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Riyadh Airport पर Houthi हमले के बाद Air India, IndiGo और Akasa Air ने उड़ानें रोकीं

रियाध: सऊदी अरब की राजधानी रियाध के King Khalid International Airport पर Houthi मिसाइल हमलों के बाद कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी हैं। Air India, Air India Express, IndiGo और Akasa Air ने रियाध आने-जाने वाली सेवाओं पर रोक लगाई है। वहीं, Lufthansa Group ने भी सुरक्षा चिंताओं के चलते अपनी उड़ानें स्थगित करने का फैसला किया है। Houthi समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली यमन के ईरान समर्थित Houthi समूह ने रियाध एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने का दावा किया। रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ मिसाइलों को रोकने की कार्रवाई की, लेकिन एयरपोर्ट परिसर में खड़े एक विमान को गंभीर नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद क्षेत्र में विमानन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। Saudia Airlines के विमान को भारी नुकसान रिपोर्टों के अनुसार, इंटरसेप्ट की गई मिसाइल या प्रोजेक्टाइल का मलबा एयरपोर्ट टर्मिनल के पास खड़े Saudia Airlines के विमान पर गिरा। इसके बाद विमान में आग लग गई और उसे काफी नुकसान पहुंचा। उपलब्ध रिपोर्टों में उस समय विमान में यात्रियों की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की गई है। Air India ने 10 अक्टूबर तक उड़ानें रद्द कीं Air India ने सुरक्षा स्थिति को देखते हुए रियाध के लिए अपनी उड़ानें 10 अक्टूबर तक रद्द करने की घोषणा की। दिल्ली से रियाध जा रही Air India की फ्लाइट AI2243 को भी बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। विमान दिल्ली में सुरक्षित उतर गया। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था और टिकट संबंधी विकल्प उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। Air India Express की सेवाएं भी प्रभावित Air India Express ने भी रियाध से जुड़ी अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इससे सऊदी अरब और भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुई हैं। एयरलाइन प्रभावित यात्रियों को मुफ्त रीशेड्यूलिंग या पूर्ण रिफंड जैसे विकल्प दे रही है। IndiGo ने 9 अक्टूबर तक उड़ानें रद्द कीं IndiGo ने रियाध आने-जाने वाली उड़ानों को 9 अक्टूबर तक रद्द करने का फैसला किया। एयरलाइन ने यात्रियों को एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का मौजूदा स्टेटस जांचने की सलाह दी है। सुरक्षा स्थिति के आधार पर उड़ानों के संचालन में आगे भी बदलाव हो सकता है। Akasa Air ने भी सेवाएं रोकीं Akasa Air ने भी रियाध में अपने उड़ान संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी है। Kochi-Riyadh मार्ग की उड़ानें भी इस फैसले से प्रभावित हुई हैं। एयरलाइन स्थिति पर नजर रख रही है और यात्रियों को अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जांचने की सलाह दी गई है। Lufthansa ने 16 अक्टूबर तक बढ़ाया निलंबन जर्मन एयरलाइन समूह Lufthansa ने रियाध के लिए अपनी उड़ानें 16 अक्टूबर तक निलंबित करने की घोषणा की है। कंपनी ने मध्य पूर्व में सुरक्षा से जुड़े हालिया घटनाक्रम को इस फैसले की वजह बताया है। अलग-अलग एयरलाइंस की ओर से घोषित निलंबन की अवधि अलग है, इसलिए यात्रियों को अपनी संबंधित उड़ान की जानकारी अलग से जांचनी चाहिए। बड़ी संख्या में उड़ानें प्रभावित रियाध एयरपोर्ट पर हमले और उसके बाद लागू सुरक्षा उपायों के कारण कई उड़ानें प्रभावित हुईं। रिपोर्टों के मुताबिक, गुरुवार को निर्धारित आगमन और प्रस्थान सेवाओं के बड़े हिस्से पर असर पड़ा। कुछ समय के लिए एयरपोर्ट संचालन भी बाधित हुआ। इस व्यवधान से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के साथ-साथ भारत और सऊदी अरब के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सऊदी अरब के अन्य एयरपोर्ट भी निशाने पर रियाध के अलावा सऊदी अरब के अन्य हवाई अड्डों पर भी हाल के दिनों में हमलों की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस सप्ताह एयरपोर्ट से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। लगातार हो रही घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिक विमानन सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत ने हमलों की निंदा की भारत ने सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हुए हमलों की निंदा करते हुए उन्हें अस्वीकार्य बताया है। भारत सरकार ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई और सऊदी अरब की सुरक्षा तथा संप्रभुता के प्रति समर्थन दोहराया। भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी रियाध स्थित भारतीय दूतावास ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करें। जिन यात्रियों की यात्रा आने वाले दिनों में रियाध से जुड़ी है, उन्हें एयरलाइन की सूचनाओं और एयरपोर्ट के आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। यमन संघर्ष से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव यमन में जारी संघर्ष और Houthi समूह की ओर से सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने क्षेत्रीय तनाव बढ़ा दिया है। इसका असर विमानन सेवाओं के साथ-साथ व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह रियाध की यात्रा करने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांचना चाहिए। उड़ान रद्द होने या समय में बदलाव की स्थिति में संबंधित एयरलाइन से रिफंड, रीशेड्यूलिंग और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की जानकारी लें। सुरक्षा स्थिति के आधार पर उड़ानों के निलंबन की अवधि बढ़ाई जा सकती है, इसलिए यात्रा से पहले नवीनतम आधिकारिक अपडेट देखना जरूरी है। स्रोत: Reuters, The Indian Express और भारतीय दूतावास, रियाध जय राष्ट्र न्यूज़

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Q1 Earnings Season पर बाजार की नजर, कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे आज निवेशकों के लिए अहम

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार की निगाहें आज Q1 Earnings Season पर टिकी हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) के नतीजे जारी करने वाली कई दिग्गज कंपनियों के वित्तीय परिणाम आज घोषित होने हैं। इनमें Infosys, IndiGo (InterGlobe Aviation), Cipla, Mphasis, Cyient, Chennai Petroleum समेत कई प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कंपनियों के नतीजे और भविष्य के कारोबार को लेकर दिए जाने वाले संकेत (Guidance) आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। निवेशकों की नजर केवल मुनाफे और आय पर ही नहीं, बल्कि कंपनियों की भविष्य की रणनीति और मांग के अनुमान पर भी रहेगी। किन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर? आज जिन प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे आने हैं, उनमें शामिल हैं— इन कंपनियों के प्रदर्शन का असर आईटी, एविएशन, फार्मा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिल सकता है। बाजार के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं Q1 नतीजे? पहली तिमाही के परिणाम पूरे वित्तीय वर्ष के लिए कंपनियों के प्रदर्शन का शुरुआती संकेत देते हैं। निवेशक मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान देंगे— यदि कंपनियों के नतीजे अनुमान से बेहतर आते हैं तो संबंधित शेयरों में तेजी देखी जा सकती है, जबकि कमजोर नतीजे बाजार पर दबाव बढ़ा सकते हैं। वैश्विक संकेतों का भी रहेगा असर कॉर्पोरेट नतीजों के अलावा निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों की चाल और विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी रहेगी। हाल के दिनों में तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों की राय मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि केवल तिमाही मुनाफा ही नहीं, बल्कि कंपनियों की भविष्य की रणनीति और मांग को लेकर दिए गए संकेत भी शेयरों की चाल तय करेंगे। विशेष रूप से आईटी और एविएशन सेक्टर के परिणामों पर निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर बनी हुई है। निष्कर्ष Q1 Earnings Season भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का सबसे महत्वपूर्ण ट्रिगर बना हुआ है। बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे निवेशकों की धारणा, सेक्टरों की चाल और बाजार की आगामी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। Source: BSE | NSE | Reuters | LiveMint | Companies’ Exchange Filings जय राष्ट्र न्यूज़

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Reliance, IndiGo और बड़े शेयरों पर निवेशकों की नजर

Reliance, IndiGo और बड़े शेयरों पर निवेशकों की नजर, बाजार की दिशा तय करेंगे कॉर्पोरेट संकेत

जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा व्यापार और शेयर बाजार अपडेट दिनांक: 16 जून 2026 मुख्य समाचार मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में आज निवेशकों की नजर Reliance Industries, IndiGo और कई अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन बड़ी कंपनियों से जुड़े घटनाक्रम और कॉर्पोरेट अपडेट्स आज के कारोबारी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच निवेशक घरेलू कंपनियों के प्रदर्शन, विदेशी निवेश प्रवाह और आर्थिक संकेतकों का मूल्यांकन कर रहे हैं। Reliance Industries पर विशेष फोकस मुंबई: Reliance Industries देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है और इसके शेयरों की चाल का असर अक्सर पूरे बाजार पर दिखाई देता है। ऊर्जा, दूरसंचार, रिटेल और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कंपनी की मजबूत उपस्थिति निवेशकों को आकर्षित करती है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी से जुड़े किसी भी बड़े निवेश, विस्तार योजना या रणनीतिक घोषणा का प्रभाव बाजार भावना पर पड़ सकता है। IndiGo पर भी बाजार की नजर नई दिल्ली: देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों में शामिल IndiGo के शेयर भी निवेशकों के फोकस में हैं। विमानन क्षेत्र में बढ़ती यात्री संख्या, परिचालन विस्तार और ईंधन कीमतों में बदलाव जैसे कारक कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। बाजार जानकारों का कहना है कि विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और मांग दोनों मजबूत बनी हुई हैं, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। वैश्विक संकेतों का असर मुंबई: अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक आंकड़े भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। निवेशक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय बाजार की बुनियादी स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है। विदेशी निवेशकों की गतिविधि महत्वपूर्ण मुंबई: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हाल के दिनों में निवेशकों की रुचि बड़े और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में देखने को मिली है। विश्लेषकों के अनुसार विदेशी पूंजी प्रवाह बाजार को अतिरिक्त समर्थन प्रदान कर सकता है। बैंकिंग और आईटी शेयर भी चर्चा में मुंबई: Reliance और IndiGo के अलावा बैंकिंग, आईटी और वित्तीय सेवाओं से जुड़े कई बड़े शेयर भी निवेशकों के रडार पर हैं। आर्थिक विकास और डिजिटल परिवर्तन की संभावनाओं के कारण इन क्षेत्रों में सकारात्मक धारणा बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापक बाजार की दिशा तय करने में इन सेक्टरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। निवेशकों की रणनीति नई दिल्ली: बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनाने और केवल मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दे रहे हैं। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बीच संतुलित निवेश दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निष्कर्ष मुंबई: Reliance Industries, IndiGo और अन्य बड़े शेयरों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। कॉर्पोरेट अपडेट्स, वैश्विक संकेत, विदेशी निवेश और आर्थिक घटनाक्रम आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। निवेशक फिलहाल हर महत्वपूर्ण संकेत पर करीबी नजर रख रहे हैं। जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें व्यापार, शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था की हर बड़ी खबर के लिए।

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