बारिश के मौसम में डेंगू और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

नई दिल्ली, 9 जुलाई। देश के कई हिस्सों में सक्रिय मानसून के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डेंगू, वायरल बुखार और अन्य मौसमी संक्रमणों के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना रही है, जिससे डेंगू के मामलों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।

बारिश के मौसम में क्यों बढ़ता है खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के दौरान घरों, छतों, कूलरों, गमलों, टायरों और खुले बर्तनों में जमा पानी एडीज़ (Aedes) मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है। यही मच्छर डेंगू फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वहीं मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमण भी तेजी से फैल सकते हैं।

डेंगू के प्रमुख लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू के सामान्य लक्षणों में—

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • आंखों के पीछे दर्द
  • मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द
  • त्वचा पर लाल चकत्ते
  • अत्यधिक कमजोरी
  • कुछ गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स की संख्या में कमी

यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता है।

वायरल संक्रमण से कैसे बचें?

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्न सावधानियां अपनाने की सलाह दी है—

  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
  • कूलर, गमले और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
  • पूरी बांह के कपड़े पहनें।
  • मच्छरदानी, मच्छररोधी क्रीम और रिपेलेंट का उपयोग करें।
  • बाहर का दूषित भोजन और असुरक्षित पानी पीने से बचें।
  • हाथों की नियमित सफाई रखें।

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी

डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों में आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए और बुखार आने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

अस्पतालों को किया गया सतर्क

कई राज्यों के स्वास्थ्य विभागों ने सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संभावित मरीजों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। डेंगू जांच, आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अफवाहों से बचने की अपील

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट घरेलू उपचारों या भ्रामक सलाह पर भरोसा न करें। डेंगू का संदेह होने पर केवल पंजीकृत चिकित्सक की सलाह लें और आवश्यकता पड़ने पर रक्त जांच अवश्य कराएं।

विशेषज्ञों की राय

जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के प्रजनन को रोकना है। यदि नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर स्वच्छता अभियान चलाएं और जलभराव को रोकें, तो डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है।


स्रोत:
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) तथा विभिन्न राज्य स्वास्थ्य विभागों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह।

मूल रिपोर्ट:
9 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक स्वास्थ्य सलाह और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर।

जय राष्ट्र न्यूज़

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