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उत्तराखंड के लिए IMD का रेड अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी; प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील

नई दिल्ली/देहरादून: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मानसून की सक्रियता को देखते हुए उत्तराखंड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई पर्वतीय क्षेत्रों में अत्यधिक से बहुत भारी वर्षा, तेज गर्जना, आकाशीय बिजली और अचानक जलभराव तथा भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसके साथ ही बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड में रेड अलर्ट क्यों? IMD के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। भारी वर्षा के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। चारधाम यात्रा और पहाड़ी इलाकों में विशेष सतर्कता लगातार हो रही बारिश को देखते हुए चारधाम यात्रा मार्गों और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही यात्रा करने को कहा है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर उत्तराखंड सहित कई राज्यों में जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अन्य एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन का पालन करने की अपील की है। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही किसानों और यात्रियों से भी मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। अन्य राज्यों में भी असर दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी व्यक्त की गई है। वहीं पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। निष्कर्ष मानसून के सक्रिय दौर को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करना चाहिए और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। Source: भारतीय मौसम विभाग (IMD) एवं संबंधित राज्य प्रशासन। Original Report: IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन और विश्वसनीय समाचार रिपोर्टों के आधार पर तैयार। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली-NCR में भारी बारिश, IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया, कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

नई दिल्ली | 9 जुलाई 2026 दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गुरुवार तड़के शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने राजधानी की रफ्तार को धीमा कर दिया। लगातार कई घंटों तक हुई वर्षा के कारण दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के कई इलाकों में जलभराव हो गया। दफ्तर जाने वाले लोगों को लंबी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा, जबकि कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की गति काफी धीमी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली-NCR के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा के कारण रेड अलर्ट भी लागू किया गया है। सुबह से लगातार बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें बुधवार देर रात शुरू हुई बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रही। राजधानी के कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हुई। आईटीओ, मिंटो ब्रिज, धौला कुआं, द्वारका, रोहिणी, लाजपत नगर, नोएडा और गुरुग्राम के कई हिस्सों में जलभराव की तस्वीरें सामने आईं। सुबह के व्यस्त समय में हजारों वाहन ट्रैफिक जाम में फंस गए, जिससे कार्यालय पहुंचने में लोगों को काफी देरी हुई। कई जगहों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे यातायात और अधिक प्रभावित हुआ। IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सक्रिय मानसूनी प्रणाली के कारण दिल्ली-NCR में अगले 24 घंटों तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की अपील की है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को लेकर भी चेतावनी दी है। ट्रैफिक और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा असर भारी बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं, जबकि कुछ अंडरपास अस्थायी रूप से जलमग्न हो गए। खराब मौसम के कारण कई उड़ानों में देरी हुई और एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए एयरपोर्ट रवाना होने से पहले फ्लाइट स्टेटस की जांच करने की सलाह दी। मौसम की वजह से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया। प्रशासन अलर्ट मोड पर दिल्ली सरकार, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग ने हालात पर लगातार नजर बनाए रखी है। जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने के लिए अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर राहत एवं बचाव दलों को तैनात किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन का पालन करने को कहा है। अगले कुछ दिन भी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग का अनुमान है कि सक्रिय मानसून के कारण आने वाले दिनों में भी दिल्ली-NCR में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं बनी रह सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। स्रोत: India Meteorological Department (IMD), The Times of India, The Economic Times मूल रिपोर्ट:https://mausam.imd.gov.in/ https://economictimes.indiatimes.com/news/new-updates/delhi-noida-gurugram-weather-today-july-9-imd-issues-orange-alert-as-heavy-rain-batters-ncr-waterlogging-reported-more-showers-likely Jai Rashtra News

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IMD का अलर्ट: मुंबई में ऑरेंज अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी

नई दिल्ली/मुंबई, 7 जुलाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून प्रणाली को देखते हुए मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी गरज-चमक, मध्यम से तेज़ बारिश और तेज़ हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मुंबई में भारी बारिश की संभावना IMD के अनुसार मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के कुछ हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई स्थानों पर अल्प समय में भारी वर्षा होने की आशंका है, जिससे जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और 30–50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का अनुमान है। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना है। प्रशासन अलर्ट मोड पर मुंबई महानगरपालिका (BMC), दिल्ली नगर निगम और संबंधित जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जलभराव संभावित क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशनों, राहत दलों और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखा गया है। रेलवे, यातायात पुलिस और नागरिक सुरक्षा एजेंसियां भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की संभावना के समय खुले मैदानों में न रुकने तथा स्थानीय प्रशासन और IMD द्वारा जारी मौसम बुलेटिन का पालन करने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी परामर्श IMD ने किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है। भारी वर्षा की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा, जल निकासी और आवश्यक कृषि प्रबंधन उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है। अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के अलावा गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है और संबंधित राज्य सरकारों को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। आगे की स्थिति IMD ने कहा है कि मानसून की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे। नागरिकों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर ध्यान देने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में भी देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), संबंधित राज्य प्रशासन एवं आधिकारिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD का अलर्ट: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी

नई दिल्ली, 6 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR सहित देश के कई राज्यों में आज से भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए मौसम अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। नागरिकों को मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-NCR के अलावा उत्तर भारत, मध्य भारत और कुछ पूर्वी राज्यों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज हो सकती है। कई स्थानों पर तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील मार्गों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने, खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। बारिश के दौरान स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की भी अपील की गई है। यातायात पर पड़ सकता है असर भारी बारिश के कारण कई शहरों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। जलभराव, कम दृश्यता और फिसलन के चलते वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने तथा यात्रा से पहले मौसम और ट्रैफिक अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए सलाह मौसम विभाग ने किसानों से स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और कृषि कार्य मौसम की परिस्थितियों के अनुसार करने की अपील की है। जहां भारी वर्षा की संभावना हो, वहां फसलों की सुरक्षा और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। आगे की राह IMD अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मौसम की स्थिति की लगातार निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर नए अपडेट जारी करेगा। नागरिकों से केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन से संबंधित सार्वजनिक जानकारी एवं आधिकारिक मौसम बुलेटिन। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम अपडेट और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में भारी बारिश के कारण आज स्कूल-कॉलेज बंद, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले

मुंबई, 6 जुलाई। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए आज सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से खुले रहेंगे, हालांकि कर्मचारियों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित बीते कई घंटों से जारी भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कुछ प्रमुख सड़कों पर यातायात धीमा पड़ा है और कई स्थानों पर जल निकासी का कार्य लगातार जारी है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता प्रशासन का कहना है कि मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण स्कूलों और कॉलेजों को एक दिन के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। शैक्षणिक संस्थानों ने भी विद्यार्थियों और अभिभावकों को आधिकारिक माध्यमों से सूचना जारी कर दी है। कार्यालय रहेंगे खुले सरकारी और निजी कार्यालयों में सामान्य कार्य जारी रहेगा। हालांकि प्रशासन ने संस्थानों से कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार लचीला कार्य समय या वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाएं देने पर भी विचार करने की सलाह दी है, यदि मौसम की स्थिति और अधिक खराब होती है। BMC और प्रशासन अलर्ट पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग सिस्टम के जरिए पानी निकालने का कार्य जारी है और आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। IMD ने जारी की चेतावनी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ घंटों तक मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। नागरिकों से समुद्र तटों, जलभराव वाले इलाकों और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। लोगों के लिए एडवाइजरी प्रशासन ने नागरिकों से मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने, आपात स्थिति में हेल्पलाइन का उपयोग करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। यात्रा से पहले ट्रैफिक और सार्वजनिक परिवहन की स्थिति की जानकारी लेने की भी सलाह दी गई है। आगे की राह मौसम विभाग की अगली समीक्षा के बाद स्कूलों और कॉलेजों के संचालन पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं। स्रोत:बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), भारतीय मौसम विभाग (IMD) एवं महाराष्ट्र प्रशासन की आधिकारिक जानकारी। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक मौसम बुलेटिन और प्रशासनिक अपडेट के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तराखंड, हिमाचल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राहत एवं बचाव दल तैनात

देहरादून/शिमला/गुवाहाटी, 4 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश की आशंका को देखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई गई है। चारधाम यात्रा मार्ग सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी वर्षा की संभावना असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है। राहत एवं बचाव दल अलर्ट पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों के लिए जारी की गई सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर न जाने की भी सलाह दी गई है। किसानों और यात्रियों के लिए विशेष निर्देश किसानों को मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने तथा खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है। प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी राज्य सरकारों ने जिला अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग द्वारा जारी नए बुलेटिन के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। आगे की राह विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में प्रभावित राज्यों के लोगों को केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) एवं संबंधित राज्य प्रशासन। मूल रिपोर्ट:4 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन और राज्य सरकारों की तैयारियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई में ऑरेंज अलर्ट, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली, 3 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने के बीच मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मुंबई में तेज बारिश की संभावना IMD के अनुसार मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव, ट्रैफिक जाम और स्थानीय परिवहन सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्ट असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैयार रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। लोगों के लिए महत्वपूर्ण सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले इलाकों में जाने से परहेज करें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में न रहें। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम बुलेटिन और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी अवश्य देखें। किसानों के लिए भी सलाह IMD ने किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है, वहां फसलों की सुरक्षा, जल निकासी और कृषि उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है। आगे की राह मौसम विभाग अगले कुछ दिनों तक मानसून की स्थिति पर लगातार निगरानी रखेगा और आवश्यकता अनुसार नए मौसम बुलेटिन जारी करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां लोगों को केवल आधिकारिक मौसम संबंधी सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:3 जुलाई 2026 को जारी IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन और वर्षा पूर्वानुमान के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD का कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, मुंबई में ऑरेंज अलर्ट; उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी नई दिल्ली, 2 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून के सक्रिय होने के बीच कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तराखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। मुंबई में ऑरेंज अलर्ट IMD के अनुसार मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा हो सकती है। इसके चलते जलभराव, यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका जताई गई है। उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बना रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। अन्य राज्यों पर भी नजर IMD ने बताया कि मानसून की सक्रियता के कारण पश्चिमी तट, मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। संबंधित राज्यों के मौसम केंद्र समय-समय पर ताजा पूर्वानुमान जारी करेंगे। प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक होने पर राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करें और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट अवश्य देखें। आगे क्या? IMD आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति और वर्षा की तीव्रता के आधार पर नए मौसम बुलेटिन जारी करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां लोगों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक मौसम संबंधी सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:2 जुलाई 2026 को जारी IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन और वर्षा पूर्वानुमान के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तर भारत में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना; किसानों के लिए IMD की सलाह

नई दिल्ली, 2 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि मानसून उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि गतिविधियों को गति मिल सकती है। साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम बुलेटिन और कृषि परामर्श के आधार पर ही खेती से जुड़े निर्णय लें। कई राज्यों में बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों के दौरान हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने के साथ कृषि और जल संसाधनों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। खरीफ फसलों को मिलेगा फायदा विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर होने वाली वर्षा धान, मक्का, बाजरा, सोयाबीन, कपास और दालों जैसी खरीफ फसलों की बुवाई और शुरुआती वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होती है। पर्याप्त बारिश से खेतों में नमी बनी रहेगी और सिंचाई पर निर्भरता कम हो सकती है। किसानों के लिए IMD की सलाह मौसम विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने जिले और क्षेत्र के मौसम पूर्वानुमान पर नियमित नजर रखें। बुवाई, उर्वरक का उपयोग, सिंचाई और अन्य कृषि कार्य स्थानीय मौसम बुलेटिन तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही करें, ताकि मौसम में बदलाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। जलभराव और बिजली गिरने से रहें सतर्क जहां अच्छी बारिश की संभावना है, वहीं कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में किसानों और ग्रामीणों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। कृषि और जल संसाधनों को मिलेगा लाभ विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई के दौरान मानसून सामान्य गति से सक्रिय रहता है, तो जलाशयों का जलस्तर बेहतर होगा और कृषि उत्पादन को भी सकारात्मक समर्थन मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्यान्न उत्पादन पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ सकता है। आगे की राह IMD आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और वर्षा की स्थिति पर लगातार अपडेट जारी करेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और कृषि विभाग की सलाह पर भरोसा करें तथा मौसम के अनुसार अपनी कृषि योजनाओं में आवश्यक बदलाव करें। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:2 जुलाई 2026 को जारी मौसम विभाग के आधिकारिक पूर्वानुमान और कृषि संबंधी सलाह के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD का अनुमान: जुलाई में सामान्य से कम बारिश की आशंका, खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली, 1 जुलाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि जून में अपेक्षाकृत कमजोर मानसून के बाद जुलाई में भी देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान ने खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर किसानों और कृषि विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। जुलाई के लिए क्या है पूर्वानुमान? IMD के अनुसार जुलाई के दौरान कई क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। हालांकि कुछ हिस्सों में समय-समय पर अच्छी वर्षा होने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी है। खरीफ बुवाई पर असर की आशंका धान, सोयाबीन, मक्का, कपास, दालें और अन्य खरीफ फसलें समय पर होने वाली मानसूनी वर्षा पर काफी हद तक निर्भर करती हैं। यदि पर्याप्त वर्षा नहीं होती है तो बुवाई में देरी, सिंचाई लागत में वृद्धि और उत्पादन पर असर पड़ सकता है। किसानों के लिए सलाह कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखने, उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और आवश्यकता के अनुसार कम पानी वाली फसलों या वैकल्पिक कृषि पद्धतियों पर विचार करने की सलाह दी है। कृषि अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। कमजोर मानसून का असर केवल फसल उत्पादन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि खाद्य आपूर्ति, ग्रामीण आय और कृषि आधारित उद्योगों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जुलाई में वर्षा सामान्य से कम रहती है तो कुछ क्षेत्रों में कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है। सरकार और एजेंसियां सतर्क केंद्र और राज्य सरकारें मानसून की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कृषि एवं मौसम विभाग किसानों तक समय पर मौसम संबंधी जानकारी पहुंचाने और आवश्यक सलाह जारी करने की प्रक्रिया को मजबूत कर रहे हैं। आगे क्या? मौसम विभाग आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति के आधार पर नए पूर्वानुमान जारी करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के शेष दिनों में होने वाली वर्षा खरीफ सीजन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन के आधार पर ही कृषि संबंधी निर्णय लें। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:1 जुलाई 2026 को जारी IMD के मानसून पूर्वानुमान और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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