय मौजूद है और राज्य satellite manufacturing तथा space technology से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित कर रहा है। अभी शुरुआती चरण में है परियोजना हालांकि, कोडिनार में Spaceport बनने को अभी पूरी तरह अंतिम और चालू परियोजना नहीं माना जाना चाहिए। गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह परियोजना अभी शुरुआती चरण में है। प्रस्तावित स्थल का तकनीकी आकलन और मूल्यांकन ISRO के सहयोग से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में लॉन्च के लिए जरूरी भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा, समुद्र की दिशा, बुनियादी ढांचे और अन्य तकनीकी जरूरतों का अध्ययन किया जाना शामिल है। सभी specifications तय होने के बाद ही परियोजना के अगले चरण पर काम आगे बढ़ सकेगा। Kodinar ही क्यों? कोडिनार गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में अरब सागर के तट के पास स्थित है। समुद्र तट के करीब होने के कारण यह इलाका अंतरिक्ष लॉन्चिंग गतिविधियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रॉकेट लॉन्च साइट के चयन में कई तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। समुद्र की ओर खुला क्षेत्र होने से लॉन्च के दौरान आबादी वाले क्षेत्रों पर जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। इससे पहले भी गिर और कोडिनार के बीच के तटीय इलाके को गुजरात में space-related activities के लिए संभावित क्षेत्र के रूप में देखा गया था। Sriharikota है भारत का मुख्य Spaceport फिलहाल भारत का मुख्य अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित Satish Dhawan Space Centre है। यहीं से ISRO के कई प्रमुख रॉकेट और अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किए जाते हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में भी नया लॉन्च कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। ऐसे में यदि कोडिनार की परियोजना सभी जरूरी परीक्षण और मंजूरियां हासिल कर लेती है तो यह भारत के बढ़ते space-launch infrastructure में एक और महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। Gujarat में तेजी से बढ़ रहा Space Ecosystem गुजरात पहले से ही भारत के space ecosystem में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। Ahmedabad में ISRO का Space Applications Centre (SAC) मौजूद है और IN-SPACe का मुख्यालय भी इसी शहर में है। राज्य सरकार space technology, satellite manufacturing और private space startups को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की दिशा में भी काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में 20 से अधिक startups और organisations space technology के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अहमदाबाद के पास Khoraj में space-tech के लिए विशेष क्षेत्र की भी घोषणा की गई है। Dholera में भी दिखी Private Space Sector की सक्रियता गुजरात में private space sector की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। इस साल Dholera में एक startup की ओर से sounding rocket के परीक्षण की खबर सामने आई थी। इस तरह की गतिविधियां बताती हैं कि गुजरात satellite manufacturing से आगे बढ़कर launch technology और अन्य अंतरिक्ष सेवाओं के लिए भी ecosystem तैयार करने की कोशिश कर रहा है। अगर कोडिनार परियोजना जमीन पर उतरती है तो आसपास के क्षेत्र में infrastructure, research, engineering, manufacturing और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना भी बढ़ सकती है। पहले ISRO ने दी थी अहम सफाई यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि जुलाई 2025 में ISRO ने गुजरात में किसी launch facility की साइट फाइनल होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया था। उस समय ISRO ने कहा था कि गुजरात में किसी अंतरिक्ष स्टेशन या launch facility के लिए confirmed site की घोषणा नहीं की गई थी। अब अगस्त 2026 में गुजरात सरकार के मंत्री ने कोडिनार के पास लॉन्च स्टेशन पर काम चलने की बात कही है, जबकि राज्य के अधिकारियों के अनुसार साइट का तकनीकी मूल्यांकन अभी जारी है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित और मूल्यांकनाधीन Spaceport परियोजना के रूप में देखना अधिक सही होगा। आने वाले समय में तकनीकी मूल्यांकन और आधिकारिक मंजूरियों के बाद यह साफ होगा कि कोडिनार वास्तव में भारत के अगले प्रमुख अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र के रूप में विकसित होगा या नहीं। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जय राष्ट्र न्यूज़

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