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‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों और सैन्य आत्मनिर्भरता पर जोर दिया

नई दिल्ली, 28 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देश की रक्षा और सुरक्षा से जुड़ी स्वदेशी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत “समुद्र से आसमान तक लगातार अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।” उन्होंने जून महीने में रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों को आत्मनिर्भर भारत अभियान की महत्वपूर्ण सफलता बताया। स्वदेशी नौसैनिक प्लेटफॉर्म का किया उल्लेख प्रधानमंत्री ने हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किए गए INS Dunagiri, INS Sanshodhak और INS Agray का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्लेटफॉर्मों का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह भारत में हुआ है। उन्होंने इसे देश की बढ़ती रक्षा निर्माण क्षमता और स्वदेशी तकनीक का प्रमाण बताया। मेड-इन-इंडिया C-295 विमान की सराहना अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत में निर्मित C-295 सैन्य परिवहन विमान की पहली सफल उड़ान का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे 40 विमानों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एयरोस्पेस उद्योग, एमएसएमई क्षेत्र और रोजगार को नई गति मिलेगी। DRDO की मिसाइल उपलब्धि का भी जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने DRDO द्वारा स्वदेशी लॉन्ग-रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) के सफल परीक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में DRDO और भारतीय उद्योगों ने मिलकर काम किया है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आत्मनिर्भर भारत को मिल रही नई मजबूती प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत नहीं करता, बल्कि उद्योग, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम कर स्वदेशी उत्पादन को लगातार बढ़ा रहा है। नागरिकों के योगदान की भी सराहना प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से संभव होती है। साथ ही उन्होंने अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच अपनाने का भी संदेश दिया। रक्षा क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक पहचान विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन, आधुनिक सैन्य तकनीक और अनुसंधान में बढ़ते निवेश से भारत की वैश्विक रक्षा क्षमता लगातार मजबूत हो रही है। इससे रक्षा निर्यात बढ़ाने और घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन मिलने की भी संभावना है। आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण पर रहेगा फोकस सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रक्षा उत्पादन, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को और गति देना है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि स्वदेशी तकनीक और भारतीय उद्योगों की भागीदारी से भारत रक्षा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। स्रोत:प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) मूल रिपोर्ट:प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड और आधिकारिक सरकारी बयानों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में, सुरक्षा व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा

श्रीनगर, 28 जून। वार्षिक अमरनाथ यात्रा 2026 के शुभारंभ से पहले प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यात्रा मार्गों, बेस कैंपों और प्रमुख पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई है। अधिकारियों के अनुसार तीर्थयात्रियों की सुरक्षित और सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंधन लागू किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों की संयुक्त तैनाती की जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस और नियमित गश्त की व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की तैयारी तीर्थयात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यात्रा मार्ग पर अस्थायी अस्पताल, मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस और आपातकालीन चिकित्सा दल तैनात किए जा रहे हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन, दवाइयों और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। यात्रा मार्गों का निरीक्षण प्रशासन ने बालटाल और पहलगाम दोनों पारंपरिक मार्गों का निरीक्षण किया है। सड़क, पुल, पेयजल, बिजली, संचार और विश्राम स्थलों की तैयारियों की समीक्षा की गई है। संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम पर रहेगी विशेष नजर मौसम विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर यात्रा अवधि के दौरान मौसम की नियमित निगरानी की जाएगी। भारी बारिश, भूस्खलन या अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों की स्थिति में तीर्थयात्रियों को समय पर सूचना देने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सलाह प्रशासन ने यात्रियों से केवल आधिकारिक पंजीकरण के बाद ही यात्रा करने, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र साथ रखने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पीने, मौसम के अनुरूप कपड़े पहनने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की भी सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन और एजेंसियों का समन्वय यात्रा को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। पुलिस, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, परिवहन, बिजली, जलापूर्ति और संचार विभाग संयुक्त रूप से तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता अधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष यात्रा के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशासन ने विश्वास जताया है कि सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी और यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगी। स्रोत:श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB), जम्मू-कश्मीर प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां मूल रिपोर्ट:आधिकारिक प्रशासनिक ब्रीफिंग, श्राइन बोर्ड और राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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यूरोप में रिकॉर्ड हीटवेव के बीच फ्रांस में चार दिनों में 1,000 मौतों की रिपोर्ट, स्वास्थ्य एजेंसियों ने सतर्क रहने की सलाह दी

पेरिस, 28 जून। यूरोप इन दिनों भीषण हीटवेव की चपेट में है और इसका सबसे अधिक असर फ्रांस सहित कई पश्चिमी एवं दक्षिणी यूरोपीय देशों में देखा जा रहा है। फ्रांसीसी स्वास्थ्य एजेंसियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, पिछले चार दिनों में अत्यधिक गर्मी से जुड़ी घटनाओं में लगभग 1,000 लोगों की मौत दर्ज की गई है। लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। कई शहरों में रिकॉर्ड तापमान फ्रांस के कई शहरों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। कुछ क्षेत्रों में पारा 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है तथा लोगों को दिन के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक प्रभावित स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी का सबसे अधिक खतरा बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य एजेंसियों ने जारी की एडवाइजरी फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियों ने नागरिकों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने, धूप के समय बाहर निकलने से बचने और अकेले रहने वाले बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन ने कई शहरों में अस्थायी कूलिंग सेंटर भी खोले हैं। अन्य यूरोपीय देश भी प्रभावित स्पेन, इटली, पुर्तगाल, जर्मनी और बेल्जियम सहित कई अन्य यूरोपीय देशों में भी रिकॉर्ड तापमान दर्ज किया जा रहा है। कई स्थानों पर जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं, जबकि बिजली की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जलवायु परिवर्तन पर फिर बढ़ी चिंता जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को दर्शाती हैं। उनका मानना है कि भविष्य में ऐसी हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं, इसलिए दीर्घकालिक अनुकूलन रणनीतियों पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है। सरकार ने निगरानी बढ़ाई फ्रांस सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन सहायता और स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीमों की संख्या बढ़ाई गई है और लगातार स्थिति की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से केवल आधिकारिक मौसम और स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों की सलाह डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, नियमित रूप से पानी पीना, कैफीन और शराब का सीमित सेवन करना तथा शरीर में गर्मी बढ़ने के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। हीटवेव के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है। स्रोत:फ्रांस स्वास्थ्य मंत्रालय, यूरोपीय मौसम एजेंसियां मूल रिपोर्ट:फ्रांस सरकार, यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसियों एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती लिखित परीक्षा का परिणाम जारी, 1.07 लाख से अधिक अभ्यर्थी DV/PST के लिए चयनित

लखनऊ, 28 जून। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने होमगार्ड भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत 41,424 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। बोर्ड ने 1,07,221 अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन (Document Verification – DV) और शारीरिक मानक परीक्षा (Physical Standard Test – PST) के अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हुआ रिजल्ट जिन उम्मीदवारों ने 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को आयोजित लिखित परीक्षा में भाग लिया था, वे अब अपना परिणाम UPPRPB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। उम्मीदवार अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि की सहायता से लॉगिन कर परिणाम डाउनलोड कर सकते हैं। 41,424 पदों के लिए चल रही है भर्ती यह भर्ती अभियान उत्तर प्रदेश में होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित किया जा रहा है। राज्यभर से लाखों अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था, जिसके बाद लिखित परीक्षा के आधार पर अगले चरण के लिए उम्मीदवारों का चयन किया गया है। DV और PST की तिथि जल्द होगी घोषित UPPRPB ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेज सत्यापन (DV) और शारीरिक मानक परीक्षा (PST) की तिथियां अलग से आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी। चयनित अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से बोर्ड की वेबसाइट पर जारी होने वाले नोटिस देखते रहें। ऐसे करें रिजल्ट चेक रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को: चयन प्रक्रिया अभी बाकी लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को अभी दस्तावेज सत्यापन, PST तथा भर्ती प्रक्रिया के अन्य निर्धारित चरणों से गुजरना होगा। अंतिम चयन सभी चरणों में प्रदर्शन और निर्धारित नियमों के अनुसार तैयार की जाने वाली मेरिट सूची के आधार पर होगा। उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सलाह बोर्ड ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं पर ही भरोसा करें। DV/PST की तिथि, आवश्यक दस्तावेजों और अन्य निर्देशों से संबंधित जानकारी समय-समय पर वेबसाइट पर जारी की जाएगी। किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट सूचना से बचने की सलाह दी गई है। स्रोत:उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) मूल रिपोर्ट:UPPRPB द्वारा जारी आधिकारिक परिणाम एवं भर्ती सूचना के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत में AI निवेश और जनरेटिव AI अपनाने की रफ्तार पर उद्योग जगत का फोकस बढ़ा

नई दिल्ली, 28 जून। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और विशेष रूप से जनरेटिव AI (Generative AI) को लेकर उद्योग जगत का रुझान लगातार मजबूत हो रहा है। बैंकिंग, स्वास्थ्य, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, रिटेल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों की कंपनियां उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए AI आधारित तकनीकों में निवेश बढ़ा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बन सकता है। कंपनियां बढ़ा रही हैं AI निवेश देश की बड़ी आईटी कंपनियों के साथ-साथ स्टार्टअप और पारंपरिक उद्योग भी AI आधारित समाधान विकसित करने पर जोर दे रहे हैं। कई कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर चुकी हैं, जबकि नई परियोजनाओं में जनरेटिव AI को शामिल किया जा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि AI अपनाने से कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। जनरेटिव AI का बढ़ता उपयोग जनरेटिव AI का इस्तेमाल कंटेंट निर्माण, ग्राहक सेवा, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डेटा विश्लेषण, दस्तावेज़ तैयार करने और बिजनेस ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। कंपनियां चैटबॉट, वर्चुअल असिस्टेंट और AI आधारित विश्लेषणात्मक टूल्स का उपयोग कर अपने ग्राहकों को तेज और बेहतर सेवाएं प्रदान कर रही हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिल रही नई गति भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम भी AI क्रांति का लाभ उठा रहा है। हेल्थटेक, फिनटेक, एडटेक, एग्रीटेक और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में AI आधारित स्टार्टअप तेजी से उभर रहे हैं। निवेशकों की रुचि भी AI आधारित नवाचारों में लगातार बढ़ रही है, जिससे इस क्षेत्र में नई पूंजी का प्रवाह हो रहा है। सरकार की डिजिटल पहल का असर केंद्र सरकार भी डिजिटल परिवर्तन और AI अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल कर रही है। AI कौशल विकास, अनुसंधान, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों से उद्योग जगत को नई दिशा मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार और निजी क्षेत्र के सहयोग से भारत वैश्विक AI हब बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। रोजगार के नए अवसर AI तकनीकों के विस्तार के साथ डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, AI इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ रही है। कंपनियां नए कौशल वाले युवाओं की भर्ती के साथ-साथ मौजूदा कर्मचारियों को भी AI आधारित प्रशिक्षण दे रही हैं। चुनौतियां भी हैं मौजूद विशेषज्ञों का कहना है कि AI के तेजी से विस्तार के साथ डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, नैतिक उपयोग और नियामकीय ढांचे जैसी चुनौतियों पर भी ध्यान देना आवश्यक है। जिम्मेदार AI (Responsible AI) के सिद्धांतों का पालन करते हुए तकनीक का सुरक्षित और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना समय की जरूरत है। भविष्य की दिशा उद्योग जगत का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI केवल तकनीकी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर क्षेत्र के व्यवसायों का अभिन्न हिस्सा बन जाएगा। निवेश, नवाचार और कौशल विकास पर निरंतर ध्यान देने से भारत वैश्विक AI अर्थव्यवस्था में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकता है। स्रोत:उद्योग रिपोर्ट, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों के बयान एवं विभिन्न आधिकारिक उद्योग आकलन मूल रिपोर्ट:राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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वेनेजुएला भूकंप में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,430 हुई, राहत अभियान जारी

कराकास, 28 जून। वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़कर 1,430 हो गई है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां, सेना और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य चला रहे हैं। भारी मशीनों और विशेष खोजी उपकरणों की मदद से मलबा हटाकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है। कई स्थानों पर बचाव दलों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। हजारों लोग घायल, राहत शिविरों में शरण सरकारी अधिकारियों के अनुसार हजारों घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया है। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय सहायता पहुंच रही भूकंप के बाद कई देशों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने सहायता भेजनी शुरू कर दी है। खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा विशेषज्ञ, दवाइयां, खाद्य सामग्री और अन्य राहत सामग्री प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियां भी राहत प्रयासों में सहयोग कर रही हैं। आफ्टरशॉक्स से लोगों में दहशत मुख्य भूकंप के बाद कई बार हल्के और मध्यम तीव्रता के झटके महसूस किए गए हैं। लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स के कारण लोग घरों से बाहर खुले स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करने और केवल आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान भूकंप के कारण कई इमारतें, सड़कें, पुल और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई हैं। संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जिससे राहत कार्यों में शुरुआती कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इंजीनियरों की टीमें क्षतिग्रस्त संरचनाओं का आकलन कर रही हैं। सरकार ने बढ़ाई निगरानी वेनेजुएला सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष नियंत्रण केंद्र स्थापित किए हैं और राहत कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को बचाना, घायलों का उपचार और विस्थापित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाना है। विशेषज्ञों ने जताई चिंता आपदा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री समय पर नहीं पहुंची तो मानवीय संकट और गहरा सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। स्रोत:वेनेजुएला राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी एवं आधिकारिक सरकारी जानकारी मूल रिपोर्ट:अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों और आधिकारिक बयानों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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महिला टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल की उम्मीदों के लिए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रोमांचक मुकाबला जारी

लंदन, 28 जून। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ग्रुप चरण का सबसे अहम मुकाबला लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए लगभग ‘करो या मरो’ की स्थिति वाला है, क्योंकि जीत मिलने पर ही सेमीफाइनल का टिकट सुनिश्चित होगा। सेमीफाइनल की दौड़ में निर्णायक मुकाबला ऑस्ट्रेलिया पहले ही शानदार प्रदर्शन के दम पर सेमीफाइनल के करीब पहुंच चुका है, जबकि भारत को अंतिम चार में जगह बनाने के लिए इस मुकाबले में जीत दर्ज करना बेहद जरूरी है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की जीत ने भारत के लिए समीकरण और कठिन बना दिए हैं। भारतीय बल्लेबाजों पर बड़ी जिम्मेदारी भारतीय टीम की शुरुआत की जिम्मेदारी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा पर रही, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष और दीप्ति शर्मा से मध्यक्रम में बड़ी पारी की उम्मीद है। टीम प्रबंधन संतुलित स्कोर खड़ा करने की रणनीति के साथ मैदान पर उतरा है। ऑस्ट्रेलिया की मजबूत चुनौती ऑस्ट्रेलियाई टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है। बेथ मूनी, एलिस पेरी, ताहलिया मैक्ग्रा और एशले गार्डनर जैसी अनुभवी खिलाड़ी टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं। गेंदबाजी में भी ऑस्ट्रेलिया का आक्रमण संतुलित माना जा रहा है। लॉर्ड्स में रोमांचक माहौल ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर बड़ी संख्या में भारतीय समर्थक मौजूद हैं। दोनों टीमों के बीच मुकाबले को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और स्टेडियम का माहौल बेहद रोमांचक बना हुआ है। विशेषज्ञों की नजर प्रदर्शन पर क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। छोटी-छोटी गलतियां मैच का रुख बदल सकती हैं। मैच पर पूरे क्रिकेट जगत की नजर इस मुकाबले का परिणाम केवल भारत और ऑस्ट्रेलिया ही नहीं, बल्कि ग्रुप की अन्य टीमों के सेमीफाइनल समीकरणों को भी प्रभावित करेगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर बनी हुई है। स्रोत:आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026, आधिकारिक मैच अपडेट मूल रिपोर्ट:आईसीसी, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते के क्रियान्वयन को लेकर उद्योग जगत की तैयारियां तेज

नई दिल्ली, 28 जून। भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement-FTA) के क्रियान्वयन की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकार, उद्योग संगठनों और निर्यातकों ने समझौते से मिलने वाले संभावित अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपनी रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। निर्यातकों की बढ़ीं उम्मीदें एफटीए लागू होने के बाद भारतीय वस्त्र, आभूषण, चमड़ा, कृषि उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। कई निर्यातक कंपनियों ने यूके बाजार के लिए अपने उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। उद्योग जगत का कहना है कि इससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में भी सुधार होगा। निवेश को मिलेगा बढ़ावा व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में भी वृद्धि हो सकती है। भारतीय और ब्रिटिश कंपनियां विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं, फार्मास्यूटिकल्स और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर काम कर रही हैं। उद्योग संगठनों ने शुरू की तैयारियां देश के प्रमुख उद्योग संगठनों ने सदस्य कंपनियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं ताकि उन्हें एफटीए के नए नियमों, टैरिफ में बदलाव और निर्यात प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते तैयारी करने वाली कंपनियां नए अवसरों का बेहतर लाभ उठा सकेंगी। MSME क्षेत्र को भी होगा लाभ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए भी यह समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कम शुल्क और बेहतर बाजार पहुंच मिलने से छोटे उद्योगों के निर्यात में वृद्धि हो सकती है। सरकार भी MSME क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार ने जताया भरोसा केंद्र सरकार का कहना है कि भारत-यूके एफटीए देश की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और वैश्विक व्यापार में भारत की भागीदारी को मजबूत करेगा। वाणिज्य मंत्रालय संबंधित विभागों के साथ मिलकर समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। विशेषज्ञों की राय आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार यह समझौता भारतीय उद्योगों के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए गुणवत्ता, उत्पादकता और आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करना होगा। उनका मानना है कि यदि उद्योग समय पर आवश्यक बदलाव करते हैं तो भारतीय निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। आगे की राह समझौते के औपचारिक क्रियान्वयन से पहले दोनों देशों के संबंधित विभाग तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। उद्योग जगत को उम्मीद है कि समझौते के लागू होने के बाद भारत और यूके के बीच आर्थिक साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी और दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे। स्रोत:वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार मूल रिपोर्ट:वाणिज्य मंत्रालय, उद्योग संगठनों एवं राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार बारिश से जलभराव, प्रशासन ने राहत दल तैनात किए

मुंबई, 28 जून। महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश के कारण सड़कों, निचले इलाकों और कुछ रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके बाद राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया है। मुंबई, ठाणे और कोंकण क्षेत्र में सबसे अधिक असर मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित कोंकण क्षेत्र के कई हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की गई। कई सड़कों पर जलभराव होने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि कुछ निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया। स्थानीय प्रशासन ने पंपिंग स्टेशनों के माध्यम से पानी निकालने का काम तेज कर दिया है। NDRF और SDRF की टीमें तैनात संभावित बाढ़ और आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत दल भेजने की तैयारी कर रहा है। IMD ने जारी किया अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 घंटों तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। यातायात और जनजीवन प्रभावित भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क यातायात धीमा हो गया है। कुछ इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी सूचना मिली है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नागरिकों के लिए प्रशासन की सलाह प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। आपात स्थिति में स्थानीय नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन से संपर्क करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और फसल नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। कृषि विभाग ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है। प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को 24 घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों और संसाधनों के साथ तैयार रखा गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मूल रिपोर्ट:IMD की आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा राज्य सरकार और राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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दिल्ली दवा घोटाला मामले में ACB ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली, 28 जून। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने कथित बहु-करोड़ रुपये के दवा, सर्जिकल सामग्री और मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले की जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पूर्व स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) डॉ. वत्सला अग्रवाल और इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए अधिकारी डॉ. विजय कुमार रंगा से जुड़े जांच बिंदु शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार मामले में खरीद प्रक्रिया में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है। करोड़ों रुपये की खरीद में अनियमितताओं का आरोप ACB के अनुसार यह मामला सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं, सर्जिकल सामग्री और मेडिकल उपकरणों की खरीद से जुड़ा है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया और कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मामले की जांच सतर्कता विभाग की रिपोर्ट के बाद शुरू की गई थी। ACB की कार्रवाई तेज जांच एजेंसी ने पिछले कुछ दिनों में कई दस्तावेजों, फाइलों और खरीद रिकॉर्ड की जांच की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन, निविदा प्रक्रिया और अनुमोदन से जुड़े पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ का दायरा और बढ़ाया गया है। पहले भी हुई थी गिरफ्तारी इस मामले में ACB पहले ही डॉ. विजय कुमार रंगा को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी का दावा है कि खरीद प्रक्रिया से जुड़े कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड उसके कब्जे में हैं, जिनकी फोरेंसिक और वित्तीय जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की खरीद प्रक्रिया पर सवाल मामले के सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों में दवा और उपकरण खरीद प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच ACB ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में अन्य अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच एजेंसी खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी निर्णयों और अनुमोदनों की समीक्षा कर रही है। आगे क्या? अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड मांगा जा सकता है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। स्रोत:दिल्ली एंटी करप्शन ब्रांच (ACB), सतर्कता विभाग मूल रिपोर्ट:PTI, Indian Express, Times of India एवं अन्य राष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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