Hill Station Dharchula

गर्मियों के लिए बेस्ट जगह: भारत-नेपाल के बीच बसा हिल स्टेशन “धारचूला”

गर्मियां आते ही हीट से बचाव के लिए लोग पहाड़ों की तरफ रुख करते हैं। पहाड़ों में अधिकतर लोग मसूरी, नैनीताल, मनाली, शिमला आदि जाना पसंद करते हैं। लेकिन, आजकल यह हिल स्टेशंस भीड़-भाड़ वाले हो गए हैं। ऐसे में ऐसे हिल स्टेशंस को एक्सप्लोर करना चाहिए, जो न केवल आपको खूबसूरत अनगिनत यादें दें बल्कि भीड़ व जाम से भी आप बचें रहें। ऐसा ही एक हिल स्टेशन (Hill station) है धारचूला (Dharchula)। धारचूला उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य का एक सुन्दर हिल स्टेशन (Hill station) है, जो भारत और नेपाल के बीच में स्थित है। अगर आप गर्मियों में हिल स्टेशन (Hill station) विजिट करना चाहते हैं, तो आप धारचूला (Dharchula) को अपनी लिस्ट में शामिल कर सकते हैं। जानिए इस स्थान के बारे में विस्तार से। धारचूला (Dharchula): पर्यटकों के लिए एक नयी डेस्टिनेशन धारचूला (Dharchula) उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य के पिथौराखंड डिस्ट्रिक में मौजूद एक कस्बा है। यह हिल स्टेशन (Hill station) इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित है और मानसरोवर यात्रा रूट का एक जरूरी स्टॉप है। यह स्थान प्रसिद्ध है अपने खूबसूरत दृश्यों, ट्रेडिशनल कल्चर और कई ट्रैकिंग व धार्मिक स्थानों की वजह से। अगर आप इस स्थान पर विजिट करना चाहते हैं, तो मार्च से जून और सितम्बर से अक्टूबर तक यहां जानें का सबसे अच्छा समय है। इस समय आसमान सुहाना रहता है और ट्रैकिंग के लिए भी यह समय बेहतरीन है। जुलाई से अगस्त तक यहां बारिशों की वजह से लैंडस्लाइड का खतरा रहता है। इसलिए, इस समय धारचूला (Dharchula) और अन्य पहाड़ी स्थानों को विजिट करने की सलाह नहीं दी जाती है। धारचूला के मुख्य आकर्षण धारचूला (Dharchula) के आसपास कई आकर्षक स्थान हैं जैसे ओम पर्वत, नारायण आश्रम, छिरकिला डैम और अस्कोट वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी आदि। यही नहीं, यहां से कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश के लिए भी जाया जा सकता है। यहां आप लोकल कल्चर और ट्रेडिशन को भी एक्सप्लोर कर सकते हैं।  इसके अलावा आप यहां से पिथौरागढ़, मुंसियारी, मानसरोवर लेक, पटल भुवनेस्वर आदि भी जा सकते हैं। नेपाल भी यहां से नजदीक है, आप वहां की यात्रा भी कर सकते हैं।\ इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन कैसे पहुंचा जा सकता है धारचूला (Dharchula)? धारचूला (Dharchula) में कोई भी रेलवे स्टेशन नहीं है। इससे सबसे नजदीक रेलवे जंक्शन है टनकपुर जो यहां से 240 किलोमीटर दूर है। यहां से आपको आसानी से अन्य बड़ी सिटीज के लिए ट्रेन मिल जायेगी। लेकिन धारचूला (Dharchula) एनएच9 के माध्यम से बड़ी सिटीज से जुड़ा हुआ है जैसे अल्मोड़ा, टनकपुर, हल्द्वानी, देहरादून नयी दिल्ली, नॉएडा आदि। उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य के इस हिल स्टेशन (Hill station) से आपको इन सिटीज के लिए बस भी आसानी से मिल जायेगी या आप कैब भी हायर कर सकते हैं। अगर बात की जाए फ्लाइट की, तो धारचूला (Dharchula) से सबसे नजदीक एयरपोर्ट है पंतनगर जो यहां से 336 किलोमीटर दूर है। आप बाय रोड और ट्रेन इस हिल स्टेशन (Hill station) तक आसानी से पहुंच सकते हैं। तो इन गर्मियों में आप भीड़भाड़ वाले हिल स्टेशंस को छोड़ कर धारचूला (Dharchula) विजिट करना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Hill Station Dharchula #Dharchula #hillstation #hillstations #Uttarakhand #HillStations #Almora #Tanakpur #Haldwani

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National Bank of Financial Infrastructure and Development has released Officers Posts

NaBFID ऑफिसर्स भर्ती: आवेदन करने से पहले पढ़ें ये महत्वपूर्ण जानकारी

बैंक में नौकरी करना एक आकर्षक कैरियर विकल्प है, जिससे न केवल फिनेंशियल स्टेबिलिटी मिलती है बल्कि प्रोफेशनल ग्रोथ में भी सहायता मिलती है। अगर आपका सपना भी बैंक में नौकरी करना है, तो यह खबर आपके लिए अच्छी हो सकती है। नेशनल बैंक ऑफ फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवेलपमेंट (National Bank of Financial Infrastructure and Development) यानी एनएबीएफआईडी (NaBFID) ने ऑफिसर्स पोस्ट के आवेदन लेना शुरू कर दिए हैं। ये पद एनालिस्ट ग्रेड के तहत विभिन्न स्ट्रीम में भरे जाएंगे। इच्छुक कैंडिडेट एनएबीएफआईडी (NaBFID) की ऑफिशियल वेबसाइट से आसानी से अप्लाई कर सकते हैं। आइए जानें नेशनल बैंक ऑफ फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवेलपमेंट द्वारा निकाली ऑफिसर्स पोस्ट (National Bank of Financial Infrastructure and Development has released Officers Posts) के बारे में विस्तार से। नेशनल बैंक ऑफ फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवेलपमेंट द्वारा निकाली ऑफिसर्स पोस्ट (National Bank of Financial Infrastructure and Development has released Officers Posts) एनएबीएफआईडी (NaBFID) से विभिन्न अफसर पदों के लिए 66 पोस्ट्स निकाली हैं। नेशनल बैंक ऑफ फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवेलपमेंट द्वारा निकाली ऑफिसर्स पोस्ट (National Bank of Financial Infrastructure and Development has released Officers Posts) के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 19 मई 2025 है। इसके साथ ही इसके लिए ऑनलाइन परीक्षा की तिथि के बारे में अभी जानकारी नहीं है। उम्मीद है कि यह परीक्षा मई/जून 2025 में ली जाएगी। इन पोस्ट्स के लिए सबसे पहले ऑनलाइन परीक्षा ली जाएंगी। इसके बाद कैंडिडेट्स का पर्सनल इंटरव्यू होगा। इन दोनों के स्कोर्स के अनुसार ही कैंडिडेट्स को चुना जाएगा। शैक्षिक योग्यता एनएबीएफआईडी (NaBFID) द्वारा निकाली इन विभिन्न पोस्ट्स के लिए शैक्षिक योग्यताएं अलग हैं, जैसे: इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन एनएबीएफआईडी ऑफिसर्स पोस्ट्स के लिए इस तरह से करें अप्लाई Latest News in Hindi Today Hindi news NaBFID  #officialwebsite #NationalBankofFinancialInfrastructureandDevelopmenthasreleasedOfficersPosts #NationalBankofFinancialInfrastructureandDevelopment #NaBFID

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27 Arrested for Sedition in Assam: असम में पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में विधायक समेत 27 देशद्रोही गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश भर के लोगों में रोष व्याप्त है। एक तरफ लोग गुस्से में हैं तो दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे हैं जो इस संवेदनशील घड़ी में भी चंद वोटों के खातिर अपनी घटिया राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं। दरअसल, 24 अप्रैल को असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) विधायक अमीन-उल-इस्लाम को नागांव जिले के उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। जानकारी के मुताबिक एक वायरल वीडियो में विधायक ने पहलगाम हमले को केंद्र सरकार की साजिश बताते हुए इसे साल 2019 में हुए पुलवामा हमले से तुलना की। और तो और उन्होंने यह दावा भी किया कि ये हमले राजनीतिक लाभ के लिए करवाया गया है। पुलिस के मुताबिक उनके इस बयान को भड़काऊ और देशद्रोही माना गया। असम पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152, 196 और 113(3) के तहत मामला (27 Arrested for Sedition in Assam) दर्ज किया है।  पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में 27 लोगों को किया गया है गिरफ्तार (27 Arrested for Sedition in Assam)  प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामला दर्ज करने के बाद विधायक को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। इसके साथ ही असम में पाकिस्तान का समर्थन करने या उसका बचाव करने के आरोप में 27 लोगों को गिरफ्तार (27 Arrested for Sedition in Assam) किया गया है। गिरफ्तार किये गए लोगोंपर पहलगाम ह।मले में पाकिस्तान और उसकी मिलीभगत का कथित तौर पर बचाव करने के आरोप में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब तक 27 देशद्रोही पकड़े गए हैं। इस बीच उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा सोमवार रात तक का है।  हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि “असम पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जो सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे थे या पहलगाम हमले में उसकी भूमिका को सही ठहराने की कोशिश कर रहे थे। इनमें से कई गिरफ्तारियां सोशल मीडिया पोस्ट्स के आधार पर की गईं। इनमें कथित तौर पर पाकिस्तान की तारीफ या हमले को जायज ठहराने की कोशिश की गई थी।” इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला जरूरत पड़ने पर की जाएगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई (27 Arrested for Sedition in Assam) जानकारी के मुताबिक शर्मा ने शनिवार को ही चेतावनी देते हुए कहा था कि “अगर जरूरत पड़ी तो गिरफ्तार लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की (27 Arrested for Sedition in Assam) जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान दुश्मन देश हैं। जो लोग पाकिस्तान का समर्थन करते हैं, वे भारत की आत्मा के खिलाफ खड़े हैं।” यही नहीं, इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को बताया कि “इन गिरफ्तारियों में एआईयूडीएफ के विधायक अमीन-उल-इस्लाम भी शामिल हैं।  इन पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू की गई। गौरतलब हो कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन में आतंकवादियों के हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news 27 Arrested for Sedition in Assam #AssamNews #SeditionCharges #PahalgamAttack #PakistanSupport #MLAArrested #AntiNational #BreakingNews #IndianPolitics #NationalSecurity #TerrorSupport

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Middle East pressure on Pakistan

ISI cover up: पाक पर बढ़ा सऊदी-यूएई का दबाव, आर्मी चीफ असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लगी आईएसआई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर सवालों के घेरे में घिरते जा रहे हैं। बड़ी बात यह वो अपने ही घर में घिरते जा रहे हैं। पाकिस्तान के लोगों को ऐसा लग रहा है कि “असीम मुनीर ने अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को जंग के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले पर पाकिस्तानी मामलों के जानकर आफताब इकबाल का कहना है कि “पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार जनता का बड़ा हिस्सा सेना के खिलाफ दिख रहा है। आलम यह है कि मुनीर को बार-बार जनता से सेना का साथ देने की अपील करनी पड़ रही है।” दरअसल, असीम मुनीर ने हाल में हिन्दू-मुस्लिम और टू-नेशन थ्योरी से जुड़े कुछ ऐसे बयान दिए जिसकी वजह से दुनिया का ध्यान उनपर गया है। उनके इस बयान के बाद ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। बड़ी बात यह कि असीम मुनीर के बयान और पहलगाम हमले के तरीके में लिंक होने की बात कई विशेषज्ञ कह चुके है। ऐसे में आईएसआई (ISI cover up) सबूतों को मिटाने के लिए असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लग गई है।  पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का (ISI cover up) दिया गया है निर्देश  इस बीच पाकिस्‍तानी सेना के पूर्व अधिकारी आदिल राजा ने सोशल मीडिया पर अब एक नया दावा कर दिया है। आदिल के दावे के मुताबिक पहलगाम हमले का साजिशकर्ता खुद असीम मुनीर है। फिलहाल पाकिस्तान में इस हमले के सबूत मिटाने का काम चल रहा है। इस पूरे मामले पर आदिल राजा का कहना है कि “पाकिस्तान के खुफिया समुदाय के विश्वसनीय सूत्रों ने खुलासा किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर से सऊदी अरब का पाक सेना और खुफिया एजेंसीआईएसआई पर भारी दवाब है। इसे देखते हुएआईएसआई प्रमुख असीम मलिक को पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का निर्देश (ISI cover up) दिया गया है, क्योंकि कथित तौर पर पहलगाम हमले की योजना आर्मी चीफ असीम मुनीर ने खुद बनाई थी।” हालाँकि आदिल राजा का यह भी दावा है कि “असीम मुनीर ने पहलगाम की साजिश रची क्योंकि उनको लगता था कि इस कदम से उनकी लोकप्रियता बढ़ जाएगी।” लेकिन हुआ इसका उल्टा। लोकप्रियता तो नहीं बढ़ी लेकिन हां, आईएसआई (ISI) पर पूरी दुनिया का दबाव बढ़ता जा रहा है।”  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से हैं खफा  गौर करने वाली बात यह कि अब तो सऊदी अरब जैसे देशों ने भी आईएसआई पर भारी दबाव डालन शुरू कर दिया है। बढ़ते दबाव के कारण ही पहलगाम की घटना से जुड़े सारे सबूतों को मिटाने (ISI cover up) के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,आईएसआई (ISI) के एक अधिकारी ने बताया कि असीम मुनीर किसी साइकोपैथ की तरह सोचते हैं। पहलगाम पर उन्होंने सोचा था कि इससे उनको जनता का समर्थन मिलेगा। लेकिन इसके उलट सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से खफा हैं। यही नहीं अब तो मुनीर को लेकर पाकिस्तान के दूसरे सहयोगी देशों में भी असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है। सहयोगी देश ही नहीं, पाकिस्तानी जनता खुद भी अपने आर्मी चीफ से नाराज है।   Latest News in Hindi Today Hindi news ISI cover up #ISICoverUp #AsimMunir #PakistanArmy #SaudiUAEPressure #ISIExposed #PakistanPolitics #MilitaryScandal #AsimMunirExposed #MiddleEastNews #GeoPolitics

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Mohan Yadav Love Jihad news

Love Jihad: मध्य प्रदेश में बर्दाश्त नहीं लव-जिहाद, चेतावनी देते हुए CM मोहन यादव ने कही यह बड़ी बात

देश में लव जिहाद (Love Jihad) कोई नया नहीं है। आये दिन इसे लेकर बवाल होता रहता है। इसी तरह का मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से प्रकाश में आया है। दरअसल, राजधानी भोपाल के एक कॉलेज में लड़कियों के शोषण का चौंकाने वाला मामला सुर्ख़ियों में बना हुआ है। दरअसल, 18 अप्रैल को भोपाल के लव जिहाद (Love Jihad) के इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ था। इस मामले में पीड़िता बागसेवानिय थाने पहुंची और पहुंचकर अपनी आप बीती पुलिस को बताई। इस दरम्यान पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा कि “आरोपी ने उसे अपनी सहेलियों के उसके दोस्तों से मिलवाने के लिए मजबूर किया था। इसके बाद उन लड़कियों का शोषण किया जाता था। न सिर्फ शोषण किया जाता था बल्कि उन्हें धमकी भी दी जाती थी।” पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक एक आरोपी निजी कॉलेज का पूर्व छात्र है। कुछ साल पहले ही उसने एक लड़की से दोस्ती की थी। उस वक्त पीड़िता नाबालिग थी। उसने अपनी असली पहचान छिपाई थी। उसपर महिला के शोषण का भी आरोप है। उसपर आरोप है कि उसने न सिर्फ पीड़िता के साथ गलत काम किया बल्कि उसका वीडियो भी बनाया। और वीडियो बनाने के बाद से लगातार उसे धमकियां दे रहा है।  मध्य प्रदेश में किसी भी तरह का जिहाद या लव जिहाद (Love Jihad) नहीं किया जाएगा बर्दाश्त  इस मामले पर सख्ती बरतते हुए  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि “मध्य प्रदेश में किसी भी तरह का जिहाद या लव जिहाद (Love Jihad) बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामले को दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि “जो कोई भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह राज्य के अंदर हो या बाहर भाग गया हो, एमपी पुलिस उसे पकड़कर वापस लाएगी।” प्रदेश में बढ़ते लव जिहाद की गंभीरता को देखते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि “मध्य प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। राज्य सुशासन के लिए जाना जाता है।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “जो कोई भी अपराध करेगा, उसे सजा मिलेगी। सरकार किसी भी तरह के जिहाद या लव जिहाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? लव जिहाद (Love Jihad) के इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को किया है गिरफ्तार  प्राप्त जानकारी के मुताबिक भोपाल के टीआईटी कॉलेज में छात्राओं के शोषण के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर (Love Jihad) रही है। कहा जा रहा है कि अब तक इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को पुलिस ने पकड़े गए आरोपी फरहान, साहिल और साज का जुलूस निकाला। इसके अलावा पुलिस दूसरे आरोपियों की तलाश कर रही है। बता दें कि इसके अलावा पुलिस की एक स्पेशल टीम लड़कियों को फंसाने और उनके साथ गलत काम करने के मामले की जांच भी कर रही है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Love Jihad #LoveJihad #MohanYadav #MadhyaPradeshNews #LoveJihadLaw #CMStatement #BreakingNews #IndiaPolitics #InterfaithMarriage #Hindutva #ReligiousConflict

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Akshaya Tritiya 2025 What to Buy If Not Buying Gold

Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया पर क्या खरीदें अगर सोना खरीदना संभव न हो तो?

अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) हिन्दू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व माना जाता है। यह तिथि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है और इसे ‘अविनाशी सौभाग्य’ का प्रतीक माना गया है। अक्षय तृतीया का शाब्दिक अर्थ है – अक्षय, अर्थात कभी न क्षय होने वाला, और तृतीया, यानी तीसरा दिन। इस दिन किए गए दान, पूजन, स्नान, जप-तप और नए कार्यों का फल अक्षय रहता है, इसलिए इसे किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना गया है। खास बात यह है कि अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) पर किसी कार्य के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह स्वयं सिद्ध मुहूर्त होता है। परंपरागत रूप से इस दिन सोने के आभूषण (Gold Jewellery) या धातु खरीदने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन खरीदा गया सोना समृद्धि और सौभाग्य को बढ़ाता है। लेकिन हर कोई सोना (Gold) खरीदने में सक्षम नहीं होता, ऐसे में प्रश्न उठता है कि अगर सोना नहीं खरीद सकते, तो क्या खरीदें? सोने की जगह ये 5 वस्तुएं खरीदना होता है शुभ 1. मिट्टी के बर्तन – मिट्टी का संबंध मंगल ग्रह से होता है। इसे खरीदने से घर में शांति और स्थिरता आती है। साथ ही, यह कर्ज से मुक्ति दिलाने में भी सहायक माना जाता है। 2. हल्दी की गांठ – गुरु ग्रह से संबंधित यह वस्तु ज्ञान, स्वास्थ्य और समृद्धि को बढ़ावा देती है। इसे खरीदने और पूजा स्थान पर रखने से गृह कलह दूर होती है और वैवाहिक जीवन (Married Life) में मिठास आती है। 3 . रूई – रूई का संबंध शुक्र ग्रह से है, जो भौतिक सुख-सुविधाओं और लक्ष्मी कृपा का प्रतीक है। इसे इस दिन खरीदकर घर में रखने से आर्थिक समृद्धि आती है। 4. पीली सरसों – यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाली वस्तु है। पीली सरसों को अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन खरीदकर दरवाजे या पूजा स्थल पर रखने से दरिद्रता दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 5. पीली कौड़ी – यह धन और समृद्धि की प्रतीक मानी जाती है। पीली कौड़ी को तिजोरी या पूजा स्थल में रखने से घर में धनलाभ के योग बनते हैं। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन आदि शंकराचार्य द्वारा रचित कनकधारा स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। यह स्तोत्र देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है और इसका पाठ करने से घर में अन्न, धन और सुख-शांति का वास होता है। अक्षय तृतीया 2025 (Akshaya Tritiya 2025) का मुहूर्त इस वर्ष अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का पर्व 29 अप्रैल 2025 को शाम 5:31 बजे आरंभ होकर 30 अप्रैल 2025 को दोपहर 2:12 बजे तक रहेगा। मुख्य पर्व 30 अप्रैल, बुधवार को मनाया जाएगा। सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त 30 अप्रैल की सुबह 5:31 बजे से लेकर 11:55 बजे तक रहेगा। अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) केवल भौतिक समृद्धि का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उत्थान और शुभ संकल्पों का पर्व भी है। इस दिन यदि सोना खरीदना संभव न हो तो उपर्युक्त 5 वस्तुओं की खरीद से भी अक्षय पुण्य और सुख-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर शुभ कार्य करें, दान दें और सत्कर्मों से जीवन को धन्य बनाएं। Latest News in Hindi Today Hindi News Akshaya Tritiya #AkshayaTritiya2025 #GoldAlternatives #AuspiciousBuying #SilverPurchase #WealthAndProsperity #SpiritualShopping #AkshayaTritiyaTips #HinduFestivals #LuckyItems #FestiveShopping

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BSF jawan detained Pakistan

Pregnant wife plea: गलती से सरहद पार पहुंचे BSF जवान को पाकिस्तानी रेंजरों ने नहीं छोड़ा, परेशान गर्भवती पत्नी ने की यह गुजारिश

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले दिन यानी 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर में एक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान पूर्णम कुमार साव, जो कि गलती से बॉर्डर पार करके पाकिस्तान चला गया था। इस गलती की वजह से उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया। आज छह दिन बीत जाने के बाद भी जवान को पाकिस्तान रेंजर्स ने नहीं रिहा किया है। होती देरी को देख इस बीच बीएसएफ जावन की परेशान पत्नी अपने पति का कुशलक्षेम जानने के लिए सोमवार को कोलकाता से पंजाब पहुंच गई। बता दें कि बीएसएफ (BSF) जवान की पत्नी रजनी जो कि गर्भवती है, वो सोमवार देर शाम को अपने 8 साल के बेटे आरव, 2 बहनों और 1 भाई के साथ चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर (Pregnant wife plea) पहुंची। इस दरम्यान कोलकाता से रवाना होने से पहले बीएसएफ जावन के बेटे ने भावुक होते हुए कहा कि “पाकिस्तान हमारा सब कुछ ले ले, बस मेरे पिता को छोड़ दे।” जरूरत पड़ी तो दिल्ली का भी दरवाजा (Pregnant wife plea) खटखटाएंगी- रजनी  बीएसएफ जवान की पत्नी ने कहा कि “उनके पति को छह दिन पाकिस्तानी सेना ने कैद कर रखा है। वो पंजाब जाकर सीमा सुरक्षा बल के अफसरों से बात करेंगी। और जरूरत पड़ी तो दिल्ली का भी दरवाजा (Pregnant wife plea) खटखटाएंगी।” इस बीच उन्होंने साफ़ कहा कि “बीएसएफ के अधिकारियों ने उनसे कहा है कि वो चिंता न करें, उनके पति ठीक हैं।” जवान की पत्नी ने कहा कि “उनके पति दुश्मन देश की सेना की कैद में तो उनको चिंता कैसे नहीं होगी भला।” इस पूरे मामले पर बीएसएफ जवान की पत्नी ने कहा कि “उनको संदेह हो रहा है कि उनसे अवश्य कुछ छिपाया जा रहा है। दरअसल, 23 अप्रैल को बीएसएफ के जवान पूर्णम कुमार साव फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर फसल काट रहे किसानों पर नजर रखने और उनकी सुरक्षा हेतु गए थे, लेकिन गलती से पूर्णम कुमार साव बॉर्डर पार गए। जहां पाकिस्तानी रेंजर्स से उनको पकड़ लिया।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला जवान को रिहा करने की गुजारिश भी कि लेकिन पाक रेंजर्स जवान को रिहा करने के लिए तैयार नहीं (Pregnant wife plea) हुए ऐसा नहीं है कि बीएसएफ के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिस रोज पूर्णम कुमार साव बॉर्डर पार गए थे उसी दिन बीएसएफ के अधिकारियों ने पाक रेंजर्स से दो बार फ्लैग मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने जवान को रिहा करने की गुजारिश भी कि लेकिन पाक रेंजर्स जवान को रिहा करने के लिए तैयार नहीं (Pregnant wife plea) हुए। इतना ही नहीं, बाद में बार-बार फ्लैग मीटिंग बुलाने पर भी पाकिस्तान का कोई भी अधिकारी बैठक में नहीं आया। कहने की जरुरत नहीं कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बानी हुई है। भारत पहलगाम हमले को पाकिस्तानी सेना की साजिश बता रहा है। पाकिस्तान में भय का माहौल है।  Latest News in Hindi Today Hindi Pregnant wife plea #BSFJawan #PakistanRangers #PregnantWife #BorderIncident #IndiaPakistanTensions #BSFNews #EmotionalPlea #SoldierDetained #BSFUpdate #BreakingNews

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Lord Rama

राम की अंतिम लीला: क्यों लिया भगवान श्रीराम ने सरयू में जल समाधि?

भगवान श्रीराम (Lord Rama) का जीवन भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों में आदर्श पुरुष के रूप में वर्णित है। रामायण की गाथा केवल उनके जीवन के वीरता और धर्मपालन के किस्सों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन के अंतिम चरणों में जल समाधि लेने की घटना भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस पौराणिक कथा के पीछे गहरे धार्मिक और आध्यात्मिक रहस्य छिपे हैं। आइए जानते हैं भगवान राम द्वारा जल समाधि लेने के पीछे की कथा और उसका महत्व। भगवान राम (Lord Rama) का राजतिलक और कालदूत का संदेश लंका विजय और अयोध्या वापसी के बाद भगवान राम का राजतिलक हुआ और अयोध्या में ‘रामराज्य’ की स्थापना हुई। यह कालखंड धर्म, न्याय और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लेकिन समय का चक्र निरंतर चलता रहता है। जब भगवान राम का धरती पर मानव रूप में कार्यकाल पूरा होने का समय आया, तो स्वयं ब्रह्मा के आदेश पर कालदूत उनके पास आया। कालदूत ने भगवान राम को सूचित किया कि अब उनका पृथ्वी पर कार्य समाप्त हो गया है और उन्हें अपने वास्तविक स्वरूप – विष्णु लोक में लौटना होगा। राम ने काल से एकांत में मिलने की बात कही थी। लेकिन उसी समय उनका प्रिय भाई लक्ष्मण कुछ विशेष परिस्थिति में उस गोपनीय सभा में प्रवेश कर गया। भगवान राम ने पहले ही शपथ ली थी कि यदि कोई इस वार्ता के दौरान आएगा, तो उसे त्यागना पड़ेगा। शपथ के पालन हेतु भगवान राम को अत्यंत दुख के साथ लक्ष्मण का त्याग करना पड़ा। लक्ष्मण का त्याग और भगवान राम का निर्णय एक विशेष घटना के दौरान लक्ष्मण जी (Lord Rama) उस कक्ष में प्रवेश कर गए जहाँ भगवान राम और कालदेव (यमराज) के बीच गुप्त वार्ता चल रही थी। इस अनजाने में हुए व्यवधान से उनकी बातचीत में विघ्न उत्पन्न हो गया। भगवान राम ने पहले ही प्रतिज्ञा की थी कि वार्ता में किसी के हस्तक्षेप पर उसे त्यागना होगा। अपनी इसी प्रतिज्ञा का पालन करते हुए, भगवान राम ने भारी हृदय से लक्ष्मण का त्याग कर दिया।लक्ष्मण जी (Laxman Ji) ने अपने बड़े भाई की मर्यादा, प्रतिज्ञा और अयोध्या की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इस निर्णय को सहर्ष स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने भगवान राम से विदा ली और सरयू नदी के तट पर जाकर जल समाधि लेकर अपने सांसारिक जीवन का त्याग कर दिया। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया भगवान राम ने भी ली जल समाधि लक्ष्मण जी (Laxman Ji) के जल समाधि लेने के बाद भगवान राम गहरे शोक में डूब गए। साथ ही उन्हें यह भी भली-भांति ज्ञात हो गया था कि पृथ्वी पर उनके अवतार का उद्देश्य अब पूर्ण हो चुका है। इस बीच ब्रह्मा जी और अन्य देवताओं ने भी उन्हें अपने दिव्य धाम, बैकुंठ, लौटने का आग्रह किया।अंततः भगवान राम (Lord Rama) ने सरयू नदी के तट पर पहुंचकर उसमें प्रवेश किया और जल समाधि के माध्यम से अपनी पृथ्वी पर लीला का समापन किया। इस प्रकार वे अपने मूल धाम, बैकुंठ, में लौट गए। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Lord Rama #LordRam #JalSamadhi #Ramayana #Ayodhya #HinduMythology #RamFinalLeela #ShriRam #SaryuRiver #RamSamadhi #RamStory

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Vaibhav Suryavanshi Shines in Rajasthan's

Vaibhav Suryavanshi: 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी के आगे बेबस हुई गुजरात टाइटंस, राजस्थान ने दी करारी शिकस्त

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 18वें सीजन का मुकाबला बढ़ते समय के साथ-साथ रोमांचक होता जा रहा है। आईपीएल 2025 का 47वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और  गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने गुजरात टाइटंस को करारी शिकस्त दी। बड़ी बात यह कि इस मुकाबले में 14 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने अपनी तूफानी पारी से इतिहास रच दिया। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात ने राजस्थान को 210 रनों का लक्ष्य दिया था। गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने अपने बल्ले से जमकर रन बटोरे। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने 50 गेंदों में 84 रन बनाए तो वहीं साई सुदर्शन ने 39 रन की पारी खेली। पहले विकेट के लिए इन दोनों ने  93 रनों की साझेदारी की। इस तरह गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 211 रनों का लक्ष्य दिया। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से सबसे अधिक महेश तीक्षणा ने दो विकेट लिए। उन्होंने गुजरात के सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन और शुभमन गिल को पवेलियन भेजा। इसके अलावा जोफ्रा आर्चर और संदीप शर्मा को 1-1 विकेट मिला। वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने महज 35 गेंदों में जड़ा शतक  गुजरात टाइटंस द्वारा दिए गए 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों ने भी जमकर अपने बल्ले का जौहर दिखाया। खासकर वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए 166 रन की तूफानी साझेदारी की। जहाँ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने महज 35 गेंदों में शतक जड़कर कमाल कर दिया तो वहीं यशस्वी जायसवाल ने 40 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए। 101 रन बनाकर आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए नितीश राणा मजह 4 रन की पारी खेलकर आउट हो गए। इसके बाद अंत में कप्तान रियान पराग ने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर 25 गेंद शेष रहते ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस के गेंदबाज पूरी तरह से नाकामयाब रहे। बता दें कि अधिकतर गेंदबाजों ने 15 से भी ज्यादा की इकोनॉमी से रन दिए। राशिद खान को छोड़कर गुजरात के सभी गेंदबाज टीम की हार का कारण बने।  इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की बल्लेबाजी के बदौलत राजस्थान ने आसानी से जीता मैच बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में इतिहास रच दिया। वो आईपीएल के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। यही नहीं, उन्होंने यूसुफ पठान का भी रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। दरअसल, यूसुफ पठान ने आईपीएल में 37 गेंदों में शतक लगाया था। 35 गेंदों में शतक लगाकर वैभव ने पठान का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 11 छक्के और 7 चौके लगाए हैं। इस मुकाबले में वह 37 गेंदों में 101 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। गौर करने वाली बाय यह कि इस मुकाबले में 14 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर अपने बल्ले से जमकर कोहराम मचाया। इस तरह आईपीएल में वो सबसे कम उम्र में विस्फोटक शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। यह वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की बल्लेबाजी का ही कमाल था जो राजस्थान ने 2 विकेट खोकर 211 रनों के लक्ष्य को महज 15.5 ओवर में हासिल कर लिया। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Vaibhav Suryavanshi #VaibhavSuryavanshi #RajasthanRoyals #GujaratTitans #IPL2025 #CricketProdigy #TeenCricketer #ExplosiveBatting #YoungTalent #IPLHighlights #CricketNews

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Mastermind of Pahalgam attack

Mastermind of Pahalgam attack: पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड रह चुका है पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप का कमांडो

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों को ढूंढने के लिए रात दिन एक कर दिया है। अनवरत जांच में अब एक नया खुलासा हुआ है। खुलासे के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने इस हत्याकांड के पीछे एक मुख्य आतंकवादी की पहचान कर ली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आतंकी की पहचान पाकिस्तानी नागरिक और पाकिस्तान के स्पेशल फोर्स के पूर्व पैरा कमांडो हाशिम मूसा (Mastermind of Pahalgam attack) के रूप में हुई है। हाशिम मूसा को ही पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले के पीछे का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। रक्षा सूत्रों ने खुलासा किया है कि मूसा, जो कि अब लश्कर-ए-तैयबा के साथ काम कर रहा है। मूसा को जम्मू और कश्मीर भेजे जाने से पहले पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक मूसा को भारतीय और विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों सहित गैर-स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था। पहलगाम के आतंकियों को विशेष सैन्य प्रशिक्षण (Mastermind of Pahalgam attack) दिया गया था महत्वपूर्ण बात यह है कि एक जिपलाइनिंग वीडियो के बाद यह खुलासा हुआ है जिसमें आतंकवादियों को सटीकता के साथ भागते लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया (Mastermind of Pahalgam attack) है। दरअसल, यहां एक पर्यटक जिपलिंग कर रहा था और इसी दौरान वह सेल्फी वीडियो भी बना रहा था। इस वीडियो के बैकग्राउंड में दिख रहा है कि कैसे लोग आतंकी हमले के बाद भाग रहे हैं और आतंकी उन्हें निशाना बना रहे हैं। इस वीडियो को देखकर यह साफ कहा जा सकता है कि आतंकियों को विशेष सैन्य प्रशिक्षण दिया गया था। बता दें कि पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बनते जा रहे हैं। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।   इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला पहलगाम आतंकी हमले (Mastermind of Pahalgam attack) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल बने हुए हैं गौरतलब हो कि पहलगाम आतंकी हमले (Mastermind of Pahalgam attack) के बाद भारत सरकार ने कई कड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों में अटारी में बॉर्डर बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को निलंबित करना, उन्हें अपने देश लौटने के लिए 40 घंटे का समय देना और दोनों पक्षों के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या कम करना इत्यादि शामिल है। इसके अलावा बड़ी बात यह कि भारत ने पहलगाम हमले के मद्देनजर 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी स्थगति कर दिया है। सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद तिलमिलाए पाकिस्तान ने परमाणु युद्ध की खुली धमकी दी डाली है। अहम बात यह कि पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल बने हुए हैं। तनाव का आलम यह है कि दोनों के बीच कभी भी युद्ध हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mastermind of Pahalgam attack #PahalgamAttack #PakistanTerror #SSGCommando #TerrorMastermind #KashmirViolence #IndiaSecurity #TerrorAlert #JammuAndKashmir #PakistaniInvolvement #IndiaVsTerror

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