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भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली, 10 जुलाई। देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून और लगातार हो रही भारी बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सलाह जारी की है। जलभराव और बढ़ी हुई नमी के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार तथा दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बारिश के बाद बढ़ता है संक्रमण का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं दूषित पेयजल और खराब स्वच्छता के कारण डायरिया, टाइफाइड, हैजा और अन्य जलजनित संक्रमण भी तेजी से फैल सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सलाह स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से निम्न सावधानियां अपनाने की अपील की है— बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है। अस्पतालों को भी किया गया सतर्क कई राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। IMD की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी तट और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका स्वच्छता बनाए रखना और मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। समय पर सावधानी बरतने से डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी संक्रमणों के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है। नागरिकों से अपील स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट घरेलू उपचारों पर भरोसा न करें। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लें और आवश्यकता होने पर जांच अवश्य कराएं। स्रोत:केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC), भारतीय मौसम विभाग (IMD) तथा संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभाग। मूल रिपोर्ट:10 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह, मौसम बुलेटिन और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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बारिश के मौसम में डेंगू और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

नई दिल्ली, 9 जुलाई। देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डेंगू, वायरल बुखार और अन्य मौसमी संक्रमणों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना रही है, जिससे डेंगू के मामलों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है। बारिश के मौसम में क्यों बढ़ता है खतरा? विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान घरों, छतों, कूलरों, गमलों, टायरों और खुले बर्तनों में जमा पानी एडीज़ (Aedes) मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। यही मच्छर डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वहीं मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमण भी तेजी से फैल सकते हैं। डेंगू के प्रमुख लक्षण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के सामान्य लक्षणों में— यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता है। वायरल संक्रमण से कैसे बचें? स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी है— बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों में आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए और बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। अस्पतालों को किया गया सतर्क कई राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीजों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। डेंगू जांच, आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अफवाहों से बचने की अपील स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट घरेलू उपचारों या भ्रामक सलाह पर भरोसा न करें। डेंगू का संदेह होने पर केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह लें और आवश्यकता पड़ने पर रक्त जांच अवश्य कराएं। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। यदि नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर स्वच्छता अभियान चलाएं और जलभराव को रोकें, तो डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है। स्रोत:केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) तथा विभिन्न राज्य स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह। मूल रिपोर्ट:9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD का अलर्ट: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

नई दिल्ली, 6 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR सहित देश के कई राज्यों में आज से भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। नागरिकों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR के अलावा उत्तर भारत, मध्य भारत और कुछ पूर्वी राज्यों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज हो सकती है। कई स्थानों पर तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील मार्गों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। बारिश के दौरान स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की भी अपील की गई है। यातायात पर पड़ सकता है असर भारी बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। जलभराव, कम दृश्यता और फिसलन के चलते वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने तथा यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग ने किसानों से स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और कृषि कार्य मौसम की परिस्थितियों के अनुसार करने की अपील की है। जहां भारी वर्षा की संभावना हो, वहां फसलों की सुरक्षा और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। आगे की राह IMD अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम की स्थिति की लगातार निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर नए अपडेट जारी करेगा। नागरिकों से केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन से संबंधित सार्वजनिक जानकारी एवं आधिकारिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम अपडेट और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई एडवाइजरी जारी की

नई दिल्ली, 4 जुलाई। मानसून के सक्रिय होने के साथ ही देश के कई हिस्सों में डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों के मामलों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नई सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने, मच्छरों के प्रजनन को रोकने और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने की अपील की गई है। मच्छरों से बचाव पर विशेष जोर स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि रुका हुआ पानी डेंगू फैलाने वाले एडीज और मलेरिया फैलाने वाले एनोफिलीज़ मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बनता है। पानी की टंकियों, कूलर, गमलों और अन्य पात्रों की नियमित सफाई करने की भी सलाह दी गई है। स्वच्छ पेयजल का करें उपयोग बारिश के मौसम में दूषित पानी के कारण हैजा, टाइफाइड, दस्त और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने उबला हुआ या सुरक्षित पेयजल पीने, भोजन को ढककर रखने और हाथों की नियमित सफाई करने की सलाह दी है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें विशेषज्ञों के अनुसार तेज बुखार, शरीर में दर्द, लगातार उल्टी, दस्त, अत्यधिक कमजोरी या प्लेटलेट्स में गिरावट जैसे लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। बच्चों और बुजुर्गों को रखें विशेष सुरक्षित स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम हो सकती है, इसलिए संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। सामुदायिक जागरूकता पर जोर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और नगर निकायों से नियमित फॉगिंग, सफाई अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा गया है। नागरिकों से भी अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और किसी भी संभावित संक्रमण की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई है। विशेषज्ञों की राय जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ पेयजल, मच्छरों से बचाव और समय पर चिकित्सा जांच जैसी सरल सावधानियां अपनाकर अधिकांश मौसमी बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आगे की राह स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम के दौरान जारी आधिकारिक स्वास्थ्य परामर्श का पालन करें, किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज न करें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्रोत:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण कार्यक्रम तथा संबंधित राज्य स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह। मूल रिपोर्ट:4 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य एडवाइजरी और सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मानसून में संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी नई सलाह जारी की

नई दिल्ली, 26 जून। देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय होने के साथ ही संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने लोगों के लिए नई स्वास्थ्य सलाह जारी करते हुए स्वच्छता, सुरक्षित खानपान और समय पर उपचार को प्राथमिकता देने की अपील की है। उनका कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर मानसून के दौरान होने वाली कई बीमारियों से बचा जा सकता है। वायरल संक्रमण और जलजनित बीमारियों का बढ़ा खतरा विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में वायरल बुखार, सर्दी-खांसी, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और पेट से जुड़े संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं। जलभराव और दूषित पानी के कारण संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने लोगों से साफ और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की सलाह दी है। खानपान में बरतें विशेष सावधानी स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बाहर का खुला और लंबे समय तक रखा हुआ भोजन खाने से बचना चाहिए। ताजा और घर का बना भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मदद करता है। मौसमी फल और हरी सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करने की सलाह दी गई है। मच्छरों से बचाव है बेहद जरूरी डॉक्टरों ने कहा कि बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है। घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें और पूरी बाजू के कपड़े पहनें। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। बच्चों और बुजुर्गों को रखें विशेष सुरक्षित विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और किसी भी प्रकार के बुखार, उल्टी, दस्त या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर दें ध्यान डॉक्टरों ने पर्याप्त नींद लेने, नियमित व्यायाम करने, पौष्टिक भोजन खाने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। विटामिन और खनिजों से भरपूर आहार शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायक होता है। लक्षण दिखें तो स्वयं दवा लेने से बचें स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचने की सलाह दी है। यदि बुखार लगातार बना रहे, तेज सिरदर्द हो या शरीर में कमजोरी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मानसून का मौसम स्वास्थ्य के लिहाज से चुनौतीपूर्ण जरूर होता है, लेकिन सही खानपान, स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय सलाह के जरिए अधिकांश संक्रमणों से बचाव संभव है। उन्होंने लोगों से मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में आवश्यक बदलाव करने और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की अपील की है। स्रोत:स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सार्वजनिक सलाह, स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा संस्थानों द्वारा जारी दिशानिर्देश मूल रिपोर्ट:डॉक्टरों की सलाह, स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी तथा विभिन्न स्वास्थ्य समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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गर्मी और उमस के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

नई दिल्ली, 24 जून 2026। देश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का स्तर लगातार बढ़ रहा है। बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अत्यधिक गर्मी और उमस शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, जिससे डिहाइड्रेशन, थकान, हीट स्ट्रेस और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्म मौसम में शरीर से पसीना अधिक निकलता है, जिससे पानी और आवश्यक खनिजों की कमी हो सकती है। ऐसे में लोगों को नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। नारियल पानी, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन भी लाभदायक माना जा रहा है। विशेषज्ञों ने दोपहर के समय तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। यदि किसी कारणवश बाहर जाना आवश्यक हो तो हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने और सिर को ढककर रखने की सलाह दी गई है। इससे शरीर पर गर्मी का प्रभाव कम किया जा सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इन वर्गों में गर्मी और उमस का असर अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। किसी भी प्रकार की कमजोरी, चक्कर, अत्यधिक पसीना या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। विशेषज्ञों ने खानपान पर भी ध्यान देने की सलाह दी है। ताजे फल, हरी सब्जियां और हल्का भोजन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। वहीं अत्यधिक तैलीय और मसालेदार भोजन से बचने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही जीवनशैली अपनाकर गर्मी और उमस के दुष्प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों और स्वास्थ्य सलाह का पालन करने की अपील की गई है। स्रोत:स्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह से प्राप्त जानकारी मूल रिपोर्ट:विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्टों, चिकित्सकीय सलाह और समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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