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BWF World Championships में आज भारत के बड़े मुकाबले! Sindhu, Lakshya Sen और Satwik-Chirag पर नजर

नई दिल्ली: भारत में चल रही BWF World Championships 2026 के तीसरे दिन बुधवार, 19 अगस्त को भारतीय बैडमिंटन सितारों पर सभी की नजरें टिकी हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और अन्य भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने मुकाबलों में उतर रहे हैं। वहीं स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी बिना कोर्ट पर उतरे ही प्री-क्वार्टरफाइनल में पहुंच गई है। लक्ष्य सेन की नजर अगले दौर पर लक्ष्य सेन आज पुरुष सिंगल्स के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में अमेरिका के Garret Tan के खिलाफ उतरेंगे। लक्ष्य ने दूसरे दौर में ऑस्ट्रिया के Collins Filimon के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 16-21, 21-8, 21-4 से जीता था। अब उनकी कोशिश इसी लय को आगे बढ़ाने की होगी। पीवी सिंधु के सामने कनाडा की चुनौती दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और नौवीं वरीयता प्राप्त पीवी सिंधु महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 32 में कनाडा की Wen Yu Zhang से भिड़ेंगी। घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही सिंधु से भारतीय प्रशंसकों को एक मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। सिंधु इस विश्व चैंपियनशिप में भारत की सबसे अनुभवी पदक दावेदारों में शामिल हैं। उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में शानदार रिकॉर्ड बनाया है और इस बार घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगी। Satwik-Chirag को मिला बड़ा फायदा भारत की पांचवीं वरीयता प्राप्त पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को राउंड ऑफ 32 में वॉकओवर मिला। स्कॉटलैंड के Alexander Dunn और Adam Pringle की जोड़ी के हटने के बाद भारतीय जोड़ी सीधे राउंड ऑफ 16 में पहुंच गई। इसका मतलब है कि सात्विक-चिराग को शुरुआती मुकाबले में कोर्ट पर पसीना बहाने की जरूरत नहीं पड़ी। अब उनकी नजर सीधे प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले पर होगी। भारत की मजबूत मौजूदगी भारत के लिए आज सिर्फ सिंधु और लक्ष्य ही नहीं, बल्कि आयुष शेट्टी, उन्नति हुड्डा और अन्य भारतीय जोड़ियां भी अहम मुकाबलों में उतर रही हैं। लक्ष्य के बाद आयुष शेट्टी का मुकाबला श्रीलंका के Dumindu Abeywickrama से होगा, जबकि उन्नति हुड्डा कनाडा की 13वीं वरीयता प्राप्त Michelle Li का सामना करेंगी। मिश्रित युगल में तनिषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने भी दिन की शुरुआत जीत के साथ की। भारतीय जोड़ी ने मकाऊ की Leong Iok Chong और Ng Weng Chi को लगातार दो गेम में 21-11, 21-11 से हराकर प्री-क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। घर में विश्व चैंपियनशिप, बढ़ी उम्मीदें BWF World Championships 17 साल बाद भारत लौटी है और नई दिल्ली में हो रही इस प्रतियोगिता को लेकर भारतीय खिलाड़ियों पर उम्मीदों का दबाव भी है। सिंधु, लक्ष्य और सात्विक-चिराग भारत की प्रमुख पदक उम्मीदों में शामिल हैं। आज का दिन भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद अहम है। लक्ष्य सेन और पीवी सिंधु के सामने सीधे मुकाबले की चुनौती है, जबकि सात्विक-चिराग पहले ही अगले दौर में पहुंच चुके हैं। घरेलू दर्शकों की मौजूदगी में भारतीय शटलरों से अब जीत की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। स्रोत: BWF, Business Standard, Times of India, PTI Jai Rashtra News

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Ashmita Chaliha ने Korea Masters 2026 का खिताब जीता, Han Qian Xi को हराकर रचा इतिहास

आसन, दक्षिण कोरिया: भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी Ashmita Chaliha ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए Victor Korea Masters 2026 का Women’s Singles title अपने नाम कर लिया। उन्होंने फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त Han Qian Xi को तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया। इस जीत के साथ Ashmita ने अपने करियर का पहला BWF World Tour title हासिल किया। पहले गेम में पिछड़ गईं Ashmita फाइनल की शुरुआत Ashmita Chaliha के लिए आसान नहीं रही। Han Qian Xi ने पहले गेम में तेज शुरुआत करते हुए भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाया और 21-14 से गेम अपने नाम कर लिया। पहला गेम गंवाने के बाद Ashmita के सामने वापसी की चुनौती थी। लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा और अगले दोनों गेम में अपनी रणनीति और खेल की गति में महत्वपूर्ण बदलाव किया। दूसरे गेम में शानदार वापसी दूसरे गेम में Ashmita ने आक्रामक और नियंत्रित बैडमिंटन खेला। उन्होंने Han Qian Xi को लगातार दबाव में रखा और 21-14 से दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय बनाए रखी और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए बढ़त बनाई। निर्णायक गेम में दिखाया आत्मविश्वास तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन Ashmita ने महत्वपूर्ण रैलियों में बेहतर नियंत्रण दिखाया। उन्होंने 21-14 से तीसरा गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। इस तरह एक गेम से पिछड़ने के बाद उन्होंने लगातार दो गेम जीतकर शानदार comeback पूरा किया। पहला BWF World Tour title Korea Masters की यह जीत Ashmita Chaliha के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनका पहला BWF World Tour खिताब है। इस जीत के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रिपोर्टों के अनुसार वह BWF World Tour के Super 300 या उससे ऊपर के Women’s Singles title जीतने वाली चुनिंदा भारतीय महिला खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल हो गई हैं। चोट के बाद शानदार वापसी Ashmita की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह चोट से वापसी के बाद लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार कर रही थीं। उन्हें पिछले दौर में घुटने की चोट के कारण लंबा rehabilitation period झेलना पड़ा था। कोर्ट पर वापसी के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपनी form हासिल की और Korea Masters में शानदार प्रदर्शन करते हुए आखिरकार अपना पहला World Tour title जीत लिया। फाइनल तक का सफर भी रहा शानदार Ashmita ने Korea Masters में शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में उन्होंने कई मुकाबले जीतकर अगले rounds में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उन्होंने अपनी हमवतन Rakshitha Ramraj को 21-13, 14-21, 21-13 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। इसके बाद फाइनल में चीन की Han Qian Xi को हराकर उन्होंने title अपने नाम कर लिया। भारत के लिए बड़ी बैडमिंटन उपलब्धि Ashmita की जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने Women’s Singles में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आते देखा है और Ashmita की यह सफलता इस प्रतिस्पर्धा को और मजबूत करती है। Korea Masters जैसे BWF World Tour event में title जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे Ashmita की अंतरराष्ट्रीय ranking तथा confidence को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। Han Qian Xi के खिलाफ दिखी मानसिक मजबूती फाइनल में पहला गेम हारने के बाद मुकाबले में वापसी करना Ashmita की मानसिक मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने दूसरे और तीसरे गेम में अपनी गलतियों को कम किया और rallies को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया। निर्णायक गेम में दबाव के बावजूद उन्होंने मैच को अपने हाथ से निकलने नहीं दिया। निष्कर्ष Ashmita Chaliha ने Korea Masters 2026 Women’s Singles title जीतकर भारतीय बैडमिंटन में नया अध्याय जोड़ दिया है। उन्होंने फाइनल में चीन की Han Qian Xi को 14-21, 21-14, 21-14 से हराकर अपने करियर का पहला BWF World Tour title जीता। पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी Ashmita की इस जीत को और खास बनाती है। चोट के बाद वापसी करते हुए उन्होंने जिस तरह लगातार बेहतर प्रदर्शन किया, वह उनके संघर्ष और आत्मविश्वास को दिखाता है। अब इस खिताब के बाद भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की नजरें Ashmita के आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर रहेंगी। Source: Indian Express, India Today, The Statesman, DD News, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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विश्व बैडमिंटन दिवस पर इतिहास रचने के करीब पी. वी. सिंधु, छठे विश्व चैंपियनशिप पदक पर नजर

नई दिल्ली, 6 जुलाई। विश्व बैडमिंटन दिवस के अवसर पर भारत की स्टार शटलर पी. वी. सिंधु एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी हैं। आगामी BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में यदि सिंधु पदक जीतने में सफल रहती हैं, तो वह महिला एकल वर्ग में छह विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। पहले ही बना चुकी हैं कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड पी. वी. सिंधु भारतीय बैडमिंटन इतिहास की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। वह 2019 में विश्व चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय बनी थीं। इसके अलावा उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में अब तक एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य सहित कुल पांच पदक अपने नाम किए हैं। छठे पदक से बन सकता है नया विश्व रिकॉर्ड वर्तमान में सिंधु महिला एकल वर्ग में पांच विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं। यदि वह इस वर्ष नई दिल्ली में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में एक और पदक जीतती हैं, तो इस प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे अधिक छह पदक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन जाएंगी। भारत में होगा विश्व चैंपियनशिप का आयोजन इस वर्ष BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन नई दिल्ली में होगा। लगभग 17 वर्षों बाद यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता भारत लौट रही है। घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर भारतीय खिलाड़ियों, विशेषकर सिंधु, के लिए बेहद खास माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा विशेषज्ञों का मानना है कि पी. वी. सिंधु की उपलब्धियों ने भारत में बैडमिंटन को नई पहचान दिलाई है। उनकी सफलता से बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी इस खेल की ओर आकर्षित हुए हैं और भारत लगातार विश्व स्तर के बैडमिंटन खिलाड़ी तैयार कर रहा है। विशेषज्ञों की राय खेल विश्लेषकों का कहना है कि बड़े टूर्नामेंटों में लगातार शानदार प्रदर्शन करना सिंधु की सबसे बड़ी ताकत रही है। अनुभव, मानसिक मजबूती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर प्रदर्शन उन्हें विश्व बैडमिंटन की सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल करता है. आगे की राह अब सभी की नजरें अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित होने वाली BWF विश्व चैंपियनशिप पर होंगी। यदि सिंधु एक और पदक जीतने में सफल रहती हैं, तो वह भारतीय ही नहीं बल्कि विश्व बैडमिंटन इतिहास में भी एक नया अध्याय जोड़ देंगी। स्रोत:बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI), BWF एवं विश्वसनीय खेल समाचार रिपोर्टें। मूल रिपोर्ट:6 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय खेल समाचार स्रोतों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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