प्रमुख खबरें

लगातार बारिश के बीच स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, डेंगू, चिकनगुनिया और वायरल बुखार की रोकथाम के लिए राज्यों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में जारी मानसूनी बारिश के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और अन्य मौसमी वायरल बुखारों की रोकथाम के लिए निगरानी और तैयारियाँ बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने कहा है कि बारिश के मौसम में मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए सभी राज्यों को सर्विलांस, अस्पतालों की तैयारी, समय पर जांच और जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करना चाहिए.

अस्पतालों और स्वास्थ्य एजेंसियों को विशेष निर्देश

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की समय पर जांच, पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाइयाँ और लैब सुविधाएँ उपलब्ध रखी जाएँ। संदिग्ध मामलों की शीघ्र पहचान कर उन्हें एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के माध्यम से रिपोर्ट करने पर भी जोर दिया गया है.

मच्छर नियंत्रण अभियान तेज़

राज्यों को घरों, सार्वजनिक स्थानों और निर्माण स्थलों पर जमा पानी हटाने, फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और स्वच्छता अभियान तेज़ करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय निकायों से सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने और लोगों को मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने के लिए जागरूक करने को कहा है.

कुछ क्षेत्रों में मामले बढ़ने से सतर्कता

हाल के दिनों में देश के कुछ हिस्सों में डेंगू के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। उदाहरण के तौर पर पुणे और तिरुवनंतपुरम में स्वास्थ्य अधिकारियों ने निगरानी बढ़ाने और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज़ करने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मच्छरों के पनपने की स्थिति अनुकूल हो जाती है, इसलिए शुरुआती रोकथाम सबसे प्रभावी उपाय है.

लोगों के लिए सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी और रिपेलेंट का उपयोग करें तथा तेज़ बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द या त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्वयं दवा लेने से बचने और समय पर जांच कराने की भी सलाह दी गई है.

निष्कर्ष

मानसून के दौरान डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। केंद्र और राज्य सरकारें निगरानी, अस्पतालों की तैयारी और जन-जागरूकता के माध्यम से संभावित प्रकोप को रोकने के प्रयास तेज़ कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नागरिकों की सतर्कता और सामुदायिक सहयोग संक्रमण की रोकथाम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

Source: Ministry of Health & Family Welfare | National Centre for Vector Borne Diseases Control (NCVBDC)

जय राष्ट्र न्यूज़

Leave a Reply

Translate »