लखनऊ में आफत की बारिश, सितंबर का पुराना रिकॉर्ड टूटा! हनुमान सेतु पर 200 MM से ज्यादा वर्षा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। 26 सितंबर को हनुमान सेतु क्षेत्र में करीब 200.8 से 201.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसे स्थानीय मौसम रिकॉर्ड में सितंबर की सबसे भारी बारिश बताया गया है। वहीं अमौसी स्थित मुख्य मौसम केंद्र पर 24 घंटे में 135.8 मिमी बारिश दर्ज हुई। शहर के कई हिस्सों में जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं सामने आई हैं। हनुमान सेतु इलाके में 200 MM से ज्यादा बारिश क्षेत्रीय मौसम आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को हनुमान सेतु के आसपास 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। दैनिक जागरण ने इसे लखनऊ में सितंबर महीने के लिए मौसम विभाग के उपलब्ध रिकॉर्ड में सबसे अधिक बारिश बताया है। हालांकि शहर के अलग-अलग वर्षामापी केंद्रों पर आंकड़े अलग रहे। अमौसी मौसम केंद्र ने 135.8 मिमी और अलीगंज कंट्रोल रूम ने 152.2 मिमी बारिश दर्ज की। 2022 के बाद अमौसी में सबसे ज्यादा बारिश अमौसी स्थित लखनऊ के मुख्य मौसम केंद्र पर दर्ज 135.8 मिमी बारिश सितंबर 2022 के बाद सबसे अधिक एक-दिवसीय वर्षा रही। 16 सितंबर 2022 को यहां 160.3 मिमी बारिश दर्ज हुई थी। इस मॉनसून सीजन में भी यह लखनऊ के मुख्य मौसम केंद्र पर एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश है। शहर के कई इलाके पानी में डूबे लगातार बारिश से जानकीपुरम, आशियाना, गोमती नगर, इंदिरा नगर, हजरतगंज, अलीगंज, चारबाग, चौक और आलमबाग समेत कई इलाकों में जलभराव हुआ। कुछ स्थानों पर सड़क पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। जानकीपुरम के कुछ हिस्सों में दो फीट तक पानी जमा होने की खबर है। कई जगह सड़क धंसने और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। स्कूल-कॉलेज रहे बंद भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लखनऊ प्रशासन ने शनिवार को प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद रखने का आदेश दिया था। खराब मौसम के चलते स्कूलों के साथ कॉलेज और विश्वविद्यालयों की गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। बिजली व्यवस्था भी हुई प्रभावित तेज बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली नेटवर्क को नुकसान पहुंचा। लखनऊ समेत राज्य में बड़ी संख्या में 11 KV feeders और substations के बंद होने की सूचना मिली। UPPCL ने अधिकारियों को खराबी जल्द ठीक करने और मरम्मत टीमों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया। 25 डिग्री तक गिरा दिन का तापमान लगातार बादल और बारिश के कारण लखनऊ का अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से करीब आठ डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री दर्ज किया गया, जिसे सितंबर में पिछले करीब 12 वर्षों का सबसे कम न्यूनतम तापमान बताया गया है। बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से हुई भारी बारिश मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार भारी बारिश के पीछे बंगाल की खाड़ी से आया मौसमी सिस्टम प्रमुख कारण रहा। इस सिस्टम से बड़ी मात्रा में नमी उत्तर प्रदेश की ओर पहुंची और कई जिलों में लगातार भारी बारिश हुई। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट 27 सितंबर को भी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई। लखनऊ समेत आसपास के कई जिलों को भारी बारिश वाले क्षेत्र में रखा गया, जबकि कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया। तेज हवाएं भी चलने का अनुमान जताया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर से बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है और अक्टूबर के शुरुआती दिनों में प्रदेश से मॉनसून की वापसी की परिस्थितियां बन सकती हैं। बारिश ने ठप की रोजमर्रा की जिंदगी दो दिनों से अधिक समय तक चली बारिश ने राजधानी में ट्रैफिक, स्कूल, बिजली और रोजमर्रा की सेवाओं पर बड़ा असर डाला। कई इलाकों में लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए, जबकि कैब, डिलीवरी और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। फिलहाल प्रशासन जलभराव वाले इलाकों की निगरानी कर रहा है और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। source – India Meteorological Department / Dainik Jagran / Hindustan Times / Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

