प्रमुख खबरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स में “Guardian of the Blue Horizon” सम्मान से सम्मानित किया गया

विक्टोरिया (सेशेल्स), 28 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके आधिकारिक सेशेल्स दौरे के दौरान देश के प्रतिष्ठित सम्मान “Guardian of the Blue Horizon” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने, हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने तथा विकास साझेदारी को नई दिशा देने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। राष्ट्रीय दिवस समारोह में मिला सम्मान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इसी अवसर पर सेशेल्स के राष्ट्रपति ने उन्हें “Guardian of the Blue Horizon” सम्मान प्रदान किया। समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, विदेशी प्रतिनिधिमंडल और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। भारत-सेशेल्स संबंधों को नई मजबूती अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध साझा विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं समृद्धि के साझा संकल्प पर आधारित हैं। समुद्री सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी पर जोर दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा सहयोग, जलवायु परिवर्तन और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। कई समझौतों पर हस्ताक्षर भारत और सेशेल्स के बीच विकास परियोजनाओं, डिजिटल सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़े कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई संभावनाओं पर भी चर्चा की। विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और क्षेत्रीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे भारत की ‘सागर (Security and Growth for All in the Region)’ नीति को भी नई मजबूती मिलेगी। भारत-सेशेल्स साझेदारी होगी और मजबूत दौरे के समापन पर दोनों देशों ने भविष्य में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, मत्स्य पालन और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देने पर सहमति व्यक्त की। अधिकारियों के अनुसार यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। स्रोत:प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विदेश मंत्रालय (MEA), सेशेल्स सरकार मूल रिपोर्ट:प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय एवं आधिकारिक सरकारी बयानों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

IMD ने अगले 5 दिनों के लिए पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली, 28 जून। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के पूर्वोत्तर राज्यों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसून और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी IMD के पूर्वानुमान के अनुसार असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा दर्ज होने की भी संभावना जताई गई है। भूस्खलन और जलभराव का खतरा लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका बढ़ गई है। सिक्किम और उत्तर बंगाल के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने के लिए कहा गया है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है तथा नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मानसून की गतिविधियां हुईं तेज मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा की तीव्रता बनी रह सकती है। यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह IMD ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोग मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही सफर करें। तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। कृषि पर भी रहेगा असर विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। किसानों को स्थानीय कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सतर्क रहने की अपील की IMD ने कहा है कि मौसम की स्थिति लगातार बदल रही है और आवश्यकता पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:IMD की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

भारतीय वायुसेना ने ग्रुप-C (MTS सहित) पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए

नई दिल्ली, 27 जून। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने बड़ी भर्ती का अवसर प्रदान किया है। वायुसेना ने ग्रुप-C के विभिन्न सिविलियन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) के अलावा लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC), हिंदी टाइपिस्ट, कुक, हाउस कीपिंग स्टाफ, स्टोर कीपर, कारपेंटर, पेंटर, मेस स्टाफ, ड्राइवर और अन्य पद शामिल हैं। भर्ती के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। किन पदों पर होगी भर्ती भारतीय वायुसेना द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार Group-C के तहत विभिन्न एयर फोर्स स्टेशनों के लिए कई सिविलियन पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें MTS, LDC, हिंदी टाइपिस्ट, स्टोर कीपर, कुक, कारपेंटर, ड्राइवर, हाउस कीपिंग स्टाफ, धोबी, मेस स्टाफ और अन्य तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पद शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित एयर फोर्स स्टेशन के पते पर डाक के माध्यम से भेजना होगा। आवेदन पत्र अधिसूचना में दिए गए प्रारूप के अनुसार ही स्वीकार किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता अलग निर्धारित की गई है। अधिकांश पदों के लिए 10वीं या 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जबकि कुछ पदों के लिए संबंधित ट्रेड में आईटीआई, टाइपिंग कौशल या ड्राइविंग लाइसेंस जैसी अतिरिक्त योग्यता भी आवश्यक है। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। आयु सीमा भर्ती के लिए सामान्यतः न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 25 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। आयु की गणना अधिसूचना में निर्धारित तिथि के अनुसार की जाएगी। चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, स्किल/प्रैक्टिकल टेस्ट (जहां लागू हो), दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। अंतिम मेरिट सूची सभी चरणों में सफल अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि भारतीय वायुसेना ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन भेजने की अपील की है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों की जांच कर लें और केवल आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार ही आवेदन करें। युवाओं के लिए सुनहरा अवसर रक्षा क्षेत्र में सरकारी नौकरी की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण मानी जा रही है। Group-C के पदों पर चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के वेतनमान, भत्तों और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इच्छुक उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। स्रोत:भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) मूल रिपोर्ट:भारतीय वायुसेना की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना एवं विभिन्न राष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

भारत में AI सेक्टर के विस्तार के बीच OpenAI ने भारत के लिए नए मैनेजिंग डायरेक्टर की नियुक्ति की

नई दिल्ली, 27 जून। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते उपयोग और डिजिटल परिवर्तन को देखते हुए OpenAI ने भारत के लिए प्रभजीत सिंह को नया मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) नियुक्त किया है। कंपनी का कहना है कि इस नियुक्ति का उद्देश्य भारत में AI तकनीक के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना, स्थानीय साझेदारियों को मजबूत करना और डेवलपर इकोसिस्टम के साथ गहरा सहयोग स्थापित करना है। भारत बना OpenAI के लिए रणनीतिक बाजार OpenAI ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते AI बाजारों में से एक है। बड़ी संख्या में डेवलपर्स, स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थान और उद्योग AI तकनीकों को अपना रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए स्थानीय नेतृत्व की नियुक्ति कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कौन हैं प्रभजीत सिंह? प्रभजीत सिंह टेक्नोलॉजी और डिजिटल बिजनेस सेक्टर का लंबा अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे कई प्रमुख वैश्विक टेक कंपनियों में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। OpenAI में उनका मुख्य फोकस भारत में व्यवसाय विस्तार, सरकारी एवं निजी संस्थानों के साथ सहयोग और AI आधारित समाधानों को बढ़ावा देना होगा। AI इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा कंपनी के अनुसार भारत में डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए AI टूल्स और सेवाओं को अधिक सुलभ बनाया जाएगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, वित्तीय सेवाओं और सार्वजनिक प्रशासन जैसे क्षेत्रों में AI आधारित समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। सरकार और उद्योग के साथ सहयोग पर जोर OpenAI ने संकेत दिया है कि वह भारत सरकार, उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर जिम्मेदार AI विकास को प्रोत्साहित करेगी। कंपनी का उद्देश्य सुरक्षित, पारदर्शी और नैतिक AI के उपयोग को बढ़ावा देना है ताकि तकनीक का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। भारत में बढ़ रही AI की मांग विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के कारण AI की मांग लगातार बढ़ रही है। बैंकिंग, ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, मैन्युफैक्चरिंग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI आधारित समाधान तेजी से अपनाए जा रहे हैं। ऐसे समय में OpenAI की यह नियुक्ति भारतीय बाजार के महत्व को दर्शाती है। स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को होगा लाभ नई नियुक्ति के बाद उम्मीद की जा रही है कि भारतीय स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को OpenAI के साथ सहयोग के अधिक अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर AI इनोवेशन, रिसर्च और नए उत्पादों के विकास को गति मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत का AI इकोसिस्टम और मजबूत होगा। भविष्य की रणनीति OpenAI ने स्पष्ट किया है कि भारत उसके लिए प्राथमिक बाजारों में शामिल है। कंपनी आने वाले समय में स्थानीय साझेदारियों, डेवलपर कार्यक्रमों और AI शिक्षा से जुड़े प्रयासों को और मजबूत करेगी। साथ ही जिम्मेदार AI उपयोग और सुरक्षा मानकों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्रोत:OpenAI एवं कंपनी की आधिकारिक जानकारी मूल रिपोर्ट:OpenAI की आधिकारिक घोषणा तथा विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

वेनेजुएला भूकंप में मृतकों की संख्या 920 के पार, राहत अभियान लगातार जारी

कराकास, 27 जून। वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 920 से अधिक हो गई है, जबकि 3,300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राहत एजेंसियां और आपदा प्रबंधन दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। दो शक्तिशाली भूकंपों से मची तबाही बताया गया है कि उत्तरी वेनेजुएला में कुछ ही समय के अंतराल पर दो तेज भूकंप आए, जिनकी तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई। कम गहराई पर आए इन झटकों के कारण कई इमारतें ढह गईं और व्यापक स्तर पर जन-धन का नुकसान हुआ। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में राजधानी कराकास के आसपास का इलाका और ला ग्वायरा राज्य शामिल हैं। राहत एवं बचाव अभियान जारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां, सेना और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। बचावकर्मी भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार अब भी कई लोग इमारतों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। हजारों लोग घायल, कई परिवार बेघर सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3,360 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राहत शिविरों में भोजन, पानी तथा चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कई अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे संचालित की जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सहायता पहुंचनी शुरू भूकंप के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सहायता की पेशकश की है। विदेशी खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा विशेषज्ञ और राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच रही है। मानवीय सहायता एजेंसियां अस्थायी आश्रय, खाद्य सामग्री और दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी हैं। आफ्टरशॉक्स से बढ़ी चिंता मुख्य भूकंप के बाद कई हल्के झटके भी महसूस किए गए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने नागरिकों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि आफ्टरशॉक्स की संभावना अभी बनी हुई है। सरकार ने तेज की निगरानी वेनेजुएला सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की निगरानी के लिए विशेष नियंत्रण केंद्र स्थापित किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना, घायलों का उपचार और विस्थापित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही क्षतिग्रस्त भवनों और बुनियादी ढांचे का आकलन भी किया जा रहा है। मानवीय संकट गहराने की आशंका विशेषज्ञों का मानना है कि राहत कार्य जितना लंबा चलेगा, प्रभावित लोगों के सामने भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी चुनौतियां उतनी बढ़ेंगी। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने राहत प्रयासों को और तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके। स्रोत:वेनेजुएला राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां एवं आधिकारिक सरकारी जानकारी मूल रिपोर्ट:अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों एवं आधिकारिक बयानों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

फीफा विश्व कप 2026 में आज अर्जेंटीना, इंग्लैंड और पुर्तगाल समेत कई बड़ी टीमों के मुकाबले खेले जाएंगे

नई दिल्ली, 27 जून। फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण का रोमांच अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। शनिवार को फुटबॉल प्रेमियों के लिए बेहद अहम दिन रहने वाला है क्योंकि आज अर्जेंटीना, इंग्लैंड, पुर्तगाल समेत कई बड़ी टीमें अपने-अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले खेलेंगी। इन मैचों के नतीजे न केवल ग्रुप की अंतिम स्थिति तय करेंगे बल्कि नॉकआउट चरण की तस्वीर भी काफी हद तक साफ कर देंगे। आज खेले जाएंगे छह अहम मुकाबले फीफा के कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को कुल छह मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें सबसे अधिक चर्चा अर्जेंटीना, इंग्लैंड और पुर्तगाल के मैचों की है। इन टीमों के प्रदर्शन पर दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजर रहेगी। आज के प्रमुख मुकाबले अर्जेंटीना पर रहेगी सबकी नजर विश्व चैंपियन अर्जेंटीना अपने अंतिम ग्रुप मैच में जॉर्डन का सामना करेगी। टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर ग्रुप में शीर्ष स्थान के साथ नॉकआउट चरण में प्रवेश करना चाहेगी। कोच और टीम प्रबंधन भी अंतिम-16 से पहले अपनी सर्वश्रेष्ठ संयोजन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। इंग्लैंड और पुर्तगाल के लिए भी अहम परीक्षा इंग्लैंड की टीम पनामा के खिलाफ मैदान में उतरेगी, जबकि पुर्तगाल का मुकाबला कोलंबिया से होगा। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जीत उन्हें अगले दौर में मजबूत स्थिति दिला सकती है। फुटबॉल विशेषज्ञों के अनुसार इन मुकाबलों में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। नॉकआउट चरण की तस्वीर होगी साफ आज के मुकाबलों के बाद कई ग्रुपों की अंतिम स्थिति तय हो जाएगी। फीफा के नए 48-टीम प्रारूप में प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सीधे अगले दौर में पहुंचती हैं, जबकि सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें भी नॉकआउट में जगह बनाती हैं। ऐसे में हर गोल और हर अंक बेहद महत्वपूर्ण होगा। फुटबॉल प्रशंसकों में उत्साह विश्व कप के रोमांचक मुकाबलों को लेकर दुनियाभर के फुटबॉल प्रशंसकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी आज होने वाले मुकाबलों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के मैचों में कई बड़े उलटफेर भी देखने को मिल सकते हैं, जिससे नॉकआउट चरण और अधिक रोमांचक बन जाएगा। आगे क्या? 27 जून के मुकाबलों के समाप्त होने के बाद नॉकआउट चरण की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। जिन टीमों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा, वे अगले दौर में खिताब की दौड़ को आगे बढ़ाएंगी, जबकि हारने वाली टीमों का सफर यहीं समाप्त हो सकता है। इसलिए आज का दिन फीफा विश्व कप 2026 के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक माना जा रहा है। स्रोत:FIFA, आधिकारिक मैच कार्यक्रम मूल रिपोर्ट:FIFA World Cup 2026 आधिकारिक शेड्यूल एवं विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल समाचार स्रोतों के आधार पर. जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

केंद्र सरकार ने पासपोर्ट शुल्क में संशोधन की घोषणा की, नई फीस 1 जुलाई 2026 से होगी लागू

नई दिल्ली, 27 जून। केंद्र सरकार ने भारतीय पासपोर्ट सेवाओं के लिए शुल्क संरचना में संशोधन की घोषणा की है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नई शुल्क दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य पासपोर्ट सेवाओं को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाना है। 1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें सरकार ने स्पष्ट किया है कि संशोधित शुल्क 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे। इससे पहले जमा किए गए आवेदनों पर पुरानी शुल्क दरें लागू रहेंगी, जबकि नई तिथि के बाद किए जाने वाले सभी आवेदनों पर संशोधित शुल्क लिया जाएगा। किन सेवाओं पर पड़ेगा असर नई शुल्क संरचना का प्रभाव सामान्य पासपोर्ट, तत्काल (Tatkal) सेवा, पासपोर्ट नवीनीकरण और कुछ अन्य संबंधित सेवाओं पर पड़ेगा। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सभी नई दरों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल और पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाएगी। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी रहेगी पासपोर्ट के लिए आवेदन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नागरिक पहले की तरह ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे, अपॉइंटमेंट बुक कर सकेंगे और निर्धारित तिथि पर पासपोर्ट सेवा केंद्र जाकर दस्तावेज़ सत्यापन करा सकेंगे। विदेश मंत्रालय ने क्या कहा विदेश मंत्रालय के अनुसार समय-समय पर शुल्क की समीक्षा की जाती है ताकि सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके और तकनीकी ढांचे को मजबूत किया जा सके। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें। यात्रियों और छात्रों पर असर विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों, छात्रों और नौकरी के लिए विदेश जाने वाले आवेदकों को 1 जुलाई के बाद नई शुल्क दरों के अनुसार आवेदन करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते आवेदन करने से आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार शुल्क का लाभ उठा सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट से करें जानकारी की पुष्टि सरकार ने सभी नागरिकों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नई शुल्क सूची और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अवश्य जांच लें। इससे आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। विदेश मंत्रालय का कहना है कि संशोधित शुल्क के बावजूद पासपोर्ट सेवाओं को अधिक तेज, सुरक्षित और डिजिटल बनाने का प्रयास जारी रहेगा। आने वाले समय में नागरिकों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई अन्य सुधार भी किए जाएंगे। स्रोत:विदेश मंत्रालय (MEA), पासपोर्ट सेवा मूल रिपोर्ट:विदेश मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा एवं राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

रामगढ़ सड़क हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी, प्रशासन ने जांच के दिए आदेश

रामगढ़, 27 जून। झारखंड के रामगढ़ जिले में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य में जुटी हुई हैं। हादसे में घायल लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया गया है। घटना की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। राहत एवं बचाव अभियान जारी हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। बचाव दल ने क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। घायलों का इलाज जारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार हादसे में घायल कई लोगों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। डॉक्टरों की विशेष टीम मरीजों की निगरानी कर रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। प्रशासन ने अस्पतालों को सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जांच के आदेश जिला प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की जांच कर रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल इस दुर्घटना के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाना आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। सरकार ने सहायता का भरोसा दिलाया राज्य सरकार ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों को राहत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने और घायलों के उपचार में पूरी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी जिला प्रशासन ने बताया कि राहत एवं बचाव अभियान की लगातार निगरानी की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके। घटना की जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी। स्रोत:झारखंड पुलिस, रामगढ़ जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग मूल रिपोर्ट:जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी तथा विभिन्न राष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा स्थगित, जांच शुरू

मुंबई, 27 जून। महाराष्ट्र में आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 को पेपर लीक की आशंका के बाद स्थगित कर दिया गया है। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने यह निर्णय परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया। यह परीक्षा 28 जून को राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होनी थी, लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले सामने आए घटनाक्रम के बाद इसे टाल दिया गया। भिवंडी में पुलिस छापे के बाद हुआ खुलासा अधिकारियों के अनुसार पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि ठाणे जिले के भिवंडी क्षेत्र में कुछ लोगों के पास परीक्षा से जुड़े प्रश्न मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा, जहां से बरामद सामग्री की जांच के लिए महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को बुलाया गया। प्रारंभिक जांच में बरामद प्रश्नों का मिलान वास्तविक प्रश्नपत्र से होने की आशंका सामने आई। इसके बाद तुरंत आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। परीक्षा स्थगित करने का फैसला MSCE ने आधिकारिक बयान में कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 28 जून को प्रस्तावित परीक्षा को स्थगित किया गया है ताकि विस्तृत जांच पूरी की जा सके। परिषद ने स्पष्ट किया कि नई परीक्षा तिथि जल्द आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित की जाएगी। अभ्यर्थियों को दोबारा आवेदन की आवश्यकता नहीं परीक्षा परिषद ने उम्मीदवारों को आश्वस्त किया है कि उन्हें दोबारा आवेदन करने या अतिरिक्त शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन अभ्यर्थियों ने पहले से पंजीकरण कराया है, उनका आवेदन नई परीक्षा तिथि के लिए स्वतः मान्य रहेगा। परिषद ने उम्मीदवारों से केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। तीन संदिग्धों पर कार्रवाई, जांच जारी पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रश्नपत्र कैसे लीक हुआ और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष ने सरकार को घेरा घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि लगातार परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से युवाओं का भरोसा प्रभावित हो रहा है। वहीं सरकार ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और पूरी जांच निष्पक्ष ढंग से होगी। अभ्यर्थियों से धैर्य रखने की अपील महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने सभी अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचना का इंतजार करने की अपील की है। परिषद का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी तथा परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित किया जाएगा। स्रोत:महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE), ठाणे पुलिस एवं शिक्षा विभाग मूल रिपोर्ट:PTI, MSCE की आधिकारिक जानकारी तथा विभिन्न राष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सेशेल्स पहुंचे, राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होंगे और द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे

विक्टोरिया (सेशेल्स), 27 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। साथ ही दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे, जिनमें समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा। समारोह में कई देशों के प्रतिनिधिमंडल भी भाग ले रहे हैं। राष्ट्रपति और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। दोनों पक्ष द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठक में विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल सहयोग पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर पर विशेष फोकस भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। इस यात्रा में समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा, समुद्री डकैती की रोकथाम और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती दे सकती है। व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा द्विपक्षीय वार्ताओं में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान रहेगा। दोनों देश पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, अक्षय ऊर्जा और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने पर विचार करेंगे। भारतीय कंपनियों के लिए सेशेल्स में निवेश के नए अवसरों पर भी चर्चा होने की संभावना है। विकास साझेदारी पर रहेगा जोर भारत पिछले कई वर्षों से सेशेल्स में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में सहयोग करता रहा है। इस दौरे के दौरान नई विकास परियोजनाओं और चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ाने के लिए नई पहलों पर भी विचार किया जा सकता है। भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगी नई दिशा विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और सेशेल्स के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते सामरिक महत्व को देखते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग आने वाले वर्षों में और व्यापक हो सकता है। विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि यह यात्रा क्षेत्रीय स्थिरता और साझा विकास के दृष्टिकोण से भी अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ और हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की नीति के अनुरूप मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच होने वाली बैठकों और संभावित समझौतों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है। स्रोत:प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), विदेश मंत्रालय (MEA) एवं आधिकारिक सरकारी जानकारी मूल रिपोर्ट:विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »