प्रमुख खबरें

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ MNS और शिवसेना (UBT) का प्रदर्शन, चुनाव आयोग और SIR को लेकर जताई नाराजगी

मुंबई: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और महाराष्ट्र में चल रही Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शिवसेना (UBT) ने मुंबई में संयुक्त प्रदर्शन किया। इस ‘विराट गर्जना मोर्चा’ का नेतृत्व राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने किया। प्रदर्शन में हजारों लोग तिरंगा लेकर शामिल हुए और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर

इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी राजनीतिक तस्वीर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का एक साथ सड़क पर उतरना रहा।

दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से मार्च का नेतृत्व किया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। यह दोनों ठाकरे गुटों की हाल के समय में महत्वपूर्ण संयुक्त राजनीतिक कार्रवाई मानी जा रही है।

SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग

MNS और शिवसेना (UBT) ने महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

प्रदर्शनकारी दलों का आरोप है कि voter-list revision में पारदर्शिता की कमी है और बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। ये विपक्षी दलों के आरोप हैं, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा रहा।

विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा विवादों के बीच CEC को पद छोड़ना चाहिए। चुनाव आयोग ने विपक्ष के इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।

पार्टी झंडों की जगह तिरंगा

इस मार्च की एक खास बात यह रही कि कार्यकर्ताओं से पार्टी के झंडे और प्रतीक नहीं लाने को कहा गया।

प्रदर्शन में तिरंगा प्रमुख रूप से दिखाई दिया। आयोजकों ने इसे किसी एक पार्टी के बजाय चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकार से जुड़ा आंदोलन बताने की कोशिश की।

हजारों प्रदर्शनकारी हुए शामिल

रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और दक्षिण मुंबई की सड़कों पर मार्च किया।

Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार हजारों प्रदर्शनकारी तिरंगा और चुनाव आयोग के खिलाफ लिखे placards लेकर BMC मुख्यालय तक पहुंचे।

Paper Ballot की मांग भी उठी

राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने EVM के बजाय ballot paper से चुनाव कराने की मांग भी उठाई।

विपक्षी नेताओं ने इसे चुनावी पारदर्शिता से जोड़ा, जबकि चुनाव आयोग लंबे समय से EVM की सुरक्षा और विश्वसनीयता का बचाव करता रहा है।

कांग्रेस और NCP (SP) के नेता भी पहुंचे

प्रदर्शन में केवल MNS और शिवसेना (UBT) ही नहीं, बल्कि विपक्षी खेमे के अन्य दलों के नेता भी शामिल हुए।

रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के प्रतिनिधियों ने भी मोर्चे में हिस्सा लिया।

CJP ने भी किया समर्थन

Cockroach Janta Party यानी CJP ने भी MNS-शिवसेना (UBT) के प्रदर्शन का समर्थन किया।

CJP founder अभिजीत दीपके ने लोगों से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता के मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की।

BJP ने विपक्ष पर किया पलटवार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे बंधुओं के प्रदर्शन की आलोचना की।

उन्होंने इसे विपक्ष की राजनीतिक निराशा से जोड़ते हुए कहा कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाना उचित नहीं है। यह BJP का राजनीतिक पक्ष है।

SIR विवाद पर देशभर में बढ़ रहा विरोध

ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर विरोध केवल मुंबई तक सीमित नहीं है।

दिल्ली समेत कई शहरों में भी प्रदर्शन हुए हैं और विपक्षी दल 7 अक्टूबर को चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर संयुक्त विरोध की तैयारी कर रहे हैं।

चुनावी प्रक्रिया पर राजनीतिक टकराव तेज

एक ओर विपक्षी दल चुनाव आयोग की निष्पक्षता, SIR और voter-list revision पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं आयोग इन आरोपों को खारिज करते हुए revision को मतदाता सूची साफ करने की प्रक्रिया बताता है।

इस विवाद के चलते आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है।

source – The Indian Express / Hindustan Times / Reuters / The Times of India

जय राष्ट्र न्यूज़

Leave a Reply

Translate »