ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा! शांति वार्ता अटकने के बीच ईरान के ‘पूरी तरह आक्रामक’ रुख की रिपोर्ट
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर चल रही बातचीत के अटकने के बीच ईरान ने अपना सैन्य रुख और ज्यादा आक्रामक करने के संकेत दिए हैं। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने Reuters को बताया कि बातचीत रुकने के बाद ईरान ‘पूरी तरह आक्रामक’ सैन्य स्थिति अपना सकता है। सबसे ज्यादा चिंता रणनीतिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है। अमेरिका-ईरान वार्ता में इस जलमार्ग को दोबारा सामान्य रूप से खोलने का मुद्दा भी प्रमुख बना हुआ है। तनाव के बीच अमेरिका की ओर से भी सख्त रुख सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मौजूदा समझौते को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई है। वहीं, ईरान ने संकेत दिया है कि अगर कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो वह सैन्य कार्रवाई को और तेज कर सकता है। इस घटनाक्रम का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड करीब 91.22 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि WTI भी 85 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता नजर आया। हॉर्मुज में संभावित आपूर्ति बाधित होने की आशंका तेल की कीमतों में तेजी की बड़ी वजह बनी हुई है। तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचने की भी रिपोर्ट सामने आई है। घटना में चालक दल का एक सदस्य घायल हुआ, जिससे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जल्द पटरी पर नहीं लौटती है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी, वैश्विक महंगाई और शेयर बाजारों में बढ़ी अस्थिरता देखने को मिल सकती है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर है। कूटनीतिक समाधान निकलता है या तनाव सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है, आने वाले दिनों में यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। स्रोत: Reuters Jai Rashtra News
