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Trump Zelensky conflict

Trump Zelensky conflict: ट्रंप हुई तीखी नोकझोंक के बाद जेलंस्की ने माफ़ी मानाने से किया इंकार, दंग रह गई दुनिया

28 फरवरी 2025 को ओवल ऑफिस में मीटिंग के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका को पूरी दुनिया के सामने जमकर खरी-खोटी (Trump Zelensky conflict) सुनाई। दरअसल, ओवल ऑफिस में जब मीटिंग हो रही थी तभी जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में जमकर बहस हुई। इस बहस का वीडियो अब जमकर वायरल हो रहा है। बहस के बाद जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि वह कतई माफी नहीं मांगेगे। जेलेंस्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “यह स्थिति दोनों देशों के लिए ठीक नहीं थी। महत्वपूर्ण यह कि जेलेंस्की और ट्रंप के बीच यह बहस ओवल ऑफिस में कैमरों के सामने हुई। गौर करने वाली बात यह कि जब यह लड़ाई हुई तब अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ओक्साना मार्करोवा ने सिर पर हाथ रख लिया। यह वीडियो अब वायरल हो गया है। लगभग 46 मिनट चली प्रेस कॉन्फ्रेंस में आखिरी 8 मिनट तक तीखी नोकझोंक हुई। दरअसल, बैठक के दौरान ट्रंप और जेलेंस्की के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर मतभेद उभरे, जिससे बातचीत तनावपूर्ण हो गई। ट्रंप ने जेलेंस्की पर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया था, जबकि जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वादों पर सवाल उठाए। इस विवाद के बाद ट्रंप ने बैठक को समाप्त कर दिया और जेलेंस्की से व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए कहा गया।  जेलेंस्की ने अपनी गलती मानने से किया इनकार (Trump Zelensky conflict)  बहस बाद जेलेंस्की ने फॉक्स न्यूज के साथ हुए साक्षात्कार में जब शो के होस्ट ब्रेट बेयर ने जेलेंस्की से पूछा कि क्या वह इस मीटिंग में जो कुछ हुआ उसके लिए माफी मांगेंगे? इस प्रश्न पर जेलेंस्की ने किसी भी गलती से इनकार (Trump Zelensky conflict) कर दिया। उन्होंने कहा कि “नहीं, मैं राष्ट्रपति और अमेरिकी जनता का सम्मान करता हूं। हमें खुला और ईमानदार रहना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि हमने कुछ गलत किया है। शायद कुछ चीजों पर मीडिया से अलग चर्चा करनी चाहिए।” खैर, जेलेंस्की से जब पूछा गया कि क्या यह बहस यूक्रेन के हित में रही? तो उन्होंने कहा कि “यह दोनों पक्षों के लिए सही नहीं थी। मैं स्पष्ट हूं कि अमेरिका और यूरोप हमारे सबसे अच्छे दोस्त हैं और रूस के राष्ट्रपति पुतिन हमारे दुश्मन हैं।” अपनी बात पर जोर देते हुए जेलेंस्की ने कहा कि “ट्रंप ही नहीं हम खुद इस युद्ध को रोकना चाहते हैं, क्योंकि हम इस युद्ध को लड़ रहे हैं और इससे पीड़ित हैं। ट्रंप पहले कहते रहे हैं कि वह इस युद्ध को रोक सकते हैं और हम चाहते हैं कि वह ऐसा करें। जेलेंस्की से जब पूछा गया कि क्या यह बातचीत बंद दरवाजों के पीछे होनी चाहिए थी और क्या उन्हें इसका अफसोस है? इसपर जेलेंस्की ने कहा कि “हां मुझे लगता है कि यह सही नहीं था।” ट्रंप यूक्रेन को दी जाने वाली सभी सैन्य सहायता बंद (Trump Zelensky conflict) करने पर विचार कर रहे हैं- ट्रंप  प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस विवाद के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने यूक्रेन को दी जा रही सहायता में संभावित धोखाधड़ी और दुरुपयोग की जांच तेज करने का निर्णय लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि एलन मस्क और उनकी डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी पहले से ही यूक्रेन को प्रदान की गई बड़ी आर्थिक और सुरक्षा सहायता में संभावित समस्याओं की जांच कर रहे थे, लेकिन अब इन प्रयासों में तेजी लाई जाएगी। इस अधिकारी ने यह भी कहा कि “वे पहले से ही समस्याएं खोज रहे हैं। यही नहीं, इसके अलावा ट्रंप यूक्रेन को दी जाने वाली सभी सैन्य सहायता बंद (Trump Zelensky conflict) करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इस मीटिंग के बाद एलन मस्क ने भी इसकी जांच के संकेत दिए थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह पता लगाने का समय आ गया है कि यूक्रेन को भेजे गए सैकड़ों अरब डॉलर का वास्तव में आखिर क्या हुआ? इसे भी पढ़ें :– भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल  लाखों लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने हेतु ट्रंप ने जेलेंस्की को लगाई कड़ी फटकार  बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को ओवल ऑफिस में एक मीटिंग के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर जमकर (Trump Zelensky conflict) बरसे। उन्होंने लाखों लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने के लिए जेलेंस्की को फटकार लगाई। ट्रंप ने कहा कि “यूक्रेनी राष्ट्रपति की कार्रवाई तीसरा विश्व युद्ध भड़का सकती है। इसके बाद जेलेंस्की ने अमेरिका के साथ महत्वपूर्ण खनिज समझौते पर हस्ताक्षर किए बिना अचानक व्हाइट हाउस छोड़ दिया। ट्रंप ने इस समझौते की मांग की थी और कहा था कि “यह यूक्रेन को भविष्य के समर्थन के लिए एक शर्त है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Zelensky conflict #TrumpZelenskyConflict #ZelenskyTrumpClash #UkraineCrisis #TrumpVsZelensky #GlobalTensions #PoliticalShowdown #USUkraineRelations #WorldShocked #DiplomaticRift #BreakingNews

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India-EU Free Trade

India-EU Free Trade: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के हाई टैरिफ से जुड़ी लगातार धमकियों के बीच यूरोपियन यूनियन और भारत इस सहमति पर पहुंचे कि इस साल के आखिर तक द्विपक्षीय फ्री ट्रेड (India-EU Free Trade) एग्रीमेंट पर मुहर लग जाने की कोशिश की जाएगी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “दोनों देशों ने अपने अधिकारियों को इसे लेकर निर्देश दिए हैं।” तो वहीं उर्सुला डेर ने भी एक थिंक टैंक इंवेंट में कहा कि “दोनों पक्ष इसे आखिरी रूप देने पर विचार कर रहे हैं। यह दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा समझौता होगा।” इस बीच दोनों पक्षों और प्रतिनिधि स्तर की हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद विदेश मंत्रालय के सचिव (वेस्ट) तन्मय लाल ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि “इसे लेकर द्विपक्षीय बातचीत बहुत गंभीर रवैये से हो रही है, दोनों नेताओं की ओर से राजनीतिक संदेश साफ है कि यह समझौता अहम है और जल्द ही जल्द इसपर अमल करना जरूरी है। बता दें कि प्रेसिडेंट उर्सला के साथ यूरोपीय संघ (ईयू) के 27 देशों में से 22 देशों के आयुक्त भारत दौरे पर आए हैं। बड़ी बात यह कि पहली बार ईयू का इतना बड़ा दल किसी दूसरे देश की यात्रा पर आया है। गौरतलब हो कि उर्सला की तरफ से यूरोपीय आयोग की सत्ता दोबारा संभालने के बाद पहली बार वह विदेश दौरे पर अपनी टीम के साथ निकली हैं।  जिओ पॉलिटिकल (India-EU Free Trade) चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों पक्षों को रणनीतिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाना होगा- प्रेसिडेंट उर्सला दिल्ली में अपनी यात्रा (India-EU Free Trade) के दूसरे दिन एक थिंक टैंक को संबोधित करते हुए उर्सुला ने इस पार्टनरशिप को लेकर साफ कहा कि “जिओ पॉलिटिकल चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों पक्षों को रणनीतिक संबंधों को अगले स्तर तक ले जाना होगा और यूरोपियन यूनियन, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ किए गए समझौतों की तरह भारत के साथ भविष्य में सुरक्षा पार्टनरशिप की संभावनाएं तलाश रहा है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस दौरे में ईयू के प्रतिनिधियों और भारत सरकार के मंत्रियों के बीच कई बैठकें हुई, इनमें व्यापार, निवेश,ग्रीन ग्रोथ, टेक्नोलॉजी, सेक्योरिटी और स्कीलिंग में सहयोग का ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है। इस दौरान लाल ने बताया कि ट्रेड और टेक्नोलॉजी काउंसिल के तहत तीन वर्किंग ग्रुप्स ने भी खासी उपलब्धि हासिल की। ग्रीन एनर्जी, डिजिटल गवर्नेंस, रणनीतिक टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर्स में प्रगति हासिल हुई है।  इंडो पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा को लेकर दोनों पक्ष एकमत (India-EU Free Trade) हुए हैं  इसके आलावा भारत- ईयू भारत -पश्चिम एशिया – यूरोप आर्थिक गलियारे के लिए ठोस कदम उठाए जाने को लेकर भी सहमत हुए हैं। दोनों पक्ष डिफेंस और सेक्योरिटी के सेक्टर में भी और नज़दीक आए हैं। इंडो पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा को लेकर दोनों पक्ष एकमत (India-EU Free Trade) हुए हैं और ईयू ने इंडिया पैसिफिक ओशन्स इनीशिएटिव से जुड़ने का फैसला किया है। इसके साथ ही दोनों इंडो पैसिफिक और अफ्रीका में सस्टेनेबल विकास के लिए ट्रायंगुलर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर भी काम करेंगे। यही नहीं, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, हाई परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग, 6 जी, डीपीआई पर जोर दियाा गया है। इसके तहत इलेक्ट्रिक व्हिकल, ग्रीन/रिन्यूएबल हाइड्रोजन में सहयोग को लेकर आगे बढ़े हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के एक करार को हरी झंडी दी गई है। इस बीच भारत 6 G अलायंस और ईयू 6 जी स्मार्ट नेटवर्क के बीच करार पर भी हस्ताक्षर हुए।  इसे भी पढ़ें :– सिम कार्ड खरीदना बना सकता है जी का जंजाल, हो सकती है 3 साल की जेल और लाखों जा जुर्माना दोनों पक्षों ने काउंटर टेररिज्म और आतंकवाद फायनेंसिंग के खिलाफ सहयोग को और गहरा करने पर बल दिया इसके अलावा दोनों पक्षों ने India-EU Free Trade) भारतीय नेवी और ईयू मैरीटाइम सेक्योरिटी एंटीटीज़ के बीच साझा अभ्यास को लेकर संतोष जताया। ईयू ने पेस्को (परमानेंट स्ट्रक्चर्ड को- ऑपरेशन प्रोजेक्ट ज्वाइन करने के भारत की रूचि का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने काउंटर टेररिज्म और आतंकवाद फायनेंसिंग के खिलाफ सहयोग को और गहरा करने पर बल दिया। इसके अलावा दीर्घकालिक वीजा स्कीम्स और मोबिलिटी और माइग्रेन के मैकेनिज्म की मजबूती पर बात हुई। दोनों पक्षों ने न सिर्फ फ्री और ओपन इंडो पैसिफिक को समर्थन देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन फोरम और ऑफशोर विंड एनर्जी समिट आयोजित करने का भी फैसला लिया। एक तरफ जहाँ दोनों पक्षों ने यूक्रेन में स्थाई शांति की वकालत की तो वहीं दूसरी तरफ इजरायल और फिलिस्तीन के मामले पर टू स्टेट सॉल्यूशन के साझे विजन को भी दोहराया। Latest News in Hindi Today Hindi news India-EU Free Trade #IndiaEUTrade #FreeTradeAgreement #IndiaEurope #TradeDeal #GlobalEconomy #FTA #IndiaTrade #EUIndiaRelations #EconomicGrowth #TradeBoost

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